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तमिल ब्राह्मण दही के लिए इतने दीवाने क्यों होते हैं?

तमिल ब्राह्मण दही के लिए इतने दीवाने क्यों होते हैं?

किसी भी तमिल ब्राह्मण से पूछ लें। वो अपने कुल देवम यानी पारिवारिक भगवान की कसम खा कर यह कहेंगे कि अगर वो थायर-सदाम (दही चावल) और नींबू का अचार के साथ भोजन न करें, तो इसे बहुत बड़ा अपशगुन माना जाता है। वो यह दावा करते हैं कि दही अपच (प्रोबायोटिक्स) से लेकर ग्लोबल वार्मिंग तक सब कुछ ठीक कर सकता है।

दही के फायदे क्या हैं?

तमिल ब्राह्मण दही को लेकर इतने दिवाने क्यों हैं? दही के फायदे क्या हैं, इसके लिए उनके पास कई तथ्य हैं। खैर, तमिलनाडु असहनीय रूप से गर्म हो जाता है, यानी यहां बहुत अधिक गर्मी पड़ती है। वहीं, दूसरी तरफ दही एक प्राकृतिक शीतल है। यह प्रोटीन का भी अच्छा स्त्रोत है, खासतौर पर शाकाहारी लोगों के लिए। दही के फायदे यहीं खत्म नहीं होते, यह लैक्टिक एसिड से भरपूर और प्रोबायोटिक है, जो हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में लाभदायक है।

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देश के अन्य हिस्सों में दही के फायदे

तमिल ब्राह्मण और दही को जो एक चीज जोड़ कर रखती है, वो है इनकी प्रकृति। यह कोई कमजोरी नहीं है, बल्कि एक गुण है, क्योंकि आप इसे किसी भी चीज से जोड़ सकते हैं। देश के बाकी हिस्से के लोग इनके प्रेम को कम नहीं कर सकते। देश के दूसरे हिस्से में तमिल ब्राह्मणों के दही प्रेम का मजाक उड़ाया जाता है। दूसरे हिस्से के लोग दही को केवल पराठों के साथ खाना पसंद करते हैं। बाकी के भोजन या समय में उनके जीवन में दही का कोई खास महत्व नहीं है। जब बात रात के खाने की हो, तो देश के अन्य हिस्से में इसे रात को नहीं खाया जाता, क्योंकि यह ठंडा होता है। अगर आप दूध पी रहे हैं, तो दही नहीं खा सकते। इस तरह से देश के अन्य हिस्सों में दही को लेकर कई नियम बनाए गए हैं।

लेकिन, तमिल ब्राह्मणों में कोई भी शादी या खास अवसर बिना दही के पूरी नहीं होती। इसे तरह-तरह के मसालों और अनार के दानों के साथ सजाया और परोसा जाता है।

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कैसे जमाया जाता है दही?

तमिल ब्राह्मण के लिए दुनिया में सबसे अधिक जरूरी चीज है दही। वहां दही जमाना कोई सामान्य काम नहीं है, बल्कि एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। घर में एक बड़े से बर्तन को केवल इसी के लिए रखा जाता है और घर की एक स्त्री दही को जमाने का काम करती हैं। ऐसा माना जाता है कि वो घर कोई घर नहीं है, अगर इसमें दही नहीं है। अगर तमिल ब्राह्मण देश के दूसरे हिस्से में किसी शादी के लिए जाते हैं और वहां मौजूद डिशेज में दही को नहीं पाते हैं, तो इससे अधिक समस्या वाली बात उन्हें लिए कोई नहीं है।

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दही के फायदे और तमिल ब्राह्मण का संबंध

किसी भी तमिल ब्राह्मण के घर में दो तरह का दही रहता है, पहले ताजा दही जिसे पिछली रात ही जमाया जाता है। इस दही को जमने के तुरंत बाद फ्रिज में रख दिया जाता है और दूसरा दही जो पहले से ही फ्रिज में होता है, यानी थोड़ा खट्टा दही। आप इन दोनों तरह के दही को अपनी इच्छानुसार मिला सकते हैं। खट्टे दही को उन दिनों फ्रिज से बाहर निकाला जाता है, जब एवियल या मोर कोझामु जैसी डिशेज बनानी हों। शेष समय के लिए, ताजा दही का प्रयोग किया जाता है।

अगर आप तमिल ब्राह्मणों का दही के साथ संबंध नहीं समझ पाए हैं, तो मैं इसे संक्षेप में भी समझा सकती हूं। फ्रिज में रखा ताजे दही का एक कटोरा उन्हें सुरक्षा का अहसास कराता है। लेकिन, इसके विपरीत भी सच है, इसकी अनुपस्थिति तमिलनाडु में गरीबी का प्रतीक है।

इस तरह से आप दही के फायदे जानकर तमिल ब्राह्मण और उनके दही के प्यार को अच्छे से समझ ही गए होंगे। अगर आप तमिलनाडु जाएं, तो दही की डिशेज खाना न भूलें। वहीं, अगर कोई तमिल ब्राह्मण आपके घर आए, तो बिना दही के उन्हें खाना परोसने की भूल न करें।

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Anu sharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 31/03/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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