हाई ब्लड प्रेशर से क्यों होता है हार्ट अटैक?

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Update Date जून 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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हाई ब्लड प्रेशर कई तरह के दिल के रोगों का प्रुमख कारण है। कार्डियोवेस्क्युलर बीमारी जैसे हार्ट फेल होना, स्ट्रोक और हार्ट अटैक की वजह से मौत के मामले हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में ज्यादा देखे गए हैं। बात करें हार्ट अटैक की तो सिस्टॉलिक या डायस्टॉलिक दोनों तरह के ब्लड प्रेशर का बढ़ना एक खतरा है। जितना ज्यादा प्रेशर बढ़ता है खतरा उतना ज्यादा होता है भले ही व्यक्ति को दूसरे खतरे जैसे डायबिटीज ,स्मोकिंग की आदत, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल न हो। हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का क्या संबंध आइए जानते हैं। 

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क्यों आता है हार्ट अटैक?

जब किसी ब्लॉकेज खासकर कोलेस्ट्रॉल के कारण दिल को खून नहीं मिल पाता है तब हार्ट अटैक आता है। जब दिल की रक्त वाहिकाओं में किसी तरह के अवरोध के कारण उसे खून नहीं मिल पाता या पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता तो वो मर जाती हैं। धमनियां चूंकि तीन होती हैं इसलिए दिल के जितने हिस्से को प्रभावित धमनी से खून मिल रहा था, दिल का उतना हिस्सा भी मर जाता है जबकि शेष दो धमनियों में मिलने वाले खून के सहारे दिल का बाकी हिस्सा चलता रहता है।

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इस कारण अगर कार्डियक अरेस्ट हो गया तो मरीज की मौत कुछ ही मिनटों में हो जाती है जबकि दिल पूरी तरह से नहीं रूका तो जान बच भी सकती है। हार्ट अटैक कई तरह से आता है। सामान्य तौर पर सीने में दबाव, दर्द, जकड़न, सनसनाहट जो सीने से हाथ तक जाने के अहसास होते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति को अलग-अलग तरह के अहसास होते हैंhigh bp

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हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक कैसे आता है? 

हाई ब्लड प्रेशर दिल से जुड़ी धमनियों पर अत्यधिक दबाव बनाता है। वक्त के साथ इस अत्यधिक दबाव की वजह से धमनियों की दीवारें क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। क्षतिग्रस्त या खाली जगह पर कोलेस्ट्रॉल  जैसी कई तरह की रुकावट और पैदा जमने लगती हैं जिससे धमनियों के अंदर का हिस्सा सकरा हो जाता है। इसके अलावा ब्लड क्लॉट्स या अन्य तरह के जमाव खून को रोकते हैं, जिससे दिल तक जरूरी पोषक तत्व और ऑक्सिजन पहुंचना रूक जाता है। इसकी वजह से व्यक्ति की मौत हो जाती है। यह हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक आने का कारण बनता है। 

सीने में दर्द के अलावा हार्ट अटैक में हाथ में दर्द होता है। वहीं ये दर्द पीठ, गर्दन और जबड़े तक भी पहुंच जाता है। ऐसी स्थिति में घबराहट, सांस अटकना, पेट में दर्द जैसे लक्षण भी एक साथ दिखाई देते हैं। कई हार्ट अटैक ऐसे भी होते हैं कि व्यक्ति में कोई लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन अच्छी बात ये है कि ज्यादातर लोगों में हार्ट आने के कुछ दिन, हफ्ते या महीने पहले ही इसके लक्ष्रण दिखाई देने लगते हैं। हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का क्या संबंध है ये तो आप समझ ही गए होंगे। इसलिए आगे हम ऐसी डायट के बारे में बता रहे हैं जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करेगी। 

हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक न आए इसलिए फॉलो करें ये डायट 

हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इसकी वजह से हार्ट-अटैक, स्ट्रोक और किडनी भी खराब हो सकती है। ब्लड प्रेशर का स्तर अगर 140/90 mmHg या इससे ज्यादा भी हो सकता है। हाइपरटेंशन (hypertension) यानी हाई ब्लड प्रेशर आमतौर पर तब होता है, जब शरीर में रक्त का स्तर तेज हो जाता है। उच्च रक्तचाप के कारण कई हैं जैसे ज्यादा शराब का सेवन, मोटापा, अनुवांशिक, अत्यधिक नमक खाना, तनाव आदि। यहां तक कि कुछ दवाइयां भी हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनती हैं। यहां कुछ डायट टिप्स बताई जा रही हैं जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करेगी जिससे हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा कम होगा।

1.हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक न आए इसलिए एक बात का ध्यान रखें कि ब्लड प्रेशर को बढ़ाने में नमक बहुत तेजी से काम करता है इसलिए ब्लड प्रेशर डायट चार्ट में नमक को कम से कम शामिल करना चाहिए। पानी में नमक घोल कर पीना हाई ब्लड प्रेशर को न्योता देने जैसा है।

2.  डायट चार्ट में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना लाभदायक हो सकता है। इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है और हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा नहीं रहता।

3. हाई ब्लड प्रेशर डायट चार्ट फॉलो करते समय अचार का सेवन न करें क्योंकि इसमें नमक की मात्रा अधिक होती है।

4. हाई ब्लड प्रेशर कम करने वाली डायट में पौष्टिक और ताजे खाने का सेवन सेहत के लिए अच्छा होगा। इससे शरीर का वजन संतुलित रहेगा और कोई दूसरी बीमारी का खतरा कम होगा। साथ ही हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा नहीं होगा।

5.नॉन वेजीटेरियन पसंद करने वालों को रेड मीट के सेवन की बजाए फिश का सेवन करना लाभदायक हो सकता है। फिश में प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3-फैटी एसिड होता है जो हाई बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद होगा। इससे हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा कम होगा।

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हाई ब्लड प्रेशर डायट चार्ट फॉलो करने के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान

  • कोशिश करें कि 24 घंटे में 8 से 9 ग्लास पानी पिएं। इससे पेशाब के माध्यम से टॉक्सिक एलिमेंट शरीर से बाहर निकलेंगे।
  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अगर परिवार के किसी सदस्य को है तो यह परिवार के दूसरे लोगों को भी हो सकती है। इसलिए बेहतर होगा कि सचेत रहें और जरूरी सावधानियां रखें ताकि हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का खतरा न रहे।
  • हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सुबह-शाम टहलना चाहिए और योगा करना चाहिए। इससे उन्हें राहत मिल सकती है। इससे हार्ट भी हेल्दी रहता है। जिससे हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक आने के आशंका कम हो जाती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर डायट चार्ट में जो भी आहार शामिल करें सुनिश्चित करें कि उसमें सोडियम की मात्रा 1500 मिलीग्राम प्रतिदिन से कम ही हो। सोडियम हाई ब्लड प्रेशर के लिए जिम्मेदार होता है और हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक आने के चांसेस बढ़ जाते हैं।
  • उच्च रक्तचाप में रेड मीट का सेवन करना हानिकारिक होता है। इसकी बजाय सेल्मन और टूना जैसी ओमेगा-3-फैटी एसिड से भरपूर मछली का सेवन कम तेल मसाले के साथ किया जा सकता। इसे भी फ्राई की जगह उबालकर खाएं। इससे हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाएगी।

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हाई ब्लड प्रेशर होने पर किन चीजों से दूरी रखनी चाहिए

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर डायट में चिप्स, कैंडी, पिज्जा, पैक्ड जूस, एनर्जी ड्रिंक्स, कैन्ड फूड, कुकीज, पापड़, पैक्ड फूड्स आदि से दूर रहें।

हम उम्मीद करते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर से हार्ट अटैक का क्या संबंध है विषय पर आधारित यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा। अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल है, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना ना भूलें। हैलो हेल्थ ग्रुप (Hello Health Group) किसी भी तरह का चिकित्सा परामर्श और इलाज प्रदान नहीं करता है।

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