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जेट लैग डिसऑर्डरः विदेशी दौरे पर जाने से पहले समझें टाइम जोन

जेट लैग डिसऑर्डरः विदेशी दौरे पर जाने से पहले समझें टाइम जोन

जेट लैग डिसऑर्डर जेट लैग नींद से जुड़ी परेशानी है। यह किसी भी व्यक्ति को साथ हो सकती है। जब अलग-अलग देशों में यात्रा करने पर टाइम में हो रहे बदलाव के कारण जब नींद पर असर पड़ता है, तब यह यह स्थिति पैदा होती है। ह्यूमन बॉडी में आंतरिक घड़ी होती है, जिसे चिकित्सकीय रूप से सर्कडियन रिद्म के रूप में जाना जाता है, जो जागने के लिए और सोने के लिए शरीर को नियंत्रित करता है।

अगर आसान भाषा में समझा जाए, तो अलग-अलग देशों का टाइम भी अलग-अलग होता है। जब भारत में सुबह होती है, तो कई देशों में सोने का समय रहता है। इसी तरह, हमारा सोने का समय उन देशों में जागने का वक्त होता है। हवाई यात्रा के दौरान जब इस टाइम जोन को पार करते हैं, तो जेट लैग एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आता है। दरअसल, जेट लैग कोई फिजिकल परेशानी नहीं है। यह नए वातावरण के कारण बॉडी क्लॉक के बिगड़ जाने की वजह से होती है।

जेट लैग के कारण

आपका शरीर स्वाभाविक रूप से 24 घंटे के चक्र पर सेट होता है। आपके शरीर का तापमान, हॉर्मोन और अन्य जैविक कार्य इस चक्र के अनुसार बढ़ते और गिरते हैं। जब आप यात्रा करते हैं, तो आपका शरीर इस नए स्थान के समय के लिहाज से खुद को नहीं ढाल पाता है। उदाहरण के लिए, आप शाम 6 बजे अटलांटा से बाहर निकल सकते हैं और लंदन में स्थानीय समयानुसार सुबह 7 बजे पहुंचते हैं। ऐसे में आपका शरीर समझता है कि अभी रात के एक बजे हैं। ऐसे में हो सकता है कि आपको काफी ज्यादा थकान हो, आपको अपने शरीर को नए टाइम जोन में एडजस्ट करने के लिए 12 से 14 घंटे तक जागने की आवश्यकता हो सकती है। शरीर को नए टाइम जोन में एडजस्ट करने के लिए यात्रा के दौरान विमान में सोना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। लेकिन, कई और भी कारक हैं, जो इस कार्य को कठिन बनाते हैं। इनमें विमान का तापमान, शोर और आपकी सीट कितनी आरामदायक है यह भी शामिल हो सकते हैं। वहीं प्लेन में एक कारक आपके पक्ष में काम कर सकता है। हालांकि, विमानों पर बैरोमीटर का दबाव जमीन पर हवा की तुलना में कम होता है। यह एक पर्वत पर होने के समान है, जो समुद्र तल से 8,000 फीट ऊपर हो। ऑक्सीजन का स्तर कम होना आपको सुस्त बना सकता है, और यह नींद को प्रोत्साहित कर सकता है।

जेट लैग के लक्षण

  • ठीक से नींद नहीं आना।
  • बार-बार उबासी (जम्हाइयां) लेना।
  • थका हुआ महसूस करना।
  • ठीक से नहीं सोने की वजह से सिर दर्द होना।
  • नींद न पूरी होने की वजह से काम करने में असमर्थ होना।
  • घबराहट महसूस करना और कभी-कभी चक्कर आना।
  • किसी भी वक्त भूख लगना।

जेट लैग का इलाज

ऐसा नहीं है कि हर मामले में ही जेट लैग को किसी इलाज की जरूरत हो। हालांकि अगर जेट लैग का असर इतना अधिक हो जाए कि यह आपकी रोजमर्रा की दिनचर्या को प्रभावित करने लग जाए और आपको छोटे-छोटे कामों में भी परेशानी की सामना करना पड़ जाए, तो ऐसे में कुछ टिप्स को फॉलो करके जेट लैग से बचा जा सकता है।

शार्ट ट्रिप :

अगर आप एक या दो दिन के लिए घर से दूर जाते हैं, तो कोशिश करें अपने टाइम जोन के अनुसार ही चलें। साथ ही, यह भी कोशिश करें कि खाने-पीने और सोने का समय भी वही रखें।

लॉन्ग ट्रिप :

अगर आप दो या तीन दिन से ज्यादा दिनों के लिए दूसरे कंट्री जा रहें हैं तो, उस कंट्री के अनुसार और वहां के टाइम जोन को अपनाना सही तरीका होता है। अपने घड़ी के टाइम को भी उस कंट्री के अनुसार मैच कर लीजिए। जैसे अगर आप अमेरिका जा रहें हैं, तो वहां के टाइम को फॉलो करें।

अपने आपको वक्त दें :

अपने आपको समय दें और उस कंट्री के बारे में समझें। इससे आप पहले से अपने आपको रेडी कर सकते हैं। आमतौर पर, किसी भी नई जगह के अनुसार, अपने आपको ढ़ालने में कम से कम दो या तीन दिनों का वक्त लग सकता है।

कम समय के लिए सोएं :

जब आप किसी नए टाइम जोन को फॉलो कर रहें, तो कोशिश करें कम देर के लिए सोने की, जिसे पावर नैप भी कहा जा सकता है। पवार नैप की मदद से आप अच्छा महसूस करेंगे। इससे काम करने में भी आसानी होगी।

चाय-कॉफी पिएं :

चायकॉफी पीने से फायदा मिल सकता है, लेकिन, जरूरत से ज्यादा पीना हानिकारक हो सकता है। यह भी ध्यान रखें कि सोने के कम से कम दो घंटे पहले चाय या कॉफी का सेवन न करें। क्योंकि इससे समय पर नींद आने में दिक्कत हो सकती है।

एल्कोहॉल का सेवन न करें :

अल्कोहोल के सेवन से सोने की आदत डालना हानिकारक हो सकता है।

बाहर जाएं :

कोशिश करें कि सूर्य की रोशनी में बाहर जाएं और टहलें। इससे वहां के टाइम जोन को समझने में आसानी होगी।

अगर आप बार-बार विदेशी दौरे पर जाते हैं और इस वजह से जेट लैग की समस्या से परेशान रहते हैं, तो नींद विशेषज्ञ (डॉक्टर) से संपर्क करना चाहिए। डॉक्टर द्वारा दिए गए सलाह अपनाकर इस समस्या को आसानी ठीक किया जा सकता है।

जेट लैग के लिए सूरज की रोशनी

सूरज की रोशनी आपके शरीर को बताती है कि सुबह जागने का समय है। ऐसे में अगर आप दिन के समय सूरज की रोशनी में निकलते हैं, तो यह आपकी बॉडी को नए टाइम जोन में एडजस्ट करने में मदद कर सकती है।

लाइट थेरेपी

सूरज की रोशनी की ही तरह आर्टिफिशियल रोशनी भी आपकी बॉडी पर उसी तरह से प्रभाव डालती है। ऐसे में आर्टिफिशियल रोशनी भी जेट लैग के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है। नए टाइम जोन में जेट लैग के लक्षण जैसे कि चक्कर आना, थकान महसूस करना या ज्यादा या कम नींद आना दिखने पर आर्टिफिशियल लाइट्स आपकी मदद कर सकती हैं।

मेलाटोनिन

मेलाटोनिन एक तरह का हॉर्मोन होता है, जो शरीर में सोने से पहले प्राकृतिक तौर पर बनता है। ऐसे में जेट लैग के कारण अगर आपको नींद में परेशानी हो रही है, तो ओवर द काउंटर मेलाटोनिन सप्लीमेंट ले सकते हैं, जो आपकी बॉडी को सोने के लिए तैयार कर सकती है। मेलाटोनिन बहुत ही जल्दी काम शुरू कर देता है। ऐसे में जब आपको सोना हो, तो उसके 30 मिनट पहले ही इसे लें। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखें कि इसके सेवन के बाद आप कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें। इसका सेवन करने के बाद अगर आप कम समय सोते हैं, तो पूरी आशंका है कि आपको चक्कर आना या थकान महसूस होना जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

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सूत्र

Jet lag: What it is and how to beat it – https://www.medicalnewstoday.com/articles/165339.php – accessed on 24/01/2020

what is Jet Lag and How Can I Get Over It? – https://www.health.com/condition/sleep/jet-lag-tips-video – accessed on 24/01/2020

How to Cope With Jet Lag – https://www.webmd.com/sleep-disorders/features/jet-lag-remedies#1 – accessed on 24/01/2020

Jet lag disorder – https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/jet-lag/symptoms-causes/syc-20374027 – accessed on 24/01/2020

Jet Lag – https://www.medicinenet.com/jet_lag/article.htm – accessed on 24/01/2020

 

 

लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
अपडेटेड 08/07/2019
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