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रोटाटेक ओरल वैक्सीन : छोटे बच्चों को रोटावायरस से जैसे गंभीर इंफेक्शन से बचाने में करती हैं मदद!

रोटाटेक ओरल वैक्सीन : छोटे बच्चों को रोटावायरस से जैसे गंभीर इंफेक्शन से बचाने में करती हैं मदद!

रोटाटेक ओरल वैक्सीन (Rotateq oral vaccine) का उपयोग नवजात और शिशुओं में रोटावायरस के इंफेक्शन (Rotavirus infection) को रोकने के लिए किया जाता है। रोटावायरस (Rotavirus) एक संक्रामक वायरस है। यह शिशुओं और बच्चों में डायरिया (Diarrhea) बुखार, उल्टी और डायरिया का कारण बन सकता है। इससे पूरी दुनियाभर में लाखों मौते हो चुकी हैं। रोटा एक लैटिन शब्द है जिसका अर्थ होता है पहिया। माइक्रोस्कोप के माध्यम से देखने पर रोटावायरस की आकृति गोल दिखाई देती है। इसी कारण इसका नाम ‘रोटावायरस’ (Rotavirus) पड़ा।

आमतौर पर ज्यादातर बच्चे 5 वर्ष की उम्र से पहले ही इस वायरस से संक्रमित हो जाते हैं। कुछ मामलों में यह खतरनाक डीहायड्रेशन का कारण बनता है। सबसे गंभीर मामले 6-24 महीने के बच्चों में दिखाई दे सकते हैं। रोटाटेक ओरल वैक्सीन (Rotateq oral vaccine) का उपयोग इस रोटावायरस संक्रमण को रोकने या संक्रमण की गंभीरता को कम करने के लिए किया जाता है। यह वायरस से लड़ने के लिए शरीर की इम्यूनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाती है।

किसी भी दूसरी वैक्सीन की तरह वैक्सीन भी वायरस से बच्चे को पूरी तरह से सुरक्षा प्रदान नहीं करती है। साथ ही अगर बच्चा पहले से ही वायरस से संक्रमित हो चुका है तो यह उसके लिए मददगार नहीं होगी। साथ ही दूसरे कारणों से होने वाले बुखार, उल्टी या डायरिया को नहीं रोकती है। इस आर्टिकल में रोटाटेक ओरल वैक्सीन से जुड़ी महत्पवपूर्ण जानकारी दी जा रही है, लेकिन बच्चों के लिए इस वैक्सीन का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर ही करें।

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रोटाटेक वैक्सीन कब और कैसे दी जाती है? (When and how is RotaTeq oral vaccine given?)

रोटाटेक ओरल वैक्सीन (Rotateq oral vaccine) है। जिसे डॉक्टर या नर्स के द्वारा मुंह के जरिए दिया जाता है। सामान्य तौर पर इसकी तीन डोज दी जाती हैं। वैक्सीन के ब्रांड के आधार पर डोज में अंतर भी हो सकता है। पहला डोज 6-12 हफ्ते के बच्चे को दिया जाता है। दो एडिशनल डोज 4-10 हफ्ते के इंटरवल्स के बाद दिए जाते हैं। तीनों डोज बच्चे के 32 हफ्ते की उम्र से पहले दिए जाने चाहिए। बड़े बच्चों और टॉडलर्स को यह वैक्सीन नहीं दी जा सकती। 32 वीक की उम्र के बाद तीसरा डोज नहीं दिया जा सकता।

रोटाटेक वैक्सीन कितनी असरकारक है? (How effective is the RotaTeq vaccine?)

रोटाटेक की सुरक्षा और कितनी प्रभावी है यह देखने के लिए दुनियाभर में 72000 शिशुओं का अध्ययन किया गया। रोटाटेक रोटावायरस गैस्ट्रोएंटेराइटिस को कितनी अच्छी तरह से रोकता है, यह डेटा संयुक्त राज्य और फिनलैंड के लगभग 7,000 शिशुओं से आता है। इन अध्ययनों में, रोटाटेक ने सभी रोटावायरस गैस्ट्रोएंटेराइटिस के 74% मामलों और 98% गंभीर मामलों को रोका। इसके अलावा, रोटाटेक ने रोटावायरस के कारण गैस्ट्रोएंटेराइटिस के लिए अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता को 96% तक कम कर दिया।

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रोटाटेक ओरल वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स क्या हैं? (What are the side effects of RotaTeq Oral Vaccine?)

रोटाटेक ओरल वैक्सीन को लेने के बाद हल्का बुखार, डायरिया और उल्टी जैसे हल्के साइड इफेक्ट्स बच्चों में दिखाई दे सकते हैं। अगर इनमें से कोई भी साइड इफेक्ट्स लंबे समय तक रहता है और बिगड़ जाता है (102 degree F से ज्यादा बुखार होना) तो इस बारे में डॉक्टर को सूचित करें। याद रखें डॉक्टर इस वैक्सीन को इसलिए प्रिस्क्राइब करते हैं क्योंकि इसके फायदे साइड इफेक्ट्स से ज्यादा हैं। कई बच्चों को रोटाटेक वैक्सीन के उपयोग से गंभीर साइड इफेक्ट्स नहीं होते है। दुर्लभ मामलों में शिशुओं में इंटेस्टाइनल परेशानी होती है। जिसे इंटसससेप्शन (Intussusception) कहते हैं। ऐसा तब होता है जब इंटेस्टाइन का कोई हिस्सा ब्लॉक या मुड़ जाता है। रोटावायरस वैक्सीन का पहला डोज लेने के 21 दिन के बीच इसका रिस्क ज्यादा होता है। खासतौर पर पहले 7 दिनों में।

