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एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण डैमेज हो सकता है आपका हार्ट, रहें अलर्ट!

एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण डैमेज हो सकता है आपका हार्ट, रहें अलर्ट!

एथेरोस्‍कलेरोसिस एक ऐसी समस्या है, जिसमें धमनियां सख्त होने के साथ सिकुड़ने लगती हैं। इस स्थिति को एथरोस्‍कलेरोटिक कार्डियोवैस्‍कुलर डिजीज भी कहते हैं। जिसके कारण मरीज में हार्ट अटैक, स्‍ट्रोक और वस्‍कुलर डिजीज जैसी बीमारियों का रिस्क और भी बढ़ जाता है। यह हार्ट के लिए एक बहुत ही गंभीर स्थिति है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बीमारी में शरीर में मौजूद धमनियों के अंदर रूकावट पैदा होने लगती है। धमनियाें की हमारे शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जो हमारे दिल के साथ-साथ शरीर के तमाम अंगों तक ऑक्सिजन युक्त रक्त पहुंचाने का काम करती हैं। यदि इस फंक्शन में किसी प्रकार की रूकावट आ जाए, तो इसके कारण वसा, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और खून में मौजूद अन्य तत्वों के जमाव होने लगता है। इसकी वजह से धमनियों के अंदर ब्लॉकेज हो जाता है। आइए जानते हैं एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण (Causes of Atherosclerosis) एवं इलाज के बारे में। एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण (Causes of Atherosclerosis) के साथ इसके लक्षण भी जानिए यहां….

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एथेरोस्‍कलेरोसिस के लक्षण (Atherosclerosis Symptoms)

थेरोस्‍कलेरोसिस के कारण (Atherosclerosis causes) को जानने से पहले आपको इसके लक्षण को भी जानना चाहिए। थेरोस्‍कलेरोसिस यानि कि धमनियों में ब्‍लॉकेज होने पर बहुत ज्यादा लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन कुछ लक्षण जरूर महसूस हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं, सीने में दर्द, पैरों दर्द और बांहों में दर्द आदि। कुछ लोगों में शरीर के अन्य हिस्सों में भी दर्द की समस्या हो सकती है, खासतौर पर उन हिस्सों में, जहां की धमनी ब्‍लॉक हो चुकी हो। इसी कारण लोगों में सांस लेने में तकलीफ, थकान महसूस होना और ब्‍लॉकेज के मस्तिष्‍क में रक्‍त प्रवाह बाधित होने के कारण उलझन महसूस हो सकती है मरीज को।
हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक के लक्षणाें को जानना भी जरूरी है। ये दोनों ही एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण होते हैं और इनमें तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत होती है। हार्ट अटैक के लक्षण हैं सीने में दर्द, कंधे, कमर, गर्दन, हाथ में दर्द, पेट में दर्द, सांस लेने में दिक्‍कत, सिर चकराना, उल्‍टी या जी मतली। स्‍ट्रोक के लक्षण हैं चेहरे या हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्‍नता, बोलने में दिक्‍कत होना, देखने में परेशानी होना, बेसुध होना और अचानक तेज सिरदर्द होना।

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एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण (Causes of Atherosclerosis)

जैसा कि हमने जाना कि एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या धमनियों में आई रुकावट के कारण होती है। इसमें आयी दिक्कत के कारण शरीर के विभिन्न अंगों में ऑक्सिजन युक्त ब्लड का फ्लो ठीक से नहीं हो पाता है। अगर हम एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारणों की बात करें, तो धमनियों में रूकावट आने के कई कारण हो सकते हैं:

  • कोलेस्ट्रॉल का हाय लेवल: कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ लेवल शरीर के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। हाय कोलेस्ट्रॉल दिल और अन्य अंगों के स्तर ठोस होकर दिल और जरूरी अंगों के बीच खून पहुंचने में बाधा उत्पन्न करता है।
  • फैट: हाय फैट वाला भोजन करने से भी धमनियों में वसा जमने लगता है।
  • बढ़ती उम्र: लोगों की बढ़ती उम्र भी कई हार्ट डिजीज का कारण हो सकती है। बढ़ती उम्र के साथ रक्त वाहिकाओं को खून पहुंचाने और प्राप्त करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। हार्ट फंक्शन में भी कठिनता होती है। बढ़ रही उम्र के साथ आपकी धमनियां कठोर और कम लचीली भी होने लगती है। यह भी ब्लॉकेज का एक बड़ा कारण हो सकती है।

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एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण इस प्रकार हैं :

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एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण होने वाली जटिलताएं

एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण कई जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे कि सीने में दर्द, कोई किडनी रोग, कोरोनरी या कैरोटिड हार्ट डिजीज, हार्ट फेलियर, पेरिफेरल आर्टरी डिजीज या स्‍ट्रोक हो सकता है। अगर इसके कारकों की बात करें, तो एथेरोस्‍कलेरोसिस के जोखिम के लिए कई कारक जिम्‍मेदार हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

फैमिली हिस्‍ट्री (Family History) : अगर किसी के परिवार में किसी सदस्‍य को यह स्‍वास्‍थ्‍य पहले या फैमिली में और भी पहले किसी को हो रखी है, तो आपमें भी इसका रिस्क बढ़ जाता है।
व्‍यायाम की कमी (Exercise) : रोजाना एक्सरसाइज हेल्दी हार्ट के लिए अच्‍छा होता है। इससे हृदय की मांसपेशियों मजबूत बनी रहती हैं और पूरे शरीर में रक्‍त एवं ऑक्‍सिजन के प्रवाह अच्छा होता है।
हाय ब्‍लड प्रेशर (High Blood Pressure) : हाय बीपी की समस्या भी हार्ट प्राॅब्लम (Heart Problem) का बड़ा कारण बन सकती हैं। इससे रक्‍त वाहिकाएं कमजोर और क्षतिग्रस्‍त हो सकती हैं। खून में कोलेस्‍ट्रोल और अन्‍य तत्‍व समय के साथ धमनियों के लचीलेपन को कम कर सकते हैं। इसके अलावा मरीज में और भी कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
धूम्रपान (Smoking) : धूम्रपान करने से भी रक्‍त वाहिकाएं और दिल को नुकसान पहुंच सकता है। उसके फंक्शन पर दबाव पड़ने के साथ दिल कमजोर होता जाता है।
डायबिटीज (Diabetes) : डायबिटीज के मरीजों में कोरोनरी आर्टरी डिजीज का रिस्क अधिक पाया जाता है। इसलिए उन्हें समय-समय पर कुछ जरूरी टेस्ट करवाना चाहिए।

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शरीरिक परीक्षण के नतीजों के अधाार पर डॉक्टर कुछ और टेस्ट कर सकता है जैसे-

