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बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स : इस्तेमाल करने से पहले पढ़ लें ये खबर!

बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स : इस्तेमाल करने से पहले पढ़ लें ये खबर!

बच्चे के सही विकास के लिए उसके मानसिक स्वास्थ्य का सही होना बेहद जरूरी माना जाता है। यदि बच्चा किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है, तो उसके विकास पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है। कई बच्चों को शुरुआती सालों में ही मानसिक समस्याएं हो सकती हैं, जिसके इलाज के लिए उन बच्चों को कुछ खास तरह की दवाइयां दी जाती हैं। ये दवाइयां बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े लक्षणों को ठीक करने में मदद करती है। जिससे असल बीमारी पर ध्यान देकर डॉक्टर की मदद से उसे ठीक किया जा सके। आज हम बात करने जा रहे हैं बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स की। बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) दरअसल ऐसी दवाइयां होती हैं, जो उनके मानसिक समस्याओं से जुड़े लक्षणों को ठीक करने में मदद करती है। खास तौर पर इसका इस्तेमाल उन बच्चों के लिए किया जाता है, जो कि स्किज़ोफ्रेनिया और बायपोलर (Schizophrenia and bipolar) डिसऑर्डर से ग्रसित होते हैं। आइए जानते हैं बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) से जुड़ी यह जरूरी जानकारी।

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बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) में आमतौर पर कई तरह की दवाइयों का इस्तेमाल हो सकता है। यह दवाइयां बच्चे की शारीरिक और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर प्रिसक्राइब की जाती है। इन दवाओं में –

  • एरीपिप्राजोल (Aripiprazole)
  • एसेनपाइन (Asenapine)
  • क्लोज़ापाइन (Clozapine)
  • लैपरिडोन (loperidone)
  • ओलानज़पाइन (Olanzapine)
  • पालिपरिडोन (Paliperidone)
  • क्वाटिपिन (Quetiapine)
  • रिसपेरीडोन (Risperidone)

इत्यादि दवाओं का समावेश होता है। यह सभी दवाएं मानसिक समस्याओं से जुड़े लक्षण जैसे गुस्सा, इरिटेशन, खुद को नुकसान पहुंचाने की टेंडेंसी के साथ-साथ ऑटिज्म जैसी समस्याओं में भी कारगर साबित होती है। लेकिन बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) के इस्तेमाल को लेकर लोगों में मतभेद होते रहते हैं। जब एंटीसायकोटिक्स का इस्तेमाल बड़ों के लिए किया जाता है, तो उन्हें कई तरह के गंभीर साइड इफेक्ट देखने पड़ते हैं। यही वजह है कि लंबे समय तक बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) के इस्तेमाल पर आज भी लोगों को संदेह है।

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लंबे समय तक एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) के इस्तेमाल से लोगों में डायबिटीज, वेट गेन, कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का रिस्क बढ़ता हुआ देखा गया है। इसके अलावा लोगों में स्ट्रोक और डिमेंशिया की वजह से प्रीमेच्योर डेथ की समस्याएं भी देखी गई हैं। यही वजह है कि बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) के इस्तेमाल पर अब भी चर्चा जारी है। आइए जानते हैं बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स से जुड़ी यह जरूरी जानकारी

कैसे काम करती है बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) दवाएं?

बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) का इस्तेमाल आमतौर पर मानसिक समस्याओं से जुड़े लक्षणों को ठीक करने के लिए किया जाता है। यह ब्रेन में मौजूद केमिकल लेवल को प्रभावित करती है, जिसे न्यूरोट्रांसमीटर्स कहा जाता है। यह बच्चे की बर्ताव और विकास के लिए जरूरी माने जाते हैं। साथ ही साथ यह बच्चे की नींद, मूड, अटेंशन, याददाश्त और सीखने की क्षमता को भी प्रभावित करते हैं। जब बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) का इस्तेमाल किया जाता है, तो बच्चे में मौजूद साइकोटिक सिम्टम्स ठीक हो जाते हैं। इसके साथ-साथ बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स के इस्तेमाल से कई डेवलपमेंटल डिसऑर्डर और बिहेवियरल डिसऑर्डर की स्थिति में भी मदद मिलती है। आइए जानते हैं बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स आखिर किन समस्याओं में कारगर साबित होती है।

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बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) का इस्तेमाल कब किया जाता है?

आमतौर पर बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स का इस्तेमाल स्किज़ोफ्रेनिया और बायपोलर (Schizophrenia and bipolar) डिसऑर्डर के लिए किया जाता है। लेकिन कई और ऐसी मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हैं, जिस के इलाज के तौर पर बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) का इस्तेमाल किया जाता है। इन समस्याओं में मुख्य रूप से –

इन सभी समस्याओं का समावेश होता है। इन समस्याओं में बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) का इस्तेमाल आमतौर पर किया जाता है। बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स का इस्तेमाल करने से पहले आपको पूरी तरह से डॉक्टर से सलाह ले लेनी चाहिए। इन दवाइयों के कई गंभीर साइड इफेक्ट देखे जाते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर बच्चे की शारीरिक और मानसिक स्थिति को समझते हुए इन दवाइयों को प्रिसक्राइब करते हैं। आइए अब जानते हैं बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) के क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

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बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स के इस्तेमाल से क्या साइड इफेक्ट देखे जा सकते हैं? (Side effects of Antipsychotics for kids)

बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids)

बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) के इस्तेमाल से पहले आपको इससे जुड़ी पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) का इस्तेमाल बेहद सोच समझकर और डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए। यदि लंबे समय तक किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या की वजह से बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स का सेवन करना पड़ रहा है, तो उसे कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं, जो उसके विकास पर सीधा प्रभाव डालते हैं। इन साइड इफेक्ट्स में इन समस्याओं का समावेश होता है –

वेट गेन : बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) के इस्तेमाल से बच्चों का वजन अचानक बढ़ता हुआ दिखाई दे सकता है। ज्यादा वजन बढ़ने की वजह से बच्चे को भविष्य में लाइफस्टाइल संबंधित समस्याएं हो सकती है। जिसकी वजह से इससे जुड़ी कॉम्प्लिकेशन होने की भी संभावना रहती है। इसलिए डॉक्टर बच्चे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सीमित समय के लिए ही इन दवाओं के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।

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हार्ट प्रॉब्लम और डायबिटीज : बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) में कुछ दवाएं ऐसी होती हैं, जो बच्चों के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के लेवल को बढ़ाती है। साथ ही साथ यह ब्लड शुगर लेवल को भी प्रभावित करती है, जिसकी वजह से भविष्य में बच्चे को डायबिटीज या हार्ट से जुड़ी समस्याएं होने की सम्भावना रहती है। इसलिए ऐसी स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टर आपको खानपान से संबंधित सलाह दे सकते हैं।

इसके अलावा बच्चों में कुछ आम साइड इफेक्ट भी देखे गए हैं, जो इस प्रकार हैं –

  • धुंधली दृष्टि
  • मांसपेशियों में अकड़न या कमजोरी
  • कब्ज
  • तेज धडकन
  • खड़े होने या जल्दी चलने पर चक्कर आना
  • बेचैनी
  • मुंह का सूखना
  • तंद्रा
  • यौन रोग
  • सामान्य से अधिक भूख लगना

इन सभी समस्याओं के चलते बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) का इस्तेमाल सोच समझकर किया जाता है। यही वजह है कि आपको डॉक्टर से सलाह के दौरान कुछ बातों पर ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं डॉक्टर से आप किन बातों पर जानकारी ले सकते हैं।

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बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से लें ये सलाह

इस आर्टिकल में दी गई कोई भी जानकारी डॉक्टर की सलाह की जगह नहीं ले सकती, इसलिए बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) के इस्तेमाल से पहले आपको डॉक्टर से बात करनी चाहिए। किसी भी प्रकार की एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) दवाएं आपको डॉक्टर की सलाह के बगैर बच्चों को नहीं देनी चाहिए। यह दवाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव डालती है। यही वजह है कि पूरी तरह से चेकअप के बाद ही इन दवाओं को का इस्तेमाल करना चाहिए।

बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) के इस्तेमाल से पहले आपको डॉक्टर से बच्चे की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी हासिल करनी चाहिए। बच्चे की मानसिक स्थिति कैसी है और इस स्थिति में परिवार का सपोर्ट किस तरह मिलना चाहिए। यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी साबित होती है। साथ ही साथ कई बार डॉक्टर बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स के इस्तेमाल के साथ-साथ कई तरह की साइकोटिक थेरेपी का भी चयन करते हैं। यदि आपके बच्चे को किसी तरह की थेरेपी की जरूरत है, तो डॉक्टर से इस बात की जानकारी लेना जरूरी माना जाता है।

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बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) को बिना डॉक्टर की सलाह के अचानक बंद नहीं करना चाहिए। इन दवाइयों को शुरू करने और इनका सेवन बंद करने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी मानी जाती है।

बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics) का इस्तेमाल कुछ मानसिक समस्याओं में जरूरी माना जाता है। इसलिए यदि आपके बच्चे को इन दवाओं की जरूरत है, तो बिना किसी झिझक के पूरी जानकारी के साथ इन दवाओं का इस्तेमाल करें। बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए यह दवाई लाभकारी साबित हो सकती है, लेकिन इन दवाओं को देने के लिए के दौरान आपको सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है। इन सावधानियों पर ध्यान देते हुए आप बच्चों के लिए एंटीसायकोटिक्स (Antipsychotics for kids) का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड