Saggy Skin: जानिए ढ़ीली त्वचा के कारण और स्किन टाइटनिंग टिप्स

    Saggy Skin: जानिए ढ़ीली त्वचा के कारण और स्किन टाइटनिंग टिप्स

    उम्र के किसी भी पड़ाव में खूबसूरत और जवां दिखना तो हर कोई चाहता है, लेकिन अनहेल्दी लाइफस्टाइल और बढ़ती उम्र का असर त्वचा पर नजर आने ही लगता है। ऐसी ही एक समस्या है ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin) की। लूज स्किन (Loose Skin) की समस्या उम्र बढ़ने के साथ-साथ अन्य कारणों की वजह से भी हो सकती है। इसलिए आज इस आर्टिकल में ढ़ीली त्वचा से जुड़ी जानकारी और स्किन टाइटनिंग टिप्स (Skin Tightening Tips) आपके साथ शेयर करेंगे, जिससे इस परेशानी को कुछ वक्त के लिए जरूर टाला जा सकता है।

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    ढ़ीली त्वचा के कारण क्या हैं? (Cause of Saggy Skin)

    ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin)

    लूज स्किन (Loose Skin) के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। जैसे:

    • कोलेजन (Collagen) और इलास्टिन (Elastin)- सैगी स्किन यानी ढ़ीली त्वचा उम्र बढ़ने के साथ अपने आप नजर आने लगते हैं। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ ही कोलेजन (Collagen) और इलास्टिन (Elastin) दो ऐसे प्रोटीन हैं, जो कम होने लगते हैं। कोलेजन (Collagen) और इलास्टिन (Elastin) त्वचा के लिए बेहद आवश्यक होते हैं।
    • हाईऐल्युरोनिक एसिड (Hyaluronic acid)- एनसीबीआई (NCBI) द्वारा पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार उम्र बढ़ने के साथ ही हाईऐल्युरोनिक एसिड (Hyaluronic acid) लेवल भी कम होने लगता है। हाईऐल्युरोनिक एसिड का मुख्य काम त्वचा को नैचुरली मॉश्चरइज करने का काम करता है। ज्यादातर 35 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों में हाईऐल्युरोनिक एसिड की कमी देखी जाती है और ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin) की समस्या हो सकती है।
    • वेट लॉस (Weight loss)- यू.एस नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ (U.S. National Institutes of Health) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार ढ़ीली त्वचा का कारण बॉडी मास का बढ़ जाना भी है और वेट लॉस होने पर स्किन ढ़ीली पड़ने लगती है।
    • प्रेग्नेंसी (pregnancy)- लूज स्किन का कारण प्रेग्नेंसी (Pregnancy) को भी माना गया है। प्रेग्नेंसी के बाद एब्डॉमेन (Abdomen) की त्वचा ढ़ीली पड़ जाती है और स्ट्रेच मार्क्स (Stretch Marks) भी नजर आने लगते हैं।
    • यूवी लाइट (UV light)- अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एस्सोसिएशन (American Academy of Dermatology Association) और नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार यूवी लाइट (UV light) के एक्सपोजर में आने की वजह से स्किन से जुड़ी समस्या के साथ-साथ सैगी स्किन (Saggy Skin) की भी समस्या हो सकती है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा इलास्टिसिटी को कम करने में सक्षम होती है।

    इन कारणों को अलग-अलग रिसर्च रिपोर्ट्स के अनुसार ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin) का मुख्य कारण माना गया है। हालांकि स्किन टाइटनिंग टिप्स (Skin Tightening Tips) को फॉलो कर त्वचा को टाइट रखने में मदद मिल सकती है। स्किन टाइटनिंग टिप्स भी आपके साथ शेयर करेंगे, लेकिन उससे पहले शरीर के कौन-कौन से एरिया पर सैगिंग की समस्या ज्यादा हो सकती है।

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    सैगिंग स्किन की समस्या त्वचा पर सबसे ज्यादा कहां-कहां देखी जा सकती है?

    ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin)

    ढ़ीली त्वचा की समस्या निम्नलिखित शारीरिक हिस्सों पर ज्यादा देखी जा सकती है। जैसे:

    • चेहरा और जॉ लाइन (Face and jawline)
    • गला (Neck)
    • पेट (Abdomen)
    • अपर आर्म (Upper arms)
    • थाई का अंदुरुनी हिस्सा (Inner thighs)

    ये हैं लूज स्किन एरिया जहां आप आसनी से लटकी हुई त्वचा को देख सकते हैं। लटकी हुई त्वचा या ढ़ीली त्वचा की समस्या को दूर करने के लिए डॉक्टर सर्जिकल या नॉन सर्जिकल विकल्प भी अपना सकते हैं।

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    ढ़ीली त्वचा का इलाज क्या है? (Treatment for Saggy Skin)

    ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin)

    ढ़ीली त्वचा का इलाज घरेलू उपायों से भी किया जा सकता है, लेकिन अगर तकलीफ ज्यादा हो तो डॉक्टर सर्जिकल या नॉन सर्जिकल विकल्प आपके साथ शेयर कर सकते हैं। इन विकल्पों के बारे में यहां समझेंगे।

    • ढ़ीली त्वचा के लिए नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट (Non Surgical treatment for saggy skin)- लूज स्किन के लिए नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट के दौरान कोलेजन (Collagen) और इलास्टिन (Elastin) को बढ़ाया जाता है। डिवाइस की सहायता से कोलेजन और इलास्टिन के प्रॉडक्शन में सहायता मिलती है। इस ट्रीटमेंट के दौरान 2 से 6 महीने का वक्त लगता है।

    नोट : ढ़ीली त्वचा के लिए नॉन सर्जिकल ट्रीटमेंट के दौरान अल्ट्रासाउंड (Ultrasound) एवं लेजर ट्रीटमेंट (Laser treatments) की मदद ली जाती है।

    • ढ़ीली त्वचा के लिए सर्जिकल ट्रीटमेंट (Surgical treatment for saggy skin)- बॉडी लिफ्ट सर्जरी (Body lift surgery) पेशेंट की आवश्यकता पर निर्भर होता है। इस सर्जरी के दौरान एक्सेस स्किन को रिमूव किया जाता है। हालांकि बॉडी लिफ्ट सर्जरी करवाने का ऑप्शन उन्हें ही दिया जाता है जिन्होंने बहुत ज्यादा वजन कम किया हो। अगर नॉर्मल सैगी स्किन है, तो ऐसे में घरेलू स्किन टाइटनिंग टिप्स (Skin Tightening Tips) को फॉलो करने की सलाह दी जाती है।

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    घरेलू स्किन टाइटनिंग टिप्स क्या-क्या हो सकते हैं? (Skin Tightening Tips)

    ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin)

    त्वचा में कसाव लेन के लिए निम्नलिखित घरेलू उपायों को अपनाया जा सकता है। जैसे:

    नारियल तेल (Coconut Oil)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार स्किन टाइट करने के लिए नारियल तेल बेहद गुणकारी है। दरअसल नारियल तेल त्वचा में कोलेजन (Collagen) को बढ़ाने का काम करता है, जिससे ढ़ीली त्वचा टाइट हो सकती है। इसलिए सप्ताह में दो से तीन बार नारियल तेल से पूरे शरीर की मालिश करें और एक से डेढ़ घंटे के बाद स्नान कर लें।

    फिश ऑयल (Fish Oil)

    फिश ऑयल को भी लूज स्किन को टाइट करने में सहायक माना गया है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) द्वारा पब्लिश्ड रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार फिश ऑयल में मौजूद विटामिन-ई (Vitamin E) त्वचा को आवश्यक कोलेजन प्रदान करने में सहायता है। इसलिए फिश ऑयल से रात को सोने के पहले चेहरे पर लगाएं और 10 से 15 मिनट तक मसाज करें और इसे फेस पर लगा रहने दें।

    ऑलिव ऑयल (Olive Oil)

    एनसीबीआई (NCBI) द्वारा पब्लिश्ड रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार ऑलिव ऑयल में मौजद सेकोईरीडॉइड पॉलीफेनोल (Secoecoroid Polyphenol) एंटी-एजिंग की समस्या को कम कर त्वचा पर ग्लो लाने के साथ-साथ उनमें कसाव लाने का भी काम करता है। इसलिए नियमित त्वचा की मसाज ऑलिव ऑयल से करें।

    प्रिमरोज ऑयल (Primrose Oil)

    नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) में पब्लिश्ड रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार प्रिमरोज ऑयल में लिनोलिक एसिड मौजूद होता है, जो स्किन को टाइट करने का काम कर सकता है। प्रिमरोज ऑयल का इस्तेमाल मॉश्चराइजर के साथ किया जा सकता है। इसलिए आप जिस मॉश्चराइजर का इस्तेमाल करती हैं या करते हैं उसमें प्रिमरोज ऑयल मिलाएं और चेहरे या पूरी बॉडी को मॉश्चराइज करें।

    बादाम का तेल (Almond Oil)

    एनसीबीआई (NCBI) द्वारा पब्लिश्ड रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार बादाम का तेल भी ढ़ीली त्वचा एवं बेजान त्वचा में रौनक लाने में सफल माना गया है। बादाम के तेल में मौजूद इमोलिएंट और स्केलेरोसेंट डेड स्किन फिर से नई जान लाने का काम करती हैं और स्किन को टोन कर लूज स्किन (Loose Skin) में कसाव लाने में सक्षम मानी गई है। इसलिए नहाने से पहले बादाम के तेल से त्वचा या पूरे शरीर की मालिश की जा सकती है।

    इन अलग-अलग नैचुरल विकल्पों से ढ़ीली त्वचा (Saggy Skin) और त्वचा संबंधी (Skin problem) अन्य परेशानियों को दूर किया जा सकता है।

    नोट : यहां ऊपर बताये गए स्किन टाइटनिंग टिप्स (Skin Tightening Tips) को सिर्फ एक दिन या एक सप्ताह तक फॉलो करने से लाभ नहीं मिलेगा। इसलिए इसे अपने डेली रूटीन में शामिल करें, जिससे त्वचा से जुड़ी सभी परेशानियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

    लूज स्किन (Loose Skin) से जुड़ी ये जानकारी उम्मीद करते हैं आपके लिए सहायक होंगी। इसलिए थोड़ा वक्त निकालकर स्किन केयर (Skin care) करें और त्वचा को हेल्दी बनाये रखें।

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    Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/01/2022 को
    डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड