गर्भावस्था के दौरान बच्चे के वजन को बढ़ाने में कौन-से खाद्य पदार्थ हैं फायदेमंद?

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अपडेट डेट जुलाई 21, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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गर्भावस्था के दौरान महिला को अपने खाने-पीने, व्यायाम और लाइफस्टाइल का ख्याल रखना आवश्यक है। हर मां चाहती है कि उसका शिशु स्वस्थ हो। ऐसे में गर्भावस्था में सही आहार का खास महत्व है। अगर आपका इस दौरान आहार सही नहीं होगा, तो गर्भ में शिशु का विकास सही तरीके से नहीं हो पाएगा। जिससे समय से पहले प्रसव या बच्चे में जन्म संबंधी विकार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसे कई सलाहें दी जाती हैं जैसे उसे क्या खाना चाहिए या क्या नहीं खाना चाहिए। लेकिन, सुनी-सुनाई बातों पर ध्यान देने की जगह गर्भवती महिला को इस बारे में सही जानकारी होना आवश्यक है। गर्भ के वजन को बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ की सूची इस प्रकार है।

हरी सब्जियां 

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी, ब्रोक्ली में फोलेट और फोलिक एसिड होते हैं, जो शिशु को जन्म संबंधी कई विकारों से बचाते हैं। इसके साथ ही यह आयरन का भी अच्छा स्रोत हैं, जिससे शरीर में खून की कमी नहीं होती। गर्भ के वजन को बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ में हरी पत्तेदार सब्जियों को अवश्य शामिल करें।

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अंडे

अंडे में प्रोटीन होती है, जिससे एमिनो एसिड मिलता है और यह शिशु के लिए जरूरी है। अंडों के कई विटामिन और मिनरल भी मौजूद होते हैं जैसे कोलिन जो शिशु के दिमागी विकास में मदद करते हैं। ऐसे में अंडों का सेवन करना न भूलें। लेकिन, गर्भावस्था में कच्चे या अधपके अंडों का सेवन करने से बचे।

मछली

मछली में भी प्रोटीन और हेल्दी ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के लिए जरूरी है। मछली हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए आवश्यक है। लेकिन कच्ची या अधपकी मछली न खाएं। इसके साथ ही ऐसी मछली का सेवन भी न करें जिसमें पारा(Mercury) होता है।

फल

अपने आहार में फलों को भी शामिल करें। जैसे सेब , इसमें फाइबर की उच्च मात्रा होती है जिससे गर्भवती महिला की पाचन क्रिया सही रहती है। इसके साथ ही कब्ज से भी राहत मिलती है। केले, तरबूज और तरह-तरह की बेरीज जैसे ब्लूबेरी,स्ट्रॉबेरी आदि भी गर्भवस्था में शिशु के विकास में मददगार हैं।

खट्टे फल

गर्भ के वजन को बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ में अगले हैं खट्टे फल। खट्टे फलों में विटामिन सी पाया जाता है जैसे संतरा,मौसमी, आंवला, नींबू आदि। इसके साथ ही इसमें फाइबर और फोलिक एसिड की भी अच्छी मात्रा होती है। इससे भ्रूण के विकास में मदद मिलती है।

साबुत अनाज

साबुत अनाज में भी फोलिक एसिड, फाइबर और आयरन की अच्छी मात्रा होती है। इन्हें लेने से भी गर्भवती महिला के शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है, जिससे भ्रूण अच्छे से बढ़ता है। गर्भावस्था में साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, दलिया आदि का सेवन भी करना आवश्यक है।

दालें 

दालों (जैसे चना दाल, मूंग दाल, कला चना, मसूर दाल आदि) में फोलेट और विटामिन B भरपूर मात्रा में होते हैं। फोलेट सेहतमंद गर्भावस्था के लिए बेहद आवश्यक है और इससे जन्म संबंधी विकारों से भी छुटकारा मिलता है। गर्भ के वजन को बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ में दालों का होना भी आवश्यक है।

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पनीर 

पनीर कैल्शियम, प्रोटीन और ओमेगा 3 का अच्छा स्रोत है। इसके कारण आप गर्भावस्था में इसे खा सकती हैं। इससे गर्भ में पल रहे शिशु की जरूरतें पूरी होती है। हालांकि इस दौरान सीमित मात्रा में ही इसे खाने की सलाह दी जाती है।

एवोकाडो

एवोकाडो में भी पोटेशियम और फोलिक एसिड अधिक मात्रा में होता है। जिससे भ्रूण का विकास अच्छे से होता है। इसके साथ ही इसमें मैग्नीशियम, कैल्शियम और फाइबर भी होता है, जिससे बच्चे की हड्डियां और दांत मजबूत होते हैं। गर्भ के वजन को बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ में एवोकाडो लेने से आपको और आपके बच्चे दोनों को फायदा होगा।

बीज 

सीडस यानी बीज में स्वस्थ वसा, प्रोटीन, फोलेट, विटामिन E , मैग्नीशियम और ओमेगा 3 आदि भरपूर होते हैं इसलिए इन्हें पावर फूड भी कहा जाता है। इसके अलावा इनमें फाइबर भी होता है। बीज में  मौजूद ओमेगा 3 शिशु के दिमागी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।  इसलिए चिया बीज, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, तरबूज के बीज आदि का सेवन इस दौरान करना चाहिए।

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मेवे

शोध के अनुसार गर्भावस्था के दौरान मेवे खाने से गर्भ में पल रहे शिशु को एलर्जी से बचाने में मदद मिल सकती है। अखरोट, बादाम, मूंगफली आदि फोलिक एसिड, कॉपर, आयरन आदि का अच्छा स्रोत है। इसके साथ ही इनमें प्रोटीन और स्वस्थ फैट भी होता है जिससे भ्रूण का वजन बढ़ता है।

फलियां (legumes)

फलियां (legumes) को आप साबुत दालें भी कह सकते हैं जैसे राजमा, सोयाबीन, साबुत माह, साबुत मुंग, लोबिआ आदि। इनमें फाइबर, प्रोटीन, आयरन, फोलेट और कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है। जिनकी गर्भावस्था के दौरान शरीर की जरूरत होती है। यह मां और भ्रूण दोनों के स्वास्थ्य के लिए यह जरूरी हैं। 

शकरकंदी 

शकरकंदी में बीटा कैरोटीन भरपूर होती है, जो एक ऐसा तत्व है जो विटामिन A में परिवर्तित हो जाता है। विटामिन A कोशिकाओं और टिश्यूस के विकास के लिए बहुत आवश्यक होता है। यानी गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए शकरकंदी खाना न भूले। इससे स्टार्च के रूप में ऊर्जा भी मिलती है।

दूध

दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ गर्भावस्था के लिए जरूरी हैं।  यह न केवल मां बल्कि शिशु के लिए भी लाभदायक है।  दूध प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। अगर शरीर में प्रोटीन की कमी होगी, तो जन्म के समय शिशु का वजन कम हो सकता है। यही नहीं, प्रोटीन से शिशु को पूरा पोषण मिलता है। इसके साथ ही कैल्शियम शिशु की हड्डियों और दांतों के लिए फायदेमंद हैं।

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मीट

मीट भी प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसके साथ ही इसमें आयरन, कोलिन और विटामिन B की अच्छी मात्रा होती है। जो शिशु और मां दोनों के लिए लाभदायक है।

सप्लीमेंट्स

इन खाद्य पदार्थों के साथ ही गर्भावस्था में सप्लीमेंट लेना न भूले। क्योंकि, कई बार खाद्य पदार्थों से आपको पूरे पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इसलिए, डॉक्टर आयरन, फोलिक एसिड आदि के सप्लीमेंट देते हैं। ताकि, गर्भ में शिशु का वजन बढे और उसका विकास सही से हो सके।

गर्भावस्था के दौरान कौन-से खाद्य पदार्थ नहीं खानी चाहिए

गर्भ के वजन को बढ़ाने के लिए खाद्य पदार्थ के बारे में आप जान चुके हैं। अब जानिए कि आपको गर्भावस्था के दौरान कौन सी चीजें नहीं खानी चाहिए। कौन सी चीजें खाने से आपको और आपके शिशु को समस्या हो सकती है।

  • अधपके या कच्चे अंडे, मछली या मीट
  • पारा युक्त मछली 
  • कैफीन युक्त पेय जैसे कॉफी या चाय
  • मैदा या इससे बनी चीज़ें 
  • जंक फूड
  • अधिक मिर्च-मसाले वाला भोजन
  • अल्कोहल या अल्कोहलिक पेय
  • अधिक शुगर वाली चीजें जैसे सोडा

अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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