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भारत में कोविड-19 मरीजों की संख्या दूसरे देशों से कम क्यों है?

भारत में कोविड-19 मरीजों की संख्या दूसरे देशों से कम क्यों है?

दुनिया भर में कोविड-19 मरीजों की संख्या लाखों में पहुंच चुकी है और इससे मरने वालों की संख्या भी हजारों में है। दूसरे देशों की तुलना में भारत में कुछ दिनों पहले तक कोविड-19 मरीजों की संख्या काफी कम थी, लेकिन हाल-फिलहाल भारत में भी कोविड-19 मरीजों की संख्या काफी ज्यादा हो गई है। 31 मार्च तक भारत में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या केवल 1637 थी और इससे कुल 45 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज मामले के बाद सिर्फ 24 घंटे में 386 कोविड-19 मरीजों की पहचान की गई।

COVID-19 confirmed case in India-COVID-19 मरीजों की संख्या

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लव अग्रवाल के अनुसार, भले ही 1 अप्रैल को 386 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है, लेकिन इसे बीमारी का ट्रेंड नहीं माना जा सकता है। भारत की जितनी जनसंख्या है, दूसरे देशों से अगर इसकी तुलना की जाए, तो कोरोना वायरस मरीजों की मिल रही संख्या बहुत कम है।

वर्ल्डोमीटर के अनुसार, भारत में हर 1 मिलियन आबादी पर 1 कोरोना मरीज मिल रहा है और इससे मरने वालों का औसत केवल 0.03 है, जबकि विश्व भर में यह आंकड़ा 113.2 मामले में 5.7 मौतों का है। अगर बांग्लादेश और नेपाल के साथ-साथ अफ्रीका के अन्य देशों की रिपोर्ट देखें, तो वहां की स्थिति भी भारत के जैसी ही है।

भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में से एक है और यहां कि स्वास्थ्य व्यवस्था भी बहुत बेहतर नहीं है। ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमित कम मरीजों के मिलने से दुनिया भर के विशेषज्ञ आश्चर्य में पड़ गए हैं। विशेषज्ञ यह तर्क भी दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में भारत की स्थिति बदल सकती है और कोविड-19 मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। कोरोना महामारी के कारण दुनिया में तेजी से बदलाव आ रहे हैं।

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COVID-19 confirmed case in India-COVID-19 मरीजों की संख्या

पर्याप्त जांच नहीं होने के कारण कोविड-19 मरीजों की संख्या नहीं बढ़ रही

अब तक भारत में केवल 47,951 लोगों की जांच की गई है, क्योंकि ऐसी व्यवस्था नहीं है कि अधिक लोगों की जांच की जा सके। यही कारण है कि सभी लोगों की जांच नहीं की जा रही है। केवल उन्हीं लोगों की जांच की जा रही है, जो कहीं ऐसी जगह से यात्रा करके आए हैं, जहां कोरोना वायरस का संक्रमण फैला हुआ है या फिर वैसे लोगों की जांच की जा रही है, जो कोविड-19 से संक्रमित किसी मरीजों के संपर्क में आए हैं।

हालांकि आईसीएमआर ने कोविड-19 मरीजों की जांच और देखभाल करने के लिए एक विशेष कदम उठाया है। इसके तहत 20 मार्च को कोविड-19 अभियान को लेकर अनेक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को जोड़ा गया है, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव कम हो।

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सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट की कमी से कोविड-19 मरीजों की संख्या में कमी

कोविड-19 से संक्रमण के बाद मरीजों को सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में परेशानियां होती हैं। देखा जाए तो यह एक आम समस्या है। आमतौर पर भारतीय लोग इस तरह की बीमारियों को अधिक गंभीर नहीं समझते और इसके लिए खुद से दवा खरीदकर खा लेते हैं।

ऐसी स्थिति में लोगों के पास जब तक यह व्यवस्था नहीं होगी कि खुद अपनी जांच कर सके, तब तक कोविड-19 मरीजों की संख्या का पता लगाना बहुत ही मुश्किल है। सबसे पहले लोगों के लिए सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए और इसमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह सुविधा क्षेत्रीय भाषा में हो, ताकि अधिक से अधिक लोगों को मदद मिल सके।

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लॉकडाउन के कारण कोविड-19 मरीजों की संख्या में कमी

भारत में अभी लॉकडाउन लागू है। विश्व की बड़ी आबादी वाले देश भारत के लोगों को घर में रहने और सोशल डिस्टेसिंग अपनाने की सलाह दी गई है। लॉकडाउन का मुख्य मकसद लोगों को लोगों से दूर रखना है, ताकि संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में न फैले और सामुदियक स्तर पर कोरोना वायरस का फैलाव न हो। इससे कोविड-19 मरीजों की संख्या में कमी आएगी। हालांकि लॉकडाउन के असर के बारे में अभी आंकलन करना जल्दीबाजी होगी, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या को कम करने के लिए ऐसा करना जरूरी है।

बीसीजी वैक्सीनेशन (BCG vaccination) से कोविड-19 के इलाज की उम्मीद

विश्व भर के वैज्ञानिक कोविड-19 मरीजों इलाज के लिए बैसिलस कैलमेट-गुएरिन (बीसीजी) वैक्सीन से मदद लेने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। भारत में इस टीके का इस्तेमाल टीबी रोग से इलाज में किया जाता है। अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने भी इस बात पर अध्ययन करना शुरू कर दिया है कि बीसीजी वैक्सीन, कोविड-19 के इलाज में कितना मदद कर सकता है।

भारत बायोटेक के वायरल वैक्सीन विभाग के निदेशक जी.वी.जे.ए. हर्षवर्धन ने कहा, “अभी कोविड-19 के इलाज के लिए किसी तरह का वैक्सीन नहीं बना है। अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में बीसीजी का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। केवल पौलेंड ही बीसीजी वैक्सीन के इस्तेमाल को तैयार है। हम कोविड-19 पर बीसीजी के असर पर हो रहे शोध की प्रतिक्षा कर रहे हैं। हो सकता है कि इसमें थोड़ी सफलता मिले, क्योंकि बीसीजी भी कोविड-19 की तरह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाली टीबी की बीमारी को खत्म करने में मदद करता है।

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गर्मी और उमस होने पर नहीं बढ़ेगी कोविड-19 मरीजों की संख्या

भारतीय प्रतिरक्षा विज्ञान विभाग के मैनेजिंग डायरेक्टर के आनंद कुमार ने इस विषय पर कहा, “अभी तक ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे यह कहा जाए कि गर्मी और उमस बढ़ने से कोरोना के फैलने पर रोक लग सकती है। हालांकि कई विशेषज्ञ इस बात पर भरोसा भी कर रहे हैं। इसके पीछे का तथ्य यह है कि अधिकांश वायरस 45 डिग्री की तापमान में जिंदा नहीं रह सकते। भारत में गर्मी के मौसम में तापमान 45 डिग्री से अधिक बढ़ जाता है, जिससे संभव है कि कोरोना वायरस को खत्म करने में मदद मिले।”

टीबी के टीके को लेकर भले ही वैज्ञानिकों में अनेक मत हैं, लेकिन कोरोना वायरस को लेकर सभी वैज्ञानिकों का एक मत है कि अगर इस संक्रमण को फैलने से रोकना है, तो लोगों को साफ-सफाई पर पूरा ध्यान देना चाहिए। वैज्ञानिकों ने यह भी माना कि भारत में जारी लॉकडाउन से कोविड-19 मरीजों की संख्या में कमी आई है। इसलिए आपको लॉकडाउन को लेकर सरकार के निर्देशों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। जब तक कोरोना वायरस का वैक्सीन नहीं बन जाता है, तब तक यही एक तरीका है, जिससे आप कोरोना वायरस के संक्रमण से अपने आपको सुरक्षित रख सकते हैं और देश भर में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या में कमी आ सकती है।

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सूत्र

1.Explained | Why India has relatively lesser number of COVID-19 cases-https://www.moneycontrol.com/news/trends/health-trends/explainer-why-india-has-less-number-of-covid-19-cases-5097641.html-03/04/2020

2.As coronavirus cases rise, Japan urges hospital beds be saved for the severely ill

https://www.moneycontrol.com/news/world/coronavirus-pandemic-as-cases-rise-japan-urges-hospital-beds-be-saved-for-the-severely-ill-5103651.html-03/04/2020

3.ADB expects India’s economic growth to slow down to 4% in FY21 on global pandemic
https://www.moneycontrol.com/news/business/economy/adb-expects-indias-economic-growth-to-slow-down-to-4-in-fy21-on-global-pandemic-5103591.html-03/04/2020

4.Coronavirus-https://www.who.int/health-topics/coronavirus#tab=tab_1-03/04/2020

5.India ramps up efforts to contain the spread of novel coronavirus-https://www.who.int/india/emergencies/novel-coronavirus-201903/04/2020

6.Coronavirus disease (COVID-19) advice for the public-https://www.who.int/emergencies/diseases/novel-coronavirus-2019/advice-for-public-03/04/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Daphal के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Suraj Kumar Das द्वारा लिखित
अपडेटेड 03/04/2020
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