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डायबिटीज में पोहा हो सकता है बेस्ट ब्रेकफास्ट ऑप्शन, लेकिन...

डायबिटीज में पोहा हो सकता है बेस्ट ब्रेकफास्ट ऑप्शन, लेकिन...

डायबिटिक्स (Diabetics) हमेशा ऐसे फूड्स की तलाश में रहते हैं जो ब्लड शुगर (Blood sugar) को लेवल में रखने में मदद करें और उनके टेस्ट बड को भी सैटिस्फाय करें। जिसमें एक पोहा हो सकता है। डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) अगर सीमित मात्रा में खाया जाए तो यह टेस्ट बड को भी शांत करेगा और डायबिटिक पर्सन की हेल्थ को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। बता दें कि पोहा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic index) भी कम है। साथ ही इसमें फायबर, आयरन और प्रोटीन भी पाया जाता है। जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। डायबिटिक पेशेंट को हाय ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड्स से दूर रहने की सलाह दी जाती है।

बता दें कि डायबिटीज के दौरान, शरीर या तो इंसुलिन का उत्पादन (Insulin Production) करने में विफल रहता है या बहुत कम इंसुलिन का उत्पादन करता है। दोनों ही मामलों में, ग्लूकोज कोशिकाओं तक पहुंचने के बजाय रक्त में केंद्रित हो जाता है और समस्याएं शुरू हो जाती हैं। रक्त में ग्लूकोज का उच्च स्तर (High glucose level) रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) को नुकसान पहुंचा सकता है, इससे दिल का दौरा (Heart attack) पड़ सकता है, किडनी को नुकसान पहुंच सकता है और किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे में डायबिटीज में ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी है। तो चलिए जान लेते हैं डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) कैसे फायदेमंद हो सकता है।

डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes)

पोहा या फ्लेक्ड राइस (Flaked Rice) चिवड़े का एक प्रकार है जो फेमस इंडियन ब्रेकफास्ट है। इसमें कार्ब (Carb) और प्रोटीन (Protein) पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसके साथ ही यह आयरन (Iron) का भी अच्छा सोर्स है। इसमें नींबू को मिलाने से यह विटामिन सी (Vitamin C) का भी अच्छा सोर्स बन जाता है। लो ग्लाइसेमिक लोड और इंडेक्स के साथ हाय ब्लड शुगर लेवल का सामना कर रहे डायबिटिक्स के लिए अच्छा ब्रेकफास्ट ऑप्शन है। दूसरी अच्छी बात ये है कि यह ग्लूटेन फ्री (Gluten free) होने के साथ ही एंटीऑक्सिडेंट युक्त है। इसके साथ ही डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) फायदेमंद इसलिए हो सकता है क्योंकि इसमें फायबर भी होता है जो डायजेशन को प्रमोट करने के साथ ही ब्लड में शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है और ब्लड शुगर के स्पाइक को कम करता है।

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डायबिटीज में पोहा के फायदे: वजन को बढ़ने से रोकता है (It Prevents Further Weight Gain)

टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) का वेट गेन से गहरा संबंध है। इसलिए ब्लड ग्लूकोज लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए वजन को कंट्रोल में रखना भी जरूरी है। इसमें पोहा मदद कर सकता है। क्योंकि इसमें लो फैट (Low fat) और हाय फायबर (High fiber) होता है। वजन कम करने के लिए स्ट्रगल कर रहे हैं तो डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) मदद कर सकता है।

एडेड शुगर नहीं होती (No Added Sugar)

पोहे को बनाने में किसी प्रकार की एडेड शुगर या प्रिजर्वेटिव्स का उपयोग नहीं किया जाता है। पोहा को पकाने में भी शुगर डालना जरूरी नहीं होता है। जिसमें प्याज, हरी र्मिच, हरी धनिया आदि का उपयोग किया जाता है। इसलिए भी यह ब्लड शुगर (Blood sugar) को कंट्रोल में रखने में मदद करता है।

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डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) के फायदे के अलावा भी हैं इसके लाभ

डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने और वजन को कम करने में तो मदद करता ही है, लेकिन इसके अन्य फायदे भी हैं। वे भी जान लेते हैं।

पेट के लिए अच्छा (Good for stomach health)

पोहा बनाने के तरीके की वजह से यह प्रोबायोटिक्स (Probiotics) का अच्छा सोर्स है जो स्टमक हेल्थ को मेंटेन रखने में मदद करता है। पोहे की फ़ॉर्मेशन प्रॉसेस (Formation process) में बनने वाले माइक्रोऑर्गानिज्म (micro organism) बॉडी को हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस से बचाने में मदद करते हैं। साथ ही यह आसानी से पच जाता है।

लौ कैलोरी फूड (Low calorie food) का बेस्ट ऑप्शन

जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए पोहा लो कैलोरी (Low calorie) फूड का अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है। इसमें ड्राय फ्रूट्स और अनार के दाने डालकर इसके पोषक तत्वों को और बढ़ाया जा सकता है। यह पेट भरे होने का एहसास कराता है।

और पढ़ें: टाइप 1 डायबिटीज में कीटो डायट : फ़ॉलो करने से पहले पढ़ लें ये खबर!

