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देश में कोविड-19 केसेस का आंकड़ा पहुंचा 2 लाख के पार! आखिर कब आएगी एक्टिव केस में गिरावट?

देश में कोविड-19 केसेस का आंकड़ा पहुंचा 2 लाख के पार! आखिर कब आएगी एक्टिव केस में गिरावट?

कोविड-19 बीमारी के कारण विश्व भर में लाखों लोग संक्रमित हैं और इससे मरने वाले रोगियों की संख्या भी एक लाख से अधिक हो चुकी है। दुनिया भर के देशों में भले ही कोविड-19 महामारी का प्रसार हुआ हो, लेकिन भारत में सरकार द्वारा सही समय पर उठाया गया कदम, कोविड-19 महामारी के प्रसार को कम करने में सफल रहा है। लेकिन अब दोबारा देश में कोविड-19 की लहर दिखाई दे रही है। पिछले साल के मुक़ाबले अब कोविड-19 के केसेस एक दिन में 2 लाख के पार पहुंच चुके हैं। यही वजह है कि पिछले साल की ही तरह इस साल भी दोबारा देश में लॉकडाउन के आसार नज़र आ रहे हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा परेशान करनेवाली बात ये है कि हाल ही में वैज्ञानिकों की एक ऐसी घोषणा की है, जो देश की स्थिति को और भी परेशानी में डाल सकती है।

क्या है वैज्ञानिकों की घोषणा?

हाल ही में वैज्ञानिक कोविड-19 महामारी के मैथेमेटिकल मॉडल को जांच रहे हैं, जिसके अनुसार कहा जा रहा है कि कोविड-19 की इस दूसरी लहर का पीक 15 अप्रैल से 20 के बीच आ सकता है। जिसके बाद कोविड-19 के केसेस में गिरावट की उम्मीद की जा सकती है। ये गिरवट मई महीने में देखी जा सकेगी। इससे पहले कोविड-19 के मैथेमेटिकल मॉडल ‘SUTRA’ के अनुसार बताया गया था कि देश में कोविड-19 महामारी में बढ़ोतरी अगस्त से शुरू होकर, इसका पीक सितम्बर महीने में देखा जाएगा और इसमें गिरवात फ़रवरी २०२१ में देखी जाएगी।

इस बार भी वैज्ञानिकों ने ऐसा ही एक दावा किया है। जो यदि सही साबित हो, तो देश में लोगों को राहत की सांस नसीब होगी।

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देश में लगातार बढ़ रही कोरोना वायरस मरीजों की संख्या

विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआत में किसी संक्रामक बीमारी के फैलने की गति और मरीजों की संख्या के आधार पर ऐसी रिपोर्ट बनाई जाती है। इस ग्राफ से पता चल रहा है कि देश में कोविड-19 महामारी का प्रसार होता ही जा रहा है।

विशेषज्ञों ने यह भी कहा, “यहां केवल इस बात पर विचार हो रहा है कि मरीजों की संख्या कम हुई है, जबकि इस बात पर विचार नहीं हो रहा है कि संख्या पर रोक नहीं लगी है।” स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी बताया कि ये सभी आंकड़े अनुमानित और न्यूनतम हैं और लॉकडाउन लागू नहीं होता, तो कोरोना वायरस मरीजों की संख्या इससे कहीं अधिक भी हो सकती थी।

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कोरोना वायरस मरीजों की संख्या-Corona virus marijon ki sankhya

कोरोना वायरस मरीजों की संख्या पता लगाने के लिए R0 का प्रयोग

महामारी विज्ञान की डॉक्टर अरितरा दास के अनुसार, “ऐसी महामारी के मामलों में रोगी की संख्या में वृद्धि का अनुमान लगाने के लिए हमें R0 को जानने की जरूरत होती है। R0 का मतलब प्रजनन संख्या होता है। इससे हमें यह पता चलता है कि कोविड-19 जैसी बीमारी के कारण भविष्य में कितने संक्रमित व्यक्ति होंगे।”