अगर बच्चों के स्टूल में ब्लड आना, सडन और सीवियर एब्डोमिनल पेन, डायरिया होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। इसके लक्षणों में बच्चों को पैरों का सीने की तरफ खींचकर रोना और एब्डोमिन को छूने में रोना भी हो सकता है।

रोटाटेक ओरल वैक्सीन (Rotateq oral vaccine) का गंभीर एलर्जिक रिएक्शन होना दुर्लभ है। हालांकि, अगर बच्चे में किसी गंभीर एलर्जी की प्रतिक्रिया के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें। जिन लक्षणों में शामिल हैं: दाने, खुजली/ सूजन (विशेषकर चेहरे / जीभ / गले में), गंभीर चक्कर आना, सांस लेने में परेशानी होना। यह संभावित दुष्प्रभावों की पूरी लिस्ट नहीं है। यदि आप अन्य प्रभावों को ऊपर सूचीबद्ध नहीं पाते हैं, तो मेडिकल प्रोफेशनल से संपर्क करें।

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शिशु को रोटाटेक ओरल वैक्सीन दिलाने से पहले क्या सावधानियां रखनी चाहिए? (Precautions for Rotateq vaccine)

बच्चे का रोटाटेक वैक्सीन दिलवाने से पहले डॉक्टर को जरूर बताएं अगर बच्चा एलर्जिक है या उसे किसी प्रकार की कोई एलर्जी है। वैक्सीन दिलाने पहले डॉक्टर को बच्चे की मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जरूर बताएं। खासकर फीवर, उल्टी, डायरिया, पेट में दर्द, किसी प्रकार की इंटेस्टाइनल परेशानियां, वजन का ना बढ़ना, उम्मीद के अनुसार विकास ना होना, ब्लड डिसऑडर्स, इम्यून सिस्टम डिसऑर्डर होने पर।
इसके अलावा निम्न स्थितियों में भी डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

  • बच्चे या मां को एचआईवी होने पर
  • बच्चे का टेम्प्रेचर 100.5oF से ज्यादा होने पर
  • रोटावायरस इंफेक्शन की हिस्ट्री होने पर
  • एक्टिव, शॉर्ट टर्म, गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल इलनेश (Gastrointestinal illness) होने पर
  • एब्डोमिनल सर्जरी की हिस्ट्री होने पर
  • ब्लड ट्रांसफ्यूजन होने पर
  • बच्चे के घर में रहने वाले किसी व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर होने पर

बच्चों को रोटाटेक वैक्सीन कब नहीं दी जानी चाहिए? (Who should not be immunized with RotaTeq?)

निम्नलिखित में से कोई भी स्थिति होने पर शिशुओं को रोटाटेक ओरल वैक्सीन (Rotateq oral vaccine) नहीं दी जानी चाहिए:

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क्या रोटाटेक ओरल वैक्सीन दूसरों दवाओं के साथ इंटरैक्शन कर सकती है? (Can Oral RotaTeq Vaccine Interact with Other Medications?)

रोटाटेक ओरल वैक्सीन

ड्रग इंटरैक्शन दवाएं कैसे काम करती हैं उसके प्रभाव या गंभीर दुष्प्रभावों के जोखिम को बढ़ा सकता हैं। बच्चों को दी जा रही सभी दवाओं प्रिस्क्रिप्शन/गैर-पर्चे वाली दवाओं और हर्बल उत्पादों सहित) लिस्ट रखें और इसके बारे में डॉक्टर को जानकारी दें। डॉक्टर की सलाह के बिना किसी भी दवा की खुराक को शुरू, बंद या परिवर्तित न करें। कुछ दवाएं रोटाटेक वैक्सीन के साथ परस्पर क्रिया कर सकती हैं उनमें कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स (मुंह से लिया जाता है या इंजेक्शन द्वारा दिया जाता है) , दवाएं जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करती हैं शामिल हैं। अन्य दवाएं जो इस वैक्सीन के साथ इंटरैक्ट कर सकती हैं के बारे में जानने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।

रोटावायरस इंफेक्शन (Rotavirus infection) का खतरा 3 से 35 महीनों के बच्चों में अधिक होता है। खासतौर पर वो बच्चे जो घर की तुलना में चाइल्ड केयर सेंटर (Child care center) आदि में अधिक समय बिताते हैं। बुजुर्गों और जो लोग छोटे बच्चों की देखभाल करते हैं, उनमे भी यह इंफेक्शन (Infection) होने की संभावना अधिक होती है। इसलिए बच्चों के संपर्क में रहने वाले लोगों को हायजीन टिप्स को फॉलो करना चाहिए। जिसमें डायपर बदलने के बाद या दूध पिलाने के बाद हाथ धोना शामिल है।

उम्मीद करते हैं कि आपको रोटाटेक ओरल वैक्सीन (Rotateq oral vaccine) से संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

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Manjari Khare द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/11/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड