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हग (झप्पी) के मानसिक फायदे : पीएम मोदी ने इसरो अध्यक्ष को लगाया गले

हग (झप्पी) के मानसिक फायदे : पीएम मोदी ने इसरो अध्यक्ष को लगाया गले

भले ही चंद्रयान 2 से संपर्क टूटने की वजह से वैज्ञानिक असुंतष्ट हों लेकिन, देश को और हमारे प्रधानमंत्री को ISRO के वैज्ञानिकों पर पूरा विश्वास है। चंद्रयान 2 की लैंडिंग के बाद पीएम मोदी ने ISRO मुख्यालय से देश को संबोधित करते हुए ISRO के वैज्ञानिकों की सराहना की और उन्हें उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। साथ ही, उन्होंने यह भी साफ तौर से कहा कि भले ही आज हमारी सफलता में बाधा आई है, पर यह केवल एक छोटी रुकावट है और आने वाले समय पर हम जरूर कामयाब होंगे। इतना ही नहीं पीएम मोदी ने हग (झप्पी) के मानसिक फायदे समझते हुए इसरो अध्ययक्ष को गले भी लगाया। ताकि इस विफलता के कारण टूटे हुए उनके मन को हिमम्त दे सकें।

हग (झप्पी) के मानसिक फायदे सीखें पीएम मोदी से

मुख्यालय से बाहर निकलते समय ISRO अध्यक्ष प्रमुख के. सिवन ने जैसे ही प्रधानमंत्री को देखा वैसे ही उनकी आंखे भर आईं। प्रधानमंत्री ने भी उन्हें गले लगाकर संभाला और उनका हौसला बढ़ाया। पीएम मोदी ने उन्हें गले लगाकर हग (झप्पी) के मानसिक फायदे के बारे में एक बार फिर से सभी को याद दिला दिया।

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प्रधानमंत्री बोले असफलता ही है सफलता की सीढ़ी

हग (झप्पी) के मानसिक फायदे के अलावा, अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि विज्ञान का क्षेत्र प्रयोगों से भरा पड़ा है, ऐसे में कुछ प्रयोग सफल होते हैं और कुछ असफल। ऐसे में इसे महज एक प्रयोग ही समझना चाहिए, जिसका परिणाम शायद हमारी अपेक्षा के अनुसार नहीं हुआ है। लेकिन, भविष्य में किन गलतियों से बचना है और किस सुधार की आवश्यकता है, इसका पता जरूर चला है। इस जानकारी से आगे आने वाले समय में हमारे देश की साइंटिस्ट जरूर मिशन में कामयाब होंगे।

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आखिर कब टूटा संपर्क?

चंद्रयान 2 के चंद्रमा की सतह पर पहुंचने के ठीक दो किलोमीटर पहले विक्रमयान से संपर्क टूट गया, जिसकी वजह से इस मिशन में सफलता मिलते-मिलते रह गई। ISRO से आई खबर के आधार पर ये कहा जा सकता है कि इससे 2.1 किलोमीटर पहले तक लैंडर से संपर्क सही था लेकिन, उसके बाद संपर्क टूट गया। इस पूरी घटना के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ISRO वैज्ञानिकों के साथ मुख्यालय में ही मौजूद थे।

इसमें कोई दो राय नहीं कि इसरो ने इस मिशन के लिए जी तोड़ मेहनत की है। ऐसे में सफलता न मिलने से कहीं न कहीं मानसिक तनाव हो ही जाता है। ऐसे में प्रधानमंत्री का इसरो अध्यक्ष को गले लगाकर हिम्मत देना, उन्हें मानसिक राहत देने से कम नहीं है। यह हिम्मत तो प्रधनमंत्री ने इसरो के अध्यक्ष को दिया है लेकिन, अगर हमसभी अपने आसपास इसी तरह से गले लगाकर एक दूसरे का हिम्मत बढ़ाएंगे तो इससे अच्छी बात और क्या होगी।

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क्या आप जानते हैं हग (झप्पी) के मानसिक फायदे?

दरअसल चंद्रयान 2 के दौरान जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के अध्यक्ष प्रमुख के. सिवन को गले लगाया था उससे साफ समझा जा सकता है कि हम एक दूसरे को गले खुशी बांटने के दौरान, गम (दुःख) के वक्त में या किसी को सहानिभूति देने के दौरान ऐसा करते हैं। साइंस और रिसर्च के अनुसार गले लगाना वॉर्म फीलिंग के जैसे है और व्यक्ति को ज्यादा सपोर्ट मिलता है।

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हग (झप्पी) के मानसिक फायदे क्या हैं?

