17 हफ्ते के बच्चे की देखभाल के लिए आपको किन जानकारियों की आवश्यकता है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट May 20, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

विकास और व्यवहार

मेरे 17 हफ्ते के बच्चे का विकास कैसा होना चाहिए?

अब आपका शिशु  17 सप्ताह का हो गया है और इस उम्र में शिशु भाषा और शब्दों को समझने लगता है। लगभग 6 महीने की उम्र तक वह कुछ शब्दों का उच्चारण करना भी शुरू कर देता है, जैसे कि “मम्मी” और “पापा” आदि। कुछ बाल विशेषज्ञों का कहना है कि शिशु अपनी उम्र के हिसाब से कुछ शब्दों का उच्चारण करना तो सीख जाते हैं लेकिन, इन शब्दों का मतलब समझने में उन्हें थोड़ा समय लगता है। इसके अलावा, जब भी आपका शिशु कुछ कहता है, तो उस पर हंसकर अपनी प्रतिक्रिया दें। आप इस सप्ताह में अपने शिशु में कुछ अन्य बदलाव भी देख सकती हैं, जैसे कि;

  • वह लेटे हुए अपना सिर 90 डिग्री तक उठा सकता है।
  • वो जोर से हंस सकता है।
  • कुछ शब्दों को बिना अर्थ समझे बोल सकते हैं।

मुझे 17 हफ्ते के बच्चे के विकास के लिए क्या करना चाहिए?

आप  शिशु को कुछ सरल शब्दों का उच्चारण करना सिखाएं और उसे बोलने के लिए प्रोत्साहित करें। जो शब्द आप उन्हें सिखाना चाहते हैं, उस शब्द को बार-बार उनके सामने बोलें। इससे आपका शिशु भी आपके साथ उसे दोहराएगा। जब शिशु उन शब्दों को दोहराए, तो हसंकर उस पर अपनी प्रतिक्रिया दें। इससे आपके शिशु को भाषा और उन शब्दों के महत्त्व को समझने में मदद मिलती है।

यह भी पढ़ें : Carpal Tunnel Syndrome : कार्पल टनल सिंड्रोम क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

स्वास्थ्य और सुरक्षा

मुझे डॉक्टर से अपने 17 हफ्ते के बच्चे को लेकर क्या चर्चा करनी चाहिए?

हर डॉक्टर का शिशु के इलाज करने का अपना एक तरीका होता है। शिशु के टेस्ट और उसका इलाज यह शिशु की जरूरत के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। आप आपके डॉक्टर से कुछ जानकारियां साझा कर सकती हैं जैसे कि;

  • डॉक्टर को बताएं  कि आपके 17 हफ्ते के बच्चे की दिनचर्या क्या है, जैसे कि उसका खाना, सोना, खेलना, रोना इत्यादि। फिर डॉक्टर  शिशु के विकास का मूल्यमापन कर सकता है ।

मुझे 17 हफ्ते के बच्चे की किन बातों की जानकारी होनी चाहिए?

यहां कुछ चीजें हैं, जिनकी जानकारी आपको होनी चाहिए, जैसे​ कि-

कानों का संक्रमण

कानों के संक्रमण को एक्यूट ओटिटिस मीडिया भी कहा जाता है। यह तब होता है, जब वायरस या बैक्टीरिया और तरल पदार्थ ईयर ड्रम के पीछे फंस जाते हैं। इस संक्रमण के कारण कान में सूजन, दर्द और कई बार बुखार की शिकायत भी हो सकती है। इसके लक्षण कुछ इस प्रकार हैं, जैसें कि

  • जब भी आपका शिशु कुछ खाता या पीता है, उसे दर्द महसूस हो सकता है।
  • 38 से 40 सेल्सियस का बुखार।
  • अचानक सर्दी का होना ।
  • कान से पानी या पस का बहना ।

कानों का संक्रमण समय के साथ ठीक भी हो जाता है। लेकिन, आपका डॉक्टर संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए या शिशु को तकलीफ से बचाने के लिए कुछ दवाएं लिख सकता है। दवाइयां लेने के बाद दो दिन के अंदर यह संक्रमण गायब हो जाता है। इस संक्रमण से बचने के लिए कुछ कदम उठाए जा सकते हैं। अपने शिशु को किसी भी प्रकार के धुएं से दूर रखें। साथ ही अपने शिशु को स्तनपान कराती रहें। शोध बताते हैं कि स्तनपान करने वाले शिशुओं में संक्रमण की संभावना काफी कम होती है।
इसके साथ इस बात का भी ख्याल रखें कि पेसिफायर का इस्तेमाल कम करें।

अपने 17 हफ्ते के बच्चे को उठकर बैठने में मदद करें

अगर शिशु उठकर न बैठ पाता हो, तो आप बैठने में उसकी मदद करें। नवजात शिशु को जबरदस्ती पकड़कर बैठाने की कोशिश न करें, क्योंकि उनकी मांसपेशियां बेहद नाजुक होती हैं। तीन से चार महीने के शिशु को आप उठाकर बैठाने में मदद कर सकती हैं।

शिशु का गोल मटोल होना

शिशु का गोल मटोल होना मतलब मोटा होना नहीं होता। जब शिशु खेल-कूद करता है, तो उसकी लंबाई बढ़ती है और वजन अपने आप घटने लगता है। नीचे लिखे कुछ उपाय शिशु के बढ़ते वजन को रोकने में आपके काम आ सकते हैं;

  • शिशु को भूख लगने पर ही स्तनपान कराएं ।
  • भूख से ज्यादा पानी पिलाएं ।
  • अपने शिशु को लंबे अंतराल में अन्न प्राशन कराएं ।

यह भी पढ़ें : Asthalin : अस्थलीन क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

महत्वपूर्ण बातें

मुझे 17 हफ्ते के बच्चे को लेकर किन बातों का ख्याल रखना चाहिए?