आईसीएमआर ने देश भर में अब तक कुल 1,71,718 सैंपल की जांच की है, जबकि पिछले केवल 24 घंटों में 16,564 सैंपल की जांच हुई है। आईसीएमआर के महामारी विशेषज्ञों द्वारा 23 मार्च को प्रकाशित पिछली रिपोर्ट में कोविड-19 महामारी के सामुदायिक प्रसार का पता लगाने और बीमारी पर नियंत्रण पाने की सलाह दी गई थी। आईसीएमआर ने इस सप्ताह की अपनी दूसरी रिपोर्ट में भी इसी बात का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट बताया गया कि अब तक 40% ऐसे मरीजों की पहचान हुई है, जो कोविड-19 वायरस बीमारी के कारण बीमार थे। इन सभी रोगियों में कोविड-19 बीमारी के गंभीर लक्षण भी पाए गए, लेकिन इस बात का पता नहीं चल सका कि अब तक इन्होंने कहां-कहां और कितने लोगों से संपर्क किया है।

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कोविड-19 बीमारी की रोकथाम के लिए सरकार उठा रही सही कदम

आईसीएमआर ने कहा कि कोविड-19 बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। आगरा में जब कोविड-19 संक्रमित पहले मरीज का पता चला, तो उसके घर से 3 किलोमीटर की दूरी तक के क्षेत्र को टारगेट पर रखा गया, जबकि 5 किलोमीटर के क्षेत्र में भी कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों की संख्या का पता लगाया गया। ऐसे मरीजों के मिलने पर उसे क्वारंटाइन करने के साथ-साथ आइसोलेशन में भी रखा गया।

बता दें कि केंद्र सरकार देश भर में कोविड-19 को हराने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। सरकार सक्रिय रूप से देश भर में कोविड-19 बीमारी के फैलने के कारणों पर ध्यान रख रही है। केंद्र सरकार या राज्य सरकार को जिस भी स्थान में संक्रमित मरीज के बारे में जानकारी मिल रही है या किसी व्यक्ति में कोविड-19 बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उन्हें क्वारंटाइन रखा जा रहा है।

कोरोना वायरस मरीजों की संख्या-Corona virus marijon ki sankhya
कोरोना वायरस मरीजों की संख्या-Corona virus marijon ki sankhya

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24 मार्च 2020 को 21 दिनों के लिए लागू हुआ था लॉकडाउन

सरकार ने 24 मार्च २०२० को देश भर में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन लागू किया था। जबकि इसे बाद में कई महीनों के लिए बढ़ा दिया गया था। अब दोबारा देश में लॉकडाउन की स्थिति बनती नज़र आ रही है। भारत सरकार दूसरे देशों की मदद के लिए भी आगे आ रही है। इस कारण डब्लूएचओ और दूसरी संस्थाओं ने सरकार की कोशिशों की तारीफ की है। कोरोना महामारी से बचने के लिए डॉक्टर्स की सलाह जरूर मानें और कोरोना से अवेयरनेस के लिए सरकार की ओर से दी गई जानकारी को जरूर माने।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

All Accessed on 13/04/2020

India ramps up efforts to contain the spread of novel coronavirus-https://www.who.int/india/emergencies/novel-coronavirus-2019

Coronavirus-https://www.who.int/health-topics/coronavirus

Novel Corona Virus – https://www.mohfw.gov.in/

Coronavirus | Without lockdown, India would have seen over 8 lakh cases by April 15, says Health Ministry

https://www.thehindu.com/news/national/coronavirus-without-lockdown-india-would-have-seen-over-8-lakh-cases-by-april-15-says-health-ministry/article31319364.ece/amp/

Coronavirus disease (COVID-19) Pandemic –https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019

IndiaFightsCorona COVID-19 –https://www.mygov.in/covid-19
COVID-19 INDIA-https://www.mohfw.gov.in/

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Suraj Kumar Das द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 16/04/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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