हग (झप्पी) के मानसिक फायदे निम्नलिखित हैं। जैसे-

हग (झप्पी) के मानसिक फायदे से मिलता है सपोर्ट-

जब कोई दोस्त या परिवार का सदस्य किसी दर्दनाक वक्त में गले लगाता है तो इससे परेशान हुए व्यक्ति को राहत मिलती है। ऐसा करने से सपोर्ट मिलने के साथ-साथ तनाव भी कम होता है। इसलिए अगर कोई परेशानी में हो उसे जरूर गले लगाएं।

हग (झप्पी) के मानसिक फायदे बीमारियों से बचाता है-

गले लगाने से तनाव कम होता है और इसके साथ ही रिसर्च के अनुसार आप बीमार भी कम पड़ते हैं। दरअसल एक रिसर्च के दौरान 400 वयस्कों पर यह रिसर्च किया गया और पाया गया की ये लोग अन्य लोगों की तुलना में कम बीमार पड़ते हैं।

दिल को रखता है स्वस्थ-

200 लोगों पर किये गये रिसर्च के अनुसार यह बात सामने आई है की गले लगाने से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है जिस कारण दिल स्वस्थ रहता है। इसलिए यह लोगों को सांत्वना देने के साथ-साथ दिल को ठीक तरह से धड़कने के लिए प्रोत्साहित करता है।

आपको खुश रखता है-

बदलते वक्त में हर इंसान किसी न किसी कारण तनाव में रहता है लेकिन, अगर आप तनाव में रह रहें व्यक्ति को गले लगाते हैं तो यह उनके मूड को बेहतर करेगा। ऐसा करने से वो खुश रहेंगे। दरअसल गले लगाने के दौरान ऑक्सिटोसिन हॉर्मोन स्रावित होता है, जो व्यक्ति को खुश रहने में मदद करता है। रिसर्च के अनुसरा महिलाएं इस दौरान ज्यादा खुश होती हैं।

हग (झप्पी) के मानसिक फायदे डर कम करता है-

इसका सबसे बेहतर उदाहरण है बच्चा। जब बच्चा डरा हुआ होता है और ऐसी स्थिति में जब हम उसे गले लगाकर समझते हैं तो वो खुश होने के साथ-साथ उसके अंदर का डर भी खत्म होने लगता है। इसलिए बच्चों के साथ-साथ बड़ों को गले लगाने से शारीरिक फायदे होते हैं।

शारीरिक पीड़ा होती है कम-

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी पीड़ा जैसे पेट दर्द या अन्य कोई परेशानी से परेशान है तो ऐसे में गले लगाने से शारीरिक पीड़ा भी कम होती है।

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बच्चे का होता है विकास-

एक रिसर्च के अनुसार बच्चे के विकास में गले लगाना सहायक होता है। इसलिए आप अपने बच्चे की देखरेख में अब रोजाना उन्हें गले भी लगायें। इससे आपके लाडले या लाडली का विकास होने के साथ-साथ उनमें सकारात्मक स्वभाव भी आयेगा।

एक दूसरे से रहते हैं जुड़े हुए-

गले लगने से आप दूसरों से जुड़ सकते हैं जिससे आपका अकेलापन खत्म होगा और अलगाव की भी कम हो सकती है। ऐसा करने से आप लोगों से जुड़े हुए महसूस कर सकते हैं।

गले लगाने के एक नहीं बल्कि कई फायदे होते हैं। इसलिए अब अपने दोस्तों और चाहने वालों से जब अगलीबार मिलेंगे तो उन्हें गले लगाना मत भूलियेगा। इससे आप एक दूसरे से कनेक्टेड रहने के साथ-साथ खुश भी रहेंगे।

इस बारे में जब हमने पुणे की रहने वाली 47 वर्षीय कल्पना देशमुख से बात की तो वो कहती हैं कि ‘उनके बच्चे 12 और 18 साल के हैं और कभी-कभी वो किसी बात को लेकर उदास हो जाते हैं। ऐसे में मैं उन्हें समझाने के साथ-साथ गले भी लगाती हूं। इससे उनका मनोबल भी बढ़ता है और वे खुश भी रहते हैं।’

अगर आप गले लगाने से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

The Surprising Health Benefits of a Simple Hug/https://www.pihhealth.org/wellness/blog/the-surprising-health-benefits-of-a-simple-hug/10/01/2020

Does hugging provide stress-buffering social support? A study of susceptibility to upper respiratory infection and illness/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4323947/10/01/2020

Receiving a hug is associated with the attenuation of negative mood that occurs on days with interpersonal conflict. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6169869/. Accessed on 27 August, 2020.

In brief: Hugs heartfelt in more ways than one. https://www.health.harvard.edu/newsletter_article/In_brief_Hugs_heartfelt_in_more_ways_than_one. Accessed on 27 August, 2020.

CAN A HUG HAVE THERAPEUTIC BENEFITS?. https://www.concorde.edu/about-us/blog/health-care-insights/health-care-career-training-hugs-therapeutic. Accessed on 27 August, 2020.

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Suniti Tripathy द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 01/09/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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