home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

अमेरिका में बसे भारतीय डॉक्टरों से केन्द्रीय मंत्री ने की बात, कोविड-19 की रोकथाम पर की चर्चा

अमेरिका में बसे भारतीय डॉक्टरों से केन्द्रीय मंत्री ने की बात, कोविड-19 की रोकथाम पर की चर्चा

देश में कोरोना वाररस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार हर मुमकिन प्रयास कर रही है। वायरस के फैलने पर अंकुश लगाने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार संयुक्त प्रयास कर रहे हैं। दिन-ब-दिन इसके बढ़ते खतरे को कंट्रोल करने के लिए सभी सामाजिक और राजनितिक नेता अपने अपने स्तप पर प्रयास करने में जुटे हुए हैं। इस कड़ी में केन्द्रीय जनजातीय कल्याण मंत्री अजुर्न मुंडा ने अमेरिका में काम कर रहे भारतीय डॉक्टरों से कोविड-19 की रोकथाम को लेकर चर्चा की।

कोविड-19 की रोकथाम के लिए अजुर्न मुंडा ने अमेरिका में काम कर रहे भारतीय डॉक्टरों से की बात

कोविड-19 की रोकथाम को लेकर अर्जुन मुंडा ने अमेरिका में काम रहे भारतीय डॉक्टरों के एसोसिएशन ‘बिहार झारखंड असोसिएशन ऑफ नार्थ अमेरिकी’ के प्रतिनिधियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस दौरान भारतीय डॉक्टरों ने बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। डॉक्टरों ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने समय रहते लॉक डाउन को अमल में लाकर एक बड़ी आबादी को संक्रमित होने से बचा लिया। डॉक्टरो ने बताया कि भारत के नागरिक कानून के पालन करने वाले लोग हैं, जबकि अमेरिका में लॉकडाउन को लोगो ने हल्के में लिया, जिसका नतीजा सबके सामने है।

ये भी पढ़ेंः लोगों में हो रही हैं लॉकडाउन के कारण मानसिक बीमारियां, जानें इनसे बचने का तरीका

कोविड-19 की रोकथाम: डॉक्टरों ने बताया इलाज के वक्त वे किन बातों का ध्यान रख रहे हैं

डॉक्टरों ने यह भी बताया कि अमेरिका में बड़ी संख्या में बूढ़े और पहले से बीमारियों से ग्रसित रहे लोग इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। डाक्टरो ने यह भी बताया कि वो अमेरिका में कोरोना पीड़ितों का कैसे इलाज कर रहे हैं। उपचार करते व़क्त किन बातों पर ध्यान रखी जानी चाहिये। इस बैठक में बिहार और झारखण्ड के डॉक्टर भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जुड़े और अपना अनुभव साझा किया।

कोविड-19 की रोकथाम की बैठक में रांची से जुड़े डॉ सुबीर कुमार पॉल ने बताया, “अमेरिका के डॉक्टर इस बात से हैरान हैं कि हम लोगों ने किस तरह इस बीमारी को रोक कर रखा है? इस पर केन्द्रीय मंत्री ने विस्तार से जानकारी दी और बताया कि जनवरी में ही प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर पूरी तैयारी हो गयी थी। इसी तैयारी का हिस्सा था कि हमने फरवरी में विदेशो से फंसे लोगों को बाहर निकाल लिया था।”

ये भी पढ़ेंः लोगों में हो रही हैं लॉकडाउन के कारण मानसिक बीमारियां, जानें इनसे बचने का तरीका

कोरोना वायरस से इसलिए अछूता है आदिवासी इलाका

उन्होंने बताया कि ज्यादातर डॉक्टर ये जानने को इच्छुक थे कि किस कदर आदिवासी इलाका इस वायरस से अछूता रहा। इस पर जनजतीय कल्याण मंत्री ने बताया, “आदिवासी गांवों की बनावट ऐसी होती है कि यहां संक्रमण का फैलाव होना मुश्किल है। आदिवासी इलाकों में एक गांव में मुश्किल से 20 लोग होते हैं , घर दूर दूर बने होते हैं। आदिवासी समुदाय दूर दूर बैठते हैं और सबसे बड़ी बात ये अपनी मुखिया की बात जरूर मानते हैं। ये प्रकृति के पास रहते हैं और इनमें प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होती है।”

कोरोना वायरस की चपेट में सबसे ज्यादा बुजुर्ग और वरिष्ठ नागरिक

डॉक्टर पॉल कहते हैं, “कोरोना से सिर्फ 3 से 4 फीसदी मौत हो रही है। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों पर पड़ रहा है । इनमें 60 फीसदी मोरटिलिटी रेट है। लिहाजा इस वर्ग को बचाना होगा। युवाओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इस तरह के बैठक से इस वायरस से लड़ने में जानकारी मिलती है। हम लोगों को बेहतर ढंग से बीमारी को समझ पाते हैं और एक दूसरे से अनुभव साझा करते हैं।”

गौरतलब है इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अमेरिका, बिहार और झारखण्ड के 20 से ज्यादा डाक्टर शामिल हुए, जिसमें एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डाक्टर अविनाश गुप्ता और न्यूयॉर्क में भारत के कॉन्सुलेट जनरल संदीप चक्रवर्ती भी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ेंः कोरोना के दौरान कैंसर मरीजों की देखभाल में रहना होगा अधिक सतर्क, हो सकता है खतरा

कोविड-19 की रोकथाम के लिए भारत सरकार ने शुरुआत में ही जारी कर दी थी एडवाइजरी

भारत सरकार शुरुआत से कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सतर्कता बरत रही है। केंद्रीय सरकार ने शुरुआती दौर में ही इसे लेकर एडवाइजरी जारी कर दी थी। इसमें लोगों को कहीं भी भीड़ भाड़ लगाने से मना किया गया। इसके अलावा सभी को लॉकडाउन का पालन करने की सलाह दी गई।

लोगों से घर पर रहने के लिए कहा गया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ सिर्फ जरूरी पड़ने पर घर से बाहर निकलने के लिए कहा गया। इसके अलावा लोगों से साफ सफाई को लेकर अपील की गई। खासकर हाथों को साफ रखने के लिए कहा गया। दिनभर में कई बार हाथों को हैंडवॉश से साफ करने की सलाह दी गई। हाथों को साफ रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि कोरोना वायरस आंख, नाक या मुंह के जरिए ही शरीर में प्रवेश करता है। ऐसे में चेहरे को हाथों से टच करना एवॉइड करना चाहिए।

ये भी पढ़ेंः कोरोना के दौरान डेटिंग पैटर्न में बदलाव, इस तरह पार्टनर तलाश रहे युवा

यदि किसी शख्स को या अपने किसी करीबी में कोविड-19 के लक्षण नजर आएं तो बिना देरी करें डॉक्टर से कंसल्ट करें। बहुत लोग ऐसे समय में यह गलती करते हैं कि वे खुद ही अस्पताल जाने के लिए घर से बाहर निकल जाते हैं। ऐसा करने से आप यह वायरस दूसरों तक भी पहुंचा सकते हैं।

इस मुश्किल समय में बेहतर होगा कि आप फोन के जरिए डॉक्टर से कंसल्ट करें। आपको घर पर खुद एंबुलेंस के जरिए लेने आएगी टीम। इसके बाद आपको जरूरी ट्रीटमेंट दिया जाएगा। जितना समय आप घर पर है तब तक आप अलग कमरे में रहें। अपने घर वालों के संपर्क में न आएं। इससे यह वायरस उन तक पहुंच सकता है। कोशिश करें अलग वॉशरूम का इस्तेमाल करें।

भारत सरकार का कहना है कि अगर आप मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं तो मास्क को लगाने से पहले अपने हाथों को एल्कोहॉल बेस्ड हैंड रब या फिर साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें। इससे यदि आपके हाथ में वायरस है तो वह चेहरे के संपर्क में नहीं आ पाएगा। इसके अलावा आपको बता दें एक बार इस्तेमाल किए गए मास्क को दोबारा इस्तेमाल न करें। मास्क को उतारते समय इसे हमेशा पीछे की ओर से हटाएं और उसे इस्तेमाल करने के बाद आगे से न छूएं। एक बार मास्क को इस्तेमाल करने के बाद उसे तुरंद डस्टबिन में डिसपॉज कर दें।

(न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इनपुट)

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

और पढ़ें :-

कोरोना के दौरान सोशल डिस्टेंस ही सबसे पहला बचाव का तरीका

कोविड-19 है जानलेवा बीमारी लेकिन मरीज के रहते हैं बचने के चांसेज, खेलें क्विज

ताली, थाली, घंटी, शंख की ध्वनि और कोरोना वायरस का क्या कनेक्शन? जानें वाइब्रेशन के फायदे

कोराना के संक्रमण से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोना है जरूरी, लेकिन स्किन की करें देखभाल

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Coronavirus – https://www.who.int/health-topics/coronavirus – Accessed on 12/5/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html – Accessed on 12/5/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.nhs.uk/conditions/coronavirus-covid-19/ – Accessed on 12/5/2020

Coronavirus disease 2019 (COVID-19) – Situation Report – 85 – https://www.who.int/docs/default-source/coronaviruse/situation-reports/20200414-sitrep-85-covid-19.pdf?sfvrsn=7b8629bb_4 – Accessed on 12/5/2020

लेखक की तस्वीर badge
Mona narang द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x