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कोविड-19 संक्रमण के मामले सितंबर मध्य तक हो सकते हैं कम: जानें क्या कहती है रिसर्च

कोविड-19 संक्रमण के मामले सितंबर मध्य तक हो सकते हैं कम:  जानें क्या कहती है रिसर्च

कोविड-19 संक्रमण के मामले पर क्या है नई रिसर्च

हम सभी की निगाहें आजकल खासकर एक खबर पढ़ने के लिए परेशान रहती है कि आखिर कब कम होगा जानलेवा वायरस कोरोना का असर? वैसे भारत के यूनियन हेल्थ मिनिस्ट्री की ओर से एक मेथेमेटिकल सर्वे में यह बताया गया है की सितंबर के मध्य से कोविड-19 संक्रमण के मामले में कमी आ सकती है। इस स्टडी में यह समझाने की कोशिश की गई है की कि जब गुणांक 100 प्रतिशत पर पहुंच जाएगा तो कोविड-19 संक्रमण के मामले खत्म हो जाएंगे। दरअसल कोविड-19 संक्रमण के मामले में आने वाली कमी के रिजल्ट के लिए बेली के मेथेमेटिकल प्रोसेस का प्रयोग किया गया है। दरअसल यह मेथेमेटिकल प्रोसेस से जुड़ी रिजल्ट बताता है, जिसमें यह भी समझने की कोशिश की जाती है की आखिर मौजूदा महामारी से कब तक उबरा जा सकता है। इसके साथ ही इंफेक्टेड रेट और बीमारी से उबरने के पूरे आंकड़ों के बीच संबंध के नतीजे को मेथेमेटिकल प्रोसेस से समझा जाता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामले दो मार्च से शुरू हुई थी और मार्च से अब तब कोविड-19 के पॉजिटिव मामले बढ़ते जा रहें हैं।

और पढ़ें: क्या बागवानी करके कोरोना के टेंशन को दूर भगाया जा सकता है? जानें मनोचिकित्सक की राय

भारत में कोविड-19 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहें हैं। कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 250,000 के पार जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के नय आंकड़ों के अनुसार देश में अब कोविड-19 के 256,611 मामले हैं, जिनमें से 124,094 लोग ठीक हुए हैं जबकि 7,135 लोगों की मौत कोविड-19 संक्रमण की वजह से हुई है। वहीं महाराष्ट्र में लगातर तेजी से बढ़ते कोविड-19 संक्रमण के मामले चौकाने वाले हैं। ये आंकड़े चायना को भी पीछे छोड़ते हैं, ऐसा जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के रिपोर्ट में बताया गया है।

कोविड-19 संक्रमण के मामले न बढ़ें इसलिए लॉकडाउन किया गया लेकिन, अब देश की अर्थव्यवस्था को देखते हुए शर्तों के अनुसारलॉकडाउन हटाया गया है, जिसे अनलॉकडाउन 1.0 के अंतर्गत रखा गया है। केंद्र सरकार ने कोविड-19 के कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन को 30 जून तक बढ़ाने का फैसला लिया है। देश में 25 मार्च से जारी लॉकडाउन का चौथा फेज 31 मई को समाप्त हुआ। वहीं महाराष्ट्र सरकार ने कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ने की वजह से पूरे राज्य में 30 जून तक लॉकडाउन को बढ़ा दिया है और ‘मिशन स्टार्ट अगेन’ के तहत लगे प्रतिबंधों को कम करने और गतिविधियों को फिर से पटरी पर लौटने की घोषणा की है। महाराष्ट्र सरकार ने प्रतिबंधों और छूट के बारे में संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं।

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कोविड-19 संक्रमण के मामले बढ़ते हुए और अनलॉकडाउन 1.0 होने लोगों की दिनचर्या धीरे-धीरे ही सही लेकिन, एक बार से रफ्तार पकड़ेगी। लेकिन, ऐसे वक्त में जब गतिविधियां धीर-धीरे ही सही लेकिन, शुरू हो रही है तो हमसभी को सतर्कता बरतने की जरूरत है। इसलिए अगर किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाने की जरूरत पड़ती है, तो आपको कुछ बातों को ध्यान रखना जरूरी है।

कोविड-19 संक्रमण के मामले न बढ़ें इसलिए फॉलो करें ये नियम:

  • सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करने- कोरोना महामारी के दौरान सोशल डिस्टेंस फॉलो करना बेहद आवश्यक है। क्योंकि कोविड-19 संक्रमण के मामले लगातर बढ़ते जा रहें हैं और ऐसी स्थिति में बचाव ही एकमात्र सही विकल्प है। महामारी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल रही है। प्रधानमंत्री ने भी अपने संबोधन में कोविड-19 से बचने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह लगातार देते आ रहें हैं।अगर बाहर जाने की जरूरत पड़ रही है तो सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल जरूर रखें। स्टडी में ये बात साफ तौर पर कहीं गई है कि भले ही कुछ समय बाद महामारी से छुटकारा मिल जाए लेकिन, लोगों को भविष्य में सुरक्षित रहने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एकमात्र सही विकल्प है
  • हाथ धोना- हाथ धोना इन इंफेक्शन से बचने का दूसरा कारगर विकल्प है। क्योंकि हम सभी कई ऐसे काम करते हैं जिसकी वजह से हाथों और उंगलियों में कई तरह के किटाणु होते हैं, जिन्हें हम ऐसे नहीं देख सकते हैं। यहां तक की खांसने और छींकने के दौरान भी चेहरे को हाथों से कवर सेफ तरीका है लेकिन, हाथों की सफाई भी बेहद जरूरी है। क्योंकि हाथों में मौजूद संक्रमण कई बीमारियों को आसानी से दावत देते हैं।
  • पका हुआ खाना- ऐसे खाद्य पदार्थ जिन्हें हम पकाते हैं, वो अच्छे तरह से कुक किये होने चाहिए। ऐसा करने से संक्रमण का खतरा टल जाता है।
  • सैनेटाइजर- अगर आप बाहर जा रहें हैं, तो ऐसे में अपने साथ सैनेटाइजर जरूर रखें। ध्यान रखें की किसी भी शॉप में अंदर जाने से पहले और बाहर निकलने के बाद हाथों को सैनिटाइजर की हेल्प से अच्छी तरह से साफ करें
  • मास्क और ग्लप्स- जब कभी भी घर से बाहर निकलें तो मास्क, फेस शील्ड और ग्लप्स का प्रयोग करना न भूलें। अनावश्यक डोर बेल, डोर हैंडल, लिफ्ट की बटन एवं सीढ़ियों की रेलिंग को न छुएं। अगर आप इन्हें टच करते हैं, तो अपने उलटे हाथ का प्रयोग करें।
  • कॉन्टेक्ट से बचें- अगर आप ट्रैवल कर के आएं हैं, तो परिवार के सदस्यों के कॉन्टेक्ट से बचें और अपने आपको कोरेन्टीन करें। अगर आपको कोरोना वायरस के कोई लक्षण समझ आते हैं, तो घबराएं नहीं और डॉक्टर को संपर्क करें।
  • एक्टिव रहें- लॉकडाउन की वजह से घर में कैद रहना हम सभी की परेशानी है और यही इस इंफेक्शन से बचने का एकमात्र इलाज है। क्योंकि कोरोना वायरस से बचने के लिए दवाओं पर लगातार रिसर्च जारी है। इसलिए हेल्दी फूड हैबिट बनाये रखें। अपने साथ-साथ बच्चों को भी एक्टिव रहने के लिए प्रेरित करें। बच्चों के गेम्स खेलें। इस दौरान यह ध्यान रखें की अगर आपके घर में बुजुर्ग हैं, तो उनका विशेष ख्याल रखें और इस दौरान बच्चे और बुजुर्ग दोनों को ही बाहर नहीं ले जाएं।

और पढ़ें: कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य : महामारी में नशीले पदार्थों से बचना बेहद जरूरी

इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर इस जानलेवा इंफेक्शन से बचा जा सकता है। यही नहीं इन निमयों से इस इंफेक्शन को रोकने से बचा जा सकता है। इसलिए लापरवाही न बरतें और सतर्क रहें और लोगों को भी जागरूक करें, जिससे कोविड-19 संक्रमण के मामले को कम किया जा सके।

कोविड-19 संक्रमण के मामले कम होने की खबर राहत देने वाली है। लेकिन, अगर कोरोना वायरस के लक्षण नजर आयें तो सावधानी बरतें और इससे जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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