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डब्लूएचओ : एक बिलियन लोग हैं आंखों की समस्या से पीड़ित

डब्लूएचओ : एक बिलियन लोग हैं आंखों की समस्या से पीड़ित

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम एक अरब लोगों में दृष्टिहीनता और आंखों की समस्या का पता चला है। अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इसे सिंपल आई केयर के जरिए ठीक किया जा सकता है या फिर नहीं। विजन की वर्ल्ड रिपोर्ट के मुताबिक ‘विश्व स्तर पर 2.2 बिलियन से ज्यादा लोगों में अंधापन की समस्या पाई गई है।’

डब्लूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडहोम ने कहा कि यह स्वीकार कर पाना मुश्किल हो रहा है कि 65 मिलियन लोग आंखों की समस्या से जूझ रहे हैं जबकि मोतियाबिंद जैसी समस्या को रात भर में सही किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आर्थिक समस्या है उन्हें भी आंखों की समस्या से निजात मिलना चाहिए। घेब्रेयस के अनुसार आई केयर का मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। साथ ही यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज में भी ये महत्वपूर्ण मुद्दा है।

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विश्व स्तर पर दृष्टि की समस्या से करीब 124 मिलियन और मोतियाबिंद की समस्या वाले करीब 65 मिलियन लोग पाए गए। आंखों की समस्या के अन्य कारणों में मायोपिया, मधुमेह और देर से बीमारी का पता लगना शामिल है। साथ ही लगभग 900 मिलियन लोग प्रिसबायोपिया (Presbyopia) से पीड़ित थे। ये बीमारी एक उम्र से संबंधित है। इसे मोतियाबिंद कहा जाता है।

WHO के विजन वर्क को देख रहे डॉ एलारकोस सिइजा कहते हैं कि ‘2017 में एक ईमेल इंटरव्यू के जरिए अल जजीरा से हुई बातचीत के दौरान वर्ड हेल्थ असेंबली के दौरान रिपोर्ट तैयार की गई थी। ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, इथियोपिया और पाकिस्तान आदि देशों इसमे हिस्सा लिया था। ये आयोजन स्विस शहर जिनेवा में आयोजित किया था।

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सभी जगह स्थिति है अलग

रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि आंखों की समस्या से जूझ रहे देशों में स्थिति अलग है। मध्यम आय वाले देशों और अधिक आबादी वाले क्षेत्रों कि महिलाओं, प्रवासियों, स्वदेशी लोगों में, विकलांगता वाले व्यक्तियों और ग्रामीण समुदायों में ये समस्या अधिक देखने को मिली। डब्ल्यूएचओ ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि निम्न और मध्यम आय वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग, उच्च आय वाले क्षेत्रों की तुलना में दृष्टि हानि के प्रति चार गुना अधिक संवेदनशील थे। निम्न और मध्यम आय वाले देशों में महिलाओं में मोतियाबिंद और ट्रेकोमैटस ट्राइकियासिस की दर अधिक पाई गई।रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि महिलाएं ट्रैकोमा के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकती हैं।

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आंखों की देखभाल का मुद्दा

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि दुनिया भर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल की जरूरत है जिसमें रोकथाम, बीमारी का जल्दी पता लगाने और उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर तुरंत उपचार मिलना संभव हो सके। Cieza ने प्रेस को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा कि दक्षिण एशियाई राष्ट्रों ने अपनी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा में आंखों की समस्या में से एक मोतियाबिंद सर्जरी को शामिल किया था, जिससे 10 वर्षों में गंभीर दृष्टि दोष और अंधापन से जूझ रहे लोगों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी पाई गई थी।

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आंखों की समस्या से दूर रहने के लिए क्या खाएं?

अमेरिकन ऑप्टोमेट्रिक एसोसिएशन (AOA) और अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी (AAO) जैसे संगठन AREDS रिपोर्ट के आधार पर आंखों के स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्व बहुत जरूरी हैं। AREDS की रिपोर्ट के हिसाब से ये दस खाद्य पदार्थ पोषक तत्वों से भरपूर हैं :

  • मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे अच्छा सोर्स हैं। टूना, सैल्मन, ट्राउट, सार्डिन, हिलसा आदि ऐसी मछलियां हैं जिनके पेट और शरीर के ऊतकों में तेल होता है, इसलिए उन्हें खाने से शरीर को ओमेगा-3 का उच्च स्तर मिलता है। इससे आपको आंखों की समस्या नहीं होगी।
  • नट्स और फलियां, ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। नट्स में विटामिन-ई का भी उच्च स्तर होता है, जो बढ़ती उम्र से संबंधित आंखों की समस्या को बचा सकता है। अखरोट, ब्राजील नट्स, काजू, मूंगफली और फलियां आंखों के स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं।
  • खट्टे फल जैसे-नींबू और संतरे विटामिन-सी से भरपूर होते हैं। विटामिन-ई की तरह, विटामिन-सी एक एंटीऑक्सिडेंट है जो बढ़ती उम्र की वजह से होने वाले आंखों की समस्या से लड़ने में आपको मदद करते हैं।
  • नट और फलियों की तरह कुछ बीजों में भी ओमेगा-3 और विटामिन ई की अधिक मात्रा पाई जाती है जैसे-चिया और अलसी का बीज।
  • पत्तेदार हरी सब्जियां ल्यूटिन और जेक्सैथीन दोनों में समृद्ध होती हैं और यह विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत हैं। जैसे-पालक और कोलार्ड्स।
  • गाजर की तरह, शकरकंद भी बीटा कैरोटीन से भरपूर होता है। इसके साथ ही यह एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन-ई का भी एक अच्छा स्रोत है।
  • बीफ जिंक से भरपूर होता है, जो बेहतर नेत्र स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। चिकन ब्रेस्ट और पोर्क लॉइन जैसे मीट में भी जिंक होता है लेकिन, बीफ की तुलना में इनमें जिंक थोड़ा कम मात्रा में पाया जाता है।
  • अंडे, ल्यूटिन और जेक्सैंथिन का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं, जो उम्र से संबंधित आंखों की समस्या के जोखिम को कम कर सकते हैं। अंडे भी विटामिन सी, ई और जिंक के अच्छे स्रोत हैं।
  • यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि जीवन के लिए आवश्यक तरल पदार्थ नेत्र स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। भरपूर पानी पीने से डिहाइड्रेशन को रोका जा सकता है, जिससे ड्राई आंखों के लक्षण को कम कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Priority eye diseases/https://www.who.int/blindness/causes/priority/en/index1.html/Accessed on 10/12/2019

WHO launches first World report on vision/https://www.who.int/news-room/detail/08-10-2019-who-launches-first-world-report-on-vision/Accessed on 10/12/2019

Blindness and vision impairment/https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/blindness-and-visual-impairment/Accessed on 10/12/2019

One billion people have preventable eye conditions, increasingly linked to lifestyle choices: UN health agency/https://news.un.org/en/story/2019/10/1048762/Accessed on 10/12/2019

Eye Strainhttps://www.medicinenet.com/eye_strain/article.htmAccessed 17 December, 2019

 

लेखक की तस्वीर
09/10/2019 पर Bhawana Awasthi के द्वारा लिखा
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा मेडिकल समीक्षा
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