Kale : केल क्या है?

Medically reviewed by | By

Update Date जनवरी 9, 2020
Share now

परिचय

केल क्या होता है?

हरे रंग की पत्तेदार सब्जी केल (Kale) का इस्तेमाल विदेशोंं में काफी मात्रा किया जाता है। ब्रोकली की तरह दिखने वाली यह पत्तियां खाने में जितनी स्वादिष्ट होती हैं, उससे कहीं ज्यादा स्वास्थ्य के लिए लाभदायक मानी जाती है। इसका इस्तेमाल कई दवाओं का निर्माण करने के लिए भी किया जाता है। इसका बोटेनिकल नाम ब्रैसिका ओलेरासिया संस्करण सैबेलिका (Brassica oleracea var. sabellica) है, जो कि ब्रेसीकेसी (Brassicaceae) फैमिली से आता है। यह हरे और बैंगनी रंग में भी होता है और यह ब्रोकली, पत्तागोभी और फूलगोभी के ही परिवार का सदस्य होता है ।

हालांकि, केल में विटामिन्स और खनिज की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जो सूजन, थायरॉइड और दिल की बिमारियों का कारण भी बन सकता है। हाल ही में हुए एक शोध में विशेषज्ञों ने इसके गुणों के साथ इसके अधिक सेवन से होने वाले गंभीर परिणामों के बारे में भी जिक्र किया है। अध्ययन के मुताबिक, केल के गहरे हरे रंग के पत्तों में मांस से कई गुना अधिक मात्रा में आयरन और कैल्शियम की मात्रा होती है। इसमें विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन के का भरपूर स्रोत होता है जो आंखों के लिए, रक्त और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए लाभकारी भी होता है। हालांकि, इसका सेवन हमेशा उचित मात्रा में ही करना चाहिए।

यह भी पढ़ें: Ginger : अदरक क्या है?

उपयोग

केल (Kale) का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है?

इस पर हाल ही में हुए शोध के मुताबिक, केल में कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो मूत्राशय के कैंसर, स्तन कैंसर, हृदय रोग, कोलाइटिस, कब्ज, क्रोहन रोग, मधुमेह, हैंगओवर, हाई कोलेस्ट्रॉल, आंखों की रोशनी कमजोर होना और घाव भरने के लिए किया जाता है।

केल (Kale) कैसे काम करता है?

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बलिस्ट या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

इस पर हुए शोध में यह बात सामने आई है कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं।

यह भी पढ़ें : Iodine :आयोडीन क्या है?

केल से जुड़ी सावधानियां एवं चेतावनी

केल के सेवन से पहले मुझे इसके बारे में क्या-क्या जानकारी होनी चाहिए?

  • अगर आप गर्भवती हैं या फिर छोटे बच्चों को स्तनपान करवा रही हैं तो इसका इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लीजिए। इस पर शोध करने वाले शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान महिलाओं को कुछ दवाइयों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इस दौरान किसी भी हर्बल सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लीजिए।
  • अगर आप किसी तरह की दवा का सेवन कर रहे हैं तो एक बार इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या चिकित्सक से सलाह अवश्य लें। बिना सलाह के केल का सेवन बिल्कुल भी न करें।
  • अगर आपको किसी तरह के हर्बल सप्लीमेंट से एलर्जी है तो इसका इस्तेमाल करने से बचें।
  • शोधकर्ताओं ने पाया कि केल का इस्तेमाल करने से उन लोगों को बचना चाहिए जिन्हें किसी तरह के फूड से एलर्जी हो।

हर्बल सप्लीमेंट के उपयोग से जुड़े नियम, दवाओं के नियमों जितने सख्त नहीं होते हैं। इनकी उपयोगिता और सुरक्षा से जुड़े नियमों के लिए अभी और शोध की जरुरत है। इस हर्बल सप्लीमेंट के इस्तेमाल से पहले इसके फायदे और नुकसान की तुलना करना जरुरी है। इस बारे में और अधिक जानकारी के लिए किसी हर्बलिस्ट या आयुर्वेदिक डॉक्टर से संपर्क करें।

यह भी पढ़ें : Kalonji : कलौंजी क्या है?

केल कितना सुरक्षित है?

इसका भोजन में इस्तेमाल करने से पहले इसके दुष्प्रभावों के बारे में जरूर जान लें। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें। केल पर हुए शोध के मुताबिक, यह जरूरी नहीं है कि हर बार आयर्वेदिक औषधि का इस्तेमाल आपके लिए सुरक्षित ही हो। इसलिए इसके दुष्प्रभाव की जानकारी डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पत्ते का अधिक सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याओं, हाइपोथायरायडिज्म, अनियमित दिल की धड़कन और अचानक मौत होने का जोखिम भी बढ़ सकता है। इसमें मौजूद हाई पोटैशियम दिल की धडकनों को अनियमित कर सकता है जो अचानक मौत होने का कारण बन सकता है। वहीं, यह हाई फाइबर का सबसे स्रोत होता है जिसकी वजह से लोग इसका सेवन अधिक करते हैं। लेकिन, इसके अधिक सेवन के लिए पेट दर्द, सूजन, कब्ज जैसे पेट संबधी समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से बात करें।

गर्भावस्था और स्तनपान:

केल पर हुए शोध में यह बात सामने आई है कि गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान यह कितनी मात्रा में खाना चाहिए इसकी जानकारी स्पष्ट नही हैं। गर्भावस्था के दौरान किसी भी हर्बल सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से संपर्क करें। शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को कई तरह की दवाएं दी जाती हैं, इसलिए उन्हें किसी सप्लीमेंट का इस्तेमाल एहतियात के साथ करना चाहिए।

यह भी पढ़ें : Mangosteen : मैंगोस्टीन क्या है?

केल से जुड़े परस्पर प्रभाव / केल से पड़ने वाले प्रभाव

केल के सेवन से अन्य किन-किन चीजों पर प्रभाव पड़ सकता है?

इसके सेवन से आपकी बीमारी या आप जो वतर्मान में दवाइयां खा रहे हैं उनके असर पर प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सेवन से पहले डॉक्टर से इस विषय पर बात करें।

यह भी पढ़ेंः Flax Seeds : अलसी के बीज क्या है?

केल की खुराक

यहां पर दी गई जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प ना मानें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आमतौर पर कितनी मात्रा में केल खाना चाहिए?

इस हर्बल सप्लीमेंट की खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य कई चीजों पर निर्भर करती है। हर्बल सप्लीमेंट हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। इसलिए सही खुराक की जानकारी के लिए हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा करें।

शोध के मुताबिक इसकी खुराक हर मरीज के लिए अलग हो सकती है। आपके द्वारा ली जाने वाली खुराक आपकी उम्र, स्वास्थ्य और कई अन्य स्थितियों पर निर्भर करती है। इसलिए एक बार इसका सेवन करने से पहले हर्बलिस्ट या डॉक्टर से चर्चा चर्चा अवश्य करें।

केल किन-किन रूपों में उपलब्ध है?

वर्तमान में केल बाजार में निम्नलिखित प्रकारों में उपलब्ध है:

  • रॉ केल
  • जूस पाउडर
  • जूस

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

और पढ़ें:-

Mushroom : मशरूम क्या है?

Fig: अंजीर क्या है?

Guava: अमरूद क्या है?

 Chikungunya : चिकनगुनिया क्या है? जाने इसके कारण लक्षण और उपाय

संबंधित लेख:

    क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
    happy unhappy"
    सूत्र

    शायद आपको यह भी अच्छा लगे

    बच्चों में डायबिटीज के लक्षण से प्रभावित होती है उसकी सोशल लाइफ

    बच्चों में डायबिटीज के कारण और लक्षण क्या हैं? बच्चों में टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज के उपचार क्या हैं? Diabetes in children in Hindi

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Shikha Patel

    Intestinal Ischemia: जानें इंटेस्टाइनल इस्किमिया क्या है?

    इंटेस्टाइनल इस्किमिया क्या है? intestinal-ischemia के लक्षण, कारण और इंटेस्टाइनल इस्किमिया को ठीक करने के उपाय क्या हैं।

    Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
    Written by Poonam

    सिंपल से दिखने वाले ओट्स के फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान, आज ही डायट में कर लेंगे शामिल

    ओट्स के फायदे अधिक होने के कारण इसे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक ब्रेकफास्ट में शामिल कर सकते हैं। अस्थमा के साथ ही हार्ट अटैक के खतरे को भी ओट्स कम करता है। जानिए और क्या हैं ओट्स के फायदे ..

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Bhawana Awasthi

    प्रेगनेंसी में मीठा खाने से क्या होता है? जानिए इसके नुकसान

    प्रेगनेंसी में मीठा खाना चाहिए या नहीं और शिशु पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा शुगर की सही मात्रा क्या होनी चाहिए। Side effects of sugar in pregnancy.

    Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
    Written by Shivam Rohatgi