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क्या सिजेरियन के बाद व्यायाम किया जा सकता है?

क्या सिजेरियन के बाद व्यायाम किया जा सकता है?

शिशु का जन्म पीड़ादायक होने के साथ-साथ एक्साइटिंग भी होता है। ये पल भावुक करने वाला होता है, लेकिन अगर सिजेरियन डिलिवरी हुई है तो मां के लिए परेशानियां बढ़ जाती हैं। जल्द स्वस्थ होने के लिए सिजेरियन के बाद व्यायाम, आहार और नींद बेहद जरूरी है। वजायनल डिलिवरी की तुलना में सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्वस्थ होने में ज्यादा वक्त लगता है। इसलिए जानेंगे सिजेरियन डिलिवरी के बाद क्या-क्या करें जिससे जल्दी हेल्दी और फिट हो सकें।

व्यायाम, हेल्दी और संतुलित आहार और अच्छी नींद की मदद से सिजेरियन डिलिवरी के बाद स्वस्थ होना आसान हो जाता है।

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सिजेरियन के बाद व्यायाम कैसे करें?

डिलिवरी के बाद अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या सिजेरियन डिलिवरी के बाद व्यायाम करना चाहिए या नहीं? सिजेरियन डिलिवरी के बाद अस्पताल में भी डॉक्टर, पेशेंट को धीरे-धीरे वॉक (चलने) करने की सलाह देते हैं। इससे पेशेंट को शारीरिक लाभ मिलता है।

सिजेरियन के बाद व्यायाम जिसे करना आसान है।

  1. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (Pelvic floor exercises)
  2. अब्डॉमिनल एक्सरसाइज (Abdominal exercises)
  3. फिजिकल एक्सरसाइज (Physical exercise)

1. पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज

अगर महिला गर्भावस्था के दौरान एक्सरसाइज कर रही थीं, तो सिजेरियन डिलिवरी के बाद पेल्विक फ्लोर वर्कआउट (कीगल एक्सरसाइज) किया जा सकता है। सिजेरियन डिलिवरी के बाद पेल्विक फ्लोर वर्कआउट से गर्भाशय, आंत और ब्लैडर की मसल्स स्ट्रांग होती हैं। इससे यूरिन लीकेज की परेशानी भी ठीक हो सकती है।

कैसे करें पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज?

पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज मैट पर आसानी से लेटकर की जा सकती है। इसमें महिला को पेल्विक फ्लोर की मसल्स को ऐसे मूव करना होता है जैसे यूरिन को रोककर रखा था और अब रिलीज कर दिया है। इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराना होता है। 10-20 मिनट पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज सिजेरियन डिलिवरी के बाद की जा सकती है।

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2. एब्डॉमिनल एक्सरसाइज

अब्डॉमिनल एक्सरसाइज करने से पेट (abdominal area) की मसल्स मजबूत होती हैं। इससे स्पाइन और शरीर का पॉश्चर ठीक रहता है।

कैसे करें एब्डॉमिनल एक्सरसाइज?

एब्डॉमिनल एक्सरसाइज करने के लिए पहले पीठ के बल लेट जाएं। अब धीरे से अपने घुटने को हल्का ऊपर की ओर लाएं। इस प्रक्रिया में पेल्विक फ्लोर मसल्स को स्क्वीज करें और ब्रीदिंग करें। इस एक्सरसाइज को एक बार में 10 बार और एक दिन में 3 बार तक किया जा सकता है।

3. फिजिकल एक्सरसाइज

फिजिकल एक्सरसाइज दरअसल इसमें पेशेंट को किसी भी वर्कआउट की जरूरत नहीं होती है। घर के आसान कामों में महिला हाथ बटा सकतीं हैं, लेकिन ऐसा करने से पहले अपने हेल्थ एक्सपर्ट से जरूर सलाह लें। वॉकिंग भी इस दौरान बेहतर विकल्प हो सकता है।

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सिजेरियन के बाद व्यायाम करने से पहले किन-किन बातों का रखें ख्याल?

  • वर्कआउट शुरू करने के पहले अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
  • सिजेरियन डिलिवरी के 6 हफ्ते के बाद एक्सरसाइज शुरू करें।
  • एक्सरसाइज की शुरुआत बिना थकने वाले वर्कआउट से करें।
  • आरामदायक कपड़ों में ही एक्सरसाइज करें।
  • बॉडी को डीहाइड्रेट न होने दें।
  • एक्सरसाइज के दौरान थकावट महसूस होने पर रुक जाएं।
  • वर्कआउट के वक्त या बाद में भी भारी वजन न उठाएं।

सिजेरियन के बाद व्यायाम करने के क्या फायदे हो सकते हैं?

सी-सेक्शन के बाद व्यायाम करने के लिए महिला को कई फायदे हो सकते हैं, जिसमें शामिल हैंः

  • गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए वजन को आसानी से कम किया जा सकता है और बॉडी शेप को मेंटन किया जा सकता है।
  • अपने हृदय की फिटनेस में सुधार लाया जा सकता है, जैसे- अनियंत्रित दिल की धड़कन।
  • पेट की मांसपेशियों को मजबूत और टोन किया जा सकता है।
  • शारीरिक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाया जा सकता है।
  • शारीरिक रूप से खुद को सक्रिय बनाया जा सकता है।
  • तनाव से छुटकारा पाया जा सकता है। सी-सेक्शन के बाद पोस्टपार्टम डिप्रेशन से बाहर आने में काफी मदद मिल सकती है।
  • बेहतर नींद को बढ़ावा दिया जा सकता है।

सिजेरियन के बाद व्यायाम तो किया जा सकता है, लेकिन व्यायाम के साथ-साथ पौष्टिक आहार का भी सेवन जरूरी है।

सिजेरियन डिलिवरी के बाद कैसा हो आहार?

प्रोटीन, कैल्शियम और मिनरल युक्त आहार

प्रोटीन शरीर में नए टिशूज के निर्माण में सहायक होता है। कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत करने के साथ-साथ ब्लड फ्लो ठीक रखने में मददगार होता है। साथ ही कैल्शियम मसल्स के लिए जरूरी है। नवजात को रोजाना 250-350 mg कैल्शियम की जरूरत होती है, जो मां से स्तनपान के दौरान मिलता है। इसलिए दूध, चीज और बींस का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए।

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विटामिन्स

सिजेरियन डिलिवरी के बाद विटामिंस से भरपूर आहार का सेवन करना आवश्यक है। इससे कोलेजेन का निर्माण होता है जो नए टिशू, स्किन और लिगामेंट के ग्रोथ में सहायक होता है। इसलिए ब्रॉकली, पालक और मेथी का सेवन करें। आहार में विटामिन ए और विटामिन सी अवश्य शामिल करें। नई मां को संतरा, तरबूज, स्ट्रॉबेरी और अंगूर रोजाना खाना चाहिए। इन फलों के सेवन से इम्यून सिस्टम अच्छा होता है और शरीर को बीमारियों से लड़ने के साथ-साथ इंफेक्शन से बचने में भी मदद मिलती है।

साबुत आनाज

पास्ता, ब्राउन ब्रेड और ब्राउन राइस साबुत आनाज का सबसे अच्छा विकल्प है। इसके नियमित सेवन से शरीर में एनर्जी बनी रहती है और ब्रेस्ट मिल्क का प्रोडक्शन भी ज्यादा होता है। साबूत आनाज मां और शिशु दोनों के लिए जरूरी होता है।

फाइबर युक्त आहार

सिजेरियन के बाद व्यायाम जितना जरूरी है उतना ही फाइबर युक्त आहार। इससे कब्ज की समस्या नहीं होती है और डायजेस्टिव सिस्टम ठीक तरह से काम करता है। इसलिए ओट्स और रागी जैसे अन्य फाइबर से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए।

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सिजेरियन डिलिवरी के बाद अच्छी नींद क्यों है जरूरी?

सही स्लीपिंग पोजिशन अपनाने से शरीर को आराम मिलने के साथ-साथ सर्जरी की जगह पर किसी तरह का दबाव या तनाव न के बराबर पड़ता है। ठीक पोजिशन में सोने से बिस्तर से नीचे उतरने में मदद मिलती है। पेट की मांसपेशियों पर खिंचाव कम पड़ता है और अच्छी नींद आती है। इससे सर्जरी वाली जगह पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता है। इसलिए सिजेरियन डिलिवरी के बाद पीठ के बल सोना, एक साइड करवट लेकर सोना और अपराइट पोजिशन में सोना लाभदायक होता है।

इन सब के बाद भी अगर कोई शारीरिक परेशानी महसूस हो तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

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लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 11/09/2020 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड