home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

अमेरिका में ढूंढ़ा जा रहा कोविड-19 का इलाज: जानें कितनी मिली कामयाबी

अमेरिका में ढूंढ़ा जा रहा कोविड-19 का इलाज: जानें कितनी मिली कामयाबी

कोविड-19 (नोवल कोरोना वायरस) महामारी बनकर पूरी दुनिया को तबाह कर रहा है और लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। इस वायरस से दुनिया भर में रोज सैकड़ों लोग मर रहे हैं। डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 को महामारी भी घोषित कर दिया है। महामारी ऐसी बीमारी को ही घोषित किया जाता है, जिससे हजारों लोगों की मृत्यु हो सकती है। यह खबर जरूर निराश देने वाली है, लेकिन इससे जुड़ी दूसरी खबर थोड़ी खुशी देने वाली है। अमेरिका के वैज्ञानिक कोविड-19 का इलाज ढूंढ़ने में लग गए हैं और पूरा विश्व वैज्ञानिकों की सफलता की उम्मीदें लगाए बैठा है।

Covid-19 treatment in Hindi- कोविड-19 का इलाजः

अमेरिका ढूंढ़ रहा कोरोना वायरस का उपचार

डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 को जब महामारी घोषित किया, उस समय वायरस छह महाद्वीपों और 100 से अधिक देशों में फैल गया था। दुनिया भर में इस वायरस को लेकर गंभीरता से लिया जाने लगा। सभी देश अपनी-अपनी तरह से तैयारी करने लगे। चीन में जब वायरस ने अपना प्रकोप दिखाया और हजारों लोगों की मौत हो गई, तो चीन कोविड-19 का इलाज ढूंढ़ने लगा।

अमेरिका में भी कोरोना वायरस के कारण हजारों लोग संक्रमित हैं और अब तक 5,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और अमेरिकी लोग चिंतित हैं, लेकिन अब अमेरिका भी दूसरे देशों की तरह संक्रमण को फैलने से रोकने की कोशिश के साथ-साथ कोविड-19 का इलाज ढूंढ़ने जुटा गया है।

कोविड-19 का इलाज : रोगी का लिया गया प्लाज्मा

कोविड-19 का इलाज करने के शुरुआती कदम के तहत न्यूयॉर्क और ह्यूस्टन में यह प्रयोग शुरू किया गया है। इस प्रोग्राम में डॉक्टरों ने सबसे पहले कोविड-19 को हराने वाले लोगों का प्लाज्मा लिया। इसके बाद इस प्लाजमा को कोरोना वायरस से संक्रमित पांच रोगियों की नसों में डाला गया। वैज्ञानिकों को आशा है कि इस कंवलसेंट सीरम थेरेपी से कोरोना वायरस को खत्म करने में कामयाबी पाएगा। अगर यह कामयाब रहता है तो अमेरिका देश भर के सैकड़ों लोगों पर इस परीक्षण को आजमाएगा।

ये भी पढ़ेंः डब्ल्यूएचओ ने कोविड-19 के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी किए ये दिशानिर्देश

स्वस्थ व्यक्ति के शरीर के एंटीबॉडी से हो सकता है कोरोना वायरस का उपचार

न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई मेडिकल सेंटर के सीरम एंटीबॉडी प्रोग्राम के चिकित्सक और इस कार्यक्रम के निदेशक एनिया वजनबर्ग ने बताया, “स्वस्थ व्यक्ति से निकाला गया प्लाज्मा ठीक वैसा ही दिखा रहा है जैसा किसी अन्य व्यक्ति के खून से लाल और सफेद रक्त कोशिकाओं को निकालने के बाद होता है। इससे यह पता चलता है कि इसमें एंटीबॉडी हो सकते हैं, जो बीमारी से लड़ सकते हैं।”

इन्होंने कहा कि 27 मार्च 2020 को इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई और इसी दिन ह्यूस्टन के मेथोडिस्ट अस्पताल में कोरोना वायरस के लक्षणों को हराने वाले लोगों का प्लाज्मा इकट्ठा किया गया। अगले दिन कोविड-19 के रोगी में पहली बार प्लाज्मा डाला गया।

