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क्या हैं प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण, कारण व इलाज? जानिए प्रोस्टेट से जुड़ी ये जानकारी

क्या हैं प्रोस्टेट बढ़ने के लक्षण, कारण व इलाज? जानिए प्रोस्टेट से जुड़ी ये जानकारी

आज के दौर में अधिक उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट संबंधी समस्या उत्पन्न होने लगी है। प्रोस्टेट के आकार में वृद्धि होने के कारण पुरुषों को मूत्र त्याग में समस्या आने लगती है। यदि इस समस्या का समय रहते इलाज किया गया तो इसके गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। लेकिन वहीं समय रहते इलाज करने से इस समस्या के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

प्रोस्टेट क्या होता है?

प्रोस्टेट व्यक्ति के शरीर में मौजूद ग्रंथि होती है। इसको पौरूष ग्रंथि के नाम से भी जाना जाता है। यह छोटी ग्रंथि पुरुष प्रजनन प्रणाली का हिस्सा होती है। यह एक अखरोट के आकार की होती है, जो पुरुषों के मुत्राशय के ठीक नीचे और मलाशय के सामने होती है। यह मूत्रमार्ग में स्थित होती है।

प्रोस्टेट ग्रंथि की वृद्धि को बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेसिया (benign prostatic hyperplasia -BPH) कहा जाता है। यह तब होता है जब प्रोस्टेट ग्रंथि की कोशिकाओं में वृद्धि हो जाती है। इन अतिरिक्त कोशिकाओं के कारण व्यक्ति की प्रोस्टेट ग्रंथि में सूजन जाती है, इसी वजह से व्यक्ति का मूत्रमार्ग संकुचित हो जाता है, जिससे मूत्र के प्रवाह में अवरोध होने लगता है। यह ग्रंथि स्खलन (ejaculation) के समय व्यक्ति के शुक्राणुओं को भी बाहर निकालने में सहायक होती है। बीपीएच प्रोस्टेट कैंसर के समान नहीं है और इससे कैंसर का खतरा नहीं होता है। हालांकि, यह ऐसे लक्षण अवश्य पैदा कर सकता है, जो व्यक्ति की जीवनशैली को प्रभावित कर सकते हैं। प्रोस्टेट अधिक आयु के पुरुषों में होना आज के दौर में आम बात है। इस समस्या में व्यक्ति को रात में बार बार पेशाब आती है। इस समस्या को जीवनशैली में बदलाव, मेडिकल सर्जरी आदि कई विकल्पों से ठीक किया जा सकता है। व्यक्ति की आयु बीमारी की मौजूदा स्थिति के आधार पर डॉक्टर आपको सही सुझाव देते हैं।

और पढ़ें: Enlarged Prostate: प्रोस्टेट का बढ़ना क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

क्या हैं प्रोस्टेट ग्रोथ के कारण?

प्रोस्टेट कैंसर के घरेलू इलाज

सामान्यतः प्रोस्टेट ग्रोथ बीपीएच को अधिक आयु के पुरुषों की एक आम समस्या माना जाता है। कुछ शोधकर्त्ताओ का मानना है कि मानना है कि उम्र बढ़ने और अंडकोष से संबंधित कारक प्रोस्टेट की ग्रोथ का कारण हो सकते हैं।

पुरुष अपने जीवन काल में टेस्टोस्टेरॉन (एक तरह का पुरुष हार्मोन) और थोड़ी मात्रा में एस्ट्रोजन (एक तरह का महिला हार्मोन) का उत्पादन करते हैं। जब पुरुषों की उम्र के साथ रक्त में सक्रिय टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा कम हो जाती है, तो इससे एस्ट्रोजन का अनुपात पहले की तुलना में अधिक हो जाता है। अध्ययन में पता चलता है कि एस्ट्रोजन की अधिकता उन पदार्थों की सक्रिय करता है जो प्रोस्टेट कोशिकाओं को विकसित करने में सहायक होते हैं।

