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इन 8 कारणों से प्रसव से ज्यादा दर्द देता है डिलिवरी के बाद का पहला स्टूल

इन 8 कारणों से प्रसव से ज्यादा दर्द देता है डिलिवरी के बाद का पहला स्टूल

वजायनल डिलिवरी के दौरान महिलाओं को भयानक दर्द से गुजरना होता है। इस दर्द से गुजरने के बाद आपको लगता है मुश्किल काम हो गया लेकिन ऐसा नहीं है। क्या आप जानते हैं कि बच्चा करते वक्त से ज्यादा दर्द डिलिवरी के बाद पहला स्टूल पास करते वक्त होता है। कहा जाता है यह दर्द डिलिवरी पेन से भी ज्यादा असहनीय होता है। इसके कई कारण हो सकते हैं।

बच्चे के होने के बाद सब बदल जाता है। इसमें आपका डायजेस्टिव सिस्टम भी शामिल है। ऑर्गन्स शिफ्ट होते हैं, हॉर्मोन में उतार-चढ़ाव होता है, आपका गर्भाशय अपने सामान्य आकार में वापस सिकुड़ जाता है। ये सभी कारक मल त्याग करने में परेशानी का कारण बन सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको डिलिवरी के बाद स्टूल से जुड़ी परेशानी और इससे कैसे निपटा जाए इसके बारे में बात करेंगे…

और पढ़ें: शिशु की गर्भनाल में कहीं इंफेक्शन तो नहीं, जानिए संक्रमित अम्बिलिकल कॉर्ड के लक्षण और इलाज

क्या डिलिवरी के बाद स्टूल पास करने में दिक्कत होना नॉर्मल है?

जब बच्चा मां के गर्भ में होता है तब तो मां को परेशानी होती ही है। लेकिन यह भी सच है कि बच्चा पैदा होने के बाद परेशानियों का अंत नहीं होता है। डिलिवरी के बाद बहुत सारी मांओं को कब्ज की शिकायत रहती है। डिलिवरी के बाद पहले पूप के लिए मां को दो से तीन का इंतजार करना होता है। हालांकि कुछ महिलाओं में यह जल्दी हो जाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, डिलिवरी के बाद स्टूल पास करने में दिक्कत होना नॉर्मल है। बहुत सारी चीजें पोस्टपार्टम बोवेल मूमेंट को प्रभावित करती हैं। जैसे हॉर्मोन, आप क्या खाते हैं और आप कितना पीते हैं।

डिलिवरी के बाद स्टूल पास करने में होने वाले असहनीय दर्द का कारण

1. पेल्विक मसल्स का चोटिल होना

गर्भावस्था और प्रसव के वक्त पेल्विक मसल्स में खिंचाव आने के साथ वह चोटिल हो जाती हैं। पेल्विस मसल्स एनल को नियंत्रित करती हैं। खिंचाव या चोटिल होने की स्थिति में महिला का गैस पास करने पर नियंत्रण कम हो जाता है।

2. गर्भाशय संकुचन

बच्चे को जन्म देने के बाद आपका गर्भाशय वापस अपने सामान्य आकार में सिकुड़ने लगता है, जिससे यह अनुबंध और ऐंठन करता है।

3. डिलिवरी के बाद स्टूल पास करते वक्त टांकों में दर्द

सिजेरियन डिलिवरी से शिशु को जन्म देने वाली महिलाओं को टांके लगने के चलते स्टूल पास करते वक्त सबसे ज्यादा दर्द होता है। अक्सर छींकते या हंसते वक्त टांकों पर जोर पड़ता है। जिसके चलते उन्हें उस हिस्से में दर्द का अहसास होता है। वहीं स्टूल पास करते वक्त उन्हें भारी जोर लगाना पड़ता है। जिसका सीधा असर उनके टांकों पर पड़ता है। इसकी वजह से उन्हें भारी दर्द से गुजरना पड़ता है।

दक्षिण दिल्ली के लाजपत नगर में स्थित सपरा क्लीनिक की सीनियर गायनोकॉलोजिस्ट डॉक्टर एस के सपरा के मुताबिक, ‘ इस दौरान कमजोरी की वजह से महिलाओं के शरीर में थकावट आ जाती है, जिसकी वजह से कई बार वे दो से तीन दिन तक वॉशरूम नहीं जाती। इसकी वजह से स्टूल सख्त हो जाता है और कब्ज की समस्या हो जाती है। जिसकी वजह से स्टूल पास करते वक्त भारी जोर लगाना पड़ता है और भारी दर्द से जूझना पड़ता है।

4. पाइल्स के चलते दर्द स्टूल पास करने में दर्द

महिलाओं का स्टूल टाइट होने की स्थिति में उन्हें वॉशरूम में भारी जोर लगाना पड़ता है। इसकी वजह से रेक्टल केनाल के बाहर मौजूद ब्लड वेसल्स पर भारी दबाव पड़ता है और उनमें सूजन आ जाती है। इस स्थिति को पाइल्स कहा जाता है। जिसके चलते उन्हें स्टूल पास करते वक्त भयानक दर्द का अहसास होता है।

और पढ़ें: 8 कारण जिनकी वजह से महिलाएं प्रेग्नेंट नहीं हो पातीं

5 . पोषण की कमी

डॉक्टर सपरा का मानना है कि कई बार डिलिवरी से पहले और डिलिवरी के दौरान महिलाओं को भूख नहीं लगती है। इस दौरान उन्हें ड्रिप से ग्लूकोज दिया जाता है। जो भोजन की पूर्ति तो करता है लेकिन, उसमें संपूर्ण पोषण नहीं होता।

सामान्य भोजन से शरीर में एक ऐसा पदार्थ बनता है जो स्टूल को प्रेशर के साथ रेक्टम से बाहर निकालने में मदद करता है। ड्रिप के मामले में ऐसा नहीं होता है। इससे महिलाओं के स्टूल पास करने में अनियमित्ता आ जाती है और स्टूल इक्कट्ठा होकर सख्त हो जाता है। इसके चलते महिलाओं को स्टूल पास करने में परेशानी तो आती है। साथ ही उन्हें दर्द भी सहना पड़ता है।

और पढ़ें: इंट्रायूटेराइन इंफेक्शन क्या है? क्या गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए हो सकता है हानिकारक

6. अपना अच्छे से ख्याल न रखना

डिलिवरी के बाद यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीती हैं तो इससे कब्ज की शिकायत होती है। जो महिलाएं अपने बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं उनके शरीर से दूध के उत्पादन के चलते फ्लुइड की कमी हो जाती है। इससे डिहाइड्रेशन की शिकायत होती है। नई मां बच्चे की देखभाल में खुद को इतना वयस्त कर लेती हैं कि वह अपना ख्याल रखना भूल जाती है। मां को पर्याप्त रेस्ट और नींद लेने की जरूरत होती है। इन कारणों से भी कब्ज की शिकायत होती है।

7. हॉर्मोन में उतार-चढ़ाव

मां के शरीर में हॉर्मोन व प्रोजेस्टेरोन के असंतुलित स्तर के कारण भी डिलिवरी के बाद कब्ज की परेशानी होने लगती है।

8. डिलिवरी के दौरान दी जाने वाली दवाएं

प्रसव व सी-सेक्शन के दौरान डॉक्टर दर्द को दूर करने के लिए कुछ दवाएं देते हैं। इन दवाओं के कारण भी महिलाओं में डिलिवरी के बाद स्टूल की समस्या होती है।

डॉक्टर के मुताबिक ऐसी स्थिति से निपटने के लिए महिलाओं को सलाइन चढ़ाया जाता है जिससे स्टूल सॉफ्ट होकर आसानी से बाहर आ जाए। यह दर्द कुछ दिन के बाद ठीक हो जाता है लेकिन, अगर आपको असहयनीय दर्द हो रहा है तो डॉक्टर से संपर्क करें। इसको इग्नोर न करें। सिजेरियन डिलिवरी से बच्चे को जम्न देने वाली महिलाओं को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

और पढ़ें: डायस्टैसिस रेक्टी : क्या है और कैसे लगाएं इसका पता?

डिलिवरी के बाद स्टूल प्रॉब्लम्स को दूर करने में मदद करेंगी ये टिप्स

  • सबसे पहले आपको जिस बात का ध्यान रखना है वो यह कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
  • ऑयली, ग्रीसी, फैटी खाना न खाएं। पोस्टपार्टम क्रेविंग्स होना लाजमी है, लेकिन जितना हो सके हेल्दी चीजों का सेवन करें।
  • डिलिवरी के बाद स्टूल को आरामदायक बनाने के लिए बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग कराएं।
  • अभी आप भले ही एक्सरसाइज नहीं कर सकती हैं, लेकिन बच्चे को गोद में लेकर या बच्चे के बिना वॉक पर जाएं।
  • डायट में साबुत अनाज, ड्राय फ्रूट खासतौर से अंजीर, फ्रेश फ्रूट, वेजिटेबल्स को शामिल करें।
  • यदि आपकी सी सेक्शन डिलिवरी हुई है तो टांकों वाली जगह को साफ रखने के लिए वेट पैड (Wet pad) का इस्तेमाल करें।
  • मल त्याग होने की इच्छा होने पर तुरंत वॉशरूम जाएं। रोक कर रखना परेशानी का कारण बन सकता है।
  • डॉक्टर से मल त्याग के लिए दवा भी रिकमेंड करा सकती हैं।

उम्मीद करते हैं कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और डिलिवरी के बाद स्टूल की प्रॉब्लम से कैसे बचें इससे संबंधित जरूरी जानकारियां मिल गई होंगी। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। अगर आपके मन में अन्य कोई सवाल हैं तो आप हमारे फेसबुक पेज पर पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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लेखक की तस्वीर
Mayank Khandelwal के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Sunil Kumar द्वारा लिखित
अपडेटेड 16/08/2019
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