ये भी पढ़ेंः इन बीमारियों के दौरान कोरोना से संबंधित प्रश्न आपको कर सकते हैं परेशान, इस क्विज से जानें पूरी बात

कोरोना वायरस का उपचारः जोखिम में भी सफलता की उम्मीद

नैशविले, टेनेसी के वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर विलियम शेफनर का कहना है कि हालांकि, इस तरह की कोशिश एक जोखिम की तरह होती है, क्योंकि ऐसी पिछली कोशिशों में बहुत सफलता मिलती नहीं देखी गई है। इसमें समय अधिक लगता है, पैसा अधिक खर्च होता है और बड़े पैमाने पर इसे लागू करने में भी मुश्किल आती है। इसके बाद भी हम सभी को इससे उम्मीदें हैं।

Covid-19 treatment in Hindi- कोविड-19 का इलाजः

ये भी पढ़ेंः क्या हवा से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, क्या कहता है WHO

कोविड-19 का इलाज : प्लाज्मा लेने से पहले दाता की होती है पूरी जांच

इसी विषय पर जॉन्स हॉपकिन्स ब्लूमबर्ग प्रोजेक्ट के आयोजक और आणविक माइक्रोबायोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के अध्यक्ष अरटरो कैसडेवल ने कहा, “इस प्रोग्राम में सबसे जरूरी चीज यह देखी जाती है कि रोगी और दाता का ब्लड ग्रुप एक ही हो। इसके साथ ही प्लाज्मा लेने से पहले व्यक्ति की जांच की जाती हैं कि कहीं दाता को एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारी तो नहीं है, जो रोगी को ट्रांसफर हो रहा है। अगर इसकी जांच नहीं की गई तो कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुई यह संकट पर काबू नहीं पाया जा सकता।

पोलियो, खसरा और अन्य रोगों में आजमाया जा चुका है फार्मूला

हॉस्टन मेथोडिस्ट हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में पैथोलॉजी और जीनोमिक मेडिसिन विभाग के प्रमुख अन्वेषक एरिक सलाजार ने भी कहा, “ऐसा नहीं है कि हम इसी थेरिपी पर ही पूरी तरह से भरोसा कर रहे हैं। प्लाज्मा थेरेपी हमारे पास कुछ विकल्पों में से एक है। इसकी कोशिश तब की जाती है, जब मरीज की स्थिति गंभीर हो, रोग फैल रहा हो और इलाज के लिए ज्यादा समय न हो।”

उन्होंने कहा कि हमने पहले पोलियो, खसरा और कण्ठमाला जैसे अन्य रोगों के प्रकोप को ठीक करने में इस तरह की कोशिशें की, जिसमें हमें सफलता हासिल हुई है।”

Covid-19 treatment in Hindi- कोविड-19 का इलाजः

ये भी पढ़ेंः कैंसर पेशेंट्स में कोरोना वायरस का ज्यादा खतरा, बचने का सिर्फ एक रास्ता

कोविड-19 का इलाज : स्वस्थ व्यक्ति के प्लाज्मा से रोगी को मिलेगा एंटीबॉडी

पोर्टलैंड के ऑर्गन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी में वायरल इम्यूनोलॉजिस्ट, मार्क स्लिफ्का ने कहा, “जब कोई व्यक्ति कोविड-19 महामारी के कारण बीमार होता है, तो शरीर वायरस पर हमला करने के लिए ब्लड प्रोटीन बनता है, जिसे हम एंटीबॉडीज कहते हैं। एंटीबॉडी वायरस को खत्म कर देता है और फिर आपका शरीर उस बीमारी से लड़ने के अनुकूल हो जाता है। इससे कोरोना वायरस के लक्षण भी ठीक हो सकते हैं।”

इन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार ने अपनी तरफ से इस तरह का कोई आदेश नहीं दिया है, बल्कि यह कोविड-19 का इलाज ढूंढ़ने की हम लोगों की अपनी कोशिश है। अगर यह प्रयास सफल रहा तो कई मरीजों की जान को बचाया जा सकता है।

ये भी पढ़ेंः Coronavirus Live Update: कोरोना संकट में अपनी जान की बाजी लगा रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर इंदौर में हमला

20 राज्यों के 100 से अधिक शोधकर्ता ढूंढ़ रहे कोविड-19 का इलाज

वहीं इस प्रोजेक्ट निदेशक के मुताबिक, 27 मार्च से 20 राज्यों के 100 से अधिक शोधकर्ता और 40 बड़े हॉस्पिटल इस प्रोजेक्ट से जुड़ चुके हैं और देश भर से प्लाज्मा इकट्ठा कर रहे हैं। बता दें कि इस तरह की कोशिशें विश्व भर में की जा रही हैं और यह दुनिया में पहली बार नहीं किया जा रहा है।

इस विधि से पहली बार डिप्थीरिया से पीड़ित बच्चे का हुआ था इलाज

एक व्यक्ति का प्लाज्मा लेकर दूसरे व्यक्ति का इलाज करने की पद्धति बहुत पुरानी है। पहली बार इसे डिप्थीरिया से पीड़ित जर्मन बच्चे का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। वैज्ञानिकों को भरोसा है कि स्वस्थ व्यक्ति का प्लाज्मा कोरोना वायरस के लक्षण को हराने में सफल हो पाएगा।

ये भी पढ़ेंः सावधान ! क्या आप कोरोना वायरस के इन लक्षणों के बारे में भी जानते हैं? स्टडी में सामने आई ये बातें

हालांकि कोविड-19 के इलाज को लेकर डॉक्टरों का यह भरोसा बस एक कल्पना है, क्योंकि डॉक्टर भी मानते हैं कि जरूरी नहीं है कि उनका परीक्षण कामयाब हो। डॉक्टरों का कहना है कि आमतौर पर कोविड-19 जैसी किसी बीमारी का इलाज या वैक्सीन ढूंढ़ने में सालों लग जाते हैं। ऐसे में अगर हमारा यह प्रयास सफल रहा, तो यह बहुत बड़ी कामयाबी होगी।

उम्मीद कीजिए कि वैज्ञानिकों को कोविड-19 का इलाज ढूंढ़ने में सफलता मिले और कोविड-19 महामारी के कारण हो रही तबाही को रोका जा सके। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी प्रकार की चिकित्सा सलाह, उपचार और निदान प्रदान नहीं करता।

और पढ़ेंः

अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस (International Nurses Day): जानिए कैसे नर्स अपने जीवन को खतरे में डालकर कोरोना मरीजों की कर रहीं देखभाल

कोरोना वायरस : किन व्यक्तियोंं को होती है जांच की जरूरत, अगर है जानकारी तो खेलें क्विज

सावधान ! क्या आप कोरोना वायरस के इन लक्षणों के बारे में भी जानते हैं? स्टडी में सामने आई ये बातें

कोरोना वायरस के बारे में सोशल मीडिया में फैल रही इन 10 बातों पर न करें यकिन

 

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

All Accessed on 02/04/2020

Coronavirus experiment treatment –https://amp.usatoday.com/amp/5090946002

Coronavirus live updates: US toll tops 5,100 after deadliest day yet; Florida, 3 other states issue stay-at-home orders; CDC considers masks-https://www.usatoday.com/story/news/health/2020/04/01/coronavirus-live-updates-cuomo-us-deaths-navy-guam-new-york-city/5097019002/

UW-Madison will be a clinical trial site for a coronavirus treatment that uses plasma from recovered patients-https://www.jsonline.com/story/news/2020/03/30/coronavirus-plasma-treatment-trials-uw-madison-wisconsin/5087276002/

Investigational COVID-19 Convalescent Plasma – Emergency INDs-https://www.fda.gov/vaccines-blood-biologics/investigational-new-drug-ind-or-device-exemption-ide-process-cber/investigational-covid-19-convalescent-plasma-emergency-inds

Novel coronavirus: Your questions, answered/
https://www.medicalnewstoday.com/articles/novel-coronavirus-your-questions-answered

Novel coronavirus/ https://economictimes.indiatimes.com/topic/novel-coronavirus

लेखक की तस्वीर badge
Suraj Kumar Das द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x