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कोरोना पर जीत हासिल करने वाली कोलकाता की एक महिला ने बताया अपना अनुभव

कोरोना पर जीत हासिल करने वाली कोलकाता की एक महिला ने बताया अपना अनुभव

आप रोज ऐसी खबरें देखते, पढ़ते या सुनते होंगे कि कोविड-19 महामारी से भारत सहित दुनिया के देशों में हजारों लोग संक्रमित हो गए और कोरोना वायरस के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई। डराने वाली इन्हीं खबरों के बीच एक ऐसी खबर भी आई है, जो आप सभी की उम्मीदें बढ़ाने वाली हैं और आपको खुश करने वाली है। जी हां, यह खबर कोरोना पर जीत हासिल करने वाली एक महिला की है। महिला का नाम मोनामी विश्वास है, जो कोलकाता की रहने वाली है। मोनामी बता रही हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उसे क्या अनुभव हुआ? इलाज के दौरान डॉक्टर और नर्सों का उनके साथ कैसा व्यवहार था, उसे कैसी सुविधाएं दी गईं और नई जिंदगी पाकर अब उसे कैसा अनुभव हो रहा है?

इडनबर्ग यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट मैनेजमेंट का कोर्स करने वाली 24 वर्षीय मोनामी जब इडनबर्ग से भारत आई तो जांच में पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव है। इसके बाद मोनामी को इलाज के लिए क्वारंटाइन में रखा गया, जहां मोनानी ने भयानक कोरोना वायरस पर जीत हासिल की। इंडिया टूडे को दिए अपने इंटरव्यू में मोनामी ने पूछे गए इन सभी सवालों का जवाब दिए।

Corona survivor experience in Hindi-कोरोना पर जीत

सवालः आपको कोरोना वायरस (कोविड-19) पर जीत कैसे मिली?

जवाब- मैं 18 मार्च को फ्लाइट से इडनबर्ग से लंदन गई थी। इसके बाद में दूसरी फ्लाइट पकड़ कर मुंबई आई। 19 मार्च को अपने शहर कोलकाता पहुंची। मुंबई एयरपोर्ट पहुंचने के समय मुझे महसूस हुआ कि मुझे बुखार है। मैंने इसके लिए पैरासिटामोल ले लिया। जब मैं कोलकाता एयरपोर्ट आई, तो लक्षण को देख कर मुझे कोविड-19 की जांच कराने की सलाह दी गई। जांच के अगले दिन आई रिपोर्ट में पता चला कि मैं कोविड-19 पॉजिटिव हूं।

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सवालः सरकारी आइसोलेशन सेंटर कैसा होता है? कैसी सुविधाएं वहां दी जाती हैं? आपको अपने लिए अलग कमरा मिला था या किसी और के साथ रखा गया था?

जवाब- आइसोलेशन सेंटर कांच से ढका कमरा होता है। कमरों में स्वास्थ्य संबंधी सभी उपकरण मौजूद होते हैं। यहां रोगी को मास्क पहनकर रहने के लिए बोला जाता है। खासकर डॉक्टर जब रोगी से मिलने आते हैं, तो मास्क पहनना जरूरी होता है। मैं जिस कमरे में रह रही थी, वह अच्छा था। कमरे में एक बाथरूम भी था। मैं अकेली उस कमरे में थी

सवालः क्वारंटाइन में रहते समय क्या आप पूरी दुनिया से अलग हो गई थीं?

जवाब- नहीं, क्वारंटाइन में मुझे मोबाइल के इस्तेमाल की छूट दी गई थी। मुझे रोज न्यूज पेपर भी मिलता था। वहां मुझे अपना लैपटॉप रखने की भी सुविधा दी गई थी, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया।

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सवालः हॉस्पिटल में आपका समय कैसे कट रहा था?

जवाब- कोरोना पर जीत हासिल करने वाली मोनामी ने कहा कि डॉक्टर बार-बार मुलाकात के लिए आया करते थे। क्वारंटाइन में डॉक्टरों ने हमेशा मेरी हिम्मत बढ़ाई। मेरे माता-पिता ने भी बहुत सहयोग दिया। मैं परिवार के सदस्यों से हमेशा बात किया करती थी। इसके साथ ही स्मार्ट फोन पर ही Netflix देखा करती थी।

Corona survivor experience in Hindi-कोरोना पर जीत

सवालःभारत और यूके की चिकित्सा व्यवस्था में आप क्या अंतर महसूस करती हैं?

जवाबः भारत की चिकित्सा सुविधा यूके से काफी बेहतर है। 17 मार्च को मैंने यूके एंबेसी को फोन किया, लेकिन वहां किसी ने मेरा फोन नहीं उठाया। मैंने NHS हेल्पलाइन फोन किया, तो वहां से मुझे एप्वाइंटमेंट नहीं मिला और मुझे 14 दिन क्वारंटाइन में रहने की सलाह दी गई। इसके बाद मैंने भारत आने का फैसला किया।

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सवालः जिन लोगों का इलाज हुआ है, उनमें से बहुतों का कहना है कि इलाज के बाद फेफड़ों से संबंधित परेशानियां होने लगती हैं। क्या यही कारण है कि लोग इलाज कराने से डर रहे हैं?

जवाब- ऐसा सही नहीं है, बल्कि अगर आप यह महसूस करते हैं कि आपको खांसी होती है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। इसमें केवल डॉक्टर ही रोगी की मदद कर सकते हैं। डॉक्टर ही जांच करके आपको बता सकते हैं कि आपको साधारण बुखार है या फिर आप कोविड-19 से संक्रमित हैं।

सवालः आपने कोविड-19 पर जीत हासिल किया है। आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगी?

जवाबः मैं लोगों से यही कहना चाहती हूं कि कोरोना वायरस को लेकर कोई चिंता न करें। स्वस्थ भोजन करें, घर पर रहें। अगर महसूस हो कि आपको सर्दी, खांसी या बुखार है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

कोरोना पर जीत हासिल करने वाली मोनामी ने कहा कि कोविड-19 एक बहुत ही खतरनाक वायरस है, जिससे आपकी जान भी जा सकती है। इसलिए सुरक्षा उपाय करना और सही समय पर सही सलाह लेना जरूरी है। कोरोना वायरस से बचने के लिए हमेशा अपने हाथों को धोएं। लॉकडाउन के दौरान घर से बाहर नहीं निकलें। सरकार के निर्देशों का पालन करें। अपने घर पर ही रहें।

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सवालःजब आप बीमार थी, तब विश्व में कोरोना वायरस से होने वाली मौत की खबरों को देखकर आपको चिंता होती थी?

जवाब-पहले दिन तो मैं सच में डरी हुई थी। मैं सोच रही थी कि करियर की शुरुआत में ही इतनी भयानक बीमारी हो गई। आगे क्या होगा। हालांकि डॉक्टरों ने मेरी हिम्मत बढ़ाई और चिंता न करने की सलाह दी। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि मेरी इम्यूनिटी पॉवर अच्छी है और मैं कोरोना पर जीत जरूर हासिल करूंगी।

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सवालःडॉक्टर और नर्सों के बारे में आप कुछ कहना चाहेंगी, जिन्होंने कोरोना पर जीत हासिल करने में आपकी मदद की?

जवाबः मैं सभी डॉक्टर और नर्सों को सलाम करना चाहूंगी। मैं कोरोना पर जीत हासिल कर पाई, इसमें डॉक्टर और नर्स का बहुत योगदान है। वास्तव में डॉक्टर और नर्स अनेक तरह के खतरे उठाकर रोगी का इलाज करते हैं। वे कोरोना पॉजिटिव रोगी के पास आते हैं, रोगी से मिलते हैं और ख्याल रखते हैं। कोरोना पर जीत हासिल करने के लिए रोगी की हिम्मत बढ़ाते हैं।

आज जिस तरह दुनिया भर से कोरोना वायरस को लेकर खबरें आ रही हैं, वे हिम्मत तोड़ने वाली हैं, लेकिन यह इंटरव्यू इस बात का संकेत है कि लोगों को हिम्मत नहीं हारना चाहिए। सबसे पहले बीमारी से बचने की कोशिश करनी चाहिए और अगर आपको पता चला है कि आप कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। डॉक्टर से मिलने और उनकी सलाह मानने के बाद ही आप कोरोना पर जीत हासिल कर सकते हैं। कोरोना वायरस के कारण कुछ ही दिनों में दुनिया बदल सी गई है। बेहतर होगा कि सावधानी रखें और दूसरों का भी ख्याल रखें।

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Bengaluru man shares experience of recovering from COVID-19  :https://m.economictimes.com/news/politics-and-nation/bengaluru-man-shares-experience-of-recovering-from-covid-19/videoshow/74918318.cms

COVID-19: how to treat coronavirus at home:https://patient.info/coronavirus-covid-19

Watched Netflix in hospital: Kolkata woman shares her experience as Covid-19 survivor:https://www.indiatoday.in/india/story/watched-netflix-in-hospital-kolkata-woman-shares-her-experience-as-covid-19-survivor-1662580-2020-04-02

Recovering from coronavirus: Three harrowing stories of surviving Covid-19:https://www.bbc.com/news/health-52124554

लेखक की तस्वीर
03/04/2020 पर Suraj Kumar Das के द्वारा लिखा
Dr. Pooja Daphal के द्वारा मेडिकल समीक्षा
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