प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी है अच्छा ब्रेकफास्ट (Good breakfast for pregnant women)

इसको बनाने की प्रॉसेस में इसमें आयरन के रोलर्स का उपयोग किया जाता है जिससे पोहे में भरपूर मात्रा में आयरन (Iron) प्रवेश कर जाता है। इसलिए यह आयरन की भी अच्छा सोर्स बन जाता है। प्रेग्नेंट महिलाएं पोहे का सेवन कर सकती है। बता दें कि प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए जेस्टेशनल एनीमिया (Gestational anemia) को रोकने और ब्लड में ऑक्सिजन के लेवल्स को रेगुलेट करना जरूरी है।

डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) खाने का सही समय क्या है?

पोहा पेट के लिए हल्का और जल्दी पचने वाला स्नैक है। आप दिन में कभी भी पोहा खा सकते हैं। ज्यादातर लोग सुबह के ब्रेकफास्ट में पोहा खाना पसंद करते हैं। अगर आप चाहे तो ईवनिंग स्नैक्स में भी इसका आनंद ले सकते हैं या चाहे तो डिनर में पोहा खा सकते हैं, च्वॉइस आपकी है।

डायबिटीज में पोहा खाने के नुकसान भी हो सकते हैं? (Disadvantage of Poha in diabetes)

अभी तक ऐसी कोई रिसर्च नहीं आई है जिसमें पोहा नुकसानदायक बताया गया हो, लेकिन साथ ही किसी भी चीज का अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है। पोर्शन साइज और डेली इंटेक को मेंटेन रखें। आप चाहे तो रोज इसे खाने की जगह हफ्ते में एक या दो बार खा सकते हैं। इस बारे में डॉक्टर से जरूर सलाह लें।

और पढ़ें: डायबिटीज में पिस्ता खाना क्या होता है फायदेमंद?

डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes)

डायबिटीज में पोहा चावल खाने कैसे बेहतर है? (Is Poha Better Than Rice?)

डायबिटीज में इन चीजों से बनाकर रखें दूरी (Avoid these in diabetes)

  • वाइट ब्रेड, चावल और पास्ता हाय कार्ब, प्रोसेस्ड फूड्स हैं। टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) वाले लोगों में इन खाद्य पदार्थों के सेवन से ब्लड शुगर के लेवल में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इन फूड प्रोडक्ट्स के सेवन से बचें।
  • पीनट बटर, स्प्रेड, बेक्ड गुड्स और फ्रोजन फूड्स आदि में ट्रांस फैट पाया जाता हैं। हालांकि, ट्रांस फैट (Trans fat) डायरेक्ट ब्लड शुगर के लेवल को नहीं बढ़ाता है, लेकिन ये बढ़े हुए इंफ्लामेशन, घटे हुए इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin resistance) और बेली फैट को बढ़ाने के साथ-साथ एचडीएल (अच्छे) कोलेस्ट्रॉल लेवल को घटा सकते हैं। इसलिए इन प्रोडक्ट्स को कंज्यूम करने से बचें।
  • पैक्ड फूड्स स्नैक के अच्छे ऑप्शन नहीं हैं। आम तौर पे ये रिफाइंड आटे से बने होते हैं। इनमें फास्ट-डायजेस्टिंग कार्ब्स होते हैं जो ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। इनमें से कुछ खाद्य पदार्थों में उनके न्यूट्रिशन लेबल पर बताइ गयी मात्रा से अधिक कार्ब्स हो सकते हैं।

और पढ़ें: लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फूड्स : क्या डायबिटीज में इस डायट के बारे में जानते हैं आप?

डायबिटीज में इन ड्रिंक्स से भी बचना है जरूरी (Do not consume these in diabetes)

  • डायबिटीज पेशेंट्स के लिए शुगर स्वीट बेवरेज सबसे खराब ड्रिंक चॉइस है। इनसे दूर रहना ही बेहतर है। इन ड्रिंक्स में फ्रक्टोज भरपूर पाया जाता है जिसका संबंध इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज से है। दरअसल, स्टडीज से पता चलता है कि शुगर स्वीटेंड बेवरेज के सेवन से डायबिटीज से संबंधित कंडिशंस जैसे फैटी लिवर की बीमारी (Fatty live disease) का खतरा बढ़ सकता है।
  • हालांकि फ्रूट जूस को अक्सर एक हेल्दी बेवरेज माना जाता है, ब्लड शुगर (Blood sugar) पर इसका प्रभाव सोडा और अन्य शुगरी ड्रिंक्स के बराबर ही होता है। फलों का रस फ्रक्टोज से भरा होता है। यह ओबेसिटी और हार्ट डिजीज का कारण बनता है।

उम्मीद करते हैं कि आपको डायबिटीज में पोहा (Poha in diabetes) खाना कैसे फायदेमंद हो सकता है और डायबिटीज में पोहा के फायदे से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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बीएमआई कैलक्युलेटर

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सूत्र

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Diabetes diet/ https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/diabetes/in-depth/diabetes-diet/art-20044295/Accessed on 18th October 2021

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ दिन पहले को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड