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एहलर्स डानलोस सिंड्रोम से जूझ रही हैं हॉलीवुड सिंगर सिया, जानें क्या है यह बीमारी

एहलर्स डानलोस सिंड्रोम से जूझ रही हैं हॉलीवुड सिंगर सिया, जानें क्या है यह बीमारी

हॉलीवुड सिंगर सिया ने अपने ट्विटर अकाउंट पर खुलासा किया कि उन्हें एहलर्स-डानलोस सिंड्रोम है। एहलर्स-डानलोस सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है, जो कनेक्टिव टिस्सूज को कमजोर कर देती है। इससे जोड़ों में दर्द और स्किन बेहद ही लचीली और नाजुक हो जाती है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘मैं एक क्रोनिक पेन से गुजर रही हूं, जो एहलर्स डानलोस एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है।’

एहलर्स डानलोस सिंड्रोम न्यूरोलॉजिकल लक्षण जैसे सिर दर्द, थकावट और मांसपेशियों की कमजोरी के रूप में उभर कर आते हैं। हालांकि, इसे एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी नहीं माना जाता है। वहीं, सिया ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वो किस न्यूरोलॉजिकल बीमारी से जूझ रही हैं।

सिया ने ट्वीट में कहा, ‘मैं सिर्फ यही कहना चाहती हूं कि जो दर्द से गुजर रहे हैं, भले ही वो फिजिकल हो या भावनात्मक, मैं उन्हें प्यार करती हूं और करती रहूंगी। जिंदगी बुहत मुश्किल है। दर्द का उत्साह कम हो रहा है और आप अकेले नही हैं।’ सिया के इस ट्वीट पर उनके फॉलोअर्स ने तुरंत प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। लोगों ने सिया को जवाब में उनके शब्दों का धन्यवाद किया।

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फॉलोअर्स का मिला जमकर समर्थन

इस पर गायक और गीत लेखक मैरी लेम्बार्ट ने जवाब में लिखा, ‘सिया तुमने हमारे जैसे बहुत लोगों को प्रोत्साहित किया है। अपनी शर्तों पर अपनी बॉडी और अपने दिल का ख्याल रखें। हम वापसी में उतना ही प्यार करते हैं।’

सिया के अन्य फॉलोअर्स ने लिखा, ‘हमेशा इतना ईमानदार रहने के लिए आपका शुक्रिया, इसका मतलब यह हुआ कि ऐसे बहुत सारे लोग हैं, जो समान समस्या मे हैं। आप एक अविश्वसनीय ताकतवर महिला हैं, जो दुनिया में बहुत सारे लोगों को प्रोत्साहित करती हैं। हम हमेशा से ही आपको प्यार और सपोर्ट करते हैं।’

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क्या होता है एहलर्स डानलोस सिंड्रोम

एलहर्स डानलोस सोसाइटी के मुताबिक, ‘ एहलर्स-डानलोस सिंड्रोम 13 प्रकार के हैं।’ सामान्यतः इन्हें जॉइंट हाइपरमोबिलिटी (जॉइंट्स का सामान्य से अधिक स्ट्रेच होना), स्किन हाइपरएक्सटेंसिबिलिटी (स्किन का सामान्य से अधिक स्ट्रेच होना) और टिस्सूज फ्रेगिलिटी (टिस्सूज का कमजोर होना) के आधार पर जाना जाता है।

एहलर्स-डानलोस सिंड्रोम (ईडीएस) एक आनुवांशिक मेडिकल कंडीशन है, इसमें शरीर में मौजूद संयोजी ऊतकों (Connective Tissues) प्रभावित होती हैं। संयोजी ऊतक या क्नेक्टिव टिश्यूज स्किन, ब्लड वैसल्स, हड्डियों और अंगों की संरचना बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं। ये कोशिकाओं, रेशेदार मेटेरियल और कोलाजन (Collagen) नामक एक प्रोटीन से बना होता है। आनुवंशिक विकारों के एक समूह के कारण इहलर्स डानलोस सिंड्रोम होता है, जिसके चलते शरीर में कोलेजन(Collagen) के उत्पादन में कमी हो जाती है।

हाल ही में, 13 प्रमुख प्रकार के एहलर्स-डानलोस सिंड्रोम को पहचाना गया है इसमें शामिल है:

  • क्लासिक (Classic)
  • क्लासिक की तरह (classic-like)
  • कार्डिएक-वाल्वुलर (cardiac-valvular)
  • वासकुलर (vascular)
  • हायपरनोबाइल (hypermobile)
  • आर्थोचैलेसिया (arthrochalasia)
  • डर्माटोस्पैरैक्सिस (dermatosparaxis)
  • काइफोस्कोलियोटिक (kyphoscoliotic)
  • ब्रिटल कोर्निया (brittle cornea)
  • स्पोन्डिलोडायप्लास्टिक (spondylodysplastic)
  • मस्क्लुकोकॉन्ट्रैक्चुअल (musculocontractural)
  • मायोपैथिक (myopathic)
  • पैरियोडॉन्टल (periodontal)

अलग-अलग प्रकार के ईडीएस (EDS) शरीर के अलग-अलग भागों को प्रभावित करते हैं। हालांकि, सभी प्रकार के ईडीएस में एक चीज समान है, वह है हाइपरमोबिलिटी (Hypermobility)। हाइपरमोबिलिटी जोड़ों में होने वाले असामान्य मूवमेंट्स होते हैं।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के जेनेटिक्स होम रेफरेंसिस के अनुसार, एहलर्स डानलोस सिंड्रोम दुनिया भर में पांच हजार लोगों में से एक को प्रभावित करता है। इनमें हाइपरमोबिलिटी और क्लासिक ईडीएस आमतौर पर सबसे आम हैं। इसके अलावा अन्य ईडीएस काफी दुर्लभ हैं। उदाहरण के लिए, डर्मेटोसपरैक्सिस से दुनिया भर में केवल 12 बच्चें ही प्रभावित हुए हैं।

एहलर्स डानलोस सिंड्रोम के कारण

ज्यादातर मामलों में ईडीएस एक आनुवांशिक बीमारी है, जो लोगों को विरासतच में मिलती है। कुछ मामलों में यह आनुवांशिक नहीं है। इन मामलों में इसका कारण सहज जीन म्यूटेशन होते हैं। जीन में कुछ कमी के कारण भी कोलाजन(Collagen) के बनने की प्रक्रिया धीमा हो सकती है या ये कमजोर भी हो सकते हैं।

एहलर्स डानलोस सिंड्रोम के लक्षण क्या हैं?

माता-पिता कभी-कभी दोषपूर्ण जीन के मूक वाहक बन जाते हैं, जो बाद में बच्चे के अंदर ईडीएस का कारण बनते हैं। इसका मतलब यह भी है कि माता-पिता में इसके कोई लक्षण नहीं दिखते हैं और न हीं उन्हें यह पता लग पाता है कि उनके अंदर ये जीन हो सकते हैं। कुछ मामलों में इन जीन के कारण कुछ लक्षण दिख सकते हैं।

क्लासिक ईडीएस के लक्षण

  • ढीले जोड़ों की समस्या
  • काफी लचीली त्वचा
  • बेहद नाजुक त्वचा
  • त्वचा पर चोट जल्दी से लग जाना
  • आंखों के आसपास की त्वचा पर सिलवटें
  • मांसपेशियों में दर्द
  • मांसपेशियों में थकान महसूस होना
  • कोहनी और घुटनों की तरह दबाव क्षेत्रों पर त्वचा का इक्ट्ठा होना
  • हार्ट वाल्व की समस्या

हाइपरमोबाइल ईडीएस (hEDS) के लक्षण

  • ढीले जोड़ों की समस्या
  • त्वचा पर जल्दी चोट लगना
  • मांसपेशियों में दर्द
  • मांसपेशियों की थकान
  • पुरानी जोड़ों की समस्या
  • प्रीमैच्योर ऑस्टियोआर्थराइटिस
  • पुराना दर्द
  • हार्ट वाल्व की समस्या

एहलर्स डानलोस सिंड्रोम का डायग्नोस

डॉक्टर एहलर्स डानलोस सिंड्रोम का डायग्नोस करने के लिए कुछ परीक्षण कर सकते हैं। इन परीक्षणों में आनुवंशिक परीक्षण, त्वचा की बायोप्सी और इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram) भी शामिल हैं। इकोकार्डियोग्राम में साउंड वेव्स का इस्तेमाल करके दिल की मूविंग इमेज बनाई जाती है। ऐसे में यदि कोई असामान्यताएं मौजूद होती हैं, तो यह डॉक्टर को दिख जाती हैं।

मरीज के हाथ से ब्लड सैंपल भी लिया जाता है और कुछ जीन में परिवर्तन के लिए इसका परीक्षण किया जाता है। कोलाजन उत्पादन में असामान्यताओं के संकेतों की जांच के लिए एक स्किन बायोप्सी का उपयोग किया जाता है। इसमें त्वचा का एक छोटा सा नमूना निकालकर माइक्रोस्कोप की मदद से उसकी जांच की जाती है।

डीएनए टेस्ट की मदद से भी पुष्टि की जा सकती है कि एक भ्रूण में दोषपूर्ण जीन मौजूद है या नहीं। लेकिन यह परीक्षण केवल तब किया जा सकता है, जब महिला के अंडों को उसके शरीर के बाहर निषेचित किया जाता है (इन विट्रो निषेचन)। शामिल हैं। एक इकोकार्डियोग्राम दिल की चलती छवियों को बनाने के लिए ध्वनि तरंगों का उपयोग करता है। यदि कोई असामान्यताएं मौजूद हैं तो यह डॉक्टर को दिखाएगा।

एक रक्त का नमूना आपके हाथ से लिया जाता है और कुछ जीनों में परिवर्तन के लिए परीक्षण किया जाता है। कोलेजन उत्पादन में असामान्यताओं के संकेतों की जांच के लिए एक त्वचा बायोप्सी का उपयोग किया जाता है। इसमें त्वचा का एक छोटा सा नमूना निकालना और माइक्रोस्कोप के नीचे जांच करना शामिल है।

एक डीएनए परीक्षण भी पुष्टि कर सकता है कि एक भ्रूण में एक दोषपूर्ण जीन मौजूद है या नहीं। यह परीक्षण तब किया जाता है जब एक महिला के अंडों को उसके शरीर के बाहर निषेचित किया जाता है।

 

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Ehlers-Danlos Syndrome: What Is It and How Is It Treated? – https://www.healthline.com/health/ehlers-danlos-syndrome – accessed on 12/18/019

What Is Ehlers-Danlos Syndrome? – https://www.webmd.com/children/what-is-ehlers-danlos-syndrome#1 – accessed on 12/18/019

Ehlers-Danlos syndrome – https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/ehlers-danlos-syndrome/symptoms-causes/syc-20362125 – – accessed on 12/18/019

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Ehlers-Danlos Syndrome – https://medlineplus.gov/ehlersdanlossyndrome.html – accessed on 12/18/019

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Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 05/10/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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