home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

'पा' में अमिताभ वाली प्रोजेरिया बीमारी से पीड़ित हैं ये भाई-बहन

'पा' में अमिताभ वाली प्रोजेरिया बीमारी से पीड़ित हैं ये भाई-बहन

साल 2009 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘पा’ उसमें बिग के लुक के चलते चर्चा में रही थी। फिल्म ‘पा’ में अमिताभ बच्चन को प्रोजेरिया बीमारी से पीड़ित दिखाया गया था। प्रोजेरिया बीमारी में कम उम्र में ही बुढ़ापे के सभी लक्षण दिखने लगते हैं। भारत में इस बीमारी का ताजा मामला बीते बुधवार(23/1o/2019) को सामने आया। यहां कानपुर में इस बीमारी से पी़ड़ित दो बच्चे हैलट अस्पताल के बाल रोग ओपीडी में पहुंचे। डॉक्टर अब इन पर शोध करेंगे। बच्चों को फिलहाल जांच के लिए हैलट में ही रोक लिया गया है।

भाई-बहन हैं ये दोनों बच्चे

उत्तर प्रदेश के ही फतेहपुर निवासी जगरूप की बेटी प्रिया की उम्र 17 वर्ष और बेटे नीरज कुमार की उम्र 11 वर्ष है। इनमें एक के दांत निकले ही नहीं जबकि दूसरे को सिर्फ एक दांत है। दोनों मरीजों के सिर में बाल बुढ़ों जैसे हैं और उनका चलना, उठना व बैठना भी बुढ़े लोगों की तरह ही है। दोनों को गर्मी भी अधिक लगती है पर पसीना नहीं निकलता। ऐसे में उन्हें गर्मी से बचने के लिए पानी से भरा बैग सिर पर रखना पड़ता है। इससे बार-बार कपड़े भी गीले हो जाते हैं।

ये भी पढ़ें- ‘जोकर’ में स्यूडोबलबार अफेक्ट का शिकार हैं Joaquin Phoenix, जानें क्या है ये बीमारी

बुधवार को पहले वह दंत रोगों की ओपीडी में पहुंचे। यहां से उन्हें बाल रोग ओपीडी में भेजा गया जहां विशेषज्ञा डॉ. राज तिलक और उनकी टीम ने परीक्षण किया है। डॉ. राज तिलक का कहना है कि दोनों बच्चों को जेनेटिक बीमारी प्रोजेरिया से पीड़ित होने के लक्षण मिल रहे हैं। लेकिन, विस्तृत जांच पड़ताल के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। बच्चों को सोमवार की ओपीडी में बुलाया गया है।

प्रोजेरिया क्या है?

प्रोजेरिया एक ऐसी दुर्लभ बीमारी है, जो बच्चों को उम्र से पहले बूढ़ा बना देती है। प्रोजेरिया का पहला केस डॉ. जॉनथन हचिंसन ने 1886 में दर्ज किया था। प्रोजेरिया का दूसरा केस 1904 में डॉ. हेस्टिंग्स गिल्फोर्ड ने दर्ज किया था। प्रोजेरिया का दूसरा नाम हचिंसन-गिल्फोर्ड प्रोजेरिया सिंडरोम भी है। प्रोजेरिया बहुत दुर्लभ बीमारी है, जो चार से आठ मिलियन पैदा होने वालों में से किसी एक को होती है। यह बीमारी जींस में बदलाव के कारण होती है।

प्रोजेरिया के लक्षण

इस बीमारी में बच्चों की उम्र सात गुना ज्यादा तेजी से बढ़ने लगती है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चे सात साल की उम्र में 70 साल के दिखने लगते हैं।

प्रोजेरिया के लक्षण में गंजापन, शरीर का न बढ़ना, झुर्रियां, बालों का झड़ना, कमजोरी, सर और चेहरे का शरीर से बढ़ा होना आम हैं। यह सब शारीरीक लक्षण हैं। इनके अलावा प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे बुढ़ापे की बीमारीयों से भी ग्रस्त होते हैं।

प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चों में इस बीमारी के लक्षण और बुढ़ापे की निशानियां पैदा होने के 18 महीने के बाद से ही दिखने लगते हैं।

ये भी पढ़ें- क्या है हड्डियों की बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस, जानें इसके लक्षण

प्रोजेरिया के बाद

प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे का दिमागी विकास आम बच्चों की तरह ही होता है। लेकिन, शरीर बुढ़ा यानि की 60 या 70 साल का दिखने लगता। प्रोजेरिया के कारण बच्चों को बुढ़ापे में होने वाली बीमारीयां जोड़ों में दर्द, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और दिल का दौरा हो जाती हैं ।

किसे होता है प्रोजेरिया?

प्रोजेरिया किसी एक खास लिंग के बच्चों को नहीं बल्कि किसी भी बच्चे को हो सकता है। प्रोजेरिया के केस अलग-अलद देशों में दर्ज किए जा चुके हैं। इससे यह भी पता चलता है की यह किसी एक देश या एक प्रजाति के लोगों को नहीं बल्कि किसी को भी हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी बच्चों को माता-पिता से नहीं मिलती। क्योंकि, प्रोजेरिया से पीड़ित बच्चे शादी या बच्चे पैदा करने की उम्र तक जीवित नहीं रह पाते।

ये भी पढ़ें- क्या बढ़ती उम्र में होने वाली ये बीमारी है आम ?

प्रोजेरिया का इलाज

प्रोजेरिया अभी तक एक लाईलाज बीमारी है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि वे जल्द इसका इलाज ढूंढ लेंगे। प्रोजेरिया के कारण हो रही दिल की बीमारी और जोड़ों में दर्द जैसी कई बीमारियों के इलाज हैं। लेकिन, प्रोजेरिया का कोई इलाज नहीं है।

दुनियाभर में प्रोजेरिया

दुनियाभर में प्रोजेरिया के अब तक 250 केस का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें से डॉक्टरों और प्रोजेरिया की जांच कर रहे वैज्ञानिकों को 125 केस मिल गए हैं।

भारत में प्रोजेरिया

भारत में भी प्रोजेरिया के 60 से 80 केस मिले हैं। भारत में हाल ही में प्रोजेरिया के केस ढूंढने में मदद कर रहे एक पीड़ित बच्चे की मौत हो गयी है।

वहीं बिहार में एक ही परिवार में 8 बच्चों में से 6 बच्चें प्रोजेरिया से पीड़ित थे। उन 6 बच्चों में से केवल 1 ही जीवित है, जिसकी उम्र 14 साल है। यह दुनिया का अब-तक का पहला ऐसा परिवार है, जिसमें इतने बच्चों को यह बीमारी हुई।

और पढ़ें- वर्ल्ड अल्जाइमर डे : भूलने की बीमारी जो हंसा देती है कभी-कभी

बच्चों के लिए 10 सुपरफूड, जो उनके अच्छे विकास के लिए जरूरी है

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Lucky Singh द्वारा लिखित
अपडेटेड 24/10/2019
x