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क्या छोटे बच्चे प्रॉन का सेवन कर सकते हैं? जान ले पहले कुछ बातें

क्या छोटे बच्चे प्रॉन का सेवन कर सकते हैं? जान ले पहले कुछ बातें

प्रॉन्स यानी कि झिंगा मछली, जोकि ज्यादातर लोगों का पसंदीदा सी फूड है। यह बड़ों के अलावा बच्चों काे भी पसंद आता है। प्रॉन्स बग, लेकिन कई बार लोग कहते हैं कि प्रॉन्स का सेवन बच्चे की सेहत के लिए हानिकारक होता है। कई लोगों के मन में यह सवाल भी होता है कि क्या छोटे बच्चे का प्रॉन्स खाना (children’s prawn food) चाहिए ? प्रॉन में कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, इसलिए यह सेहत के लिए फायदेंमद है, लेकिन यहां बात आती है बच्चे की उम्र को लेकर, जैसा कि छोटे बच्चों का डायजेशन कमजोर होता है। तो उनकी उम्र के अनुसार, क्या छोटे बच्चों को प्रॉन लेना चाहिए। इस आर्टिकल में हम बात करेंगे छोटे बच्चों के लिए प्रॉन्स के फायदे और नुकसान के बारे में। आइए जानते हैं कि छोटे बच्चों का प्रॉन खाना (children’s prawn food) सही है या नहीं ?

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छोटे बच्चों का प्रॉन खाना सही है (Is it okay to eat prawns for young children)?

छोटे बच्चों का प्रॉन खाना किनता सही है या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है। एनएचएस के अनुसार, अपने बच्चे को लगभग छह महीने की उम्र से प्रॉन्स जैसे सी फूड का सेवन किया जा सकता है। पर ऐसा तब जब उसे ठीक से पकाया गया हो। अपने बच्चे को कोई भी ठोस आहार देने से पहले लगभग छह महीने तक इंतजार करना सबसे सुरक्षित है। लेकिन हमारी हमारी सलाह है कि इस तरह के सी फूड्स बच्चे को एक साल के बाद ही देना चाहिए। कई विशेषज्ञ की सलाह है कि बच्चे के भोजन की शुरुआत हमेशा फल और सब्जियों से करना चाहिए। एक बार जब आपका शिशु अच्छे से खाने लगे, तो धीरे-धीरे नॉनवेज डायट की शुरूआत करनी चाहिए। छोटे बच्चों का प्रॉन खाना सही हो सकता है, यदि इन बातों का ध्यान दिया जाए तो:

बच्चे को कच्चा प्रॉन न दें (Do not give raw prawns to baby)

यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आपका बच्चा जो भी झींगा खाता है वह अच्छी तरह से पका हो और कोई भी हिस्सा कच्चा न रह जाए। कच्चे और आधे पके प्रॉन को भी कभी बच्चों को नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे बच्चे को पाचन संबंधी गंभीर समस्या हो सकती है। इसके अलावा, प्रॉन को देते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि यादि आप बाजार से फ्रेश प्रॉन खरीद रहे हैं, तो उसमें छिलके जरूर होगा, ताे उसे जरूर छील लें। आप फ्रेश प्रॉन का बच्चे को सूप भी बनाकर दे सकते हैं। बच्चे को छिलके के साथ कभी न दें।

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प्रॉन्स क्रैकर्स देने से बचें (Avoid giving prawn crackers)

प्रॉन क्रैकर्स शिशुओं के लिए अच्छा भोजन नहीं माना जाता है, क्योंकि इसमें आमतौर पर नमक की अधिक मात्रा पायी जाती हैं, और इनमें सैच्युरेटेड फैट की भी अधिक मात्रा होती है। छोटे बच्चे के शरीर में अधिक नमक के सेवन से बच्चे के गुर्दे को भी नुकसान पहुंच सकता है और बहुत अधिक संतृप्त वसा से बच्चे का बहुत अधिक वजन भी बढ़ सकता है। तो ऐसे में बच्चे को प्रॉन के सेवन से दूर रखना ही अच्छा उपाय है। डॉक्टर के अनुसार 12 महीने से कम उम्र के बच्चे को एक दिन में 2 ग्राम से कम नमक (0.8 ग्राम सोडियम) के सेवन की आवश्यकता होती है। इसलिए यदि आप अपने बच्चे को प्रॉन क्रेकर देना चाहती हैं, तो सुनिश्चित करें कि पैक में कितना नमक है और बच्चे को इसकी कम की मात्रा दें। डॉक्टर से पूछकर के ही दें, अपने मन से नमक देने की गलती न करें।

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बच्चे को प्रॉन प्यूरी दें

यदि आप छोटे बच्चे को प्राॅन देना चाहते हैं, तो आप उन्हें छिले हुए प्रॉन की प्यूरी बनाकर दे सकते हैं। एक वैकल्पिक रूप से, आप अपने बच्चे की पसंदीदा सब्जी के साथ झींगे मिला सकती हैं। मटर, टमाटर और एवोकाडो सभी अच्छे से काम करते हैं। कई प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ प्राप्‍त करने के लिए झींगा मछली का सेवन किया जाता है। झींगा मछली में विटामिन डी (Vitamin D), विटामिन बी3 और बहुत से पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं। झींगा खाने के फायदे इसलिए भी हैं क्‍योंकि इसमें बहुत से एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इन्‍फ्लामेट्री गुण भी होते हैं जो कैंसर निवारक का काम करते हैं।

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बच्चों के लिए प्राॅन के सेवन के स्वास्थ्य लाभ (Health benefits of eating Prawn for kids)

छोटे बच्चों का प्रॉन खाना स्वास्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है, इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बच्चे के शरीर में आवश्यक पोषक की कमी को पूरा करते हैं, जिनमें शामिल हैं:

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क्या मेरे बच्चे को प्रॉन से एलर्जी हो सकती है?

जैसा कि प्रॉन एक सीफूड है और यह कई बीमारियों का कारण बन सकती है, खासतौर पर एलर्जी की समस्या का। जब आप पहली बार अपने बच्चे को नए खाद्य पदार्थ देना शुरू करते हैं, तो शुरूआती तौर पर भी बच्चे में कई तरह के प्रभाव देखने को मिलते हैं, जैसे कि मछली या प्रॉन के सवन से। इस तरह, यदि आपके शिशु की प्रतिक्रिया होती है, तो आपको पता चल जाएगा कि इसका कारण क्या हैं। यदि आपके परिवार में एलर्जी, अस्थमा या एक्जिमा है, तो आपके बच्चे को भी एलर्जी होने की अधिक संभावना हो सकती है। इसे बच्चे की डायट में कैसे शामिल करना चहिए, इस बात का पेरेंट्स को पूरा ध्यान रखना चाहिए।

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एलर्जी के लक्षण (Allergy symptoms)

यदि आपके शिशु को शंख से एलर्जी है, तो आप शायद निम्नलिखित लक्षणों में से एक या अधिक देखेंगे:

  • एक्जिमा की समस्या (Eczema problem), जो जल्दी सही नहीं होती है
  • पेट दर्द, दस्त, उल्टी, पेट का दर्द या कब्ज होना
  • खांसी की समस्या (Cough problem)
  • घबराहट और सांस की तकलीफ
  • गले और जीभ में खुजली
  • खुजली के साथ त्वचा में दाने भी (Skin rash along with itching)
  • होठों और गले में सूजन (Swelling of the lips and throat)
  • बहती नाक
  • आंखों का लाल होना और खुजली होना आदि।

इन लक्षणों के अलावा बच्चे में और भी कई तरह के लक्षण नजर आ सकते हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से सपंर्क करें।

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यदि आपको लगता है कि प्राॅन के सेवन आपके बच्चे को एलर्जी हो सकती है, तो इसे बच्चे को देने से पहले इसके बारे में अपने बच्चे के डॉक्टर से जरूर बात करें। इसे बच्चे की डायट में तबतक शामिल न करें, जब तक कि आपको चिकित्सकीय सलाह न मिल जाए, क्योंकि आपका शिशु कई परेशानियों का सामना कर सकता है। इसलिए बच्चे की डायट में नॉनवेज कब शुरू करना है और कौन-कौन नॉनवेज फूड उम्र के अनुसार किस मात्रा में दिए जाने चाहिए। यह भी एक बार डॉक्टर से सलाह कर लें। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/12/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड