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पिता का महत्व, उनके चले जाने के बाद पता लगता है, ऐसा पड़ता है दिमाग पर असर

पिता का महत्व, उनके चले जाने के बाद पता लगता है, ऐसा पड़ता है दिमाग पर असर

मां की ममता और दुलार को बताने के लिए न जाने कितने कवियों ने कितने विशेषणों, अंलकारों और प्रतिबिंबों का इस्तेमाल किया है। लेकिन, पिता की जगह कहानियों, किस्सों में ज्यादा रह गई। जिसमें पिता को एक कठोर, सख्त, नियमों का पालन करने वाला, गलती पर डांटने वाला और अपने मुताबिक कार्य करवाने वाले के रूप में ज्यादा दिखाया गया है। लेकिन, क्या पिता सच में ऐसे होते हैं, क्या पिता सच में हमारी भावनाओं की या फिर हमारे दुख और इच्छाओं के बारे में बिल्कुल नहीं सोचते। इन सभी सवालों का जवाब तब मिलता है, जब वो इस दुनिया में नहीं होते। असल में मां की जरूरत जीते जी पता चलती है और पिता का महत्व उनके चले जाने के बाद।

पिता का महत्व – सेफ्टी गार्ड होते हैं पिता

‘जब पिता का साया हमारे ऊपर से उठ जाता है, तो ऐसा लगता है कि जैसे हम अनसेफ हो गए हैं।’ यह दिल्ली के रहने वाले कपिल का कहना है। 35 वर्षीय कपिल कहते हैं कि, ‘जबतक पापा जिंदा थे, तब तक मुझे किसी बात के बारे में सोचने की जरूरत नहीं पड़ी। आने वाले कल में क्या होगा क्या नहीं, इसके बारे में मुझे पूरा विश्वास था कि, पापा सब संभाल लेंगे। किसी भी बच्चे के लिए उसके पापा सुपरमैन होते हैं, जो किसी भी मुसीबत से बचा लेंगे। लेकिन, जब से पापा गए, मुझे डर लगने लगा। डर इस बात का कि, कल अगर मुझे या मेरे परिवार पर कोई मुसीबत आई, तो मेरी मदद कौन करेगा या कौन मुझे उससे निकालेगा। लेकिन, मुझे विश्वास है कि मेरे पापा जहां कहीं भी होंगे, मेरी मदद के लिए जरूर कुछ न कुछ करेंगे।’

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पिता का महत्व – डैडी को समझने के लिए डैडी बनना पड़ा

मुंबई में रहने वाले और पेशे से इंजीनियर आकाश का कहना है कि, ‘मैं एक सिंगर बनना चाहता था, मगर डैडी ने इंजीनियरिंग पर जोर डाला। उनका कहना था कि, जो करना होगा, वो बाद में करना। लेकिन पहले इंजीनियरिंग की डिग्री कंप्लीट कर लो। उस समय मुझे डैडी पर बहुत गुस्सा आता था, लेकिन मैं उनकी बात को खुद एक लड़के का डैडी बनने के बाद समझ पाया हू।’ 40 वर्षीय आकाश का कहना है कि, ‘मेरा बेटा 12 साल का है और अब वो मुझसे डांसर बनने की जिद करता है। तब मेरे मुंह से भी वही बात निकली, जो मेरे डैडी ने कही थी, कि पहले पढ़ाई पूरी कर लो, फिर इस पर पूरा ध्यान देना। इसके बाद समझ आया कि, वो ऐसा मेरे भविष्य की सुरक्षा के लिए कहते थे। ऐसा नहीं था कि, वह मेरे सपनों के खिलाफ थे, बल्कि वह शायद मेरे सुरक्षित भविष्य के बारे में ज्यादा चिंतित थे। आज मैं भी यही सोचता हूं।’

कभी पापा, कभी मां

नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत शालिनी ने बताया कि, ‘मेरे पापा सिर्फ एक पिता नहीं, बल्कि मेरी मां भी थे। जब मैं छोटी थी, तो मां कैंसर की वजह से हमें छोड़कर चली गई। तब से पापा ने ही, मां का किरदार भी निभाया। सुबह चोटी करने से लेकर कपड़े धोने, ऑफिस जाने और खाना बनाने तक हर काम पापा करते थे। मेड इसलिए नहीं लगाई, क्योंकि उन्हें लगता था कि, मेड की वजह से मुझे अच्छा खाना नहीं मिलेगा। पापा के अंदर एक मां भी हो सकती है, यह मुझे तब पता चला। इसका मतलब, पिता जानबूझकर हमें दुनिया की सच्चाई दिखाने के लिए इतने कठोर बने रहते हैं।’

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पिता के जाने का कैसे करें सामना

किसी अपने का इस दुनिया से चले जाना काफी भारी होता है और वह अपना पिता हों तो… । लेकिन, जिंदगी की तरह मृत्यु भी एक सच्चाई है, इसलिए उसका सामना करना और उसे मान लेना ही सही है। निम्नलिखित तरीकों से अपने पिता के जाने के दुख का सामना कर सकते हैं। जैसे-

  1. पिता की मृत्यु की सच्चाई को मानने के लिए उसके बारे में बात करें। नजरअंदाज करने के कारण आप उस सच्चाई से दूर जाते रहेंगे और खुद को तनाव, दुख या अकेलेपन के शिकार बना सकते हैं।
  2. इस भारी सच्चाई के कारण आपको कई भावनाओं का सामना करना पड़ सकता है। गुस्से, दुख से लेकर चिड़चिड़ेपन तक आपको झेलना पड़ सकता है। लेकिन, आपको इन भावनाओं का सामना करना आना चाहिए। शुरुआत में स्थिति मुश्किल हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगते हैं।
  3. पिता या किसी अपने के चले जाने के बाद अपने स्वास्थ्य और अपने घरवालों की सेहत के बारे में ध्यान रखना चाहिए। पौष्टिक खानपान खुद भी खाएं और घरवालों को भी खिलाएं। मानसिक तनाव को झेलने के लिए शरीर को पोषण की जरूरत होती है।
  4. जब भी कोई इस दुनिया से अलविदा लेता है, तो अपने पीछे कई यादें छोड़ जाता है। जब किसी के पिता इस दुनिया से जाते हैं, तो अपने पीछे कई अफसाने छोड़ जाते हैं। आप उन्हें याद करिए और उससे याद करके खुश रहिए।

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पिता के जाने का गम झेलने वाले बच्चों को कैसे संभालें

कुछ बच्चे छोटी उम्र में ही अपने पिता को खो देते हैं, ऐसी कठिन स्थिति में हम उनकी किस तरह मदद कर सकते हैं, आइए जानते हैं।

  1. ऐसे बच्चों से उनकी पिता की मृत्यु के बारे में झूठ न बोलें। उन्हें सच्चाई बताएं और सच का सामना करने के लिए प्रोत्साहित करें।
  2. ऐसे बच्चों को अपने मन की भावनाएं बताने के लिए प्रोत्साहित करें।
  3. जिन बच्चों ने कम उम्र में ही अपने पिता को खो दिया है, उन्हें अतिरिक्त समय, प्यार और दुलार दें।
  4. अगर, किसी बच्चे ने अपने पिता को खो दिया है, तो उसे उनकी यादें, बातें और आदतों के बारे में बताएं। ताकि, वह उनकी अच्छी यादें लेकर अपने साथ चलें, पिता का महत्व समझ सकें और भविष्य में भावनात्मक रूप से मजबूत रहें।

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इस समय लें मनोवैज्ञानिक की मदद

अगर, आपका दुख मानसिक समस्याओं जैसे तनाव, अवसाद और चिंता में बढ़ रहा है और आप भावनाओं और दर्द को काबू नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको इस समय किसी मनोवैज्ञानिक की मदद लेनी चाहिए। मनोवैज्ञानिक अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ होते हैं, जो आपके डर, चिंता और असामान्य भावनाओं को नियंत्रित करने में आपकी मदद करते हैं। यह विशेषज्ञ आपके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद करता है।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Grief: Coping with the loss of your loved one – https://www.apa.org/topics/grief – Accessed on 22/5/2020

5 Ways to Cope When a Loved One Dies – https://kidshealth.org/en/teens/coping-grief.html – Accessed on 22/5/2020

Tips for Parents: When a Mommy or Daddy Dies – http://www.thelearningcommunity.us/resources-by-format/tips-for-parents/diverse-families/when-a-mommy-or-daddy-dies.aspx – Accessed on 22/5/2020

5 Things You Should Know about the Importance of Fathers – https://childandfamilyresearch.utexas.edu/5-things-you-should-know-about-importance-fathers – Accessed on 22/5/2020

The importance of fathers in the healthy development of children – https://novakdjokovicfoundation.org/the-importance-of-fathers/ – Accessed on 22/5/2020

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Surender aggarwal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 08/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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