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क्या आपको पता है कि शरीर के इस अंग से बढ़ता है कोरोना संक्रमण का हाई रिस्क

क्या आपको पता है कि शरीर के इस अंग से  बढ़ता है कोरोना संक्रमण का हाई रिस्क

आज जहां भारत में कोरोना संक्रमण के मामले इतनी तेजी से फैलते जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कोरोना के फैलने के नए रिसर्च भी सामने आते जा रहे हैं। अभी तक हमें सिर्फ पता था कि कोरोना के फैलने के लिए संक्रमित व्यक्ति द्वारा छींकना और खांसना ही कारण है। इसके अलावा किसी संक्रमित सतह को हाथों से छूने के बाद मुंह, नाक, आंख या चेहरे के किसी भाग को छूने से भी कोरोना संक्रमण फैलता है। लेकिन रिसर्च में एक नई बात सामने आई है कि चेहरे के अंगों में आंखों से कोरोना संक्रमण सबसे ज्यादा है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि आंखों से कोरोना संक्रमण कैसे सबसे ज्यादा हो सकता है? इससे बचने के लिए हमें क्या कदम उठाने चाहिए?

और पढ़ें : कम समय में कोविड-19 की जांच के लिए जल्द हो सकती है नई टेस्टिंग किट तैयार

कोरोना का संक्रमण कैसे होता है?

कोरोना एक संक्रामक बीमारी है, कोरोना एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है। कोरोना के संक्रमण की सबसे बड़ी वजह हमारी लापरवाही हो सकती है। अक्सर हमने देखा है कि छींकते या खांसते समय हम मुंह को हाथों या टीश्यू पेपर से ढकना उचित नहीं समझते हैं। कोरोना का संक्रमण किसी भी कोरोना से संक्रमित व्यक्ति की इसी लापरवाही के कारण होता है। कोरोना से संक्रमित व्यक्ति अगर बिना मुंह को ढके छींकता या खांसता है, तो उसके मुंह से निकले ड्रॉपलेट्स सामने वाले व्यक्ति के चेहरे और शरीर पर जा सकते हैं। ऐसे में सामने वाला व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है।

लोगों में बहुत बड़ी गलतफहमी है कि चेहरे को मास्क से ढक लो तो कोरोना का संक्रमण नहीं होगा। जबकि ये पूरी तरह से सही नहीं है। नाक मुंह के साथ आंखों से कोरोना संक्रमण भी हो सकता है। आंखों से कोरोना संक्रमण होने का सबसे बड़ा कारण है कि हम मास्क के द्वारा नाक और मुंह को तो ढक लेते हैं, लेकिन आंखों को चश्मे के द्वारा नहीं ढकते हैं। ऐसे में आंख सीधे ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आती है। जिससे आंखों से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

और पढ़ें : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए फेस शील्ड क्या जरूरी है, जानिए

आंखों से कोरोना संक्रमण पर क्या कहती है रिसर्च?

दि लैंसेट में प्रकाशित जॉर्नल के अनुसार आंखों से कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। जॉर्नल में हुई रिसर्च के अनुसार 172 लोगों को इस अध्ययन में शामिल किया गया। इन 172 लोगों में हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स और आम लोगों को शामिल किया गया। अध्ययन में सभी 172 प्रतिभागी 16 अलग-अलग देशों से थे। जिन लोगों ने मास्क के साथ आंखों पर आई ग्लासेस लगा रखें थे, उनमें कोरोना का संक्रमण बहुत कम था, जबकि जिन लोगों ने मास्क के साथ आई ग्लासेस नहीं पहने थे, उन लोगों में कोराना संक्रमण पाया गया।

इसी तरह से जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स के द्वारा की गई स्टडी में भी कुछ ऐसी ही बात सामने आई। मई के महीने में जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी में की गई रिसर्च के अनुसार आंखों से कोरोना संक्रमण तेजी से फैलता है। इसके लिए जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी ने लोगों को मास्क के साथ ही आंखों को भी ढकने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने बताया कि कोविड 19 से संक्रमित व्यक्ति जब बोलता, छींकता या खांसता है, तो उसके मुंह से निकले हुए इंफेक्टेड ड्रॉपलेट्स आंखों पर पड़ते हैं। एक बार जहां ये संक्रमित ड्रॉपलेट्स आंखों में पहुंचे, वैसे ही वायरस एक्टिव हो कर शरीर के अंदर पहुंच जाते हैं।

दि लैंसेट में प्रकाशित जर्नल ने सलाह दी है कि फेश शिल्ड, गॉगल्स, चश्मे या विजर्स आंखों पर पहनें। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑफ्थैल्मोलॉजी के अनुसार, चश्मे और सनग्लासेस आपकी आंखों के लिए शिल्ड का काम करते हैं। लेकिन, फिर भी साइड से आंखों से कोरोना संक्रमण होने का खतरा रहता है, ऐसे में आंखों को पूरी तरह से ढकने वाला चश्मा ही पहनना ठीक रहेगा।

और पढ़ें : जानें भारत में कोरोना संक्रमितों की प्रतिदिन बढ़ती संख्या पर क्या कहती है रिसर्च, सामने आए कुछ तथ्य

आंखों से कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए फेस शिल्ड है कितना असरदार?

आंखों से कोरोना संक्रमण के लिए फेस शिल्ड का प्रयोग किया जा सकता है। पिछले कुछ दिनों में लोगों ने फेस शील्ड का यूज ज्यादा कर दिया है। कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि कोरोना से बचाव के लिए फेस शील्ड मास्क से बेहतर है। इसके साथ ही फेस शील्ड चश्मे से सुविधाजनक भी है। आयोवा यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट का मानना है कि फेस शील्ड आंखों से कोरोना संक्रमण के खतरे को कम करता है। कोरोना वायरस के कम्यूनिटी स्प्रेड को रोकने के लिए ये बेहतर विकल्प है।

उधर, अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के एक जॉर्नल की रिपोर्ट में एक्सपर्ट ने कहा कि लोग फेस शील्ड का जितना अधिक उपयोग करते है, उन्हें आंखों से कोरोना संक्रमण फैलने का रिस्क चश्मे से कम हो सकता है। फेस शील्ड को सिमुलेशन स्टडी में यह बात सामने आई है कि लगभग 18 इंच की दूरी पर अगर कोई खांसता है तो फेस शील्ड से 96 फीसदी तक आंखों को सुरक्षा देता है। वहीं, अगर कोई छह फीट से खांसता है तो फेस शील्ड 92 फीसदी तक आंखों को सुरक्षा प्रदान करता है।

दूसरी तरफ, अगर संक्रमित व्यक्ति ने अगर फेस शील्ड पहना हुआ है तो भी कुछ हद तक कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है। फिर भी विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि फेस शील्ड सुरक्षा प्रदान करता है, लेकिन फिर भी हाथों को 20 सेकेंड तक धुलने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क के नियमों को फॉलो करना चाहिए। कोरोना महामारी जिस तरह से भारत में फैल रही है, हम सभी को सावधान रहने की जरूरत है। कोरोना वायरस से अवेयरनेस बहुत जरूरी है।

और पढ़ें : डेडबॉडी से कोरोना संक्रमण फैलने की बात आई सामने, जानें कितनी है इसकी संभावना

कोरोना वायरस के संक्रमण को कैसे रोका जा सकता है?

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए आपको निम्न स्टेप्स को फॉलो करना चाहिए :

  • हमेशा अपने चेहरे पर मास्क लगा कर रखें। जब आप बाहर जाएं तो चेहरे पर मास्क लगाए रहें। इससे आप किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर कोरोना के संक्रमण से बच सकते हैं। लेकिन मास्क को अपने हाथों से बार-बार न टच करें
  • हमेशा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। घर के बाहर लोगों से कम से कम छह फीट की दूरी बनाए रखें। इससे आप कोरोना के संक्रमण से बच सकते हैं।
  • आप हर आधे से एक घंटे पर अपने हाथों को धुलते रहें। आप जब भी घर से बाहर जाएं तो 70% एल्कोहॉल से बने हुए सैनिटाइजर का इस्तेमाल आप करते रहें।
  • चेहरे को छूने से बचें। जब आप अपने गंदे हाथों से आंख, नाक और मुंह को छूते हैं तो आप कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं।
  • आंखों से कोरोना संक्रमण होने से बचने के लिए फेस शील्ड या पूरी तरह से आंखों को ढकने वाला चशमा पहनें।

इस तरह से आप आंखों से कोरोना संक्रमण होने से बच सकते हैं। इसलिए आप कोरोना संक्रमण से बचने के लिए उपरोक्त बताई गई बातों को फॉलो करें।

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सूत्र

Physical distancing, face masks, and eye protection to prevent person-to-person transmission of SARS-CoV-2 and COVID-19: a systematic review and meta-analysis https://doi.org/10.1016/S0140-6736(20)31142-9 Accessed on 8/6/2020

2019-nCoV transmission through the ocular surface must not be ignored https://doi.org/10.1016/S0140-6736(20)30313-5 Accessed on 8/6/2020

Eye Care During the Coronavirus Pandemic https://www.aao.org/eye-health/tips-prevention/coronavirus-covid19-eye-infection-pinkeye Accessed on 8/6/2020

Coronavirus (COVID-19) – https://www.cdc.gov/coronavirus/2019-ncov/index.html –  Accessed on 8/6/2020

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Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 26/06/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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