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कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : सिनौवैक का दावा कोरोनावैक से हो सकता है महामारी का इलाज

कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : सिनौवैक का दावा कोरोनावैक से हो सकता है महामारी का इलाज

कोरोना पूरी दुनिया के साथ भारत में भी अपने पैर तेजी से पसार रहा है। भारत में कोरोना से दो लाख का आंकड़ा छूने के कगार पर है। ऐसे में कोरोना को लेकर वैक्सीन की खोज जोरो पर हैं। जहां एक तरफ चीन से कोरोना वायरस फैलने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ चीन की कई कंपनियां वैक्सीन ढूंढने में लगी है। इसी बीच चीन की बायोफार्माच्यूटिकल कंपनी सिनोवैक बायोटेक ने कोरोनावैक के नाम से एक वैक्सीन इजात की है। आइए जानते हैं कि कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट क्या है?

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कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट के बारे में जानें

कोविड 19 वैक्सीनलेटेस्ट अपडेट में हम आपको बताएंगे कि कई देश कोरोना वैक्सीन को लेकर दावेदारी कर रहे हैं कि उन्होंने कोरोना की वैक्सीन ढूंढ ली है :

कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : सिनोवैक बायोटेक ने कोरोनावैक को लेकर किया बड़ा दावा

कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट में चीन की फार्माच्यूटिकल कंपनी सिनोवैक बायोटेक ने दुनिया को एक उम्मीद की किरण दिखाई है। सिनोवैक का दावा है कि उन्होंने कोरोनावैक के नाम से एक कोविड 19 वैक्सीन इजात की है, दो कोरोना वायरस पर 99 प्रतिशत प्रभावी होगी। सिनोवैक बायोटेक ने मीडिया में भी इस बात की दावेदारी की है और कहा है कि हम 99 प्रतिशत आश्वस्त हैं कि कोरोनावैक कोरोना के खिलाफ एक प्रभावी भूमिका निभाएगी।

सिनोवैक ने कोरोनावैक को लेकर दो स्टेज तक का ट्रायल कर लिया है। इस ट्रायल में उन्होंने 1000 से ज्यादा लोगों को शामिल किया था। इसके बाद अब तीसरे ट्रायल के लिए यूनाइटेड किंगडम के साथ बात चल रही है। मंजूरी मिलते ही, इस कोरोनावैक का तीसरा और अंतिम ट्रायल किया जाएगा। एकेडमिक जॉर्नल साइंस के एक रिपोर्ट के मुताबिक सिनोवैक ने बंदरों पर कोरोना वैक्सीन का पहला ट्रायल किया था। जो बंदरों को कोरोना के इंफेक्शन से बचाने में मददगार साबित हुआ। हालांकि सिनोवैक का कहना है कि अंतिम ट्रायल के बाद वैक्सीन को मंजूरी मिलते ही वैक्सीन की 10 करोड़ डोज बनाने की तैयारी करेंगे।

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कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : मॉडर्ना पहुंचा ट्रायल के दूसरे फेज में

यूएस बेस्ड मॉडर्ना थैरेप्यूटिक्स (Moderna Therapeutics) ने भी कोविड-19 के लिए वैक्सीन बनाने की दावेदारी की है। कोरोना वैक्सीन पर ट्रायल करने के लिए एफडीए ने भी मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद फर्स्ट फेज के लिए वैक्सीन mRNA-1273 को 45 लोगों पर ट्रायल के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। कुल 45 लोगों को 28 दिनों के ट्रायल के लिए इंजेक्शन दिया गया था। mRNA-1273 वैक्सीन में मॉलीक्यूलर निर्देश होते हैं जो इंसान की कोशिकाओं को वायरल प्रोटीन बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। वैक्सीन का काम इम्यूनिटी को मजबूत कर वायरस से लड़ना है।

मॉडर्ना थैरेप्यूटिक्स अब मरीजों पर सेकेंड फेज यानी कि दूसरे फेज का ट्रायल भी शुरू कर चुकी है। दूसरे फेज के ट्रायल में 600 मरीजों को शामिल किया गया है। इन 600 लोगों में सभी उम्र के लोगों को शामिल किया गया है। दूसरे फेज के ट्रायल के सफल होने के बाद जुलाई में मॉडर्ना थैरेप्यूटिक्स कंपनी तीसरे और अंतिम ट्रायल की ओर कदम बढ़ाएगी। फिलहाल तक हुए ट्रायल में mRNA-1273 वैक्सीन का सकारात्मक प्रभाव पाया गया गया है।

कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : चीन और बीजिंग मिल कर बना रहें वैक्सीन

बीजिंग इंस्टीच्यूट ऑफ बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स और चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप कंपनी ने मिल कर कोरोना वैक्सीन बनाने का बीड़ा उठाया है। कोरोना वैक्सीन का दो फेज का ट्रायल भी पूरा कर लिया गया है। कंपनियों का दावा है कि इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक कोरोना की वैक्सीन बाजार में आ जाएगी। इसके बाद कोरोना से इलाज बहुत आसान हो सकता है।

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कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : रूस वैक्सीन के साथ ही एंटी-कोविड 19 ड्रग पर कर रहा काम

दुनिया में कोरोना से पीड़ित देश की सूची में तीसरे नंबर पर मौजूद रूस भी कोरोना वैक्सीन पर काम कर रहा है। इसके साथ रूस एंटी-कोविड 19 ड्रग बनाने का भी दावा कर रहा है। रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय के तरफ से जारी बयान में ये बात सामने आई है कि रूस में इस वक्त कोरोना के लिए लगभग 50 अलग-अलग तरह की वैक्सीन पर काम चल रहा है। जिसमें से कई वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल दो हफ्तों में शुरू किया जाएगा। साथ ही क्लीनिकल ट्रायल के लिए वॉल्टियर्स को भी चुन लिया गया है।

साइबेरिया की वेक्टर इंस्टीट्यूट में भी उनमें से एक वैक्सीन की तैयारी चल रही है। जिसका ट्रायल अभी जानवरों पर किया जा रहा है। इसके बाद सितंबर तक क्लीनिकल ट्रायल करने की बात की जा रही है। फिलहाल रूस में कोरोना की दवा के तौर पर एविफैविर (Avifavir) नामक दवा को मंजूरी मिल गई है। एविफैविर का जेनेरिक नाम फैविपिरैविर (favipiravir) है। जिसे 330 मरीजों पर ट्रायल किया गया। जिसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं।

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कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : फाइजर ने अक्टूबर तक वैक्सीन बनाने का किया दावा

यूएस की फार्माच्यूटिकल कंपनी फाइजर (Pfizer) का दावा है कि वह कोरोना की वैक्सीन बनाने के बेहद करीब है। फाइजर जर्मन फर्म बायॉन्टेक के साथ मिल कर इस साल अक्टूबर तक वैक्सीन बाजार में लाने के लिए काम कर रहे हैं। कोरोना के लिए फाइजर BNT162 नामक वैक्सीन प्रोग्राम के लिए यूएस और यूरोप के साथ काम कर रही है। जिसमें एमआरएन के फॉर्मेट और एंटीजन के विभिन्न कॉम्बिनेशन के साथ काम किया जा रहा है। फाइजर का दावा है कि हम बहुत जल्द इस वैक्सीन को ह्यूमन ट्रायल की दिशा में आगे ले कर जाएंगे। ट्रायल सफल होने पर ही इसे तुरंत बाजार में उतारा जाएगा।

कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट : नोवावैक्स का पहला ट्रायल रहा सफल

नोवावैक्स वैक्सीन को कोविड-19 वैक्सीन का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। नोवावैक्स ने हाल ही में वैक्सीन के लिए एपिडेमिक प्रीपेयरडनेस इनोवेशन (Epidemic Preparedness Innovation) के अंतर्गत 388 मिलियन डॉलर की फंडिग मिली है। नोवावैक्स के रिसर्च और डेवलपमेंट प्रेसीडेंट डॉ. ग्रेगरी ग्लेन ने बताया है कि कोरोना के वैक्सीन केंडीडेट NVX-CoV2373 से हमे अच्छे रिजल्ट मिले हैं। ऑस्ट्रेलिया की बायोटेक कंपनी करीब 130 लोगों पर परीक्षण इस वैक्सीन का परीक्षण कर रही है। इस वैक्सीन का पहला ट्रायल चूहों पर किया गया, जो कि सफल रहा है। अब इसे दूसरे फेज के ट्रायल के लिए तैयार किया जा रहा है।

कोविड 19 वैक्सीन लेटेस्ट अपडेट में आपने जाना कि पूरी दुनिया में कितनी तेजी से वैक्सीन पर काम चल रहा है। जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बन जाती हैं, तब तक हमें कोरोना से सावधानी को ही इसका बचाव समझना होगा।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

https://www.who.int/news-room/detail/13-04-2020-public-statement-for-collaboration-on-covid-19-vaccine-developmentPublic statement for collaboration on COVID-19 vaccine development: Accessed on 1/6/2020

Draft landscape of COVID-19 candidate vaccines: https://www.who.int/who-documents-detail/draft-landscape-of-covid-19-candidate-vaccines Accessed on 1/6/2020

COVID-19 vaccine tracker https://www.raps.org/news-and-articles/news-articles/2020/3/covid-19-vaccine-tracker Accessed on 1/6/2020

Oxford University’s Covid-19 vaccine shows promise in animal study:https://www.pharmaceutical-technology.com/news/oxford-university-covid-19-vaccine-monkey-data/Accessed on 1/6/2020

लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Daphal के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Shayali Rekha द्वारा लिखित
अपडेटेड 01/06/2020
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