अपने बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 24, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

कई लोगों की ऐसी धारणा होती है कि जो लोग जानवरों से अधिक लगाव रखते हैं “वो वास्तव में बहुत ही अधिक दयावान होते हैं।” कुछ लोगों का ऐसा भी मानना होता है, कि जो जानवर बहुत जल्दी जिन लोगों से घुलमिल जाते हैं, वो इंसान बहुत नेक दिल होते हैं। उनकी सकारात्मक ऊर्जा जानवरों को जल्दी ही महसूस हो जाती है। इसलिए ऐसा कहा जाता है, कि अपने छोटे बच्चों की परवरिश करते समय उन्हें दयावान रहने की शिक्षा देनी  चाहिए। न केवल इंसानों से बल्कि जानवरों के साथ भी उन्हें दयालु व्यवहार रखना चाहिए। अगर हम वफादारी और दोस्ती की बात करते हैं, तो आपने कई जानवरों से जुड़े किस्से और कहानियां जरूर सुनी होगी।

बच्चों की पहली शिक्षा हमारे घर और आस-पास के लोगों से शुरू होती है। आप जैसा व्यवहार अपने बच्चों के सामने करते हैं। वैसा ही प्रभाव आपके बच्चे के नेचर पर पड़ता है। इसलिए बच्चों के सामने आपको अपने व्यवहार को बेहतर बनाए रखने की कोशिश करें। अपने बच्चों को अपने शुरुआती दिनों से प्रशिक्षित करें ताकि वो जानवरों से प्यार कर सकें। यदि कोई जानवर बीमार है, तो बच्चों को सिखाएं की उसे ठीक करने की कोशिश करें । यदि जानवरों को भूख लगी है, तो उन्हें सिखाएं कि जानवरों को खाना खिलाएं। प्यास लगने पर उन्हें पानी पिलाने की बात बताएं। तो क्या आप जानते हैं की बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं? वैसे तो इसके कई तरीके हैं, जो इस  प्रकार से  हो सकते हैं।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

बगीचा,जू या सैन्क्टयूअरि में जानवरों को ऑब्जर्ब कराना

बच्चों को जानवरों के प्रति दयालु बनाने के लिए यह जरूरी है कि वो जानवरों के रहन-सहन के बारे में जाने और समझें। वह क्या खाते हैं कैसे अपना जीवन व्यतीत करते हैं। यह दिखाने के लिए बच्चों को बगीचा,जू या सैन्क्टयूअरि  में जानवरों को दिखाना चाहिए। उन्हें पार्क या जू में घुमाने ले जाना चाहिए। बच्चों के मन में आपको ऐसी बात बैठानी चाहिए ,जिनसे उनके मन में जरूरतमंद की मदद करने की भावना पैदा हो, उनके व्यवहार में जानवरों और इंसानों दोनों के लिए दया भाव हो।

और पढ़ें : बच्चों के लिए मोबाइल गेम्स खेलना फायदेमंद है या नुकसानदेह

बच्चों को एक जानवर की देखभाल करने की जिम्मेदारी दें

बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं, इसके लिए यदि आप घर पर एक जानवर को लाकर उसकी देखभाल करते हैं, तो अपने बच्चे को उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए जिम्मेदारी (जैसे पानी का कटोरा भरना) दें। बच्चों को अपने पालतू जानवर की देखभाल की जिम्मेदारी समझाएं दूसरों की जरूरतों के लिए दया और उनका पोषण करने का एक महत्वपूर्ण तरीका है। अपनी देखभाल के तहत किसी जानवर को भोजन, ताजा पानी और नियमित वॉक कराने के महत्व के बारे में समझाएं। उनको समझाएं कि जानवरों को भी अकेलापन महसूस होता है। इसलिए उन्हें अकेले छोड़कर न जाएं।

कैद में रहने के बजाय अपने प्राकृतिक आवास में जानवरों के बारे में जानें

कई माता-पिता अपने जानवरों से प्यार करने वाले बच्चों को जानवरों के करीब जाने के लिए चिड़ियाघरों या एक्वेरियम में ले जाते हैं। हालांकि, ये जानवरों के लिए सबसे अच्छा वातावरण नहीं होता है और न ही बच्चों के लिए एक आदर्श शैक्षिक अनुभव हो सकता है। इसके बजाय अपने बच्चे को किसी पशु अभयारण्य या वन्यजीव पुनर्वास केंद्र (animal sanctuary or wildlife rehabilitation center) में ले जाएं या स्वयं सेवा करें।

बच्चों का परफेक्ट आहार जानने के लिए खेले क्विज :  Quiz : 5 साल के बच्चे के लिए परफेक्ट आहार क्या है?

