
लिक्विड डाइट में लोग सिर्फ तरल पदार्थों जैसे कि पानी, सूप, सादा जिलेटिन, फ्रूट जूस आदि का ही सेवन करते हैं क्योंकि यह सब आसानी से पच जाता है। ज्यादातर डॉक्टर की सलाह पर ही थोड़े समय के लिए लिक्विड डाइट फॉलो की जाती है वो भी किसी चिकित्सकीय उपचार के दौरान जैसे ऑपरेशन के पहले या फिर कोई पाचन संबंधी समस्या होने पर। सिर्फ तरल पदार्थों के सेवन से हमें पर्याप्त कैलोरी और पोषण नहीं मिलता इसलिए इस डाइट प्लान को लंबे समय तक फॉलो नहीं करना चाहिए।
लिक्विड डाइट की सलाह ज्यादातर डॉक्टर तब देते हैं जब कोई सर्जरी या जांच होनी होती है जिसके लिए आपके पेट और आंतों में भोजन नहीं होना चाहिए लेकिन, अगर आपको पेट से जुड़ी या पाचन संबंधी कोई परेशानी है जैसे की मितली, लूज मोशन ,उल्टी है तो कुछ दिन तक लिक्विट डाइट पर रहना अच्छा होता है। लिक्विड डाइट से आपके शरीर को महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट मिलते हैं जैसे की सोडियम और पोटेशियम।
और पढ़ें : पालेओ डाइट क्या है? जानिए इसके अनगिनत फायदे
आप अपने डॉक्टर या फिर न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह से इस लिस्ट में परिवर्तन कर सकते हैं क्योंकि आपका डाइट प्लान आपकी हेल्थ कंडीशन के मुताबिक ही होना चाहिए। आप अपना लिक्विट डाइट प्लान कुछ इस तरह से बना सकते हैं।
लिक्विड डाइट आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैलोरी और पोषक तत्व नहीं देती इसलिए अधिक समय तक इसका पालन करना ठीक नहीं है। साथ ही हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लिक्विड डाइट अपनाएं और दिए गए निर्देषों का गंभीरता से पालन करें। लिक्विड डाइट का पालन ठीक से न करने पर टेस्ट में गलती होने की संभावना रहती है। जिससे यह प्रक्रिया दुबारा दोहरानी पड़ सकती है। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें जिससे बॉडी में ब्लड शुगर लेवल न बिगड़े।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Current Version
25/03/2021
Priyanka Srivastava द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Pooja Bhardwaj
Updated by: Nikhil deore
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
Dr. Pooja Bhardwaj