home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

तेजी से फैल रहीं हैं कोरोना वायरस की अफवाह, जानें कितनी हैं सच और कितनी झूठ!

तेजी से फैल रहीं हैं कोरोना वायरस की अफवाह, जानें कितनी हैं सच और कितनी झूठ!

कोरोना वायरस की अफवाह तेजी से फैल रही है। दुनिया भर में कोरोना वायरस के प्रकोप के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में कोरोना वायरस के फैलने पर अफवाहों का बाजार गर्म है। कोरोना वायरस से जुड़ी अनेकों गलत जानकारियां लोगों तक पहुंच रही हैं। कोरोना वायरस की अफवाहों पर विश्वास करने से पहले इनकी सत्यता की जांच करना बेहद ही जरूरी है। आज हम इस आर्टिकल में कोरोना वायरस की अफवाह पर विस्तृत जानकारी देंगे। साथ ही इससे जुड़ी गलत जानकारियों के ऊपर से पर्दा भी उठाएंगे।

चीन से आने वाले लैटर या पैकेज में कोरोना वायरस?

कोरोना वायरस के मामलों के सामने आते ही लोगों में चीन से आने वाली वस्तुओं या लैटर को लेकर एक डर बैठ गया था। कोरोना वायरस की अफवाह को लेकर लोगों के दिमाग में यह मिथ था कि इन चीजों में भी कोरोना वायरस का इंफेक्शन हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह गलत है। आप चीन से आने वाले लैटर या पैकेज को ले सकते हैं। चीन से आने वाले पैकेजेस को प्राप्त करने वाले लोगों में कोरोना वायरस के इंफेक्शन का खतरा नहीं है। जानकारों के मुताबिक, कोरोना वायरस किसी भी वस्तु पर लंबे वक्त तक जीवित नहीं रह सकता है। इन चीजों में चीन से आने वाले लैटर या पैकेज शामिल हैं।

कोरोना वायरस के पर्टिकल्स काफी भारी हैं। आमतौर पर यह पीढ़ित व्यक्ति के आसपास की जमीन पर गिर जाते हैं। यह हवा में तैरते नही हैं। इसकी वजह से अन्य वायरसों की तुलना में यह कम संक्रामक है। नोवोल कोरोना वायरस पर अध्ययन कर रहे महामारी विशेषज्ञों ने पाया कि संक्रमित व्यक्ति एक और अन्य तीन लोगों को यह संक्रमण फैला सकता है। यह बिलकुल मौसमी फ्लू की तरह फैलता है।

यह भी पढ़ें: क्या हवा से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, क्या कहता है WHO

घर में पालतू जानवरों से 2019-nCoV का खतरा?

कोरोना वायरस की अफवाह इतनी तेज है कि इसने लोगों के मन में एक डर का माहौल बना दिया है। कोरोना वायरस की अफवाह में लोगों के बीच झूठ तेजी से फैल रहा था। ऐसी खबरें थीं कि घर में पालतू जानवर जैसे कुत्ता या बिल्ली नए कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, हमेशा पालतू जानवर के संपर्क में आने के बाद हमेशा अपने हाथों को साबुन से साफ करें। ऐसा करने से आप सामान्य बैक्टीरिया जैसे ईकोली और साल्मोनेला (Salmonella) से सुरक्षित रहेंगे। यह बैक्टीरिया आसान से पेट्स से मनुष्यों में फैल सकता है।

क्या निमोनिया का वैक्सीन नए कोरोना वायरस से सुरक्षा देता है?

न्यूमोकोकल (pneumococcal) और हेमोफिलुस (Haemophilus) इन्फ्लूएंजा टाइप बी (Hib) वैक्सीन नए कोरोना वायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। कोरोना वायरस की अफवाहों में यह भी एक बड़ा मिथ है, जिस पर ज्यादातर लोग विश्वास कर रहे हैं।

यह बेहद ही नया और अलग वायरस है, जिसके अलग वैक्सीन की जरूरत है। हालांकि, शोधकर्ता 2019-nCoV के खिलाफ एक नए वैक्सीन को विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन इन शोधकर्ताओं के प्रयासों में मदद कर रहा है। हालांकि, आपकी हेल्थ को सुरक्षा प्रदान करने के लिए रेस्पिरेटरी की बीमारियों में लगने वाले वैक्सीन की सलाह दी जाती है।

नियमित रूप से सलाइन से नाक साफ करने से कोरोना वायरस नहीं फैलता?

यह एक कोरोना वायरस की अफवाह है। नियमित रूप से सलाइन से नाक को साफ करने से नए कोरोना वायरस का इंफेक्शन नहीं फैलता है, इस संबंध में पुख्ता सुबूत उपलब्ध नही हैं। हालांकि, इसके कुछ सीमित सुबूत हैं कि सामान्य सर्दी में सलाइन से नियमित रूप से नाक साफ करने से रिकवरी तेजी से होती है। हालांकि, नियमित रूप से सलाइन से नाक को साफ करने से रेस्पिरेटरी इंफेक्शन से बचाव नहीं होता है।

यह भी पढ़ें: कोरोना वायरस से ब्लड ग्रुप का है कनेक्शन, रिसर्च में हुआ खुलासा

माउथवॉश से गरारा करने से कोरोना वायरस का इंफेक्शन नहीं होता?

इस संबंध कोई सुबूत नहीं है कि माउथवॉश से गरारा करने से नया कोरोना वायरस नहीं फैलता है। यह एक प्रकार का मिथ भी है और कोरोना वायरस की अफवाह भी। हालांकि, कई ब्रांड्स के माउथवॉश आपके मुंह के साल्विया में से चुनिंदा सूक्ष्म जीवों को मार देते हैं। इसका मतलब यह नहीं हुआ कि माउथवॉश कोरोना वायरस 2019-nCoV से सुरक्षा प्रदान करते हैं। यह कोरोना वायरस की गलत जानकारी है।

क्या कोरोना वायरस का इलाज उपलब्ध है?

कोरोना वायरस का इलाज फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इंटरनेट पर लगातार ऐसे गलत जानकारियां फैल रही हैं कि नए कोरोना वायरस का इलाज उपलब्ध है। अभी तक कोरोना वायरस की कोई दवा या इलाज उपलब्ध नहीं है। यह कोरोना वायरस की अफवाह है। कोरोना वायरस में एंटीबायोटिक दवाइयां बेअसर हैं, चूंकि यह एक वायरस है न कि बैक्टीरिया। वुहान कोरोना वायरस का इलाज एक फ्लू की तरह ही है। कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों को आराम करने और पर्याप्त फ्लूड लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जाता है। कोरोना वायरस के मामले कम उम्र के लोगों के मुकाबले बुजुर्गों में ज्यादा सामने आए हैं। कोरोना वायरस से हुई मौतों में इन्हीं लोगों की संख्या ज्यादा है। यह उल्लेख करना जरूरी है कि अभी तक कोरोना वायरस का वैक्सीन नहीं आया है।

यह भी पढ़ें: Coronavirus Precautions: कोरोना से बचाव के बारे में A to Z हर जानकारी, अभी जानें

क्या मीट खाने से कोरोना वायरस फैलता है?

ऐसा माना जा रहा है कि चमगादड़ से कोरोना वायरस फैला है, लेकिन ऐसे कोई सुबूत नहीं है कि मीट का सेवन करने से कोरोना वायरस फैला है। यह पूरी तरह एक गलत जानकारी और कोरोना वायरस की अफवाह है। संक्रमित व्यक्ति के करीब आने (आमतौर पर छह फिट के दायरे में यह फैलता है) से यह एक दूसरे को फैलता है। वैज्ञानिकों को शक है कि चीन के वुहान शहर के मीट मार्केट से कोरोना वायरस फैला है। इस मार्केट में जिंदा और मृत पशु उपलब्ध हैं। यह कहना उचित नहीं होगा कि कोरोना वायरस मीट खाने से फैला है।

सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के पूर्व चीफ मेडिकल ऑफिसर और न्यूयॉर्क मेडिकल कॉलेज के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंस एंड प्रेक्टिस के डीन डॉ. रॉबर्ट एमलर (Dr. Robert Amler) ने कहा, ‘हमें वायरस के जरिए नया इंफेक्शन कभी भी हो सकता है।’ लोगों के बीच ऐसे कई व्यापार और लेनदेन हैं, जिनके माध्यम से इस तरह के मामले एक दूसरे में फैल सकते हैं।

यह भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी में कोरोना वायरस से बढ़ जाता है जोखिम?

लहसुन से कोरोना वायरस का इलाज संभव है?

लहसुन को एक हेल्दी फूड के रूप में माना जाता है। लहसुन में रोगाणु रोधी गुण होते हैं, लेकिन ऐसे कोई भी संकेत नहीं मिले हैं कि लहसुन नये कोरोना वायरस 2019-nCoV से लड़ने में मदद करता है।

क्या चाइनीज फूड से कोरोना वायरस फैल सकता है?

कोरोना वायरस की अफवाह इतनी तेजी से फैल रही है कि इंटरनेट पर क्या सही है और क्या गलत? इनकी सत्यता की जांच करना बेहद ही मुश्किल है। ऐसी खबरें वायरल हो रही थीं कि चाइनीज फूड खाने से कोरोना वायरस का संक्रमण हो सकता है। लोगों से चाइनीज फूड और रेस्टोरेंट्स से बचने का आग्रह किया जा रहा था। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चाइनीज फूड को नोवोल कोरोना वायरस के खतरे के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया है। ऐसे में नूडल्स खाने से आपको कोरोना वायरस का इंफेक्शन नहीं होगा। कोरोना वायरस की अफवाह पर विश्वास करने से पहले इसकी सत्यता की जांच करना बेहद ही जरूरी है। इसके आभाव में हम गलत जानकारियों को फैला रहे हैं, जिससे लोगों के बीच डर का माहौल बन रहा है।

कोरोना वायरस की अफवाह के संबंध में आप अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि आपके स्वास्थ्य की स्थिति देख कर ही डॉक्टर आपको उपचार बता सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

और पढ़ें:

Corona virus: कोरोना वायरस से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां

इलाज के बाद भी कोरोना वायरस रिइंफेक्शन का खतरा!

जल्द ही आ सकती है कोरोना वायरस की वैक्सीन

Novel Coronavirus: जानें क्यों बेहद खतरनाक है चीन में फैल रहा कोरोना वायरस

 

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x