हालांकि प्रोस्टेट होने के सही कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है। अधिक आयु के कारण पुरुषों के सेक्स हार्मोन्स में परिवर्तन को इस समस्या का एक कारक माना जा सकता है।

परिवार में किसी व्यक्ति को प्रोस्टेट की समस्या होने से भी अन्य लोगों को इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा वृषण में होने वाली किसी प्रकार की असामानताएं भी प्रोस्टेट ग्रंथि के बढ़ने को बढ़ावा देती है।

जिन पुरूषों के वृषण को युवावस्था में ही निकाल दिया जाता है उनको इस समस्या के होने की संभावना नहीं होती है।

और पढ़ें: वयस्कों में प्रोस्टेट कैंसर क्या है? इसके बारे में और जानें

प्रोस्टेट के आकार में वृद्धि होने के जोखिम कारक

निम्न बताए गए कारको से प्रोस्टेट के आकार में वृद्धि होने की संभावना बढ़ जाती है, जैसे

  • 40 साल या उससे अधिक आयु के पुरूषों में।
  • यदि पहले परिवार में पूर्व किसी सदस्य को प्रोस्टेट की समस्या हुई हो।
  • कुछ मेडिकल स्थितियां जैसे, बीपी होना, हृदय रोग, टाइप 2 डायबिटीज, मोटापा
  • शारीरिक व्यायाम करना

क्या हैं प्रोस्टेट में ग्रोथ के लक्षण?

प्रोस्टेट या बीपीएच के लक्षण अक्सर पहले से बहुत हल्के होते हैं, लेकिन अगर समय से इलाज नहीं किया जाए तो ये परेशानी अधिक गंभीर हो जाती हैं। प्रोस्टेट के सामान्य लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

  • बार बार पेशाब जाने की इच्छा होना
  • रात के समय बारबार पेशाब जाने के लिए उठना पड़ता है
  • पेशाब करते समय खिंचाव या दर्द महसूस होना
  • पेशाब रोक पाने में असर्मथत्ता
  • पेशाब की धारा प्रवाह कमजोर होना
  • अचानक पेशाब जाने की इच्छा होना
  • पेशाब करने के बाद भी बूंद बूंद रिसाब होना
  • पेशाब में रक्त का आना
  • स्खलन के दौरान दर्द होना
  • पीठ के निचले हिस्से, कूल्हों, श्रोणि (पेल्विक-Pelvic) या गुदा क्षेत्र, या ऊपरी जांघों में लगातार दर्द या कठोरता महसूस होना।

यदि व्यक्ति को इनमें से कोई भी लक्षण है तो उसे अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। रोग का सही समय से इलाज करने से उसकी जटिलताओं को रोकने में मदद मिल सकती है।

इस समस्या को अनदेखा करने से किडनी की अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।

डॉक्टर के पास कब जाएं?

पेशाब करने में परेशानी या समस्या होना एक मेडिकल इमर्जेंसी की स्थित होती है, ऐसे में व्यक्ति को अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह लेनी चाहिए।

अगर पेशाब संबंधी कोई समस्या है या पेशाब में खून रहा हो तो डॉक्टर से जांच करना अनिवार्य होता है। इससे अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से बचा जा सकता है।

खून रहा है, तो डॉक्टर द्वारा ही उसकी जांच की जानी चाहिए, ताकि अन्य किसी गंभीर स्थिती का पता लगाया जा सके। कुछ दुर्लभ मामलों में मूत्राशय और गुर्दे में क्षति के कारण बीपीएच की समस्या हो सकती है।

और पढ़ें: आपको जरूर पता होना चाहिए, प्रोस्टेट कैंसर के ये प्रभावकारी घरेलू इलाज

प्रोस्टेट का परीक्षण कैसे होता है?

यदि आपको ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहें हों, तो डॉक्टर आपको प्रोस्टेट या बीपीएच की जांच के लिए सलाह दे सकते हैं। पेशाब करते समय दर्द या जलन हो रही है या आप पेशाब करने में परेशानी हो रही हो तो ऐसे में अपने डॉक्टर से तुरंत मिलें।

डॉक्टर निम्म आधार पर आपका परीक्षण करते हैं

इसमें डॉक्टर सबसे पहले मरीज से उसके परिवार में पहले किसी को रोग हुआ हो तो उसके बारे में जानते हैं। इसके बाद शारीरिक परीक्षण किया जाता है और अंत में मेडिकल परीक्षण किया जाता है, जिसमें डिजिटल रेक्टल परीक्षण (DRE) शामिल है। परीक्षण के दौरान डॉक्टर आपको निम्न परीक्षण करने की सलाह दे सकते हैं।

सिस्टोस्कोपी (Cystoscopy) – इसमें मूत्रमार्ग या मूत्राशय की जांच की जाती है।

पोस्ट वोइड रेसिड्यूल वॉल्यूम (Post-void residual volume) – पेशाब करने के बाद मूत्राशय में बचे मूत्र को मापा जाता है।

पीएसए ब्लड टेस्ट(PSA blood test) – प्रोस्टेट कैंसर की जांज के लिए इस परीक्षण को किया जाता है।

अल्ट्रसाउंड (Ultrasound) – प्रोस्टेट का अल्ट्रासाउंड

यूरिनालिसिस (Urinalysis) मूत्र परीक्षण

यूरोफ्लोमेटरी (Uroflowmetry) – मूत्र के प्रवाह को जांच के लिए

यूरोडायनामिक प्रेशर (Urodynamic pressure) – पेशाब करने के दौरान मूत्राशय में दबाव का परीक्षण करने के लिए

पीएसए ब्लड टेस्ट (PSA Blood Test)

डिजिटल रेक्टल एग्जाम (Digital Rectal Exam) – इसमें डॉक्टर मरीज के गूदा मार्ग से प्रोस्टेट ग्रंथि के आकार की जांच करते हैं।

क्या है प्रोस्टेट का इलाज?

प्रोस्टेट के इलाज के लिए कई विकल्प मौजूद हैं। डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर इलाज का चयन करते हैं। हल्के मामलों में किसी भी उपचार की आवश्यकता नहीं हो सकती है, जबकि कुछ मामलों में, छोटी सर्जरी (invasive procedures) (एन्सथिसिया के बिना सर्जरी) अच्छे विकल्प होता है। जबकि कई बार कुछ उपचारों का संयोजन बेहतर रूप से कार्य करता है।

प्रोस्टेट के लिए मुख्य प्रकार के उपचार हैं:

  • सक्रिय निगरानी (Active Surveillance)
  • दवाओं के उपयोग से (Prescription Drugs)
  • कम इनवेसिव सर्जरी (Less Invasive Surgery)
  • अधिक इनवेसिव सर्जरी (More Invasive Surgery)

और पढ़ें: इन तरीकों से कर सकते हैं आप प्रोस्टेट कैंसर की पहचान

सक्रिय निगरानी (Active Surveillance)

अक्सर, प्रोस्टेट को केवल सक्रिय निगरानी की आवश्यकता होती है। डॉक्टर उपचार के प्रथम चरण में मरीज को सक्रिय निगरानी के लिए कहते हैं। इसमें डॉक्टर मरीज के प्रोस्टेट की गतिविधियों पर बारीकि से जांच करते हैं। आहार और व्यायाम को अक्सर मरीज के लक्षणों को रोकने में सहायक होते हैं।

हल्के से मध्यम लक्षणों वाले पुरुषों के लिए सक्रिय निगरानी सबसे अच्छा विकल्प है। यह उन पुरुषों के लिए भी एक विकल्प है जो प्रोस्टेट के प्रभाव से परेशान नहीं हैं।

दवाओं के उपयोग से (Prescription Drugs)

अल्फा ब्लॉकर (Alpha Blockers)

