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कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः सुरक्षित रहने के लिए आप भी करें यही उपाय

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः सुरक्षित रहने के लिए आप भी करें यही उपाय

भारत में कोविड-19 का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। केंद्र और राज्य देश भर के नागरिकों को सुरक्षित करने के लिए तमाम तरह की कोशिशें कर रही हैं, लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिल रही है। कुछ समय पहले ऐसी ही स्थिति राजस्थान के भीलवाड़ा की भी थी। भीलवाड़ा में कोरोना का प्रकोप भयंकर रूप से फैला हुआ था। कहा जा रहा था कि भीलवाड़ा बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है, लेकिन आज भीलवाड़ा के लोगों ने कोरोना वायरस पर जीत हासिल करने में कामयाबी पा ली। अब देश भर में कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल लागू करने पर चर्चा की जा रही है। क्या आपको पता है कि कोरोना को रोकने के लिए लागू किया गया भीलवाड़ा मॉडल क्या है? आइए जानते हैं।

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल

भीलवाड़ा भारत के राजस्थान राज्य का एक शहर है। भीलवाड़ा में कोरोना वायरस संक्रमित सबसे पहला मरीज 19 मार्च को मिला। राजस्थान में जितने भी कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज मिले, उनमें सबसे अधिक भीलवाड़ा के ही थे। भीलवाड़ा में कोविड-19 मरीजों की संख्या 27 तक पहुंच गई थी।

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल-corona se jitne ke liye bhilwara model

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः पहला मरीज मिलने के बाद ही लगाया गया कर्फ्यू

19 मार्च को पहला मरीज मिलने के अगले ही दिन 5 दूसरे लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। इसके बाद सरकार ने कर्फ्यू लगा दिया। 5 मरीज मिलने के बाद सरकार ने कहा था कि भीलवाड़ा बारूद के ढेर पर बैठा हुआ है, लेकिन केवल 20 दिनों में ही भीलवाड़ा ने कोरोना वायरस से मुक्ति पा ली। भीलवाड़ा प्रशासन की कोशिशों से मिली जीत की हर तरफ तारीफ हो रही है। यहां तक कि केंद्र सरकार ने भी कोरोना से जीतने वाले भीलवाड़ा मॉडल की तारीफ की है।

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कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः संक्रमित क्षेत्रों की पहचान कर लगाई धारा 144

कोरोना से जीतने वाले भीलवाड़ा मॉडल के तहत राजस्थान सरकार ने सबसे पहले उन इलाकों की पहचान की, जहां कोरोना वायरस संक्रमित मरीज मिले थे। इन क्षेत्रों की पहचान करने के बाद पूरे इलाके में धारा 144 लगा दी गई। नोवल कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने पूरे क्षेत्र को कोरोना वायरस से मुक्त करने के लिए पूरी मेहनत की। जिन भी स्थानों से कोविड-19 पॉजिटिव रोगी मिले, वहां कीटाणु को खत्म करने पर काम किया गया। स्वास्थ्य सेवा संबंधी उपकरणों, क्वारंटाइन क्षेत्रों के साथ-साथ पुलिस की गाड़ियों और कार्यालयों को भी किटाणु मुक्त किया गया।

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कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः संक्रमित मरीज मिलते ही लागू हुआ लॉकडाउन

भारत में तो लॉकडाउन 24 मार्च को लागू किया गया, लेकिन भीलवाड़ा में कोविड-19 से संक्रमित मरीज मिलते ही इलाके में लॉकडाउन लागू कर दिया। लॉकडाउन में केवल स्वास्थ्य सेवाओं, खाने-पीने की चीजें, सब्जी और दूध आदि की दुकानों को छूट मिली। इसका बहुत लाभ मिला।

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल-corona se jitne ke liye bhilwara model
कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल-corona se jitne ke liye bhilwara model

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कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः होटलों में लोगों को किया गया क्वारंटाइन

संक्रमित मरीजों के मिलने के बाद सबसे जरूरी कदम के रूप में मरीज को क्वारंटाइन में रखा जाता है, ताकि बीमारी दूसरे लोगों को न हो। इसके साथ ही रोगी को आइसोलेशन में भी रखा जाता है। कोरोना को रोकने वाले भीलवाड़ा मॉडल में भी कोविड-19 संक्रमित सभी लोगों को क्वारंटाइन किया गया। अनेक लोगों को आइसोलेशन में भी रखा गया। सरकार ने लोगों को क्वारंटाइन और आइसोलेशन में रखने के लिए 27 होटलों के हजारों कमरों का इंतजाम किया। इन होटलों में करीब 12 हजार बेड की व्यवस्था थी।

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः सरकारी हॉस्पिटल के साथ प्राइवेट हॉस्पिटल की सहायता ली गई

सरकार ने सरकारी हॉस्पिटलों में बेड को बढ़ाकर दोगुणा से भी अधिक कर दिया। इसके साथ ही 4 प्राइवेट हॉस्पिटल की भी सहायता ली गई। प्राइवेट हॉस्पिटल के सभी कर्मचारियों की जांच भी की गई। क्वारंटीन में रखे गए लोगों की पूरी देख-रेख की गई।

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कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः संदिग्ध लोगों की हुई जांच

कोरोना से जीतने के लिए आज जिस भीलवाड़ा मॉडल की देश भर में तारीफ हो रही है। उसकी सफलता का श्रेय स्वास्थ्य विभाग की टीम भी जाता है। सरकार द्वारा दिए गए प्रशिक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे इलाके का सर्वे किया। सर्वे कार्यक्रम के तहत टीम ने पूरी इलाके को कई क्षेत्रों में बांट दिया। इसके बाद हर उस व्यक्ति की जांच की गई , जिसमें कोविड-19 संक्रमण के लक्षण पाए गए। विदेश से आए लोगों की लिस्ट बनाकर जांच की गई। कई टेस्टिंग सेंटर बनाए गए और कोई कोताही नहीं बरती गई।

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः पूरे क्षेत्र में लगाया गया कर्फ्यू

इसके बाद भी लापरवाही न बरतते हुए सरकार ने पूरे इलाके में कर्फ्यू लगा दिया। भीलवाड़ा से जुड़ने वाली सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया गया। सीमाओं पर पुलिस चेक प्वाइंट भी बनाए गए। हर गतिविधि को बंद कर दिया गया। कोरोना वायरस संक्रमित क्षेत्रों को हॉटस्पॉट घोषित करते हुए पूरे इलाके की आवाजाही बंद कर दी गई।

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल-corona se jitne ke liye bhilwara model
कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल-corona se jitne ke liye bhilwara model

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कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलः केंद्र सरकार और राज्य सरकार ने की तारीफ

कोरोना को जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल लागू करने वाली आईएएस अधिकारी टीना डाबी ने कहा, “पहला मरीज मिलने के बाद ही हमने पूरे इलाके को सील कर दिया। इलाके को सील करने के बाद स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई थी, क्योंकि जिले को अचानक बंद करने से लोगों को परेशानियां होने वाली थीं। लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाना दूसरी चुनौती थी। जिले के सील होने से कई छात्र भी फंस हुए थे।”

उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए टीम गठित की गई। अधिक से अधिक लोगों को विश्वास में लिया गया। टीम के लोगों को अपने-अपने इलाके में सामाजिक दूरी बनाने के साथ-साथ संदिग्ध लोगों पर नजर रखने को कहा गया। सभी के सहयोग से ही भीलवाड़ा कोरोना को रोकने में कामयाब हो पाया है।

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडलःराज्य सरकार ने भी की तारीफ

भारत के कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने भी राज्य के मुख्य सचिवों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंस में भीलवाड़ा प्रशासन की कोशिशों की तारीफ कर कहा, “केंद्र सरकार कोरोना से जीतने वाले भीलवाड़ा मॉडल को दूसरे स्थानों पर भी लागू करने की योजना बना रही है, ताकि संक्रमण को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।”

राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने भी कहा, “कोरोना से जीतने वाले भीलवाड़ा मॉडल के कारण ने राजस्थान राज्य के लिए एक अच्छा उदाहरण पेश किया है।”

कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल-corona se jitne ke liye bhilwara model
कोरोना से जीतने के लिए भीलवाड़ा मॉडल-corona se jitne ke liye bhilwara model

जानकारी के अनुसार, कोरोना को जीतने वाले भीलवाड़ा मॉडल को लागू करने वालों में 3,874 टीमें शामिल थीं। टीम ने 4,41953 घरों का सर्वे किया। भीलवाड़ा मॉडल के तहत कोरोना वारियर ने सभी घरों में 22,39,134 लोगों की जांच की। 17,597 लोगों को आइसोलेशन में रखकर जांच की गई।

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यही कारण है कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए 7 स्टेप वाले इस भीलवाड़ा मॉडल की हर तरफ चर्चा हो रही है। उम्मीद है कि जिस तरह से राजस्थान में कोरोना ने भीलवाड़ा मॉडल के सामने हार मान ली, उसी तरह भीलवाड़ा पैटर्न लागू करके कोरोना को हराया जाएगा। कोरोना से अवेयरनेस इस बीमारी से बचाने का काम कर सकती है।

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सूत्र

All Accessed on 13/04/2020

Coronavirus-https://www.who.int/health-topics/coronavirus-

Coronavirus disease (COVID-19) Pandemic –https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019
India ramps up efforts to contain the spread of novel coronavirus-https://www.who.int/india/emergencies/novel-coronavirus-2019

#IndiaFightsCorona COVID-19 –https://www.mygov.in/covid-19
COVID19 STATEWISE STATUS-https://www.mygov.in/corona-data/covid19-statewise-status

Bhilwara model: How this Rajasthan district brought Covid-19 under control-https://www.business-standard.com/article/current-affairs/bhilwara-model-how-this-rajasthan-district-brought-covid-19-under-control-120041000286_1.html

Meet Tina Dabi, IAS Officer behind Bhilwara’s ‘ruthless containment’ model-https://www.shethepeople.tv/news/meet-tina-dabi-ias-officer-behind-bhilwaras-ruthless-containment-model?__twitter_impression=true-13/04/2020

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Suraj Kumar Das द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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