कई बार आपका शिशु स्तनपान करने से मना कर देता है। ऐसा यूं ही नहीं होता है, इसके कुछ कारण होते हैं, उनमें से कुछ इस प्रकार हैं, जैसे कि—

  • आपके शिशु को सर्दी या कफ की समस्या होने पर।
  •  वैसे तो शिशु को पांच से छह महीने में दात निकलना शुरू होते हैं, लेकिन कुछ शिशुओं में यह पहले भी हो सकता है। एक-दो दांत निकलने के बाद स्तनपान करते समय शिशु के मसूड़ों पर जोर पड़ता है, जिसके कारण वह स्तनपान नहीं कर पाते हैं।
  • शिशु के मुंह में छालों का होना।
  • स्तनों से कम दूध का आना।
  • इसके अलावा यह कुछ तरीके भी आपकी मदद कर सकते हैं।
  • अपने शिशु को ब्रेस्ट मिल्क के अलावा कोई अन्य दूध न पिलाएं।
  • दूध को बोतल में डालकर पिलाएं।
  • अपने शिशु को धीरे-धीरे आहार खिलाएं।

अगर इसके बाद भी वह स्तनपान न करें तो अपने डॉक्टर से परामर्श ले।

चार से सात महीने के बीच बच्चों के व्यवहार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। इस समय बच्चे अपने लिए खाने, नींद और दूसरों का ध्यान अपनी और आकर्षित करने के लिए रोना या आवाजे निकालना शुरू कर देते हैं। साथ ही वे अपने हाथों को भी हिलाना शुरू कर देते हैं। अचानक से आप इस समय यह भी महसूस कर सकते हैं कि बच्चे इस समय तक अपने आस-पास हो रही गतिविधियों की ओर आकर्षित होने लगते हैं। इसके अलावा वे हर चीजें को छूकर महसूस करने की भी कोशिश करने लगते हैं और वे खुद से ऐसा नहीं कर पाते हैं, तो वे चिल्ला कर आपको यह बताने की कोशिश करने लगते है कि उन्हें वह चीज चाहिए। साथ ही कई बार देखने को मिलता है कि जब बच्चों को कोई चीज चाहिए होती है, तो वे पहले से अपने पास मौजूद चीज को फेंक देते हैं।

और पढ़ें :-

Bone test: बोन टेस्ट क्या है?

बच्चे की हाइट बढ़ाने के लिए आसान उपाय

कैसे सुधारें बच्चे का व्यवहार ?

बच्चे को कैसे और कब करें दूध से सॉलिड फूड पर शिफ्ट

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

माइक्रोसेफली- जब बच्चों के मस्तिष्क का नहीं होता सही विकास

माइक्रोसेफली (microcephaly) एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें बच्चे का सिर सामान्य से छोटा होता है। गर्भ में उनके मस्तिष्क का विकास सही नहीं हो पाता।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod

बेबी स्माइल ना करे, तो पेरेंट्स क्या करें?

बेबी की पहली स्माइल कब देख सकते हैं आप? अगर बेबी ३ महीने के बाद भी नहीं हंसता है, तो क्या हो सकते हैं इसके कारण? When do babies start smiling in Hindi.

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha

बच्चों के लिए ओट्स, जानें यह बच्चों की सेहत के लिए कितना है फायदेमंद

बच्चों के लिए ओट्स काफी लाभकारी है, इसका सेवन करने से बच्चों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता है, जानने के लिए पढ़ें। (oats-for-kids)

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh

बाल अनुकूल अवकाश गंतव्य की प्लानिंग कर रहे हैं जो इन जगहों का बनाए प्लान

बाल अनुकूल अवकाश गंतव्य की प्लानिंग कर रहे हैं तो जानें कौन कौन सी जगहों पर जा सकते हैं। बच्चों की पसंद और ना पसंद के हिसाब से करें डेस्टिनेशन प्लान।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh

Recommended for you

बच्चों का स्वास्थ्य (1-3 साल)

जानिए टॉडलर्स और प्रीस्कूलर्स बच्चों के स्वास्थ्य और देखभाल के बारे में

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया AnuSharma
प्रकाशित हुआ February 20, 2021 . 7 मिनट में पढ़ें
बेबी

बेबी की देखभाल करना है आसान, अगर आपको इस बारे में हो पूरी जानकारी

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया AnuSharma
प्रकाशित हुआ February 18, 2021 . 8 मिनट में पढ़ें
एब्डॉमिनल माइग्रेन (Abdominal Migraine)

एब्डॉमिनल माइग्रेन! जानिए बच्चों में होने वाली इस बीमारी के बारे में

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ February 18, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें
जुड़वा बच्चे कंसीव करने की संभावना कैसे बढ़ती है

जुड़वां बच्चे कंसीव करने की संभावना को बढ़ा सकते हैं ये फैक्टर्स, जान लें इनके बारे में

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ February 18, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें