रिसर्च के अनुसार मसाज स्ट्रेस बस्टर के तौर पर काम करता है। मसाज से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। सामान्य दिनों के अलावा प्रेग्नेंसी में मसाज करवाना भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है। प्रेग्नेंसी में मालिश करवाना नॉर्मल मसाज की तरह ही होता है लेकिन, प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिला के शरीर के अनुसार किये जाते हैं। प्रेग्नेंसी में मालिश से मांसपेशियों को आराम मिलता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, बेबी डिलिवरी के दौरान परेशानी कम होती है और गर्भवती महिला कमजोरी महसूस नहीं करती हैं।
भारत में प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलिवरी के बाद मां को और नवजात बच्चे को मालिश करवाई जाती है। आयुर्वेद के अनुसार मालिश किसी से इलाज से कम नहीं है। हालांकि कई महिलाएं ऐसी भी हैं जो प्रेग्नेंसी में मसाज करवाने से परहेज करती हैं।
प्रेग्नेंसी में मसाज करवाना सेफ होता है लेकिन, मसाज हमेशा ही एक्सपर्ट से करवाना चाहिए। ऐसे व्यक्ति जिन्हें गर्भवती महिला को मसाज करने का सही तरीका मालूम हो। इसलिए ऐसे लोगों से मालिश न करवाएं जिन्हें इस बारे में जानकारी न हो। गर्भवती महिला को मालिश करने वाले व्यक्ति को अपनी प्रेग्नेंसी की जानकारी अवश्य दें। क्योंकि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में जबतक आप किसी को नहीं बताएंगी तबतक लोगों को इसकी जानकारी नहीं मिल पाएगी।
गर्भावस्था में मसाज के फायदे निम्नलिखित हैं। जैसे:-
प्रेग्नेंसी में बढ़ते वजन की वजह शरीर के जोड़ों पर तनाव ज्यादा बढ़ता है, जिससे जॉइंट्स पेन (जोड़ों का दर्द) शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति होने पर या इस परेशानी से बचने के लिए गर्भावस्था में मसाज करवाने से परेशानी कम हो सकती है।
मसल्स में होने वाले दर्द में मालिश से राहत मिलती है।
गर्भवस्था में बैक पेन, फूट पेन, सिरदर्द या पैर में होने वाले क्रैंपस में भी राहत मिल सकती है।
ज्यादातर प्रेग्नेंट लेडी हिप पेन, एसिडिटी, सीने में जलन या थकावट महसूस करती हैं। ऐसे में मसाज इन परेशानियों को दूर करने में मददगार होता है।
प्रेग्नेंसी में मसाज से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होने के साथ ही शरीर से टॉक्सिन दूर होते हैं और इम्यूनिटी पावर स्ट्रॉन्ग होती है।
प्रेग्नेंसी में मालिश से शरीर में एंडोर्फिन्स हॉर्मोन रिलीज होते हैं, जो गर्भवती महिला को रिलैक्स करने के साथ-साथ अच्छी नींद (साउंड स्लीप) आने में भी मददगार होते हैं।
गर्भावस्था में मसाज या प्रेग्नेंसी में मालिश शरीर के कौन-कौन से हिस्से पर लेना चाहिए?
प्रेग्नेंसी में मसाज शरीर के निम्नलिखित अंगों पर लेना चाहिए। जैसे:-
बैक:- बैक मसाज के लिए पीठ और गर्दन पर हल्के हाथों से हिप तक मालिश की जा सकती है लेकिन, इस दौरान यह ध्यान रखना चाहिए की रीढ़ की हड्डी और इस एरिया में दवाब नहीं पड़ना चाहिए।
हिप:- ज्यादातर महिलाएं प्रेग्नेंसी के दौरान हिप पेन से परेशान रहती हैं। ऐसे में गले और गर्दन से होते हुए हिप मसाज की जा सकती है।
पैर:- पूरे पैर की मालिश करवाने से क्रैंप्स और ब्लड क्लॉटिंग से बचा जा सकता है।
हैंड-फीट:- दोनों हाथों की हथेलियों और पैर के तलवों पर भी मसाज करवाएं। ऐसा करने से गर्भवती महिला को आराम महसूस होगा।
गर्दन:- अंगूठों की मदद से गर्दन पर मसाज किये जा सकते हैं। इससे तनाव कम होने साथ ही गर्भवती अहिला अच्छा महसूस कर सकती हैं।
क्या गर्भवती महिला खुद से अपना बॉडी मसाज कर सकती हैं?
गर्भवती महिला अपना मसाज खुद से सिर का, हथेलियों का या पैर के तलवों का मसाज कर सकती हैं लेकिन, गर्भवती महिला को यह ध्यान रखना चाहिए की वो इस दौरान थके नहीं। अगर शारीरिक रूप से वो फिट नहीं हैं, तो खुद से मालिश न करें।
प्रेग्नेंसी में मसाज करवाने से पहले कुछ बातों को ध्यान जरूर रखें। जैसे:-
मालिश करने वाली साफ कपड़े पहने हुए हैं या नहीं
उसके नाखून छोटे-छोटे होने चाहिए
वह किसी इंफेक्शन की शिकार न हो
मालिश करने से पहले और बाद साबून से हाथ अवश्य धुलवाएं
मालिश करने वाल तंबाकू या किसी तरह के पानमसाले का सेवन न करती हो
आप जो उसे चादर और तौलिया दें उसका ही इस्तेमाल वो करें
मालिश के पहले मालिश करने वाली महिला का हाथ सैनेटाइज करवाना न भूलें और बताई गई बातों को ध्यान में रखकर मालिश करवाने से फायदा होगा।
गर्भवती महिला के साथ ही परिवार के सदस्यों को यह ध्यान रखना चाहिए की अनुभवहीन मालिश करने वाली कम पैसों में मालिश तो कर सकती है लेकिन, वो ठीक तरह से गर्भवती महिला की मालिश नहीं कर पाएगी। कई महिलाएं घर में काम करने वाली महिलाओं से ही मालिश करवा लेती हैं। अगर वह पहले गर्भवती महिलाओं की मालिश कर चुकी है, तो कोई समस्या की बात नहीं है लेकिन, अगर उसने पहले नहीं किया है तो यह गर्भवती महिला के साथ-साथ गर्भ में पल रहे शिशु के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए अगर आप प्रेग्नेंसी में मसाज से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।