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इन मेडिकल कंडिशन में नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखना पड़ सकता है भारी

इन मेडिकल कंडिशन में नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखना पड़ सकता है भारी

नवरात्रि एक ऐसा हिंदु पर्व है जिसे न केवल भारत बल्कि दूसरे देशों मे भी बड़े धूम-धाम से मनाया जाता है। नवरात्रि का शाब्दिक अर्थ नौ रातें हैं। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

लगभग सभी राज्यों में नवरात्रि पर महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी इन नौ दिनों में व्रत रखते हैं और पूजा- पाठ करते हैं, लेकिन अगर आप कुछ बीमारियों से जूझ रहें हैं तो नवरात्रों का व्रत करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है। भगवान पर श्रद्धा होना अलग बात है लेकिन, अपनी सेहत को नजरअंदाज करके इन बीमारी में व्रत को करना परेशानी का कारण बन सकता है।

इन मेडिकल कंडिशन में नवरात्री का व्रत रखने से करें परहेज

डायबिटीज के मरीज ना लें नवरात्रि व्रत
डायबिटीज के मरीज करें व्रत से इंकार
डायबिटीज के मरीज को नवरात्रि में नौ दिन का व्रत रखना अवॉयड करना चाहिए। अगर लंबे समय तक बिना कुछ खाए-पिए रहा जाए तो इम्यून सिस्टम को नुकसान हो सकता है। इसके अलावा बीमारी में व्रत के दौरान बहुत लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने पर लिवर और किडनी को भी नुकसान हो सकता है। वैसे तो शुगर के मरीजों को व्रत रखना ही नहीं चाहिए, लेकिन अगर व्रत रखना ही चाहते हैं तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर कर लें। अगर मरीज की उम्र 60 साल से ज्यादा है या वह इंसुलिन या दूसरी दवाएं ले रहा है या उसे कुछ दूसरी गंभीर शारीरिक समस्याएं हैं तो उसे व्रत बिल्कुल नहीं रखना चाहिए।

डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा देर तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए और हर 2-3 घंटे में जरूर कुछ खाना चाहिए। अगर एक डायबिटीक मरीज व्रत रखता है तो उसके थोड़े समय के अंतराल में पनीर, दही, छाछ, नारियल पानी के अलावा सेब, पपीता, जामुन, खीरा आदि खाना चाहिए। कुट्टू या सिंघाड़े की पूड़ी या पकौड़े के बजाय पराठे खा सकते हैं।

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एसिडिटी के मरीज बचें व्रत से

एसिडिटी के मरीज ना ले नवरात्रि व्रत

बदलते लाइफस्टाइल के साथ एसिडिटी की समस्या बहुत आम बात है। अधि‍क गर्म, तीखा, मसालेदार भोजन करने, अत्यधि‍क खट्टी चीजों का सेवन, देर से पचने वाले खाने की चीजों का सेवन, नशीले पदार्थों का सेवन करने से एसिडिटी की समस्या पैदा होती है, लेकिन अगर खाने के बीच में ज्यादा अंतराल हो जाए तब भी एसिडिटी की समस्या बढ़ जाती है।

इसलिए जिन लोगों को एसिडिटी या हायपर एसिडिटी है उन्हें नौ दिनों के व्रत करने से बचना चाहिए। व्रत के दौरान बहुत बार लंबे समय तक भूखे रहने से हायपर एसिडिटी हो जाती है जिसे ठीक करना थोड़ा मुश्किल होता है। वैसे तो एसिडिटी के मरीज इस व्रत को कम ही लेते हैं और जो लेते हैं वह थोड़े-थोड़े अंतराल पर कुछ न कुछ फलाहार खाते रहते है। पेट खाली रहने से एसिडिटी बढ़ सकती है। अपने खाने में हाई कार्बोहाइड्रेट डायट जैसे आलू, साबूदाना आदि को शामिल करें। जिससे यह व्रत आसान हो सकता है।

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गर्भवती महिलाएं ना रखें नौ दिन का व्रत

गर्भवती महिलाओं को यूं तो कोई भी बीमारी में व्रत लेना मना होता है क्योंकि गर्भस्थ शिशु को गर्भवती महिला से ही पोषण चाहिए होता है, और अगर आपके शरीर में पर्याप्त एनर्जी नहीं है तो व्रत लेने से आपके शरीर के साथ-साथ शिशु पर भी बुरा असर होगा। बीमारी में व्रत रखने से गर्भवती के शरीर में शुगर का लेवल गिर सकता है जो मां के साथ-साथ बच्चे के लिए भी नुकसानदेह होता है। डॉ. सौम्या सिंह, एमबीबीएस, रेजिडेंट डॉक्टर (सुशीला तिवारी गर्वमेंट हॉस्पिटल,उत्तराखंड) बताती हैं कि, ”गर्भवती महिलाओं को वैसे तो कोई भी व्रत नहीं रखना चाहिए लेकिन, आखिरी के तीन महीने गर्भावस्था में सबसे महत्तवपूर्ण माने जाते हैं इस दौरान तो महिलाओं को किसी भी तरह के व्रत से बचना चाहिए।” बीमारी में व्रत के दौरान बेहोशी, चक्कर, उल्टी या ऐसे किसी भी लक्षण दिखने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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ऑपरेशन और सर्जरी वाले रखें खास ध्यान

बीमारी में व्रत अगर हाल ही में आपका कोई ऑपरेशन या सर्जरी हुई है, तो आपको व्रत करने से बचना चाहिए क्योंकि उसको एक बार फिर ठीक होने में पर्याप्त पोषण और ऊर्जा की जरुरत होगी। इसके अलावा अगर आप हार्ट, किडनी, फेफड़े या लिवर संबंधित बीमारी से ग्रस्त हैं, तो व्रत करने से बचें, क्योंकि इससे आपकी आंतरिक शारीरिक व्यवस्थाएं गड़बड़ा जाएंगी और सेहत को इसका खामियाजा चुकाना होगा।

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एनीमिया के मरीज डॉक्टर से पूछ कर करें व्रत

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17 अक्टूबर से शुरु होने वाले नवरात्रों की तैयारी जोरो- शोरो से हो रही हैं लेकिन, इन सबके बीच अगर सेहत का ध्यान नहीं रखा जाए तो परेशानियां बढ़ सकती हैं। अगर आप व्रत रखना चाहतें हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें और सलाह के बाद ही नौ दिनों का व्रत रखें। बीमारी में व्रत रखना सही निणर्य नहीं होगा।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Pragmatic dietary advice for diabetes during Navratris/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5240068/Accessed on 17/08/2020

Fetus, fasting, and festival: the persistent effects of in utero social shocks/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4181965//Accessed on 17/08/2020

Fasting practices in Tamil Nadu and their importance for patients with diabetes/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5105573//Accessed on 17/08/2020

नवरात्रि में उपवास करने के लिए सुझाव | Navratri Fast Vidhi/https://www.artofliving.org/in-hi/navratri/fasting-rules-vrat-ka-khana/Accessed on 17/08/2020

लेखक की तस्वीर
Lucky Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/08/2020 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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