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Contraception: कॉन्ट्रासेप्शन किस तरह से रोकते हैं प्रेग्नेंसी को?

Contraception: कॉन्ट्रासेप्शन किस तरह से रोकते हैं प्रेग्नेंसी को?

कॉन्ट्रासेप्शन या गर्भनिरोधक बर्थ कंट्रोल मैथड है। अगर सेक्स के दौरान पुरुष का स्पर्म महिला के एग के साथ फर्टिलाइज हो जाता है, तो महिला प्रेग्नेंट हो जाती है। कॉन्ट्रासेप्शन या गर्भनिरोधक प्रेग्नेंसी को रोकने का काम करता है। ये एग और स्पर्म को दूर रखती है, ताकि निषेचन न हो पाए। अनचाहे गर्भ से बचने के लिए महिलाएं कई तरह के गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं। कुछ गर्भनिरोधक फर्टिलाइज्ड एग को यूट्रस लाइनिंग में अटैच होने से रोकने का काम करते हैं। यानी प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए एक नहीं बल्कि बहुत से तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे कॉन्ट्रासेप्शन कहते हैं। आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कॉन्ट्रासेप्शन के बारे में अहम जानकारी के साथ ही इसके मैथड के बारे में भी बताएंगे। जानिए गर्भनिरोधक के बारे में।

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कॉन्ट्रासेप्शन के कौन-से मैथड अपनाएं जा सकते हैं? (Contraception Method)

कॉन्ट्रासेप्शन

कॉन्ट्रासेप्शन या गर्भनिरोधक एक नहीं बल्कि कई प्रकार के होते हैं। आपको जो भी मैथड पसंद है या सूट करता है, आप उसे अपना सकते हैं। गर्भनिरोध के कुछ साइडइफेक्ट भी होते हैं। आपको उस संबंध में भी जानकारी होनी चाहिए। जानिए कॉन्ट्रासेप्शन के किन तरीकों को अपनाया जा सकता है।

फीमेल कॉन्डोम (Female condoms)

कॉन्ट्रासेप्शन

फीमेल कॉन्डोम नरम, पतले सिंथेटिक लेटेक्स ( synthetic latex) या लेटेक्स से बनाए जाते हैं। इसे योनी के अंदर की तरफ पहना जाता है, ताकि सीमन गर्भ में न जा सके। फीमेल कॉन्डोम 95% तक प्रभावी होते हैं। ये प्रेग्नेंसी के साथ ही सेक्शुअल ट्रांसमिटेड इंफेक्शन को भी रोकने का काम करते हैं। पेनिस कॉन्टेक्ट के पहले ही महिला को इस कॉन्डोम को पहन लेना चाहिए। कुछ महिलाओं के लिए फीमेल कॉन्डोम सुविधाजनक नहीं होते हैं। ऐसे में उन्हें कॉन्ट्रासेप्शन के अन्य तरीके अपनाना चाहिए। आप मेडिकल स्टोर या क्लीनिक से इसे ले सकते हैं।

मेल कॉन्डोम (Condoms)

महिलाओं की तरह ही पुरुष भी कॉन्डोम का इस्तेमाल कर सकते है। अगर महिला को कॉन्डोम का इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है, तो साथी पुरुष मेल कॉन्डोम का इस्तेमाल कर महिला की अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने का काम कर सकते हैं। अगर कॉन्डोम का सही तरह से इस्तेमाल किया जाए, तो ये 98 % तक इफेक्टिव होते हैं। कॉन्डोम के साथ वॉटर बेस्ड लुब्रिकेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है। कॉन्डोम को न तो गर्म स्थान में रखना चाहिए और न ही ठंडे स्थान में।

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इस बारे में शहानी हॉस्पिटल की डायरेक्टर की डाॅक्टर संतोष शहानी का कहना है कि कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। बहुत से लोगों को इसके बारे में पता नहीं होता है। कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स और हार्ट डिजीज में संबंध है। बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने से आपके शरीर के अंदर ऑव्यूलेशन रूक जाता है। जब ऑव्यूलेशन ही नहीं होगा, तो एग्स का भी उत्पादन भी रूक जाएगा। इसका आश्य है कि एग्स बनेंगे ही नहीं, तो स्पर्म से मिलकर फर्टिलाइज होने का खतरा भी रहता है। लेकिन हम आपको बता दें कि ये बर्थ कंट्रोल पिल्स सेफ प्रेग्नेंसी के लिए प्रभावकारी होता है, लेकिन यह शरीर के कई हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है।

गर्भनिरोधक गोलियों (Contraceptive pills) का सेवन

गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन प्रेग्नेंसी रोकने या अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए किया जाता है। ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स में एस्ट्रोजन व प्रोजेस्टेरोन की निश्चित मात्रा होती है। मेडिसिन्स को लेने से महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल बदलाव होते हैं, जो प्रेग्नेंसी को रोकने का काम करते हैं। सेक्स के दौरान सावधानी न बरतने पर इमरजेंसी पिल्स का इस्तेमाल भी किया जाता है, जो अनचाहे गर्भ से छुटकारा दिलाने का काम करती हैं। गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल दिन में एक बार और एक महीने में 21 दिन किया जाता है। अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं। कॉन्ट्रासेप्शन का यह आसान तरीका है।

कॉन्ट्रासेप्टिव पैच (Contraceptive patch)

कॉन्ट्रासेप्शन

गर्भनिरोधक पैच को शरीर के कुछ हिस्सों में लगाने से अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने में मदद मिलती है। महिलाएं ये पैच पेट, पीठ, हाथ और कमर पर लगा सकती हैं। पैच में हॉर्मोन (एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोजेन) होते हैं, जो एग को रिलीज होने से रोकने का काम करते हैं। आपको पैच का इस्तेमाल कैसे करना है और किन बातों की सावधानी रखने की आवश्यकता पड़ेगी, इस बारे में डॉक्टर से जानकारी जरूर लें। कॉन्ट्रासेप्टिव पैच को अगर सही से इस्तेमाल किया जाए, तो ये प्रेग्नेंसी को रोकने में 99% इफेक्टिव होते हैं। आप स्वीमिंग या नहाते समय भी इन्हें लगा रहने दे सकते हैं। एक पैच एक हफ्ते तक काम करता है। कॉन्ट्रासेप्शन का ये तरीका भी अपना सकती हैं।

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन (Contraceptive injection)

कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन लगवाने से अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने में मदद मिलती है। इसे प्रोजेस्टोजेन और एस्ट्रोजन हार्मोन के साथ लगाया जाता है। आपको कॉन्ट्रासेप्टिव इंजेक्शन महीने में एक बार या फिर तीन महीने में एक बार लगवाना पड़ सकता है। इसका इफेक्ट आठ से 13 हफ्ते तक रहता है। गर्भनिरोधक इंजेक्शन को कैसे लगवाना है, इस बारे में डॉक्टर से जरूर पूछें।

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गर्भनिरोधक इंप्लांट (Contraceptive implant)

गर्भनिरोधक इंप्लांट स्मॉल फ्लैक्सिबल प्लास्टिक रॉड होती है, जिसे डॉक्टर या नर्स अंडर ऑर्म में फिट करते हैं। ये रॉड प्रोजेस्ट्रॉन रिलीज करता है, जो सीधे ब्लड में मिलता है। ये इंप्लांट आपको अनचाही प्रेग्नेंसी से करीब तीन साल तक बचा कर रखता है। ये 99% तक प्रभावी होता है और उन महिलाओं के लिए अच्छा है, जो दवाओं का सेवन करना भूल जाती हैं। जरूरत न पड़ने पर इसे कभी भी हटवाया जा सकता है। ये आपको सेक्शुअल ट्रांसमिटेड डिजीज से नहीं बचाता है। ये मिसकैरिज या एबॉर्शन के बाद भी लगवाया जा सकता है।

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नैचुरल फैमिली प्लानिंग (Natural family planning)

नैचुरल फैमिली प्लानिंग में महिला को मेंस्ट्रुअल सायकल के रिकॉर्ड को मॉनिटर करना पड़ता है। इसमें महिला का मेंस्ट्रुअल सायकल की लेंथ, रोजाना बॉडी का टेम्परेचर और सर्वाइकल म्यूकस में हो रहे बदलाव के बारे जानकारी लेनी पड़ती है। ऐसा करने से महिला को अपने फर्टाइल डे के बारे में जानकारी मिलती है। ओव्युलेशन के समय को पहचान कर उस समय सेक्स को इग्नोर करना चाहिए। ऐसा करने से प्रेग्नेंसी को रोका जा सकता है।

डायाफ्राम (Diaphragm or cap)

डायाफ्राम कॉन्ट्रासेप्शन

डायाफ्राम सिलिकॉन से बना हुआ रिम कप होता है। डायाफ्राम को वजायना में फिट किया जाता है। ऐसा करने से एग फर्टिलाइज न हो पाते हैं और अनचाही प्रेग्नेंसी को रोकने में मदद मिलती है। डायाफ्राम को सेक्स करने के करीब छह घंटे बाद हटाना चाहिए। ये गर्भनिरोधक अनचाही प्रेग्नेंसी से 92-96% तक बचाता है। डायाफ्राम में शुक्राणुनाशक (spermicide) का इस्तेमाल किया जाता है। डायाफ्राम का इस्तेमाल करना सबसे लिए आसान नहीं होता है। अगर आप डायाफ्राम में शुक्राणुनाशक का इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो ये प्रभावी नहीं होगा। आपको इस बारे में डॉक्टर से जरूर जानकारी लेनी चाहिए। कॉन्ट्रासेप्शन यह तरीका भी सरल है।

वजायनल रिंग (Vaginal Ring)

वजायनल रिंग सॉफ्ट प्लास्टिक रिंग होती है, जिन्हें वजायना के अंदर लगाया जाता है। ये इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन को ब्लड में रिलीज करता है और प्रेग्नेंसी को रोकता है। ये रिंग करीब एक महीने तक अनचाही प्रेग्नेंसी से बचाने का काम करती है, इसलिए आपको रोजाना सोचने की जरूरत नहीं है। अगर किन्हीं कारणों से रिंग बाहर आ जाती है, तो आप इसे गर्म पानी से साफ कर दोबारा लगा सकते हैं।

कॉन्ट्रासेप्शन (Contraception) के परमानेंट मैथड क्या हैं?

कॉन्ट्रासेप्शन (Contraception) के परमानेंट मैथड में पुरुष नसबंदी और महिला नसबंदी शामिल है। महिला नसबंदी (Female sterilization) में महिला का ऑपरेशन कर परमानेंट प्रेग्नेंसी से बचाया जा सकता है। ऑपरेशन के दौरान फैलोपियन ट्यूब को ब्लॉक कर दिया जाता है। ऑपरेशन के दौरान महिला को दर्द नहीं होता है। कुछ केसेज में ब्लॉक ट्यूब सालों बाद जुड़ सकती हैं। इसके कुछ ही प्रतिशत चांसेज होते हैं।

पुरुष नसबंदी (male sterilization) के दौरान सर्जिकल प्रोसेस की जाती है, जिसमें स्पर्म ले जाने वाली ट्यूब को ब्लॉक किया जाता है। ये ऑपरेशन 15 मिनट में हो जाता है। पुरुष नसबंदी 99% प्रभावी होती है। इस ऑपरेशन से सेक्स ड्राइव में कोई फर्क नहीं पड़ता है। आप नसबंदी से संबंधित जरूरी प्रश्नों की जानकारी डॉक्टर से जरूर प्राप्त करें।

गर्भनिरोधन का कौन सा तरीका है बेस्ट जानिए हमारी एक्सपर्ट से :

गर्भनिरोधक इस्तेमाल करने से क्या साइडइफेक्ट हो सकते हैं?

  • फीमेल कॉन्डोम (Female condoms) उन महिलाओं को सुविधाजनक नहीं लगते हैं, जो अपने जेनेटल एरिया को छूना पसंद नहीं करती हैं। अगर फीमेल कॉन्डोम का सही तरह से इस्तेमाल न किया जाए, तो ये चोट भी पहुंचा सकते हैं।
  • गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से सिर दर्द और माइग्रेन की समस्या हो सकती है। कुछ महिलाओं को जी मिचलाने, मूड स्विंग्स, इंटरमेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग की समस्या आदि हो सकती है। आपको इस बारे में डॉक्टर से जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
  • मेल कॉन्डोम किसी कारणवश फट जाता है, तो प्रेग्नेंसी के चांसेज बढ़ जाते हैं। ऐसे में महिलाओं को इमरजेंसी पिल्स लेनी चाहिए। डॉक्टर से इस बारे में जानकारी जरूर लें।
  • जिन महिलाओं को डायबिटीज (Diabetes), मोटापे (Obesity), दिल या सांस की बीमारी होती है, उन महिलाओं को गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन नहीं करना चाहिए। अन्य कंडीशन में भी डॉक्टर गर्भनिरोधक गोलियों के लिए मना कर सकते हैं।
  • कॉन्ट्रासेप्टिव पैच का इस्तेमाल करने से कुछ महिलाओं को ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो सकती है। ऐसा रेयर होता है।
  • डायाफ्राम में इस्तेमाल किए जाने वाले शुक्राणुनाशक से आपके पार्टनर को जलन महसूस हो सकती है।
  • गर्भनिरोधक गोलियां लेने से ब्रेस्ट अधिक सॉफ्ट हो सकते हैं। ऐसा सभी महिलाओं के साथ हो, ये जरूरी नहीं है।

गर्भनिरोधक के लिए कौन-सी विधि अपनानी चाहिए, आप इस बारे में डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। ऐसा जरूरी नहीं कि कॉन्ट्रासेप्शन कर हर मैथड आपको सूट करें। अगर आपको किसी भी गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करने के दौरान परेशानी महसूस हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। आप स्वास्थ्य संबंधी अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है, तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं और अन्य लोगों के साथ साझा कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कल को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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