अल्फा ब्लॉकर्स प्रोस्टेट और मूत्राशय की मांसपेशियों को शिथिलता या आराम देती हैं। ये दवाएं मूत्र के प्रवाह में सुधार करती हैं, मूत्रमार्ग की रुकावट और प्रोस्टेट के लक्षणों को कम करते हैं। लेकिन यह प्रोस्टेट के आकार को कम नहीं करती हैं। मध्यम से गंभीर प्रोस्टेट वाले पुरुषों के लिए यह एक बेहतर विकल्प होती है।

5-अल्फा रिड्यूकेट्स इनहिबिटर (5-Alpha Reducatase Inhibitors)

5-अल्फा रिडक्टेस इनहिबिटर दवाएं डीएचटी (DHT) के उत्पादन को अवरुद्ध करती हैं, डीएचटी एक पुरुष हार्मोन है, जो प्रोस्टेट वृद्धि का कारण बन सकता है। ये दवाएं प्रोस्टेट के आकार को कम करती हैं, मूत्र के प्रवाह को बढ़ाती हैं और प्रोस्टेट की जटिलताओं के जोखिम को कम करती हैं। यह दवाएं सर्जरी की संभावनाओं को भी ख़त्म कर देती हैं। ये दवाएं बड़े आकार वाली प्रोस्टेट ग्रंथि वाले पुरुषों के लिए सर्वोत्तम हो सकती हैं।

संयुक्त थेरेपी (Combined Therapy)

संयुक्त चिकित्सा में अल्फा ब्लॉकर और 5-अल्फा रिडक्टेस इनहिबिटर का एक साथ उपयोग किया जाता है। प्रोस्टेट के अधिक आकार वाले पुरुषों के लिए इसे सुझाया जाता है।

कम इनवेसिव सर्जरी (Less Invasive Surgery)

कम इनवेसिव (Less Invasive Surgery) के लिए केवल मरीज के शरीर में छोटे कट की आवश्यकता होती है। इस विकल्प को वह पुरुष चुन सकते हैं, जिन्होंने प्रोस्टेट की पहले दवा ली है या निम्न लक्षणों वाले पुरुष:

  • पेशाब की कमजोर धारा
  • पेशाब करने में तनाव
  • मूत्र पथ की रुकावट, मूत्राशय की पथरी
  • मूत्र में रक्त आने पर,
  • पेशाब के बाद मूत्राशय अधूरा खाली
  • प्रोस्टेट से रक्तस्राव

ऐसे मरीजों को छोटी सर्जरी की साथ अस्पताल में रूकने के लिए नहीं कहा जाता है। इस सर्जरी के बाद ठीक होने में ज्यादा समय नहीं लगता है। ये सर्जरी मूत्र नियंत्रण समस्याओं सहित अन्य लक्षणों में राहत दे प्रदान कर सकती है।

कम इनवेसिव सर्जरी के प्रकार

  • प्रोस्थेटिक यूरेथ्रल लिफ्ट (Prostatic Urethral Lift – PUL)
  • जल वाष्प थर्मल थेरेपी (Water Vapor Thermal Therapy)
  • ट्रांसयूरेथ्रलमाइक्रोवेव थेरेपी (Transurethral Microwave Therapy – TUMT)
  • कैथेटराइजेशन (Catheterization)

अधिक इनवेसिव सर्जरी (More Invasive Surgery)

प्रोस्टेट के गंभीर मामलों में, या जब अन्य उपचार विफल हो जाते हैं, तो अधिक इनवेसिव सर्जरी की सिफारिश की जाती है। अधिक इनवेसिव सर्जरी सबसे अच्छा है अगर आप मरीज को निम्न स्थिति का सामना करना पड़ रहा है

इस समस्या में डॉक्टर अधिक इनवेसिव सर्जरी का विकल्प चुनने के लिए कहते हैं। इस प्रकार प्रोस्टेट में ग्रोथ के कारण व्यक्ति को कई तकलीफ़ों का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन समय रहते सही इलाज कर इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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डॉ. प्रणाली पाटील द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 03/03/2021 को
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