Covid19: क्या है कोरोना वायरस, जानें इसके लक्षण और खतरे

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 30, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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कोरोना वायरस चीन में भयंकर रूप से फैल रहा है। सार्स जैसी बीमारी पैदा करने वाले इस वायरस ने चीन में सैंकड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। आखिर कोरोना वायरस क्या हैं, जिसकी वजह से कई लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। वायरस से पीड़ित मरीजों की जांच करने के बाद चीन के अधिकारियों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस, कोरोना वायरस का नया प्रकार है। इसके फैलने को लेकर कहा जाता है कि यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है, लेकर अबतक इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए एहतियातन चीन से भारत आ रहे सभी यात्रियों की जांच की जाने लगी है। चीन के वुहान से फैला कोराना अब तक नौ लोगों की जान जा चुकी है। एशियाई देशों में यह किस तरह से फैल सकता है इसपर WHO की एक और बैठक होने जा रही है, जिसमें स्थिति साफ होगी। वहीं कोरोना वायरस से आधिकारिक तौर पर अब तक लगभग 300 से भी ज्यादा लोग इंफेक्टेड हो चुके हैं। इस आर्टिकल में जानें काेरोना वायरस के लक्षण और कैसे इससे बचाव किया जा सकता है।

कोरोना वायरस क्या है? (What is Corona Virus)

कोरोना वायरस की पहचान 1937 में पक्षियों में फैले संक्रामक ब्रोंकाइटिस वायरस से की गई थी। इस वायरस के अंदर मुर्गीपालन को नष्ट करने की क्षमता होती है। ये वायरस 15 से 30 प्रतिशत तक कॉमन कोल्ड के लिए जिम्मेदार होता है। पिछले करीब 70 सालों में साइंटिस्ट ने ये पाया है कि कोरोना वायरस चूहों, कुत्तों, बिल्ली, घोड़ों, सुअर और कैटल्स को भी संक्रमित कर सकता है।

  • कोरोना वायरस के कारण आम सर्दी सा एहसास होता है और इसका कोई इलाज नहीं होता है।
  • कोरोना वायरस सार्स (SARS) और मर्स (MERS) दोनों का कारण बनता है।
  • कोरोना वायरस व्यक्ति और जानवर के साथ ही अन्य प्रजातियों को भी संक्रमित करता है।
  • अभी तक 6 ज्ञात कोरोना वायरस का पता चल चुका है।
  • जब चीन में सार्स फैला था तो उस वक्त इस संक्रमण का शिकार 37 देशों को होना पड़ा था। सार्स से 774 लोगों की मौत हुई थी।

कोरोना वायरस के लक्षण (Corona Virus Symptoms)

कॉमन ह्युमन कोरोना वायरस के टाइप 229E, NL63, OC43, और HKU1 शामिल हैं, जिनसे व्यक्ति संक्रमित होता है। व्यक्ति में  कोरोना वायरस का इन्फेक्शन होने पर अपर रेस्पिरेट्री ट्रेक्ट इलनेस की समस्या हो जाती है। ये समस्या धीमे-धीमे शुरू होकर बढ़ने लगती है। आपको ऐसा एहसास हो सकता है कि आपको ठंड लग गई है। समय के साथ ही कोरोना के नए लक्षणों का भी पता चला है। भारत के डॉक्टर्स ने कहा है कि सभी लोग सावधान हो जाए, क्योंकि भारत के पास मेडिकल फैसिलिटी की समस्या है। अगर किसी भी व्यक्ति को कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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कोरोना वायरस कुछ लोअर रेस्पिरेट्री ट्रेक्ट इलनेस के लक्षण भी दिखा सकता है जैसे कि निमोनिया (pneumonia) या ब्रोंकाइटिस ( bronchitis) की समस्या। जिन व्यक्तियों को कार्डियोपल्मोनरी रोग ( cardiopulmonary disease) या कमजोर इम्युन सिस्टम है, उन वयस्कों, बूढ़ों और बच्चों में ये वायरस आसानी से प्रवेश कर जाता है। वायरस के लक्षण सर्दी-जुखाम का एहसास दिला सकते हैं। जानिए क्या होते हैं कोरोना वायरस इंफेक्शन के लक्षण।

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कोरोना वायरस का नया टाइप (2019-nCoV)

नोवल कोरोना वायरस के लक्षणों को लेकर सबसे पहले चीन ने पिछले साल 31 दिसंबर को WHO को सूचना दी थी। इसके कई मामले वुहान में देखे गए थे। इसके बाद इसे (2019-nCoV) नाम दिया गया है। यह वायरस इसलिए भी खतरनाक हो जाता है क्योंकि यह सार्स और मार्स इंफेक्शन की फैमिली से ही संबंध रखता है।

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ये कहना गलत नहीं होगा कि पड़ोसी देश में फैल रहा संक्रमण भारत के लिए भी खतरा पैदा कर रहा है। सुरक्षा कि दृष्टि से आपको भी कोरोना वायरस के बारे में जानना जरूरी है। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि क्या हैं कोरोना वायरस के लक्षण और डायग्नोज हैं।

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कोरोना वायरस इंफेक्शन का डायग्नोसिस (Corona Virus Diagnosis)

कोरोना वायरस इंफेक्शन को डायग्नोस करने के लिए डॉक्टर या हेल्थ केयर प्रोवाइडर रेस्पिरेट्री स्पेसीमेंस और सीरम (ब्लड का पार्ट) को जांच के लिए लैबोरेट्री भेजेंगे। अगर आपको पहले से ही कोई गंभीर बीमारी है या MERS होने की आशंका है तो लैबोरेट्री टेस्ट जरूरी हो जाता है। अगर आपको उपरोक्त लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और फिर उन्हें अपने हाल ही की यात्राओं और जानवर से संपर्क के बारे में जानकारी दें। फिलहाल अरब प्रायद्वीप में ज्यादातर मामलें MERS-CoV इंफेक्शन के रिपोर्ट किए गए हैं।

ह्युमन कोरोना वायरस (Human corona virus, HCoV)

ह्युमन कोरोना वायरस की पहली बार पहचान 1960 में एक पेशेंट की नाक में हुई थी जब उसको कॉमन कोल्ड की समस्या थी। दो व्यक्तियों को ह्युमन कोरोना वायरस कॉमन कोल्ड OC43 और 229E के लिए जिम्मेदार माना जाता है जिन्होंने बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित किया। कोरोना वायरस में ‘कोरोना’ शब्द का मतलब क्राउन यानी ताज की तरह सर्फिस वाला कोरोना (लैटिन शब्द) है।

लोगों में सर्दियों के समय संक्रमण अधिक पाया जाता है। सामान्य सर्दी लगने पर कुछ दिन बाद ठीक हो जाती है, लेकिन कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाने पर ये महीनों नहीं सही होता है। अगर सही हो भी गया तो कुछ महीनों बाद फिर से समस्या हो जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे शरीर में कोरोना एंटीबॉडी लंबे समय तक नहीं रह पाते हैं। यहीं कारण है कि कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति को बीमारी की जकड़न से आराम नहीं मिल पाती है।

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कोरोना वायरस से बचाव और ट्रीटमेंट (Corona Virus Treatment)

कोरोना वायरस से बचाव संभव नहीं है। इसके नए टाइप पर साइंटिस्ट शोध में लग गए हैं। अगर आपको संक्रमण के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अगर किसी भी व्यक्ति को ये संक्रमण हो चुका है तो पूरी संभावना है कि आसपास के व्यक्ति भी इस संक्रमण से प्रभावित हो जाए। बेहतर होगा कि इंफेक्शन का पता चलते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लोगों से दूरी बना लें। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए सावधानी एकमात्र उपाय है। अमेरिका में कोविड-19 से बचने के लिए इलाज पर काम शुरू हो चुका है।

  • आराम करें और ज्यादा मेहनत वाला काम न करें।
  • अधिक मात्रा में पानी पिएं।
  • स्मोकिंग न करें और साथ ही ऐसे स्थान में न रहे जहां स्मोकिंग हो रही हो।
  • दर्द और बुखार को कम करने के लिए एसिटामिनोफेन, इबुप्रोफेन या नेप्रोक्सेन लें। बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिसिन न लें।
  • साफ ह्यूमिडिफायर (humidifier) या कूल मिस्ट वेपोराइजर का इस्तेमाल करें।
  • रेस्पिरेट्री फ्लूइड्स जैसे कि नोज म्युकस और ब्लड सैंपल को टेस्ट के लिए लिया जा सकता है। समय पर कोरोना वायरस जांच कराएं।

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कोरोना वायरस कैसे फैलता है?

कोरोना वायरस क्या है और कोविड-19 के लक्षण क्या हैं, यह तो वैज्ञानिकों ने पता कर लिया। लेकिन कोरोना वायरस का यह प्रकार किस तरह से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है, इस पर अभी तक रिसर्च नहीं हुई है। फिर भी डॉक्टर्स कुछ बातों को संक्रमण फैलने की वजह मानते हैं।

  • इंफेक्टेड व्यक्ति के मुंह को बिना ढके खांसने या छींकने से हवा में वायरस पहुंच जाता है।
  • इंफेक्टेड व्यक्ति से हाथ मिलाने पर भी वायरस आसानी से फैल जाता है।
  • संक्रमित जगह को छूने से भी वायरस फैल सकता है। नाक, आंख या मुंह का संपर्क करने भर से ही वायरस फैल जाता है।
  • मल के संपर्क में आने पर भी कोरोना वायरस फैल सकता है।

अगर आपको ज़ुकाम के लक्षण नजर आ रहे हैं और कई दिनों तक सुधार नजर नहीं आ रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जांच के बाद डॉक्टर के बताए नियमों का पालन करें।

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