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देश ही नहीं पूरी दुनिया में भी फैला है मच्छरों का कहर

देश ही नहीं पूरी दुनिया में भी फैला है मच्छरों का कहर

देशभर में भार बारिश के बाद मच्छरों का कहर इतना बढ़ चुका है कि आसानी लोग गंभीर बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया जैसी घातक और जानलेवा बीमारियां फैलाने वाले मच्छरों के लिए अनुकूल माहौल बनना हमारे लिए खतरे की घंटी है। हाल ही में उत्तर प्रदेश में मलेरिया प्लास्मोडियम वायवेक्स (Plasmodium vivax ) के 39,135 मामले और Plasmodium falciparum के 852 मामले सामने आए थे। लेकिन अब भारत ही नहीं दुनिया के देशों में भी मच्छरों ने कहर बरपाया हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विदेशों में मेडिकल ऑफिसर्स दुर्लभ लेकिन घातक ईस्टर्न एंसेफेलाइटिस वायरस (Encephalitis virus) के लिए चेतावनी दे रहे हैं।

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जानिए मच्छरों के कहर से फैला गंभीर वायरस

क्या है एंसेफेलाइटिस वायरस (Encephalitis virus)

मच्छरों का कहर एंसेफेलाइटिस वायरस का कारण बन रहा है। यह वायरस मच्छर के काटने से फैलता है। इसे SLE भी कहते हैं। ये वायरस दिमाग में सूजन पैदा करता है और फिर जानलेवा साबित हो सकता है।

मिशगन में भी मच्छरों का खतरा

मच्छरों के कहर से जनित इस वायरस ने मिशगन में कई लोगों को अपना शिकार बनाया है। एक हफ्ते में इस वायरस से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के एमडी जोंथ खल्दुन ने इस बारे में जानकारी दी। वहां स्थिति इतनी गंभीर बनी हुई है कि लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। स्थिति का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि मच्छरों के खात्मे के लिए निकले 30 प्रतिशत लोग इसका शिकार बन गए और उन्हें मौत का सामना करना पड़ा। हाल ही में मैसाचुसेट्स डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ ने 36 कम्युनिटी में वायरस के ‘गंभीर जोखिम’ की चेतावनी जारी की है। इसमें हाई रिस्क जोन में 42 कम्यूनिटी के लोगों को शामिल किया गया है। राज्य में सात मामलों को कंफर्म किया गया है। इसमें पांच वर्ष की लड़की भी शामिल है।

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मच्छरों के कहर से अगस्त में हुई थी पहली मौत

इस वायरस का कहर अगस्त में तब सामने आया जब मेघावेन के लॉरी सिल्विया को मच्छर जनित इंफेक्शन के चलते हॉस्पिटल में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। टफ्ट्स मेडिकल सेंटर के एमडी कहते हैं कि इस साल ये वायरस कई लोगों की जिंदगी बरबाद कर चुका है। ये पिछले साल की अपेक्षा बहुत बुरी स्थिति है। मैसाचुसेट्स पब्लिक हेल्थ कमिश्नर मोनिका भारेल ने में कहा कि, ये नाजुक समय है। इस तरह के हालात से सालों बाद सामना हो रहा है।

मच्छरों के कहर से दिखने लगते हैं ये लक्षण

इस वायरस का संक्रमण आमतौर पर फ्लू जैसा ही दिखाई देता है। ऐसा भी संभव है कि लक्षण न दिखे। सीडीसी के अनुसार, गंभीर रूप से संक्रमित लोगों में बुखार, सिरदर्द, पागलपन, बेचैनी, एनोरेक्सिया, उल्टी, दस्त, ऐंठन और कोमा में चले जाने जैसे लक्षण शामिल हैं। बीमारी आमतौर पर 1 से 2 सप्ताह तक रहती है। लक्षण शुरू होने के 2 से 10 दिनों के बाद मृत्यु हो जाती है।

  • वायरस से बच गए लोगों में इसका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई देता है।
  • इस बीमारी के लिए कोई निश्चित उपचार या वैक्सीन नहीं है।
  • वायरस से लड़ने के लिए कोई थेरिपी भी नहीं है।

मच्छरों के कहर से होने वाले अन्य खतरनाक बीमारियां

आमतौर पर मच्छरों का कहर सबसे ज्यादा बारिश के मौसम में देखा जा सकता है। बारिश का पानी जहां-तहां भरने लगता है, जिसमें मच्छर तेजी से उत्पन्न हो सकते हैं। साथ ही, ऐसे इलाके जहां पर लोगों की आबादी अधिक हो और साफ-सफाई की विशेष सुविधा उपलब्ध न हो, वहां पर मच्छरों का कहर सबसे अधिक देखा जा सकता है। बरसात के मौसम और बरसात के जमा गंदे पानी में पनपने वाले मच्छर सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकते है। वहीं, आपको जानकर हैरानी होगी कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आंकड़ों के अनुसार, मच्छरों के कहर से हर साल लगभग दस लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु होती हैं। जिसका सबसे प्रमुख कारण मलेरिया होता है।

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मच्छरों के कहर से होने वाले बीमारियों की पहचान कैसे करें?

ऐसे लक्षण मलेरिया के हो सकते हैं

मलेरिया मच्छरों द्वारा जनित बीमारी होती है। जो मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलती है। यह मच्‍छर लिवर और रेड ब्‍लड सेल्‍स को तेजी से प्रभावित करते हैं। मलेरिया होने पर इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मसल्‍स में पेन, थकान और उल्‍टी जैसे मुख्य लक्षण देखे जा सकते हैं। साथ ही, कभी-कभी इसके लक्षण हर 48 से 72 घंटे में दोबारा भी दिखाई दे सकते है।

अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण दिखाई दें, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर के पास जाना चाहिए। मलेरिया की पुष्टी करने के लिए डॉक्टर आपको ब्लड टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। याद रखें, अगर मलेरिया का उपचार सही समय पर नहीं किया जाए, तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

डेंगू फीवर

डेंगू का वायरस बी मच्छरों के कहर से ही फैलता है। यह मादा एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है। इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं क्योंकि, इसके होने पर रोगी को पूरे शरीर और हड्डियों में तेज दर्द होता है। इसके लक्षण सामान्य तौर पर मच्छर के काटने के 4 से 10 दिनों के बाद दिखाई दे सकते हैं। इसके लक्षणों में तेज बुखार होना, सिरदर्द होना, आंखों के पीछे दर्द महसूस करना, मांसपेशियों में दर्द होना, जोड़ों में दर्द होना और स्किन पर छोटी-छोटी फुंसियां होने की समस्या होने लगती हैं। हालांकि, डेंगू के इलाज के लिए अभी तक कोई विशेष इंजेक्‍शन या दवा नहीं है। इसका उपचार करने के लिए सामान्य तौर पर आपके डॉक्टर आपको बुखार कम करने की दवा और शरीर के दर्द को कम करने की दवा की खुराक दे सकते हैं। इसके साथ ही, आपको काढ़ा पीने और खास आहार के सेवन की सलाह दे सकते हैं।

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मच्छरों के कहर से सुरक्षित रहने के लिए क्या विधियां हम अपना सकते हैं?

मच्छरों के कहर से खुद को बचाए रखने के लिए आप निम्न बातों का ध्यान रख सकते हैं, जिसमें शामिल हैंः

  • जहां मच्छर ज्यादा हो, वहां कीटनाशक का प्रयोग करें।
  • बाहर जाते समय मच्छर से बचाने वाले स्प्रे का प्रयोग कर सकते हैं।
  • गीले या फिर भरे पानी वाले स्थानों में जाने से बचें।
  • मच्छर जनित वायरस से निपटने के लिए फुल आस्तीन के कपड़े पहनें।
  • घर को साफ-सुथरा रखें।
  • घर के आस-पास पानी के निकास का ध्यान रखें।
  • पोषित आहार खाएं।
  • गंदगी या भीड़-भाड़ वाले इलाकों में न जाएं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 07/08/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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