home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

दो वजायना के साथ जी रही है ये लड़की, 17 साल तक पता ही नहीं चला

दो वजायना के साथ जी रही है ये लड़की, 17 साल तक पता ही नहीं चला

दुनिया में रोचक तथ्यों की कोई कमी नहीं है। हमारे आस-पास कई ऐसी घटनाएं होती हैं, जो सामान्य से अलग नजर आती हैं। ये तथ्य हमें दिमाग पर जोर डालने के लिए मजबूर कर देते हैं। कुछ ऐसी ही कहानी मॉली रोज टेलर (Molly Rose Taylor) की भी है, जिसे जानकर हर कोई हैरान है। मॉली रोज टेलर की दो वजायना (vaginas), वॉम्ब (wombs) and सर्विक्स (cervices) हैं।

19 साल की मॉली को नौ साल की उम्र में ही पीरियड्स शुरू हो गए थे। उन्होंने उस समय पीरियड्स में असहनीय दर्द होने की शिकायत की थी। हालांकि, उस समय डॉक्टर उनकी वजायना को अलग करने वाली टिश्यू की दीवार को स्पॉट करने में विफल रहे थे। इतने तेज दर्द के कारण वह कई बार बेहोश भी हो जाती थी। उन्हें इस बात की बहुत चिंता सताती थी। जब भी मॉली पीरियड्स के दिनों में टैम्पॉन का इस्तेमाल करती थी, तो वो खुद बाहर आ जाता था।

मॉली ने बताया कि जब उन्हें पहली बार पीरियड्स हुए थे, तो डॉक्टर ने उनके असहनीय दर्द का कारण उनकी उम्र को बताया था। डॉक्टर्स ने उसे कहा था कि मॉली की कम उम्र के चलते उसका शरीर पीरियड्स की प्रक्रिया के लिए तैयार नहीं है, इसलिए उन्हें इतना दर्द होता है। इस दौरान डॉक्टर को दो वजायना की जानकारी नहीं थी।

हैवी ब्लीडिंग के चलते खाती थीं दवा

मॉली ने आगे कहा ”आज मैं ये बात जानती हूं कि मुझे इतना दर्द इसलिए होता था क्योंकि मुझे दो पीरियड्स एक बार में होते थे। मैं पिछले 12 साल से हैवी ब्लीडिंग और बेहोश होने से बचने के लिए दवाएं खा रही थी। टीनेज के समय में जब मैं टैम्पॉन का इस्तेमाल करती थी और वो बाहर आ जाता था, मुझे लगा था शायद ये नॉर्मल है।”

मॉली बताती हैं, ”मुझे यह बात तब तक मालूम नहीं हुई जब तक मैंने अपने बॉयफ्रेंड के साथ शारीरिक संबंध नहीं बनाए। मुझे यह बात बहुत सताती थी, क्योंकि मेरे लिए ये बहुत दर्दनाक और असंभव था। बता दें, मॉली की दो वजायना को बाहर से पता लगाना मुश्किल था। यहां तक कि जब उन्होंने डॉक्टर से भी जांच कराई थी, तो वो भी इस बात को नहीं पकड़ पाए थे। शुरुआत में डॉक्टर्स ने उनकी ब्लीडिंग और डिस्चार्ज को देखते हुए उन्हें सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज के टेस्ट कराने के लिए कहा था।”

ये भी पढ़ें: जानिए कैसे मिसकैरिज की संभावना को करें कम

डेली मेल की खबर के अनुसार, मॉली ने बताया ”उन टेस्ट में जब कुछ सामने नहीं आया, तो मैं इस बात को लेकर और ज्यादा निश्चित हो गई थी कि कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर है। इसके बाद मैंने खुद पर रिसर्च करना शुरू किया। आखिरकार 2017 में एक गायनेकोलॉजिस्ट ने उनकी इस कंडिशन के बारे में पता लगाया। इसके बाद मॉली ने यूट्रस डिडेलफिस (uterus didelphys) के बारे में जागरूकता की कमी पर जोर दिया। यह जानने के बाद मुझे बहुत राहत महसूस हुई थी और आखिरकार ये मालूम हुआ कि मेरे अंदर क्या कमी है। बता दें, हर तीन हजार में से एक महिला इससे प्रभावित होती है।”

उन्होंने बताया कि मैं जब अपनी इस परेशानी के बारे में रिसर्च करती थी, तो मुझे इसे लेकर कोई जानकारी नहीं मिली। यहां तक कि डॉक्टर भी मेरी परेशानी को नहीं समझ पाए (दो वजायना होने की जानकारी नहीं थी)। इसलिए, मुझे इसका इलाज कराने में इतनी देरी हो गई। मैंने गायनेकोलॉजिस्ट से अपनी वजायना स्कैन करने के लिए अनुरोध किया। दस मिनट के अंदर उन्होंने इस बात की पुष्टी कर दी कि मुझे दो वजायना, दो सर्विक्स और दो योनि हैं।

2017 में मॉली ने लॉनजिट्यूडिनल सेप्टम को रिमूव कराने के लिए यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराया था। मॉली बताती हैं कि उन्होंने अपनी ये कहानी (दो वजायना) इसलिए लोगों के साथ शेयर की जिससे वह दूसरों को इसके प्रति जागरूक कर सकें।

ये भी पढ़ें: स्ट्रेस कहीं सेक्स लाइफ खराब न करे दे, जानें किस वजह से 89 प्रतिशत भारतीय जूझ रहे हैं तनाव से

यूट्रस डाइडेलफिस क्या है?

यूट्रस डाइडेलफिस को डबल यूट्रस भी कहते हैं। इसमें महिला का जन्म दो यूट्रस के साथ होता है। कभी-कभी इसमें अलग-अलग सर्विक्स और दो वजायना भी होती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि महिला के भ्रूण में यूट्रस दो छोटी ट्यूबों के रूप में बाहर आना शुरू हो जाता है। जब भ्रूण विकसित हो जाता है, तब ट्यूब जुड़कर एक ऑर्गन बन जाता है, जो यूट्रस होता है। कई बार ये ट्यूब्स पूरी तरह नहीं जुड़ पाती और दोनों अलग-अलग विकसित होती हैं। इन महिलाओं में दो वूम्ब होते हैं। प्यूबर्टी के बाद ही इसके बारे में मालूम होता है। इसे डायग्नोज कराने के लिए अल्ट्रासाउंड कराया जाता है। शारीरिक रचना के संदर्भ में दोनो वूम्ब छोटे, एवरेज या बड़े भी हो सकते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि जिस महिला के दो वूम्ब हैं, वो एक साथ दो बार प्रेग्नेंट हो जाए और दोनों वूम्ब में उसके एक-एक बच्चा हो। कुछ महिलाएं दो वजायना के साथ पैदा होती हैं। उन्हें दूसरी महिलाओं की तरह ही पीरियड्स होते हैं।

ये भी पढ़ें : बाइकॉर्नुएट यूट्रस प्रेग्नेंसी क्या होती है?

महिलाओं को वजायना का ध्यान कैसे रखना चाहिए?

महिलाओं में वजायना से जुड़ी कई बीमारी हो सकती है। इन बीमारियों में शामिल है-

ऐसे में वजायना का विशेष ख्याल रखना चाहिए या हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए।

  • सेक्स के बाद यूरिन डिस्चार्ज जरूर करना चाहिए।
  • स्नान के दौरान वजायना की सफाई भी करें। इस दौरान आप साबुन से वजायना को क्लीन कर सकती हैं।
  • अंडरगार्मेन्ट रोज बदलें और हमेशा कॉटन के अंडरगार्मेन्ट का ही चयन करें और टाइट न पहने। ध्यान रखें अंडरगार्मेन्ट आरामदायक होना चाहिए।
  • अंडरगार्मेन्ट की सफाई रोज करें।
  • अगर वजायना से स्मेल (बदबू) आ रही है तो हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह लें।
  • पीरियड्स (मासिक धर्म) के दौरान इसकी सफाई पर विशेष ध्यान दें और दो से तीन बार सैनेट्री पैड चेंज करें।
  • कभी-कभी ज्यादा मीठे के सेवन से और कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण भी वजायना में इचिंग की समस्या शुरू हो जाती है। इसलिए अत्यधिक मीठे का सेवन न करें। ज्यादा मीठा खाने से अन्य शारीरिक परेशानी शुरू हो सकती है।
  • अगर आपको इचिंग (खुजली) की समस्या हो रही है, तो पानी में एप्पल साइडर विनेगर डालकर इससे वजाइना की सफाई करें। ऐसा करने से परेशानी धीरे-धीरे ठीक हो सकती है।

अगर आप दो वजायना से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

और पढ़ें:

आसान डिलिवरी के लिए अपनाएं ये 10 उपाय

क्या नॉर्मल डिलिवरी के समय अच्छे बैक्टीरिया पहुंचते हैं बच्चे में?

प्रेग्नेंसी में सेक्स: क्या आखिरी तीन महीनों में सेक्स करना हानिकारक है?

इन सेक्स पुजिशन से कर सकते है प्रेंग्नेंसी को अवॉयड

प्रेग्नेंसी के दौरान ट्राई की जा सकती हैं ये सेक्स पुजिशन

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Woman with agonising period pain discovers why when she first has sex/www.news.com.au/Accessed on 13/12/2019

Nanny, 19, discovers she has two vaginas after years of agonising period pains/https://www.mirror.co.uk/news/uk-news/nanny-19-discovers-two-vaginas-20588622/Accessed on 13/12/2019

Teenager with TWO vaginas, wombs and cervixes says it took doctors eight years to spot her unusual anatomy after they repeatedly dismissed her excruciating period pains/www.dailymail.co.uk/Accessed on 13/12/2019

Woman reveals what it’s like to have two vaginas, two cervixes and two wombs/https://metro.co.uk/2019/10/22/woman-reveals-like-two-vaginas-two-cervixes-two-wombs-10964355/Accessed on 13/12/2019

Woman born with two vaginas, two wombs and two cervixes defies odds to become mum/https://www.mirror.co.uk/news/uk-news/woman-born-two-vaginas-two-20419704/Accessed on 13/12/2019

लेखक की तस्वीर
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Mona narang द्वारा लिखित
अपडेटेड 16/10/2019
x