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भारत पर्यटन में ही नहीं 'मेडिकल टूरिज्म' में भी बन रहा है नंबर वन

भारत पर्यटन में ही नहीं 'मेडिकल टूरिज्म' में भी बन रहा है नंबर वन

पर्यटन का मतलब अब सिर्फ घूमना ही नहीं रहा बल्कि, कई तरह के स्वास्थ्य लाभों के लिए भी लोग ट्रेवलिंग करते हैं। भारत में ‘मेडिकल टूरिज्म’ एक नया आयाम ले रहा है। अक्टूबर 2015 में, भारत में चिकित्सा पर्यटन लगभग 300 करोड़ था और अनुमान है कि यह 2020 तक बढ़कर 900 करोड़ हो जाएगा। आज दुनियाभर से लाखों लोग हेल्थ एंड वेलनेस ट्रीटमेंट के लिए भारत आते हैं। फिलहाल एशियाई देशों में स्वास्थ्य पर्यटन के लिहाज से भारत पहले नंबर पर है।

2018 में, मैक्स हेल्थकेयर (निजी अस्पतालों की एक चेन) जिसमें 50,000 विदेशी मरीजों का इलाज किया गया, जिसमें ज्यादातर मरीज मध्य-पूर्व, मध्य-एशिया और अफ्रीका से आए थे। आयुर्वेद और योग केंद्र के साथ-साथ सस्ती मेडिकल सुविधाओं के लिए फेमस भारत बड़ी संख्या में इलाज कराने वाले पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। इस ‘वर्ल्ड टूरिज्म डे’ पर हम भारत में मेडिकल टूरिज्म की हेल्थ पर नजर डालेंगे।

इन मेडिकल ट्रीटमेंट्स के लिए लोग बाहर से आते हैं

लगभग दो सौ हजार मरीज हर साल भारत में मेडिकल केयर के लिए आते हैं। नी-रिप्लेसमेंट (knee-replacement), कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (coronary artery bypass grafting) या ओपन हार्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, हार्ट ट्रांसप्लांट, लिवर ट्रांसप्लांट जैसे कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट्स काफी फेमस हैं जिनके लिए विदेशी भारत आते हैं।

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फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के लिहाज से भी बन रहा सबका पसंदीदा

भारत में इनफर्टिलिटी (बांझपन) के उपचार की लागत विकसित देशों (developed countries) की तुलना में लगभग एक चौथाई है। आधुनिक प्रजनन तकनीकी जैसे कि आईवीएफ (IVF) ने भारत को बांझपन के उपचार के लिए पहली पसंद बना दिया है। लाइव मिंट के एक कोट में इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट डॉ. अनिरुद्ध मालपानी (इनफर्टिलिटी स्पेशलिस्ट क्लिनिक, कोलाबा), ने कहा कि “हमारे यहां लगभग आधे मरीज विदेशों से आते हैं।” मुंबई का यह आईवीएफ क्लिनिक देश के सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटल्स में से एक है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि जहां अन्य देशों में आईवीएफ ट्रीटमेंट की लागत लगभग एक लाख से दस लाख के बीच है तो वही उपचार भारत में सिर्फ 35 हजार से एक लाख 45 हजार ही है।

वहीं, प्राइवेट इंडियन सोसाइटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन (ISAR) के अनुसार, देश में कुछ 400 आईवीएफ क्लीनिक हैं, जो एक वर्ष में लगभग 30,000 रिप्रोडक्टिव ट्रीटमेंट्स प्रदान करते हैं। हालांकि, इनमें से विदेशी पेशेंट्स का प्रतिशत कितना है, इसके बारे में कोई सटीक अनुमान नहीं है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि विदेशी मांग में पिछले कुछ सालों में तेजी आई है।

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मेडिकल टूरिज्म क्या है? (Medical Tourism in India)

हेल्थ और वेलनेस के लिए अपने देश से बाहर किसी अन्य देश की यात्रा करते हैं तो यह चिकित्सा एवं कल्याण पर्यटन कहलाता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से देश में दो तरह के टूरिज्म देखने को मिल रहे हैं:

स्वास्थ्य पर्यटन (Health Tourism)

इसमें विशेष संस्थानों में चिकित्सा उपचार (medical treatment) के लिए की जाने वाली यात्रा शामिल है। मरीज ज्यादातर दिल की सर्जरी, लिवर, किडनी, घुटनों का प्रत्यारोपण, कॉस्मेटिक सर्जरी और दंत चिकित्सा के लिए यहां आते हैं, क्योंकि भारत में उपचार की लागत कम आती है।

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वेलनेस टूरिज्म (Wellness Tourism)

विशेष संस्थानों या केंद्रों में योगा, मेडिटेशन, आयुर्वेदिक उपचार जैसी सेवाओं को प्राप्त करने के लिए लोग ट्रेवल करते हैं। इसमें शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिहाज से दूसरे शहरों की लोग यात्रा करते हैं। विपासना, योग और मेडिटेशन जैसी सेवाओं को लेने के लिए लोग देश-विदेश से भारत आते हैं। ऋषिकेश, पॉन्डिचेरी, कोयम्बटूर, गोवा जैसी कई जगहें भारत में वेलनेस सर्विसेज के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। हर साल लाखों की तदाद में लोग यहां आते हैं।

इन कारणों से भारत बन रहा ‘वैश्विक स्‍वास्‍थ्‍य पर्यटन’ का मुख्य केंद्र

  • भारत में मेडिकल ट्रीटमेंट्स की लागत पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम है और दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे सस्‍ता है।
  • भाषा भी एक वजह है जिससे चिकित्‍सा और स्‍वास्‍थ्‍य पर्यटन के लिए विदेशी पर्यटक भारत आते हैं। भारत में डाक्‍टरों, मेडिकल स्‍टाफ और हॉस्पिटल्स में एक बड़ी संख्‍या मौजूद है जो विदेशियों के अंग्रेजी एक्सेंट को अच्छे से समझते हैं जिससे पेशेंट्स और डाक्‍टरों बीच में सही से संवाद हो पाने में सुविधा रहती है।
  • भारतीय अस्‍पताल कार्डियोलॉजी और कार्डियोथोरासिक सर्जरी (cardiothoracic surgery), ट्रांसप्‍लांट, ब्यूटी ट्रीटमेंट, हड्डियों की सर्जरी आदि में दक्षता प्राप्‍त कर रहे हैं।
  • निदान के लिए विकसित डायग्नॉस्टिक उपकरणों का उपयोग बखूबी किया जाता है।
  • भारतीय डॉक्टरों को सफल कार्डिएक सर्जरी, अस्थि-मज्जा ट्रांसप्‍लांट (bone marrow transplant), लिवर ट्रांसप्‍लान्‍ट, ऑर्थोपैडिक सर्जरी (orthopedic surgery) और अन्‍य चिकित्‍सा उपचार करने में विशेषज्ञता हासिल है।
  • ई-मेडिकल वीजा जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो एशिया में सबसे तेजी से बढ़ रहे चिकित्सा पर्यटन स्थलों में से एक बनने में मदद कर रही हैं।

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कोरा (Quora) पर भी आते हैं ऐसे सवाल

आज डिजिटल प्लेटफार्म पर भी हेल्थ टूरिज्म से जुड़े कई ऐसी वेब पोर्टल्स हैं जो भारत में हेल्थ एंड वेलनेस से सम्बंधित जानकारी देते हैं। इससे विदेशियों को उपचार एवं ट्रीटमेंट से जुड़े अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों की सही जानकारी मिल जाती है। डिजिटल के माध्यम से मेडिकल ट्रेवलिंग और आसान हो जाती है। इसके साथ ही लोगों को Quora (क्वेश्चन/आंसर वेबसाइट) पर भी भारत में हेल्थ एंड वेलनेस से जुड़ी हुई जगहों के बारे में सवाल-जवाब करते देखा गया है।

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क्या कहते हैं विदेशी पेशेंट्स?

मिसेज लिनेना (बदला हुआ नाम) कहती है कि “वे मिरेना इंसर्शन सर्जरी (Mirena insertion surgery) के लिए भारत आई क्योंकि उनके देश में इंश्योरेंस बीमा पॉलिसी में सर्जरी के लिए लागत शामिल नहीं थी। इसके साथ ही यहां उनको मिरेना आईयूडी सर्जरी सस्ती भी पड़ी।”

हेलेन केलर (बदला हुआ नाम) कहती हैं “संयुक्त राज्य अमेरिका में आईवीएफ (IVF) के प्रारंभिक उपचार की लागत लगभग एक लाख रूपए है। अगर पहली बार में उपचार सफल नहीं होता है तो यह खर्चा और भी बढ़ जाता है। ज्यादा खर्चा मैं अफोर्ड नहीं कर सकती थी इसलिए मैंने अपना आईवीएफ ट्रीटमेंट करवाने के लिए भारत आने का विकल्प चुना।”

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भारत में इलाज के लिए आने वाले रोगियों में से ज्यादातर पश्चिम एशिया, अफ्रीका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, मालदीव, पाकिस्तान, भूटान और श्रीलंका से आते हैं। न्यूरो-सर्जरी, कार्डिएक सर्जरी, आर्थोपेडिक सर्जरी जैसी सस्ती मेडिकल सुविधाएं विदेशियों के बीच काफी फेमस हैं। वहीं, यूनानी, योग, ध्यान और आयुर्वेद उपचार जैसी चिकित्सा सेवाओं की ओर भी लोगों का आकर्षण काफी बढ़ा है। इस हिसाब से हेल्थ एंड वेलनेस टूरिज्म के लिए भारत बिल्कुल सही जगह है जहां स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के साथ-साथ कई खूबसूरत जगहों को भी देखा जा सकता है। स्पेशल मेडिकल ट्रीटमेंट और सुविधाओं की कम दामों में उपलब्धता की वजह से भारत में मेडिकल टूरिज्म अपने कदम आगे बढ़ाते जा रहा है।

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लेखक की तस्वीर
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/05/2021 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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