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फेफड़ों के बाद दिमाग पर अटैक कर रहा कोरोना वायरस, रिसर्च में सामने आईं ये बातें

फेफड़ों के बाद दिमाग पर अटैक कर रहा कोरोना वायरस, रिसर्च में सामने आईं ये बातें

कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। देश में संपूर्ण लॉकडाउन होने के बावजूद इसके मामलों में कमी देखने को नहीं मिल रही है। अभी तक इसकी कोई वैक्सीन भी नहीं तैयार हो पाई है। अभी तक हम लोगों को यह मालूम था कि कोविड-19 गले और फेफड़ों पर अटैक करता है लेकिन हाल ही कुछ रिपोर्ट में इसके दिमाग को जकड़ने का दावा किया गया है। दुनियाभर के कई न्यूरोलॉजिस्ट इस खबर की पुष्टि कर रहे हैं। उनका कहना है कि दुनियाभर से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसमें कोविड-19 से संक्रमित पेशेंट में दिमाग से जुड़ी गंभीर बीमारियों को पनपते पाया गया है। कई लोगों में कोरोना वायरस से दिमाग में खून के थक्के बनना, दिमाग में सूजन और बोल ना पाना जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं। जानिए किस तरह से कोरोना वायरस से दिमाग पर असर पड़ रहा है।

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कोरोना वायरस से दिमाग पर असर : दिमाग कैसे हो रहा है प्रभावित?

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, कई न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों में एक तबका ऐसा भी है, जिनमें संक्रमण से दिमाग पर गंभीर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। एक्सपर्ट ने इसे ब्रेन डिसफंक्शन का नाम दिया है। कोविड-19 पेशेंट्स का इलाज कर रहे कुछ डॉक्टर्स ने बताया कि कई लोगों में इसका असर दिमाग पर साफ देखा जा सकता है। बहुत सारे मरीज की क्षमता प्रभावित हुई है। कुछ लोगों के सिर पर सूजन आ गई। तो कुछ लोग बढ़ते सिर दर्द से परेशान हैं। आपको बता दें, इससे पहले एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें बताया गया था कि कोरोना पेशेंट्स में गंघ सूंघने और स्वाद को पहचानने की क्षमता खोते पाया गया था। यह दोनों लक्षण भी दिमाग से जुड़े हुए हैं। जिन्हें देखते यह कहना गलत नहीं होगा कि कहीं न कहीं यह लोगों के ब्रेन पर असर डाल रहा है।

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कोरोना वायरस से दिमाग पर असर : दिमाग हो रहा सुन्न?

इटली की ब्रेसिका यूनिवर्सिटी के हॉस्पिटल से जुड़े डॉ. एलेसेंड्रो पेडोवानी ने बताया कि कोरोना वायरस के पेशेंट्स में पिछले कुछ दिनों से काफी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ऐसा सिर्फ इटली में ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के डॉक्टरों को भी देखने को मिल रहा है। मरीजों के दिमाग में खून के थक्के जमना, दिमाग में सूजन आना, दिमाग का सुन्न हो जाना, ब्रेन स्ट्रोक, दिमागी दौरे, बोलने में दिक्कत जैसे कई लक्षण देखने को मिल रहे हैं। लोगों में इन लक्षणों को देखते हुए इटली ने अलग से न्यूरो-कोविड यूनिट शुरू की है।

कोरोना वायरस से दिमाग पर असर : मार्च में सामने आया मामला

कोरोना वायरस से दिमाग को पड़ रहे असर को मार्च में सामने आए एक मामले से समझा जा सकता है। 74 वर्षीय फ्लोरिडा के बोका रैटन को आनन-फानन में इमजरेंसी में भर्ती किया गया। शुरुआत में उनमें खांसी और बुखार की शिकायत थी। प्रारंभिक जांच में एक्स-रे किया गया, जिसमें निमोनिया की बात सामने आई और उन्हें घर वापस भेज दिया गया। अगले दिन बोका को दोबारा बहुत तेज बुखार हुआ जिसके बाद उन्हें वापस हॉस्पिटल ले जाया गया। अब उन्हें सांस लेने में तकलीफ भी शुरू हो चुकी थी। हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि वह डॉक्टर को अपना नाम तक नहीं बता पा रही थी। वह अपने बोलने की क्षमता भी खो चुकी थी। इसके अलावा उनमें दिमाग दौरा पड़ने का खतरा दिखाई दिया। डॉक्टरों को पहले शक हुआ कि उन्हें कोविड-19 हुआ है और बाद में जांच में इसकी पुष्टि भी हुई।

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कोरोना वायरस से दिमाग पर असर :बोलने की क्षमता घटी

कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति में खांसी, बुखार और सांस में तकलीफ लेना आम लक्षण हैं। लेकिन कुछ लोगों की हालत इतनी गंभीर है कि वह अपना नाम तक नहीं बता पा रहे हैं। कुछ लोग तो बोलने की क्षमता ही गंवा बैठे हैं। कई लोगों में दिमाग का दौरा पड़ने की बात सामने आई है। इससे जुड़ा एक मामला मिशगन के ड्रेटायट में सामने आया। यहां एक 50 वर्षीय महिला जो कि एयरलाइन कर्मचारी है उसे कोरोना वायरस था। शुरुआत में इस महिला ने डॉक्टर को सिरदर्द की शिकायत की। बहुत जद्दोजहेद के बाद इस महिला ने डॉक्टर को अपना नाम बताया। कुछ देर के बाद उसने बिल्कुल ही जवाब देना कम कर दिया। डॉक्टर द्वारा महिला के दिमाग की स्क्रीनिंग में मालूम हुआ कि उसके दिमाग में कुछ आसामान्य सूजन है। यहीं नहीं उसके दिमाग के एक हिस्से की कुछ कोशिकाएं नष्ट होकर खत्म हो गई।

दिमाग में आ जाती है सूजन

डॉक्टर ने महिला के दिमाग की स्थिति को बहुत खतरनाक बताया। उन्होंने इस स्थिति को ‘एक्यूट नेक्रोटाइजिंग एनसेफेलोपैथी’ नाम दिया। इस तरह के कॉम्प्लिकेशन इंफ्लूएंजा और दूसरे वायरस के संक्रमण से होता है। हेनरी फोर्ड हेल्थ सिस्टम की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. एजिसा फोरे ने बताया कि संक्रमण के कुछ दिनों के बाद दिमाग में सूजन आती है और लगातार बनी रहती है। इस मामले से ये साफ है कि दुर्लभ स्थिति में कोरोनावायरस दिमाग को भी अपनी चपेट में ले सकता है।

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कोरोना वायरस से दिमाग पर असर के कारण परेशानियों को लेकर क्या है डॉक्टर का कहना

कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में दिमाग से जुड़ी इन समस्याओं को देखने के बाद पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ शैरी चोउ ने चिंता जााहिर की है। उनके अनुसार, इस तरह के लक्षणों पर ज्यादा जानकारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिमाग के लिए फिलहाल कोई टेक्नोलॉजी नहीं है, अगर फेफड़ों में परेशानी होती है तो मरीज को ठीक करने के लिए वेंटिलेटर पर लेटा दिया जाता है लेकिन दिमाग के लिए ये सुविधा हमारे पास नहीं है।

कोरोना वायरस से दिमाग पर पड़ रहे असर से जुड़ी इस रिपोर्ट ने सबको किया हैरान

हाल ही में छपे एक शोध में चीनी शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 से संक्रमित कुछ मामलों से ऐसे प्रमाण सामने आए हैं जिनसे मालूम होता है कि कोरोना वायरस सिर्फ सांस की नली तक सीमित नहीं है, ये वायरस नर्वस सिस्टम तक पहुंच रहा है। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि फरवरी में चीन में कुछ ऐसे मामले देखे गए थे जिनमें दिमाग से जुड़ी समस्याएं देखी गई थी। शुरुआत में इन मामलों को नॉर्मल दिमाग से जोड़कर देखा गया। बाद में ये मरीज कोरोना से पीड़ित पाए गए। हैरान करने वाली बात यह थी कि इन लोगों में खांसी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षण नहीं पाए गए थे।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
13/04/2020 पर Mona narang के द्वारा लिखा
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
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