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डिलिवरी के बाद महिलाओं को क्यों खिलाए जाते हैं गोंद के लड्डू?

डिलिवरी के बाद महिलाओं को क्यों खिलाए जाते हैं गोंद के लड्डू?

आयुर्वेद के अनुसार प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं के लिए गोंद के लड्डू खाना फायदेमंद होता है। डिलिवरी के बाद गोंद के लड्डू या आटे का लड्डू खाने का चलन काफी पहले से है। प्रेग्नेंसी के बाद अक्सर महिलाओं में कमजोरी आ जाती है। गोंद के लड्डू में कई पोषक तत्व होते हैं, जो प्रेग्नेंसी के बाद महिला की बॉडी को स्ट्रॉन्ग बनाने का काम करते हैं। इस आर्टिकल में हम गोंद के लड्डू के फायदे बताने जा रहे हैं।

गोंद के लड्डू के फायदे

प्रेग्नेंसी के बाद गोंद के लड्डू खाने से क्या फायदा होता है? इस पर हैलो स्वास्थ्य ने पंजाब के बटाला में स्थित शिव शक्ति आयुकेर क्लीनिक की डॉक्टर सुनीता कुंद्रा से खास बातचीत की। 15 वर्षों से अधिक समय का अनुभव रखने वालीं फैमिली फिजिशियन डॉक्टर सुनीता कुंद्रा बीएएमएस हैं। उन्होंने दिल्ली के सफदरजंग, हिंदु राव और एयूटीसी हॉस्पिटल के साथ काम किया है।

उन्होंने कहा कि प्रेग्नेंसी के दौरान और डिलिवरी के वक्त महिला की रीढ़ की हड्डी पर सबसे ज्यादा दबाव रहता है। कई मामलों में डिलिवरी में पुशिंग करते वक्त महिलाओं को स्पाइन में दिक्कत हो जाती है। जो लोअर बैक पेन के रूप में सामने आती है। प्रेग्नेंसी के तुरंत बाद महिला की बॉडी को अतिरिक्त मात्रा में न्यूट्रिशन की आवश्यकता होती है। ऐसे में गोंद के लड्डू उनकी सेहत के लिए फायदेमंद रहते हैं।

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गोंद के लड्डू में होता है भरपूर न्यूट्रिशन

डॉक्टर सुनीता ने कहा, ‘गोंद के लड्डू में मूंग की दाल, नट्स, घी, गोंद और अन्य पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। नट्स और घी में अतिरिक्त फैट होता है। जो प्रेग्नेंसी के बाद महिला की बॉडी के लिए बेहद ही जरूरी होता है।’ डॉक्टर कुंद्रा ने बताया कि गोंद के लड्डू में मौजूद घी मेटाबॉलिक रेट को बढ़ा देता है। मेटाबॉलिक रेट कम होने से हमारी बॉडी कैलोरी कम खर्च करती है, जिसकी वजह से मोटापा बढ़ता है। मूंग की दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है। नट्स में अनेको माइक्रो न्यूट्रिएंट होते हैं, जो बॉडी में एंटी ऑक्सीडेंट के तौर पर काम करते हैं।

गोंद का अचूक फायदा

डॉक्टर सुनीता ने बताया, ‘गोंद कमर की हड्डी की चोट को ठीक करने का काम करती है। गोंद को घी में पकाकर लड्डुओं में मिलाया जाता है। गोंद के लड्डू में माइक्रो और मैक्रो न्यूट्रिएंट दोनों ही भरपूर मात्रा में होते हैं। पिछले जमाने में माइक्रो न्यूट्रिएंट के रूप में गोलियां या सीरप उपलब्ध नहीं हुआ करते थे। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए महिलाओं को गोंद के लड्डू खिलाए जाते थे।’

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गोंद के लड्डू खाने का सही समय

डॉक्टर सुनीता ने कहा कि गोंद के लड्डू को हमेशा सुबह खाली पेट दूध के साथ खाया जाना चाहिए। हालांकि, इन्हें रात में सोने से पहले भी खाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सामान्य दिनचर्या में अधिक पोषक तत्वों वाली चीजों को हमेशा सुबह ही खाया जाना चाहिए।

डिलिवरी के महिला को कितने गोंद के लड्डू खाने चाहिए?

इस सवाल का जवाब देते हुए डॉक्टर कुंद्रा ने कहा कि गोंद की लड्डू की मात्रा हर महिला के हिसाब से अलग हो सकती है। औसतन 1-2 लड्डू खाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, जिन महिलाओं का मेटाबॉलिक रेट तेज होता है वह एक दो या इससे अधिक भी लड्डू खा सकती हैं। इसके पाचन का समय भी हर महिला में अलग-अलग हो सकता है। अधिक मेटाबॉलिक रेट वाली महिलाएं इसे बेहद ही कम समय में पचा लेती हैं।

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पोषण सबसे ज्यादा जरूरी

डॉक्टर सुनीता ने कहा कि डिलिवरी के बाद 40 दिनों की अवधि के दौरान महिलाओं को हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है। इसमें घी की मात्रा अधिक रखने की सलाह दी जाती है। गोंद के लड्डू में मौजूद अतिरिक्त घी इसकी पूर्ति करता है। इससे अतिरिक्त कार्बोहाइड्रेट लेने से बचा जा सकता है।

भारतीय आयुर्वेद में अनेकों ऐसी चीजें जो हमारी बॉडी को हेल्दी रखने में मदद करती हैं। इसी कड़ी में डिलिवरी के बाद महिला को गोंद के लड्डू खिलाए जाते हैं। अंत में हम यही कहेंगे कि ये लड्डू खाना शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर सलाह लें क्योंकि हर महिला की बॉडी अलग होती है जिस पर हर चीज अलग ढंग से असर करती है।

 

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लेखक की तस्वीर
Sunil Kumar द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 09/12/2019 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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