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फेयरनेस क्रीम का एड करने पर भरना पड़ सकता है 50 लाख का जुर्माना, 5 साल की जेल भी

फेयरनेस क्रीम का एड करने पर भरना पड़ सकता है 50 लाख का जुर्माना, 5 साल की जेल भी

गोरी त्वचा पाने के लिए फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन करना अब बहुत महंगा पड़ सकता है। सरकार की तरफ से ऐसी कंपनियों पर 50 लाख तक का जुर्माना लगाने की पेशकश की गई है। साथ ही 5 साल की सजा के प्रावधान की बात भी कही गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह प्रस्ताव दिया है।

आपने ‘चंद ही दिनों में सांवली लड़कियों को गोरा’ बनाने वाले बहुत से एड देखे होंगे। फेयरनेस क्रीम कई कंपनियां बनाती हैं और सभी अपने विज्ञापन में कुछ ही दिनों में गोरा बनाने का दावा भी करती हैं। अगर आपने ‘बाला’ फिल्म देखी होगी तो उसमे भी आयुष्मान खुराना गोरा बनाने वाली फेयरनेस क्रीम का जगह-जगह विज्ञापन करते दिखते हैं और फिल्म में सांवली सूरत वाली भूमि को उसके काम से बहुत चिढ़ होती है। यकीनन किसी के रंग का उपहास उड़ाना गलत है। अब सरकार ने पेशकश की है कि रंग गोरा करने, कुछ ही दिनों में हाइट बढ़ाने, गंजे सिर में बाल उगाने या मोटापे को घटाने जैसे मुद्दे पर जो भी कंपनी फार्मा प्रोडक्ट का एड करेगी, उसे 50 लाख का जुर्माना और 5 साल की सजा का प्रावधान हो।

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क्या है फेयरनेस क्रीम का मामला?

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रस्ताव ने ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपात्तिजनक विज्ञानपन अधिनियम) के तहत फेयरनेस क्रीम के साथ ही अन्य सुझावों को शामिल किया है। अधिनियम के तहत भ्रम पैदा करने वाले विज्ञापनों को प्रतिबंधित करने की मांग की गई है। सरकार की तरफ से अभी 54 विज्ञापनों को भ्रामक बताया गया है। इन विज्ञापनों की संख्या बढ़ भी सकती है। साथ ही सेक्शुअल परफॉर्मेंस बढ़ाने की दवा वाले विज्ञापनों को भी प्रतिबंधित किया जाएगा।

फेयरनेस क्रीम के साथ ही शामिल हैं ये विज्ञापन

सरकार का मानना है कुछ विज्ञापन लोगों को भ्रम में डाल देते हैं जिसके कारण लोग न चाहते हुए प्रोडक्ट को खरीदने पर मजबूर हो जाते हैं। गोरा बनाने की होड़ में कई कंपनियां अपना प्रोडक्ट बेचती हैं और खूब कमाई करती है। प्रोडक्ट यूज करने वालों को कोई भी फायदा नहीं पहुंचता है। यानी लोग भ्रम की स्थिति पैदा होने पर अपना धन खर्च कर देते हैं। इसी कारण से सरकार ने जुर्माने के साथ ही सजा को सुझाव में शामिल किया है। जानिए और कौन से विज्ञापन हो सकते हैं बैन,

  • बालों को बढ़ाने का दावा करने वाले एड
  • एंटी एजिंग के उपाय दिखाने वाले एड
  • फेयरनेस क्रीम से गोरी रंगत पाई जा सकती है ऐसा दावा करने वाले एड
  • हेल्थ ड्रिंक्स के एड जो बच्चों की लंबाई बढ़ाने का दावा करते हो
  • सेक्शुअल परफॉमेंस बढ़ाने का दावा करने वाले एड
  • ब्रेन कैपेसिटी और मेमोरी बढ़ाने का दावा करने वाले एड
  • टीथ और विजन की स्ट्रेंथ बढ़ाने का दावा करने वाले एड
  • गर्भ में बच्चे का लिंग बदल देने का दावा करने वाले एड

अधिनियम की धारा 7 के तहत जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर छह महीने की जेल और जुर्माना देना होगा। बाद में एक से पांच साल तक की जेल हो सकती है।

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जब एक्ट्रेस ने ठुकराया था 2 करोड़ का ऑफर

फेयरनेस क्रीम का एड कुछ लोगों देखने में अच्छा लगता है। गोरेपन की मानसिकता इसका कारण है, लेकिन हकीकत कुछ और ही होती है। भले ही टीवी में काली रंगत से धीरे-धीरे बढ़कर चेहरा गोरा हो जाता हो, लेकिन असल जिंदगी ऐसा मुमकिन नहीं है। हमारे समाज में काले रंग वालों को हेय दृष्टि से देखा जाता है जो कि गलत है। ऐसे में फेयरनेस क्रीम के विज्ञापन ऐसी सोच को अधिक बढ़ावा देते हैं कि साफ और गोरा रंग ही अच्छा होता है। तेलगु एक्ट्रेस साई पल्लवी को फेयरनेस क्रीम के लिए 2 करोड़ रुपए ऑफर हुए थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। लोगों को जानने में उत्सुकता थी कि आखिर एक्ट्रेस ने इतनी बढ़ा ऑफर क्यों ठुकरा दिया। बाद में एक्ट्रेस का जवाब आया था कि कोई भी क्रीम या मेकअप के कारण सुंदर नहीं दिख सकता है। साई ने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट के एड से दूरी बनाने का फैसला लिया था।

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जॉनसन एंड जॉनसन पर भी लग चुका है भारी जुर्माना

अमेरिकी कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन को भी अपने प्रोडक्ट की वजह से भारी जुर्माना चुकाना पड़ा है। फेयरनेस क्रीम के भ्रामक एड से भले ही किसी को साइड इफेक्ट न हो, लेकिन जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का प्रोडक्ट यूज करने से एक व्यक्ति के स्तन में उभार आ गए थे। एक शख्स ने आरोप लगाया था कि उसने जॉनसन एंड जॉनसन की एक मेडिसिन ली थी, जिससे उसके ब्रेस्ट में उभार आ गया। उसने ये भी कहा था कि जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने कभी भी उसे इस बारे में नहीं बताया था। केस दर्ज होने के बाद कंपनी पर 8 बिलियन डॉलर (लगभग 56,881 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया गया है। निकोलस मरे ने आरोप लगाया था कि उन्होंने साल 2003 में बीमारी के संबंध में डॉक्टर्स से संपर्क किया था। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum Disorder) के कारण डॉक्टर ने रिस्पेरडल (Risperdal) सजेस्ट किया था। दवा खाने के कुछ समय बाद ब्रेस्ट में उभार महसूस हुआ।

स्किन लाइटनिंग क्रीम को लेकर खड़े हुए हैं सवाल

ऐसा नहीं है कि फेयरनेस क्रीम ही लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा करती है। मार्केट में अन्य प्रोडक्ट भी हैं जो किसी न किसी कारण से निशाने पर आ जाते हैं। मैक्सिकन स्टेट जलिस्को में स्किन लाइटनिंग क्रीम में टॉक्सिक कंपाउड पाए जाने के कारण 47 वर्षीय महिला कोमा में चली गई थी। ये कहना गलत नहीं होगा कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में यूज किए गए केमिकल्स किसी भी व्यक्ति को गहरा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

स्किन लाइटनिंग क्रीम में पाए गए मिथाइलमर्करी रसायन कम गुणकारी होने के साथ ही जहरीला होते हैं। मिथाइलमर्करी को केलोमेल के नाम से भी जाना जाता है। स्किन लाइटनिंग क्रीम में इसे यूज किया जाता है। लॉस एंजिल्स में ऑक्सिडेंटल कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर, भावना शमसुंदर ने इस बारे में कहा था कि पारा स्किन की रंजकता (Pigmentation) को दूर करता है और जहरीला प्रभाव छोड़ता है। बता दें कि पिछले 9 सालों से कैलीफोर्निया में 60 अधिक ब्रांड बिना किसी लेबल के बेचे जा रहे हैं। हालांकि अमेरिका में 1 पार्ट पर मिलियन (ppm) पारा का यूज सौंदर्य प्रसाधनों में किया जा रहा है। लोग इन्हें आसानी से खरीद रहे हैं। विदेशों से बन कर आ रहे ब्यूटी प्रोडक्ट को भारत में भी धड़ल्ले से खरीदा जाता है।

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हेल्दी स्किन के लिए हेल्दी लिविंग बहुत जरूरी है। स्किन का रंग कैसा भी हो, बाल चाहे जैसे भी हो या फिर आपकी हाइट कम ही क्यों न हो, अगर आप हेल्दी फूड, एक्सरसाइज और अच्छी नींद लेते हैं तो आपके चेहरे में सुंदरता नजर आने लगती है। बेहतर रहेगा कि अच्छी आदतों की ओर ध्यान दें। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार मुहैया नहीं कराता।

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/02/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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