  • डॉक्टर इस ब्लड टेस्ट के लिए कुछ जरूरी ब्ल्ड टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। जोकि शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल या शुगर लेवल का पता लगाने के लिए किया जा सकता है। यह दोनों एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण के मुख्य माने जाते हैं। शुगर और कोलेस्ट्रॉल के अलावा डॉक्टर अन्य ब्लड टेस्ट (Blood Test) की सलाह भी दे सकते हैं।
  • कार्डिक कैथेटराइजेशन (Cardiac catheterization) और एंजियोग्राम नामक टेस्ट की सलाह भी डॉक्टर दे सकते हैं, इसमें धमनियों में एक तरह कलर डाई इंजेक्शन के माध्यम से इंजेक्ट की जाती है। जो पूरे शरीर में पहुंचकर कलरफुल स्कैन करने में मदद करती है। वो अंग ठीक से दिखने लगता है और धमनियों में कहां रूकावट हो रही है, इसका पता चल जाता है।
  • एंकल-ब्रेकियल इंडेक्स (Ankle-brachial index) टेस्ट हमारे हाथ और पैर में एथेरोस्क्लेरोसिस तो नहीं यानि कि ब्लॉकेज तो नहीं हो रहा है, यहा जानने के लिए किया जाता है। इसमें डॉक्टर हमारे हाथ और पैर में ब्लड प्रेशर की जांच करते हैं
  • स्ट्रेस (Stress) भी इस समस्या का बड़ा कारण है। इसलिए डॉक्टर स्ट्रेस टेस्ट की सलाह भी दे सकते हैं।इसमें यह देखा जाता है कि हमारा शरीर, अलग-अलग स्थितयों में हमारा दिल किस तरह से प्रतिक्रिया दे रहा है। इस अधार पर भी एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण का पता लगाया जा सकता है।
  • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram) ईसीजी पूर्व में हार्ट अटैक आदि के बारे में सचेत करता है, कि कहीं आपको हार्ट अटैक का खतरा तो नहीं है। अगर आपको किसी तरह की एक्टिविटी या एक्सरसाइज के दौरान दर्द या अटैक के लक्षण (Attack Symptoms) महसूस हो रहे हैं, तो डॉक्ट ट्रेडमिल पर दौड़ने को कह सकते हैं। इसमें आपकी हार्ट बीट चैक की जाती है और इस हिसाब से एथेरोस्‍कलेरोसिस के कारण का पता लगाया जाता है।

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एथेरोस्क्लेरोसिस का इलाज (Atherosclerosis treatment)

एथेरोस्क्लेरोसिस का इलाज मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। लेकिन कुछ चीजें डाॅक्टर सभी को बोलते हैं, जैसे कि एक अच्छी अच्छी और हेल्छी लाइफस्टाइल। समय पर हेल्दी डायट के लिए बोलेंगे, जिसमें आपका कम वसा वाला खाना भी शामिल है, ताकि आपका कोलेस्ट्रॉल भी कंट्रोल में रहे। इसके अलावा एक्सरसाइज की सलाह भी डॉक्टर रोज देते हैं। हृदय और रक्‍त वाहिकाओं की सेहत में सुधार लाने के लिए एक्‍सरसाइज की जरूरत पड़ सकती है। इसकी मेडिकेशन मरीज के स्थिति पर निर्भर करती है। एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या को रोकने के लिए कई लिए, कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवाईयां जैसे स्टेटिन्स या ब्लड पतला करने वाली दवाई एस्प्रिन आदि दे सकते हैं

डॉक्‍टर कोलेरस्‍ट्रोल के लेवल को कम करने वाली बीटा ब्‍लॉकर्स या कैल्शियम चैनल ब्‍लॉकर्स जैसी दवाएं भी दे सकते हैं। ताकि किसी भी प्रकार की क्लॉटेज को होने से रोका जा सके। इसके अलावा डॉक्टर डायट में कुछ बातों का ध्यान रखने को बोल सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • अपने डायट में सैचुरेटेड फैट (Saturated fat) और कोलेस्‍ट्रोल की मात्रा (Cholesterol Level) शामिल करें। इन सबसे बचाव के लिए फैटी फूड (Fatty Food) से बचें और अधिक ऑयल से भी।
  • रोज नियमित रूप से व्यायाम करें। यदि आप हार्ट पेशेंट हैं,तो कोई भी एक्सरसाइज डॉक्टर से पूछ कर के ही करें।
  • धूम्रपान (Smoking) न करें, यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है।
  • तनाव भी इसकी एक बड़ी वजह है। तनाव से बचने की कोशिश करें।

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इसके अलवा कुछ मरीजों में सर्जरी की आवश्यक्ता पड़ती है। जिसमें हार्ट की बायपास सर्जरी भी शामिल है। इसमें रक्त वाहिका को लेकर या सिंथैटिक नली बनाकर खून की रूकावट वाली जगह के ऊपर बायपास रास्ता बनाया जाता है। इसके अलावा आप अपने मन से कोई भी डायट या दवा न लें। ऊपर दिए गए लक्षण महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें। अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से सलाह करें।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ दिन पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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