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वॉटर बर्थ से दिया मॉडल ब्रूना अहमद(Bruna Ahmed) ने बेटी को जन्म

वॉटर बर्थ से दिया मॉडल ब्रूना अहमद(Bruna Ahmed) ने बेटी को जन्म

ग्रैंड मस्ती की अभिनेत्री मैरी उर्फ ब्रूना अब्दुल्ला हाल ही में मां बनी हैं। मां बनते ही उन्हें लग रहा है कि वह सूपर हीरो बन गई हैं। अपनी बेटी इसाबेला के इस दुनिया में आने से पहले ही वह सोच चुकी थीं कि उसका जन्म कैसे होना है। इसके लिए उन्होंने ना ही सिजेरियन और ना ही नॉर्मल डिलिवरी का सहारा लिया। ब्रूना ने इन दोनों के बजाए वॉटर बर्थ का सहारा लिया। अभिनेत्री ब्रूना ने पोस्ट किया “मैं चाहती थी कि बच्चे का जन्म शनिवार को हो। लेबर पेन चार घंटे से ज्यादा ना हो। डिलिवरी एक पूल में हो। किसी भी तरह की दवाई का इस्तेमाल न हो। यह सब हो गया। अब मुझे लग रहा है कि मैं जो चाहती हूं कर सकती हूं। मैं सूपर हीरो बन गई हूं।”
यह भी पढ़ें : नॉर्मल डिलिवरी और सिजेरियन डिलिवरी में क्या अंतर है?
वॉटर बर्थ को जादुई डिलिवरी बताते हुए उन्होंने कहा “मैं चाहती थी नेचर अपना काम करे। मेरा बच्चा जब इस दुनिया में आए तो मैं उसके स्वागत के लिए तैयार रहूं और उस पल को जी सकूं। यह एक तरह से करिश्माई था।” ब्रूना ने सोशल मीडिया में पोस्ट के जरिए यह साझा किया कि डिलिवरी का यह तरीका उन्होंने इसलिए चुना चूंकि इसमें किसी भी तरह की दवाई का उपयोग नहीं किया जाता। पोस्ट में उन्होंने कहा “प्रेग्नेंसी से पहले ही मैं सोच चुकी थी कि मुझे वॉटर बर्थ डिलिवरी ही करानी है। मैं चाहती थी कि मेरे बच्चे का जन्म बेहद सहज तरीके से हो। वह भी किसी भी दवाई के उपयोग के बगैर।” इसके साथ ही वह इसलिए भी खुश हैं क्योंकि इसाबेला के जन्म के समय ब्रूना के पास वह सभी लोग मौजूद थे जिन्होंने नौ महिने के इस संवेदनशील वक्त में उनका साथ दिया। वॉर्म वॉटर पूल में उनके साथ उनके पति ऐलन फ्रेजर, उनकी मां और उनकी दौला मौजूद थे। यह भी पढ़ें: सिजेरियन डिलिवरी प्लान करने से पहले ध्यान रखें ये 9 बातें

ब्रूना ने बताया कि वॉटर बर्थ डिलिवरी के लिए आपको पहले से ही ध्यान रखने की जरूरत होती है। आपको अपनी डायट से लेकर अपने वर्कआउट का ख्याल रखना चाहिए। बता दें ब्राजिल से तालुक रखने वाली यह अभिनेत्री ब्रूना अब्दुल्ला साउथ के साथ—साथ आइ हेट लव स्टोरिज, ग्रैंड मस्ती, देसी ब्वॉयज जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। यह भी पढ़ें: प्रेग्नेंसी के दौरान वाॅटर ब्रेक होने पर क्या करें?

वॉटर बर्थ डिलिवरी पानी के पूल में की जाती है। इसमें माना जाता है कि बच्चा चूंकि गर्भाशय में भी पानी में ही रहता है, तो डिलिवरी के बाद पानी में आने से बच्चे को कम परेशानी होती है। इसे अधिकतर मामलों में दौला की निगरानी में ही किया जाता है। कई डॉक्टर इस तरह की डिलिवरी कराने लगे हैं। वहीं कई डॉक्टर साइंटिफिकली इस बात को सही नहीं मानते।

https://www.instagram.com/p/B2wCaALpayw/

अलविदा कहने से पहले बता दें 23 सितम्बर को दिलकश अभिनेत्री एमी जैकसन भी एक बेटे की मां बन गई हैं। उन्होंने अपने फैंस को यह खुशखबरी देते हुए पोस्ट किया ” हमारे एंजल आंद्रेस इस दुनिया में तुम्हारा स्वागत है”। एमी ने मार्च में अपनी प्रेग्नेंसी की खुशी जाहिर कर मई में जॉर्ज पेनायूते के साथ सगाई की। अभी दोनों की शादी की डेट तय नहीं हुई है।
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वॉटर बर्थ प्रक्रिया के दौरान क्या होता है?

वॉटर बर्थ प्रक्रिया के दौरान महिला को गुनगुने पानी के पूल या फिर बाथ टब में बैठाया जाता है। लेबर के दौरान महिला को वॉटर बाथ टब मे बैठाया जाता है। लेबर के दौरान डिफरेंट पुजिशन अपनाने से कहीं अच्छा लेबर के दौरान पानी में बैठना होता है। कुछ स्टडीज में ये बात सामने आई है कि वॉटर बाथ प्रक्रिया के जरिए वजायनल टीयरिंग का खतरा कम हो जाता है। साथ ही यूट्रस में ब्लड फ्लो की स्थिति भी सही हो जाती है। महिलाएं लेबर के दौरान पानी में रिलैक्स फील करती हैं, लेकिन स्टडी के रिजल्ट के कुछ पॉइंट अभी भी क्लीयर नहीं किए जा सके हैं।

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वॉटर बर्थ प्रक्रिया के लिए कैसे हो प्रिपेयर?

  • सबसे पहले ऐसा हेल्थ सेंटर या हॉस्पिटल चुने जहां वॉटर बर्थ प्रक्रिया अपनाई जाती हो। वॉटर बर्थ प्रक्रिया के लिए स्पेशल टब का यूज किया जाता है जो आपके हेल्थ केयर प्रोवाइडर के पास मौजूद होगा।
  • वॉटर बर्थ प्रक्रिया अपनाने से पहले जिस भी हॉस्पिटल में जाने की योजना बना रहे हैं, वहां की पॉलिसी जानना बहुत जरूरी है।
  • अगर घर में ही वॉटर बर्थ प्रक्रिया प्लान कर रहे हैं तो एक बार वॉटर बाथ टब की ऑनलाइन कॉस्ट जरूर चेक कर लें। जानकारी के अभाव में टब आपको महंगा भी पड़ सकता है।
  • एक बार लोकल बर्थ सेंटर से भी वॉटर बर्थ प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त करना सही रहेगा।

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वॉटर बर्थ के फायदे क्या हैं?

  • गर्म पानी मां को रिलैक्स फील कराता है।
  • पानी में मां का मूमेंट अच्छी तरह से हो सकता है। साथ ही महिला को ऊर्जा का अनुभव होता है। महिला को वजन भी कम महसूस होता है।
  • वॉटर बार्थ प्रॉसेस के दौरान ब्लड सर्क्युलेशन बेहतर हो जाता है और साथ ही यूट्रस की मसल्स में बेहतर आक्सिकरण होता है।
  • मां को अधिक ऑक्सिजन मिलती है और साथ ही बच्चे को भी लाभ मिलता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर के दौरान भी रिलैक्स महसूस होता है।
  • पानी तनाव से संबंधित हार्मोन को भी कम करने का काम करता है।
  • पानी के कारण पेरिनियम इलास्टिक और रिलैक्स हो जाती है। इस कारण महिला को किसी भी प्रकार के घाव होने का खतरा कम हो जाता है।
  • जब महिला को शारीरिक रिलैक्स मिलता है तो वह बेहतर रूप से बर्थ प्रॉसेस की ओर ध्यान दे पाती है। महिला के अंदर का डर और चिंता भी वॉटर बर्थ प्रॉसेस के दौरान कम हो जाती है।

वॉटर बर्थ प्रॉसेस से होने वाले नुकसान

वॉटर बर्थ प्रॉसेस महिला को लेबर पेन के दौरान रिलैक्स देने के साथ ही संकुचन के दर्द को कम करने में भी मदद करती है, लेकिन वॉटर बर्थ के कारण कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। किसी भी महिला को वॉटर बर्थ प्रॉसेस के फायदे के साथ ही नुकसान की जानकारी होना भी बहुत जरूरी है। यहां जानिए वॉटर बर्थ प्रॉसेस अपनाने से महिला और होने वाले बच्चे को किस तरह के नुकसान हो सकते हैं।

  • महिला या बच्चे को संक्रमण होने का खतरा रहता है।
  • बच्चे के पानी से बाहर आने से पहले अंबिकल कॉर्ड ( umbilical cord ) स्नैप कर सकती है।
  • आपके बच्चे के शरीर का तापमान बहुत अधिक या बहुत कम हो सकता है।
  • बच्चा पानी में सांस ले सकता है। ऐसा करने पर उसके अंदर पानी जाने का खतरा रहेगा।
  • बच्चे को दौरे पड़ सकते हैं या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
  • ये सब ऐसी संभावनाएं हैं जो वॉटर बर्थ प्रॉसेस के दौरान होने वाले बच्चे के साथ घटित हो सकती हैं। ऐसा सबके साथ हो ये जरूरी नहीं है।
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Hema Dhoulakhandi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/02/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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