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बच्चों में दो फ्लू वैक्सीन की जरूरत कब पड़ती है, जानिए यहां एक्सपर्ट से!

बच्चों में दो फ्लू वैक्सीन की जरूरत कब पड़ती है, जानिए यहां एक्सपर्ट से!

बदलते मौसम के साथ कई बच्चों में सर्दी-जुकाम जैसी समस्या से परेशान हो जाते हैं, जिसे हम मौसमी फ्लू और इन्फ्लुएंजा कहते हैं। यह एक संक्रामक रोग है। जिसके लक्षणों में शामिल हैं सर्दी, तेज बुखार (Flu High), मांसपेशी में दर्द (Muscle pain), गले का खराश और नाक बंद (Nose Blockage) होना आदि। कुछ स्थितियों में, इन्फ्लुएंजा के कारण न्युमोनिया हो सकता है। आज हम यहां बात करेंगे कि आखिर कुछ बच्चाें के लिए दो फ्लू शॉट क्यों जरूरी है? वैसे तो फ्लू शॉट बच्चों से लेकर बड़े तक सभी के लिए जरूरी है। लेकिन, यहां बच्चों में दो फ्लू वैक्सीन( Child Need Two Flu Vaccines)के बारे में जानतें और और कुछ बच्चों में दो फ्लू वैक्सीन (Child Need Two Flu Vaccines) की जरूरत कब पड़ती है? इससे पहले ये जान लें कि फ्लू वैक्सीन है क्या?

और पढ़ें: बच्चों के लिए फ्लू का टीका क्यों होता है जरूरी औ रखनी चाहिए कौन सी सावधानियां?

फ्लू वैक्सीन (Flu Vaccine) क्या है?

फ्लू वैक्सीन इन्फ्लुएंजा संक्रमण वायरस से बचाने में मदद करती है और इसे हर वर्ष लगवाना चाहिए। फ्लू के टीके सभी के लिए जरूरी हैं। जैसा कि छोटे बच्चों की इम्यनिटी काफी कमजोर (Weak Immunity)हाेती है, उनमें फ्लू से उच्च जोखिम माने जाते हैं। बड़े बच्चों की अपेक्षा छोटे बच्चों में इसके होने का खतरा अधिक होता है। इसलिए, इस घातक वायरस के लिए फ्लू वैक्सीन (Flu Vaccine) बच्चाें के लिए बहुत जरूरी है। इससे उनकी जान सुरक्षित रहती है।

इसके अलावा, फ्लू वैक्सीन बच्चों में कोराेना (Corona) के खतरों को भी कम करने के साहयक है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के बाद, तीसरी लहर (Third Wave for child) बच्चों के लिए आ सकती है। तो ऐसे में यदि बच्चों को अगर फ्लू शॉट लगा रहेगा, तो उनमें कोरोना का संकम्रण इतना ज्यादा प्रभावित नहीं करता है, यानि की जान का जोखिम कम होता है।

और पढ़ें: क्या बच्चों के लिए फ्लू और कोविड वैक्सीन एक ही है : जानें इस पर एक्सपर्ट की राय

किन बच्चों में दो फ्लू वैक्सीन (2 Flu Shot) की जरूरी होती है ?

कई पेरेंट्स के मन में यह सवाल होता है कि किन बच्चों में दो फ्लू वैक्सीन की जरूरत होती है? इसका जवाब है कि 8 साल से कम उम्र के बच्चे, जिन्हें पहले कभी फ्लू का वैक्सीनेशन नहीं हुआ हो, उन्हें अपने पहले साल में दो टीकों की आवश्यकता हाेती है। इन दोनो वैक्सीनेशन को कम से कम 28 दिनों के अंतराल में किया जाना चाहिए। इस उम्र के बच्चों में दो फ्लू वैक्सीन इसलिए जरूरी है, क्योंकि पहला टीका शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है और दूसरा शरीर को इन्फ्लूएंजा वायरस के प्रति एंटीबॉडी विकसित करने में मदद करता है। इस वैक्सीनेशन के बाद छोटे बच्चों के इन्फ्लूएंजा वायरस के होने का खतरा कम होता है। यदि आपके बच्चे को पहले कभी फ्लू का टीका नहीं लगा है यानि कि एक ही टीका लगा है, तो यह असरदार नहीं होगा उनमें। क्योंकि, दूसरे टीकेकरण के दो सप्ताह बाद प्रतिरक्षा और फ्लू वायरस से सुरक्षा विकसित होती है।

दो वैक्सीन नियम फ्लू शॉट्स (इंजेक्शन फ्लू के टीके) और फ्लूमिस्ट (नाक स्प्रे फ्लू वैक्सीन) दोनों के लिए सही हैं। फ्लू शॉट्स 6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों को दिया जा सकता है। लेकिन कुछ स्थतियों में डॉक्टर डॉक्टर इसे बाद में लेने की सलाह दे सकते हैं, जैसे कि बच्चे को अगर डायबिटीज टाइप 1 है, क्रॉनिक डिजीज है या वो अस्थमा का पेशेंट है।

और पढ़ें: Fludac 10: फ्लूडेक 10 क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

बच्चों को कैसे बचाता है फ्लू का टीका?

कोरोना और इन्फ्लुएंजा में कई विशेषताएं हैं। वर्तमान में कोरोना और अतिरिक्त इन्फ्लुएंजा संक्रमण महामारी को एक ‘ट्विनडेमिक’ स्थिति में बदल सकता है। फ्लू का टीका लगाने से बच्चों में ‘ट्विनडेमिक’ का खतरा कम होगा। इन्फ्लुएंजा का टीका संक्रमण के जोखिम को रोकने और संभावित तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की गंभीरता को कम करेगा। कई लोग फ्लू वैक्सीन और कोरोना वैक्सीन को एक ही समझते हैं, जोकि गलत है। लेकिन, फ्लू वैक्सीन और कोरोना वैक्सीन दोनों ही अलग-अलग हैं। हां, बस अगर बच्चे को फ्लू वैक्सीन लग रखी है, तो उसमें कोरोना का संक्रमण कम प्रभावित करेगा।

और पढ़ें:कोवैक्सीन और कोविशील्ड को लेकर मन में हैं प्रश्न, तो यहां जानें इससे जुड़ी अहम बातें

बच्चों को फ्लू का टीका कब लगवाना चाहिए?

बच्चों में फ्लू बहुत कभी भी और बहुत तेजी से फैल सकता है। जिसके कारण बुखार, नाक बंद, खांसी, गले में दर्द और शरीर में दर्द जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। बच्चा इससे कई दिनों तक या उससे भी अधिक समय के लिए बीमार पड़ सकता है। कई बार बच्चे की जानलेवा स्थिति भी हो सकती है। तो ऐसे में अगर वैक्सीनेशन हो रखा है, तो बच्चा जानलेना स्थिति से बच सकता है। इसके बच्चों में कई लक्षण दिखायी दे सकते हैं जैसे कि तेज बुखार हो सकता है, कभी-कभी फ्लू की ऐसी स्थिति भी हो सकती है कि बच्चें को अस्पताल में भर्ती करवाने की जरूरत भी पड़ सकती है। फ्लू से संबंधित गंभीर समस्याओं में पीड़ा दायक कान का संक्रमण, तीव्र ब्रोंकाइटिस और निमोनिया शामिल हैं।

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तो इस तरह से आपने जाना कि बच्चों के लिए दो फ्लू वैक्सीन क्यों जरूरी है। छोटे बच्चों में वैक्सीनेशन के दौरान कई बातों का ध्यान रखना आवश्यक है, जैसे कि बच्चा उस समय बीमार न हो, उसे बुखार, उल्टी या अन्य किसी प्रकार का इंफेक्शन न हो। ऐसे स्थिति में वैक्सीनेशन के लिए थोड़ा रूक जाना चाहिए। इसके अलावा उसे अन्य कोई बीमारी हो रखी है, तो उस हेल्थ कंडिशन के बारे में अपने डॉक्टर को पूरी जानकारी देनी चाहिए। इसके अलावा, अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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Niharika Jaiswal द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 2 weeks ago को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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