जानवरों के व्यवहार के बारे में किताबें पढ़ें

अधिकांश बच्चों में जानवरों के प्रति स्वाभाविक आकर्षण होता है और वे उनके बारे में जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं। इसलिए बच्चों के पढ़ने के लिए ऐसी किताबें चुनें जो न केवल विभिन्न प्रजातियों के रहन-सहन, आहार और शारीरिक लक्षणों पर ध्यान केंद्रित करती हैं, बल्कि उनके सामाजिक, भावनात्मक और व्यवहार संबंधी लक्षणों जैसे चिम्पैंजी द्वारा सामाजिक पदानुक्रम, हाथियों को बचाने के लिए एक साथ काम करने वाले हाथी पर भी ध्यान केंद्रित करती हैं। अपने बच्चों से बात करें कि मनुष्य अन्य जानवरों के साथ अपने किन गुणों को साझा करता है।

और पढ़ें : बच्चों की स्वस्थ खाने की आदतें डलवाने के लिए फ्रीज में रखें हेल्दी फूड्स

एनीमल शेल्टर होम पर बच्चों को ले जाएं

बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं इसके लिए आप अपने बच्चे के साथ स्थानीय पशु आश्रय का दौरा करना चाहिए जो आपके बच्चे को उन सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के बारे में सिखाएगा जो मनुष्यों को अन्य जानवरों पर पड़ सकते हैं। कई मानवीय कार्यों के कारण हर साल हजारों स्वस्थ, अवांछित कुत्तों और बिल्लियों को छोड़ दिया जाता है। आप अपने बच्चे को भोजन और कंबल दान करने या आश्रय कुत्तों और बिल्लियों के लिए हाथ से बनाए गए खिलौने बनाएं। बतौर पेट गार्जियनशिप आप अपने समाज में लोगों को पोस्टर और संकेत के जरिए जानवरों

की जीमेदारी के  प्रति जागरूक करके एक साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं। अपने समुदाय में सक्रिय नागरिकता और स्वंयसेवक के रूप में कार्य करने से आपका बच्चा दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की अपनी क्षमता अपने अंदर महसूस कर सकता है।

और पढ़ें : बच्चों की स्वस्थ खाने की आदतें डलवाने के लिए फ्रीज में रखें हेल्दी फूड्स

जानवरों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करें

क्योंकि वो जानवर हैं इसलिए आप अपने बच्चे को उनका सम्मान करना नहीं सिखाते हैं, तो आपका बच्चा किसी को सम्मान नहीं देगा। भले ही आपके घर में एक जानवर हो अपने बच्चे को उनका सम्मान करना सिखाएं। जानवरों के प्रति उनके व्यवहार को सॉफ्ट रखने की कोशिश करें। कुछ जानवर आपके अच्छे व्यवहार के बाद भी बहुत अजीब बर्ताव करते हैं। छोटे बच्चों को उनसे दूर रखें, जब तक वह उन्हें संभालना न सीख लें। आप जो भी व्यवहार करते हैं और जो उन्हें सिखाते हैं, यह आपके बच्चे के लिए एक उदाहरण का कार्य करता है। यह आपके बच्चे का स्वभाव शात कुशल बनाते हैं, और शांतिपूर्ण, विचारशील और सम्मानजनक व्यवहार सीखाता है।

और पढ़ें:क्या आप जानते हैं बच्चों को खुश रखने के टिप्स?

जानवरों की आदतों का सम्मान करें

बच्चों को सिखाएं कि रोड़, जंगल, पेड़ पौधे जीवों का घर है। इसलिए अपने मन की सुनने के लिए उन्हें कभी भी पेड़ों से घोंसला नहीं निकालना चाहिए और न ही छोटी-छोटी गिलहरियों को परेशान करना चाहिए।बच्चों को यह एहसास कराए की कभी भी किसी को तकलीफ देकर या परेशान करके खुशी नहीं पाई जाती है। जानवरों के जीवन की देखभाल करने और उनका सम्मान करने के लिए बच्चों को पढ़ाना, उन्हें सभी प्राणियों के प्रति दयालु होने के महत्व को जानने देता है, चाहे वह बड़ा हो या छोटा। कम उम्र में जानवरों के लिए दयालुता सीखने से बच्चों को फायदा हो सकता है क्योंकि यह उन्हें बढ़ने के साथ बेहतर और अधिक दयालु व्यक्ति बनने में मदद करता है

और पढ़ें:बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए सख्त रवैया अपनाना कितना सही

क्या घर में एक जानवर पालने से बच्चे को दयालु बनाया जा सकता है? 

जी हां, यदि आप वाकई अपने बच्चे को दयावान बनाना चाहते हैं। तो बच्चे के जन्म के साथ ही हो सके तो अपने घर में एक छोटा पालतू जानवर रखें। इसमें सकारात्मक पहलु यह है की जब कोई बच्चे जन्म से ही अपना बचपन एक पालतु जानवर के साथ खेलकर बड़ा होता है तो उसका स्वभाव पहले से ही दयालु और काइंड रहता है। कुछ मामलों में यह देखा गया है, जो लोग शुरू से अपने घरों में एक जानवर के साथ खेलकर बड़े हुए हैं या उन्होंने अपने घर में एक जानवर के साथ अच्छा व्यवहार होते हुए देखा है। तो वह न केवल अपने घर के पालतू जानवर बल्कि स्ट्रीट डॉग,कैट ,पक्षिओं , हर जीव जन्तु और इंसानों के प्रति और मददगार और दयावान स्वभाव के होते हैं।अपने बच्चों के दिमाग में आप कुछ बातें शुरू से डालें तो उनका व्यवहार जानवर और सभी जीव-जंतु के साथ बहुत नम्र होता है। बच्चों को बताएं-

और पढे़ें:बच्चों को अनुशासन कैसे सिखाएं?

  • यदि आप किसी जानवर या पक्षी को चोटिल देखते हैं, तो उसकी सहायता स्वंय करें या किसी की सहायता मांगकर उसकी मदद करें।
  • कभी भी जानवर को किसी के कहने या अपने मजे के लिए मारकर परेशान न करें।
  • कुछ लोगों को जानवरों को मारने और परेशान करने में खुशी मिलती है। ऐसे लोगों से दूर रहकर उनकी बात पर ध्यान न देने की सलाह दें।
  • यदि आप किसी जानवर को भूखा देखते हैं, तो उसको खाने के लिए कुछ दें।
  • यदि आपके घर में अधिक खाना बच जाता है तो उसे फेंकने के बजाय किसी जानवर जैसे गाय,भैंस,कुत्ते आदि को खिलाएं। आप किसी भी जानवर के प्रति प्रेम दिखाकर अपने स्वभाव में परिवर्तन ला सकते हैं।
  • जानवरों को परेशान न करें कभी-कभी आपका बच्चा बुरी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है। बच्चों ने सिर्फ मनोरंजन के लिए आवारा कुत्तों और बिल्लियों को कैसे परेशान किया, इसके बारे में कई कहानियां हैं। अपने बच्चे को सिखाएं कि उसे कभी भी ऐसी गतिविधियों में भाग नहीं लेना चाहिए।
  • हो सके तो घर में एक ब्रेड आप किसी जानवर के नाम कर दें यानि एक या अधिक जानवर को कम से कम एक समय आप ब्रेड या बिस्कुट खिलाएं।

और पढे़ें: शिशु या बच्चों को मलेरिया होने पर कैसे संभालें

पालतू पशु पालने के लाभ

पालतू जानवरों के साथ बच्चों को पालने से कई लाभ मिलते हैं। पालतू जानवरों के बारे में सकारात्मक भावनाओं का विकास करना बच्चे के आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास में योगदान दे सकता है। पालतू जानवरों के साथ सकारात्मक संबंध ,दूसरों के साथ भरोसेमंद संबंधों के विकास में सहायता कर सकते हैं। एक पालतू जानवर के साथ एक अच्छा रिश्ता गैर-मौखिक संचार, दया और सहानुभूति विकसित करने में भी मदद कर सकता है। पालतू जानवर बच्चों के लिए विभिन्न उद्देश्य पूरा कर सकते हैं।

और पढे़ें:शिशु की गर्भनाल में कहीं इंफेक्शन तो नहीं, जानिए संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के लक्षण और इलाज

  • वे रहस्य और निजी विचारों के सुरक्षित प्राप्तकर्ता हो सकते हैं। आपने देखा होगा बच्चे अक्सर अपने पालतू जानवरों से बात करते हैं।
  • वे प्रजनन, जन्म, बीमारियों, दुर्घटनाओं, मृत्यु और शोक सहित जीवन के बारे में सबक प्रदान करते हैं।
  • वे उन बच्चों में जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने में मदद कर सकते हैं जो उनकी देखभाल करते हैं।
  • यदि आपका पालतू जानवर खो जाता है या मर जाता है तो, यह नुकसान और खोने की तकलीफ का अनुभव कराता है।
  • वे प्रकृति से एक संबंध प्रदान करते हैं।
  • प्यार, वफादारी और स्नेह सिखाते  हैं।
  • वे अन्य जीवित चीजों के लिए बच्चों को सम्मान सिखा सकते है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

अगर आप सोच रहीं हैं शिशु का पहला आहार कुछ मीठा हो जाए…तो जरा ठहरिये

जानिए शिशु का पहला आहार शुरू कर रहें हैं, तो क्यों पानी, नमक, चीनी और घी देने से पहले किन बातों को जानें? कब शिशु का पहला आहार शुरू करना चाहिए, शिशु को चीनी का सेवन नहीं करवाना चाहिए? डेलीवरी के तुरंत बाद शिशु को दिए जाने वाला पहला आहार का नाम ?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
बच्चों का पोषण, पेरेंटिंग अप्रैल 14, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

बच्चों में पिनवॉर्म की समस्या और इसके घरेलू उपाय

जानिए बच्चों में पिनवॉर्म in Hindi, बच्चों में पिनवॉर्म क्या है, बच्चों के पेट में कीड़े के कारण, बच्चों के पेट में कीड़े के लक्षण, bachcho me Pinworm के घरेलू उपाय।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
बच्चों की देखभाल, पेरेंटिंग अप्रैल 13, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

रटी-रटाई बातें भूल जाता है बच्चा? ऐसे सुधारें बच्चों में भूलने की बीमारी वाली आदत

जानिए बच्चों में भूलने की बीमारी in Hindi, बच्चों में भूलने की बीमारी कैसे ठीक करें, बच्चे की याददाश्त कैसे बढ़ाएं, baccho me bhulne ki bimari,

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
पेरेंटिंग टिप्स, पेरेंटिंग अप्रैल 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

मायके में डिलिवरी के फायदे और नुकसान क्या हैं?

जानिए मायके में डिलीवरी के क्या हैं फायदे और क्या है नुकसान? किन बातों को ध्यान में रखकर गर्भवती महिलाएं करें बेबी डिलिवरी की प्लानिंग?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
डिलिवरी केयर, प्रेग्नेंसी अप्रैल 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

बाल अनुकूल अवकाश गंतव्य

बाल अनुकूल अवकाश गंतव्य की प्लानिंग कर रहे हैं जो इन जगहों का बनाए प्लान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ अगस्त 13, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
मानसिक मंदता

क्या मानसिक मंदता आनुवंशिक होती है? जानें इस बारे में सबकुछ

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
प्रकाशित हुआ अगस्त 7, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
बच्चों के नैतिक मूल्यों के विकास

बच्चों के नैतिक मूल्यों के विकास के लिए बचपन से ही दें अच्छी सीख

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Satish singh
प्रकाशित हुआ जुलाई 23, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
बच्चों-के-लिए-सही-टूथपेस्ट-का-कैसे-करे-चुनाव

बच्चों के लिए सही टूथपेस्ट का कैसे करे चुनाव

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shivam Rohatgi
प्रकाशित हुआ अप्रैल 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें