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स्लीप सेक्स क्या है? जानें इसके बारे में सबकुछ

स्लीप सेक्स क्या है? जानें इसके बारे में सबकुछ

नींद में चलना, नींद में बड़बड़ाना, नींद में ड्राइविंग करना तो सुना होगा आपने, लेकिन क्या कभी स्लीप सेक्स के बारे में सुना है? नींद में सेक्स करना। ये ठीक वैसा ही स्लीपिंग डिसऑर्डर है, जैसा कि नींद में चलना। नींद में व्यक्ति सेक्स करता है, लेकिन उसे जागने के बाद पता ही नहीं रहता है कि उसने किया क्या है। स्लीप सेक्स को सेक्सॉम्निया भी कहते हैं। इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि सेक्सॉम्निया क्या है, इसके लक्षण क्या हैं और ये आपके लिए कैसे हानिकारक हो सकता है?

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स्लीप सेक्स या सेक्सॉम्निया क्या है? (What is sleep sex or sexomnia?)

स्लीप डिसऑर्डर के बारे में आप जानते ही होंगे, नींद में व्यक्ति कई तरह की गतिविधियां करता है। जिसमें स्लीप सेक्स भी शामिल है। सेक्सॉम्निया एक तरह की नींद में चलने वाली बीमारी ही है। नींद में चलने वाली बीमारी को पैरासॉम्निया कहते हैं। पैरासॉम्निया में हमारा मस्तिष्क नींद के स्टेजेस के बीच में ही ठहर जाता है, जिससे हम कंफ्यूज हो जाते हैं कि हम सो रहे हैं या जाग रहे हैं। वास्तव में हम सोते रहते हैं, लेकिन हम ऐसे ऐक्ट करे हैं जैसे कि जाग रहे हैं।

एक महिला ने रात में महसूस किया कि उसके पति ने उसके साथ बुरे तरीके से सेक्स किया। इसके बाद उसने हस्तमैथुन भी किया। जब महिला ने सुबह अपने पति से रात में हुई घटना के बारे में पूछा तो उसे कुछ भी याद नहीं था। जिसके बाद महिला शॉक्ड थी। आपको बता दें कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों में स्लीप सेक्स की समस्या तीन गुना ज्यादा होती है।

लोग नींद में जब सेक्शुअल बिहेवियर करते हैं, तो इसी को सेक्सॉम्निया कहा जाता है। ये सेक्शुअल बिहेवियर हस्तमैथुन से सेक्शुअल इंटरकोर्स तक हो सकता है। स्टैनफोर्ड में हुए एक अध्ययन के मुताबिक सेक्सॉम्निया तीन कैटेगरी में बांटा गया है। पहली कैटेगरी में व्यक्ति अपने पार्टनर को तंग करता है, लेकिन कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। दूसरी कैटेगरी में व्यक्ति बेड पार्टनर को परेशान करने के साथ ही उसे नुकसान भी पहुंचा सकता है। जैसे- वह हस्तमैथुन कर सकता है। तीसरी कैटेगरी में व्यक्ति पार्टनर या अन्य लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से हानि पहुंचा सकता है। तीसरी कैटेगरी में व्यक्ति नींद में रेप जैसे अपराध को अंजाम दे सकता है।

और पढ़ें: हिस्ट्रियोनिक पर्सनालिटी डिसऑर्डर क्या है, जानें इसके लक्षण?

स्लीप सेक्स के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of sleep sex?)

स्लीप सेक्स

सेक्सॉम्निया सेक्स ड्रीम से काफी हद तक अलग है। सेक्स ड्रीम में इंसान को लगता है कि वह सेक्स कर रहा है, लेकिन सेक्सॉम्निया का एक्सपीरियंस उससे कहीं अलग ही होता है। इसमें व्यक्ति सेक्शुअल बिहेवियर को नींद के दौरान वास्तव में करता है। स्लीप सेक्स के बिहेवियर को सबसे पहले पार्टनर, पेरेंट्स, रूममेट्स या दोस्त नोटिस करते हैं। स्लीप सेक्स के दौरान व्यक्ति निम्न व्यवहार कर सकता है :

अगर जागने के बाद भी व्यक्ति को कुछ याद नहीं रह जाता है तो ये पैरासॉम्निया के लक्षण हो सकते हैं। सेक्सॉम्निया के दौरान सेक्शुअल बिहेवियर के शिकार हुए कुछ लोगों ने ये अनुभव किया है कि सेक्सॉम्निया से पीड़ित व्यक्ति की आंखें खुली होती हैं, जैसे कि वह जाग रहा हो। हालांकि, जागने के बाद व्यक्ति को कुछ भी याद नहीं रहता है।

और पढ़ें: Central Sleep Apnea: क्या है सेंट्रल स्लीप एप्निया?

सेक्सॉम्निया के कारण क्या हैं? (Causes of Sexomnia)

सेक्सॉम्निया के कारण फिलहाल तो निश्चित नहीं हैं, लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि कुछ फैक्टर्स इस स्लीप डिसऑर्डर के लिए जिम्मेदार होते हैं :

कुछ मेडिकल कंडीशन के कारण भी सेक्सॉम्निया हो सकता है :

स्लीप सेक्स के नुकसान क्या हैं? (What are the disadvantages of sleep sex?)

नींद में सेक्शुअल बिहेवियर करने के अपने कई नुकसान है। जिसमें सबसे पहले सेहत को ही नुकसान पहुंचता है। अगर सेक्सॉम्निया से पीड़ित कोई व्यक्ति हस्तमैथुन करता है तो वह नींद में अपने जननांग को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही वह हस्तमैथुन के दौरान हाइजीन का ध्यान भी नहीं रख सकता है। इसके अलावा व्यक्ति किसी के साथ रेप जैसे अपराध को भी अंजाम दे सकता है। जो कि कानूनी रूप से अपराध की श्रेणी में आता है।

अगर आप अपनी पार्टनर के साथ स्लीप सेक्स करते हैं तो वो उनके लिए बहुत ही अनरोमांटिक साबित हो सकता है। साथ ही अनसेफ सेक्स करने से कई तरह की सेक्शुअल बीमारियां हो सकती हैं और अनचाहा गर्भ भी ठहर सकता है। जिससे आपके और आपके पार्टनर के रिश्तों में खटास आ सकती है। इन्हीं समस्याओं से बचने के लिए आपको सेक्सॉम्निया का इलाज कराना चाहिए।

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स्लीप सेक्स का इलाज कैसे करें? (How to treat sleep sex?)

स्लीप सेक्स के इलाज के पहले आपको उसके निदान के बारे में जानना चाहिए। जब तक आपको मुख्य समस्या का पता नहीं चलेगा तब तक आप इस स्लीप डिसऑर्डर का इलाज नहीं करा सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आप स्लीप सेक्स के बारे में जानकारी जुटाएं। इसके बाद सेक्सॉम्निया से पीड़ित व्यक्ति के सेक्शुअल बिहेवियर का एक रिकॉर्ड बनाएं। जिसमें ये बात मार्क करें कि उसने कितनी बार, कितने दिनों के अंतराल पर किस तरह का सेक्शुअल बिहेवियर किया है। इससे डॉक्टर को पीड़ित की स्थिति जानने में मदद मिलेगी।

डॉक्टर पीड़ित की स्लीप स्टडी करते हैं, जिसे पॉलिसॉम्नोग्राफी कहते हैं। जिसमें नींद के दौरान व्यक्ति के दिमाग के निम्न चीजों को रिकॉर्ड किया जाता है :

  • मस्तिष्क के तरंगों को
  • हार्ट रेट को
  • सांस लेने के पैटर्न को
  • आंखों और पैरों के मूवमेंट को

इस जांच के लिए एक रात काफी होती है। लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि आपने कोई सेक्शुअल बिहेवियर नहीं किया तो डॉक्टर आपको कई रातों की स्टडी करने के लिए कह सकते हैं। अगर रातों में आप सेक्शुअल बिहेवियर करते हैं तो डॉक्टर अच्छे से आपको डायग्नोस कर सकते हैं।

और पढ़ेंः अगर चाहते हैं सस्ती और बेस्ट डेट पर जाना, तो अपनाएं ये टिप्स

स्लीप सेक्स के लिए इलाज काफी सफल रहे हैं, जिसमें डॉक्टर निम्न तरीकों से इलाज करते हैं:

स्लीप डिसऑर्डर (Sleep disorder) का इलाज

अगर सेक्सॉम्निया स्लीप डिसऑर्डर के कारण होता है, जैसे- स्लीप एप्नीया या रेस्टलेस लेग सिंड्रोम होता है तो इनका लक्षणों के अनुसार इलाज किया जाता है। इस दौरान सेक्शुअल बिहेवियर को कम करने के लिए इलाज किया जाता है। स्लीप एप्नीया के कारण अगर स्लीप सेक्स की समस्या हो रही है तो कंटिन्यूअस पॉजिटीव एयरवे प्रेशर (CPAP) मशीन की मदद से इलाज किया जाता है।

दवाओं में बदलाव करके इलाज

अगर आपने ये अनुभव किया है कि आपको कुछ दवाओं के लेने के बाद से सेक्सॉम्निया की समस्या शुरू हुई है तो आपको उन दवाओं को लेना तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए। नींद की दवा लेने के कारण भी पैरसॉम्निया से सेक्सॉम्निया के लक्षण सामने आ सकते हैं। इसलिए कभी भी बिना डॉक्टर के सलाह के दवा न लें।

सेक्सॉम्निया के लिए दवाएं (Medicines for sexomnia)

कुछ मामलों में देखा गया है कि सेक्सॉम्निया को मैनेज करने कि लिए लक्षणों के अनुसार दवा देने से स्लीप सेक्स का इलाज संभव है। जैसे :

  • एंटी-एंग्जायटी और एंटीडिप्रेसेंट दवाएं, जैसे- ड्यूलॉक्सिटाइन और क्लोनाजेपाम देने से सेक्सॉम्निया में राहत मिलती है।
  • नेजल कॉन्टिन्यूअस एंटीडिप्रेसेंट पाॅजिटिव एयरवे प्रेशर (CPAP) थेरिपी देने से राहत मिल सकती है।
  • एंटाएसिड और प्रोटॉन-पम्प इंहिबिटर्स (PPI)
  • माइल्ड सेडेटिव दवाओं से
  • माउथ गार्ड, बाइट प्लेट्स या मेंडिबुलर एडवांसमेंट डिवाइस लेने के लिए अपने डॉक्टर से पूछ सकते हैं।

और पढ़ें: इंसोम्निया में मददगार साबित हो सकती हैं नींद की गोली!

लाइफस्टाइल में बदलाव करें

सेक्सॉम्निया के ज्यादातर केस में व्यक्ति को समाज में नकारात्मक नजरिए से देखा जाता है, जिसके लिए इस स्लीप डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने पड़ते हैं। व्यक्ति को एक ऐसे बंद कमरे में अकेले सोने के कहा जाता है, जिसे वह नींद में न खोल सके। इसके अलावा बेडरूम के दरवाजे पर अलार्म लगाएं, जिससे अगर दरवाजा खुलता भी है तो आपकी नींद खुल जाए।

साइकोलॉजिक काउंसिलिंग

सेक्सॉम्निया की समस्या के कारण बहुत सारे लोग खुद को शर्मिंदा महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में आपको मनोचिकित्सक से मिलना चाहिए। मनोचिकित्सक आपको भावनात्मक रूप से इस समस्या से उबारने का प्रयास करते हैं। इसके लिए वे आपको कई बार काउंसलिंग सेशन में बुला सकते हैं। इसके साथ ही मनोचिकित्सक आपके पार्टनर को भी बुला सकते हैं, क्योंकि आपके सेक्शुअल बिहेवियर पर आपका पार्टनर क्रोधित या मानसिक रूप से हर्ट होता है।

एक स्टडी के मुताबिक सेक्सॉम्निया में सेक्शुअल बिहेवियर कम करने के लिए आपको अपने पार्टनर को संतुष्ट करने पर विशेष ध्यान देना होगा।

स्लीप सेक्स को मैनेज करने के लिए टिप्स (Tips for managing sleep sex)

अपनी जीवनशैली में बदलाव कर के आप सेक्सॉम्निया को मैनेज कर सकते हैं। जिससे भविष्य में सेक्शुअल बिहेवियर के कारण आपको कोई परेशानी न हो या इस तरह की कोई हरकत आप न कर सके :

अपने पार्टनर और परिवार से बात करें

सेक्सॉम्निया की समस्या के बारे में आप अपने पार्टनर और परिवार से बात करें। क्योंकि आपका सेक्शुअल बिहेवियर आपके अपने को दिक्कत में डाल सकता है। इसके साथ ही आपका रिलेशनशिप भी प्रभावित हो सकता है। इसलिए आप इमानदारी के साथ अपनी समस्या के बारे में परिवार और पार्टनर से खुल कर बात करें। विश्वास मानिए, परिवार कभी भी आपका बुरा नहीं चाहता है। वह आपकी बात को समझेंगे और आपका साथ जरूर देंगे। इसके साथ ही आप उन्हें स्लीप सेक्स से जुड़े सारे पहलुओं के बारे में बताएं। जिससे आपके इलाज में परिवार और पार्टनर मिल कर आपकी मदद कर सकें।

सुरक्षित माहौल बनाएं

जब तक आपका इलाज पूरी तरह से नहीं हो जाता है तो आप अपने लिए और अपने प्रियजनों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाएं। जैसे :

  • अलग बेडरूम में सोएं
  • अपने कमरे को पूरी तरह से लॉक कर लें
  • एक अलार्म सेट करें, ताकि घरवालों को पता चल सके कि आप अपने कमरे से बाहर निकल रहे हैं

सेक्सॉम्निया को बढ़ाने वाले ट्रिगर्स को नजरअंदाज करें (Ignore the triggers that promote sexomnia)

आप ऐसी चीजों को पूरी तरह से नजरअंदाज करें, जिससे सेक्सॉम्निया को बढ़ावा मिलने में मदद मिल सके। कहने का मतलब है कि ऐसी चीजों से दूर रहें जो स्लीप सेक्स के लिए रिस्क फैक्टर माने जाते हो। जैसे- शराब न पिएं और ऐसी दवाएं न खाएं जिससे आपको ये स्लीप डिसऑर्डर हो।

और पढ़ें: स्लीप डिसऑर्डर: जानिए इसके कारण, लक्षण और उपाय

अच्छी नींद लेने की आदत डालें (Get used to sleeping well)

रोजाना एक निश्चित समय पर नींद लेने से आप सेक्सॉम्निया के शिकार होने से बच सकते हैं। अगर आपने अपने सोने के पैटर्न में बदलाव किया तो आपको फिर से ये स्लीप डिसऑर्डर हो सकता है, इसलिए आप अपना बेडटाइम सेट करें और उस पर अमल करें।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और स्लीप सेक्स से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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सूत्र

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Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 08/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड