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क्या क्वारंटाइन फैटीग की वजह से लोग हो गए हैं परेशान?

क्या क्वारंटाइन फैटीग की वजह से लोग हो गए हैं परेशान?

कोरोना वायरस की बीमारी से दुनियाभर में करीब 30 लाख के आसपास लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, इससे जान गंवाने वाले लोगों की तादाद 2 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। लेकिन, दुख की बात यह है कि, अभी तक दुनिया का कोई देश इसकी वैक्सीन या रोकथाम का कोई तरीका विकसित नहीं कर पाया है। हालांकि, SARS-CoV-2 इंफेक्शन को फैलने से रोकने के लिए पूरी दुनिया लॉकडाउन व क्वारंटाइन का तरीका अपना रही है। लेकिन हाल ही में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, अब लोग क्वारंटाइन फैटीग से ग्रसित हो चुके हैं, जो कि चिंताजनक विषय है और कोविड- 19 महामारी के खतरनाक रूप लेने में मदद भी कर सकता है। आइए, जानते हैं रिसर्च क्या कहती है।

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क्वारंटाइन फैटीग (Quarantine Fatigue) के बारे में क्या कहता है अध्ययन?

यह अध्ययन मैरीलैंड विश्वविद्यालय के मैरीलैंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर और लीड रिसर्चर ली झांग की अगुवाई में किया गया है और इस स्टडी में करीब 10 करोड़ लोगों के मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रैक किया गया है। उन्होंने कहा कि, ‘अध्ययन में हमने ऐसा कुछ देखा है, जिसके बारे में हम सोच रहे थे कि वह नहीं घट रहा है। लेकिन, वैसा लगातार हो रहा था। लगता है कि, हम सभी क्वारंटाइन फैटीग से ग्रसित हो चुके हैं और आने वाले दिनों में इसके बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।’

सामने आई ये बातें

अध्ययन में पाया गया कि, 17 अप्रैल को यूएस में घर में रहने वाले संभावित लोगों का नेशनल शेयर पिछले शुक्रवार की तुलना में 33 प्रतिशत से 31 प्रतिशत तक गिर गया है। घर में रहने से मतलब है कि, उनका मोबाइल फोन दिन में एक मील से अधिक दूर नहीं जाएगा। यह अध्ययन यूएस में लॉकडाउन लगने के छह हफ्ते बाद देखने को मिला है। झांग का कहना है कि, ‘हमारे द्वारा लिया गया सैंपल काफी बड़ा है, इसलिए छोटा-सा बदलाव भी बहुत महत्व रखता है।’

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आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है स्थिति

शोधकर्ताओं का कहना है कि, ऐसी स्थिति करीब-करीब पूरी वर्तमान पीढ़ी के सामने पहली बार आई होगी। जहां उसे इसके ठीक होने का कोई समय नहीं पता है। ऐसे में काफी लंबे समय तक क्वारंटाइन, लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के तरीके अपनाने के बाद लोग बेसब्र हो गए हैं। यूएस के हॉटस्पॉट जगहों पर मार्च के मध्य में घरों में रहने के आदेश दे दिए गए थे, जिसके एक महीने बाद यह बदलाव देखा गया है। वहीं, अमेरिकी सरकार ने कुछ राज्यों में स्थिति सुधरती हुई देखकर लॉकडाउन व क्वारंटाइन के सख्त नियमों में नरमी करने का आदेश दिया है। ऐसे में आने वाले समय में लोग एकदम घर से बाहर निकलेंगे, जिसमें स्थिति खराब होकर यह कोविड- 19 वायरस फैलने का खतरा काफी अधिक है।

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क्वारंटाइन फैटीग क्या है?

क्वारंटाइन फैटीग का सीधा मतलब यह है कि, लोग लॉकडाउन व क्वारंटाइन की वजह से घर में रह-रहकर थक गए हैं। जिस वजह से अध्ययन में देखा गया है कि, जहां ज्यादा लोगों को क्वारंटाइन में घरों में रहना चाहिए था, वहीं क्वारंटाइन लागू होने के एक महीने बाद लोगों के घर से बाहर जाने या ज्यादा ट्रेवल करना देखा जा रहा है। लोग नियमों में थोड़ी सी नरमी आते ही, घरों से बाहर निकलकर मार्केट और बीच पर बड़ी तादाद में घूम रहे हैं। जो कि कोविड- 19 वायरस की स्थिति में काफी खतरनाक साबित हो सकता है और कोरोना वायरस ट्रांसमिशन काफी तेजी से फैल सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विल्बुर चेन के मुताबिक, ‘अगर लोग बाहर जाएंगे, तो इससे SARS-CoV-2 इंफेक्शन के ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ेगा। जिससे कोविड- 19 के अधिक मामले देखने को मिलेंगे और अस्पतालों पर बोझ बढ़ेगा।’

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लॉकडाउन में फैटीग को लेकर एप्पल ने भी पेश किया आंकड़ा

एप्पल मोबाइल कंपनी ने भी एक दूसरी स्टडी की मदद से कुछ ऐसे ही नतीजे सामने आने की बात कही है। एप्पल की मोबिलिटी ट्रेंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में खासतौर से खुद ड्राइविंग या पैदल चलकर कहीं जाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसा इसलिए हो सकता है, क्योंकि कोविड- 19 से बचाव के लिए हर देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को रोक दिया गया है। एप्पल की मोबिलिटी ट्रेंड रिपोर्ट्स उनके मूवमेंट टूल के आंकड़ों पर निर्भर होती है। एप्पल ने कहा कि, ‘उसके मैप्स किसी यूजर की एप्प्ल आईडी से जुड़े नहीं होते हैं और न ही एप्पल यूजर के रहने की जगह की हिस्ट्री रखता है। इसके अलावा, इकट्ठा किए गए आंकड़े पूरी तरह से गोपनीय हैं। हमने केवल यह जानकारी इकट्ठी की है कि, लोग आने जाने के लिए किन ट्रांसपोर्ट को मैप्स के जरिए ट्रेक करते हैं।’

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कोविड- 19 के भारत में मरीज (How many cases of coronavirus in India?)

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 27 अप्रैल 2020 को सुबह 8 बजे तक देश में 20835 कोविड- 19 इंफेक्शन से संक्रमित मरीजों की पहचान कर ली गई है। जिसमें से 6184 का इलाज करने के बाद छुट्टी दे दी गई है, वहीं 872 लोगों की जान जा चुकी है। मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक भारत में संक्रमित मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र में हो गई है, जहां 8068 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद गुजरात 3301 मामले और दिल्ली 2918 केस का नंबर आता है।

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COVID-19 Outbreak updates
Country: India
Data

1,435,453

Confirmed

917,568

Recovered

32,771

Death
Distribution Map

कोरोना पर डब्ल्यूएचओ के आंकड़े

डब्ल्यूएचओ ने अपनी दैनिक सिचुएशन रिपोर्ट 97 में कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 26 अप्रैल 2020 को सुबह 10 बजे तक दुनियाभर में 28,04,796 संक्रमित मरीज पाए जा चुके हैं, जिसमें से 1,93,710 लोगों की जान जा चुकी है।

कोविड- 19 महामारी को खत्म करने के लिए आपको लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क व पर्सनल हाइजीन जैसी सावधानियों का पालन करना होगा। इसके अलावा, सिर्फ सरकार या हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 27/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 27/4/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 27/4/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 97 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200426-sitrep-97-covid-19.pdf?sfvrsn=d1c3e800_6 – Accessed on 27/4/2020

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/ – Accessed on 27/4/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pranali Patil के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Surender aggarwal द्वारा लिखित
अपडेटेड 28/04/2020
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