की जीमेदारी के प्रति जागरूक करके एक साथ मिलकर कार्य कर सकते हैं। अपने समुदाय में सक्रिय नागरिकता और स्वंयसेवक के रूप में कार्य करने से आपका बच्चा दूसरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की अपनी क्षमता अपने अंदर महसूस कर सकता है।
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बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं: जानवरों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार करें
क्योंकि वो जानवर हैं इसलिए आप अपने बच्चे को उनका सम्मान करना नहीं सिखाते हैं, तो आपका बच्चा किसी को सम्मान नहीं देगा। भले ही आपके घर में एक जानवर हो अपने बच्चे को उनका सम्मान करना सिखाएं। जानवरों के प्रति उनके व्यवहार को सॉफ्ट रखने की कोशिश करें। कुछ जानवर आपके अच्छे व्यवहार के बाद भी बहुत अजीब बर्ताव करते हैं। छोटे बच्चों को उनसे दूर रखें, जब तक वह उन्हें संभालना न सीख लें। आप जो भी व्यवहार करते हैं और जो उन्हें सिखाते हैं, यह आपके बच्चे के लिए एक उदाहरण का कार्य करता है। यह आपके बच्चे का स्वभाव (Child behaviours) शात कुशल बनाते हैं, और शांतिपूर्ण, विचारशील और सम्मानजनक व्यवहार सीखाता है।
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बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं: जानवरों की आदतों का सम्मान करें
बच्चों को सिखाएं कि रोड़, जंगल, पेड़ पौधे जीवों का घर है। इसलिए अपने मन की सुनने के लिए उन्हें कभी भी पेड़ों से घोंसला नहीं निकालना चाहिए और न ही छोटी-छोटी गिलहरियों को परेशान करना चाहिए। बच्चों को यह एहसास कराए की कभी भी किसी को तकलीफ देकर या परेशान करके खुशी नहीं पाई जाती है। जानवरों के जीवन की देखभाल करने और उनका सम्मान करने के लिए बच्चों को पढ़ाना (Babies education), उन्हें सभी प्राणियों के प्रति दयालु होने के महत्व को जानने देता है, चाहे वह बड़ा हो या छोटा। कम उम्र में जानवरों के लिए दयालुता सीखने से बच्चों को फायदा हो सकता है क्योंकि यह उन्हें बढ़ने के साथ बेहतर और अधिक दयालु व्यक्ति बनने में मदद करता है।
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क्या घर में एक जानवर पालने से बच्चे को दयालु बनाया जा सकता है?
जी हां, यदि आप वाकई अपने बच्चे को दयावान बनाना चाहते हैं, तो बच्चे के जन्म के साथ ही हो सके तो अपने घर में एक छोटा पालतू जानवर रखें। इसमें सकारात्मक पहलु यह है की जब कोई बच्चे जन्म (Baby’s birth) से ही अपना बचपन एक पालतु जानवर के साथ खेलकर बड़ा होता है तो उसका स्वभाव पहले से ही दयालु और काइंड रहता है। कुछ मामलों में यह देखा गया है, जो लोग शुरू से अपने घरों में एक जानवर के साथ खेलकर बड़े हुए हैं या उन्होंने अपने घर में एक जानवर के साथ अच्छा व्यवहार होते हुए देखा है। तो वह न केवल अपने घर के पालतू जानवर बल्कि स्ट्रीट डॉग, कैट (Cat) ,पक्षिओं, हर जीव जन्तु और इंसानों के प्रति और मददगार और दयावान स्वभाव के होते हैं।अपने बच्चों के दिमाग (Child’s brain) में आप कुछ बातें शुरू से डालें तो उनका व्यवहार जानवर और सभी जीव-जंतु के साथ बहुत नम्र होता है। बच्चों को बताएं-
- यदि आप किसी जानवर या पक्षी को चोटिल देखते हैं, तो उसकी सहायता स्वंय करें या किसी की सहायता मांगकर उसकी मदद करें।
- कभी भी जानवर को किसी के कहने या अपने मजे के लिए मारकर परेशान न करें।
- कुछ लोगों को जानवरों को मारने और परेशान करने में खुशी मिलती है। ऐसे लोगों से दूर रहकर उनकी बात पर ध्यान न देने की सलाह दें।
- यदि आप किसी जानवर को भूखा देखते हैं, तो उसको खाने के लिए कुछ दें।
- यदि आपके घर में अधिक खाना बच जाता है तो उसे फेंकने के बजाय किसी जानवर जैसे गाय, भैंस, कुत्ते आदि को खिलाएं। आप किसी भी जानवर के प्रति प्रेम दिखाकर अपने स्वभाव में परिवर्तन ला सकते हैं।
- जानवरों को परेशान न करें कभी-कभी आपका बच्चा बुरी गतिविधियों में लिप्त हो सकता है। बच्चों ने सिर्फ मनोरंजन के लिए आवारा कुत्तों और बिल्लियों को कैसे परेशान किया, इसके बारे में कई कहानियां हैं। अपने बच्चे को सिखाएं कि उसे कभी भी ऐसी गतिविधियों में भाग नहीं लेना चाहिए।
- हो सके तो घर में एक ब्रेड (Bread) आप किसी जानवर के नाम कर दें यानि एक या अधिक जानवर को कम से कम एक समय आप ब्रेड या बिस्कुट खिलाएं।
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पालतू पशु पालने के लाभ
पालतू जानवरों के साथ बच्चों को पालने से कई लाभ मिलते हैं। पालतू जानवरों के बारे में सकारात्मक भावनाओं का विकास करना बच्चे के आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास में योगदान दे सकता है। पालतू जानवरों के साथ सकारात्मक संबंध ,दूसरों के साथ भरोसेमंद संबंधों के विकास में सहायता कर सकते हैं। एक पालतू जानवर के साथ एक अच्छा रिश्ता गैर-मौखिक संचार, दया और सहानुभूति विकसित करने में भी मदद कर सकता है। पालतू जानवर बच्चों के लिए विभिन्न उद्देश्य पूरा कर सकते हैं। बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं, दरअसल घर में पेट रहने से भी उन्हें जानवरों के प्रति स्नेह बढ़ाने में सहायता मिलती है।
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- वे रहस्य और निजी विचारों के सुरक्षित प्राप्तकर्ता हो सकते हैं। आपने देखा होगा बच्चे अक्सर अपने पालतू जानवरों से बात करते हैं।
- वे प्रजनन, जन्म, बीमारियों, दुर्घटनाओं, मृत्यु और शोक सहित जीवन के बारे में सबक प्रदान करते हैं।
- वे उन बच्चों में जिम्मेदार व्यवहार विकसित करने में मदद कर सकते हैं जो उनकी देखभाल करते हैं।
- यदि आपका पालतू जानवर खो जाता है या मर जाता है तो, यह नुकसान और खोने की तकलीफ का अनुभव कराता है।
- वे प्रकृति से एक संबंध प्रदान करते हैं।
- प्यार, वफादारी और स्नेह सिखाते हैं।
- वे अन्य जीवित चीजों के लिए बच्चों को सम्मान सिखा सकते है।
बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं, उम्मीद करते हैं इस आर्टिकल से आपको सहायता मिलेंगे अपने बच्चों को जानवरों के लिए दयालु कैसे बनाएं इस विषय पर।