home

हम इसे कैसे बेहतर बना सकते हैं?

close
chevron
इस आर्टिकल में गलत जानकारी दी हुई है.
chevron

हमें बताएं, क्या गलती थी.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
इस आर्टिकल में जरूरी जानकारी नहीं है.
chevron

हमें बताएं, क्या उपलब्ध नहीं है.

wanring-icon
ध्यान रखें कि यदि ये आपके लिए असुविधाजनक है, तो आपको ये जानकारी देने की जरूरत नहीं। माय ओपिनियन पर क्लिक करें और वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखें।
chevron
हम्म्म... मेरा एक सवाल है
chevron

हम निजी हेल्थ सलाह, निदान और इलाज नहीं दे सकते, पर हम आपकी सलाह जरूर जानना चाहेंगे। कृपया बॉक्स में लिखें।

wanring-icon
यदि आप कोई मेडिकल एमरजेंसी से जूझ रहे हैं, तो तुरंत लोकल एमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या पास के एमरजेंसी रूम और केयर सेंटर जाएं।

लिंक कॉपी करें

बांस का उस्तरा है इको फ्रेंडली, जानें इसके फायदे

बांस का उस्तरा है इको फ्रेंडली, जानें इसके फायदे

पुरुषों में दाढ़ी बढ़ाने और क्लीन शेव रहने का वक्त के साथ फैशन बदलता रहता है। बस नहीं बदलता है तो रेजर, जी हां! दाढ़ी सेट करनी हो या दाढ़ी हटानी हो, रेजर हर जगह काम आते हैं। लेकिन क्या आपने कभी अपने रेजर को ध्यना से देखा? प्लास्टिक का बना रेजर आपके और पर्यावरण के लिए कितना सही है? इसलिए पर्यावरण को बचाने के लिहाज से अब इको फ्रेंडली रेजर का क्रेज बढ़ गया है। आजकल बाजारों में बांस का उस्तरा यानी कि बांस का रेजर मिल रहा है। जिसे बैम्बू रेजर भी कहा जाता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि बैम्बू रेजर क्या है और बांस का उस्तरा के फायदे क्या हैं?

यह भी पढ़ें : दाढ़ी के बाल क्यों झड़ते हैं? जानें इससे जुड़ी पूरी जानकारी

बांस का उस्तरा या बैम्बू रेजर क्या है?

प्लास्टिक का रेजर तो सभी घरों में होता है, ज्यादातर पुरुष और सैलून वाले लोग प्लास्टिक का रेजर ही यूज करते हैं। लेकिन ये जब हम डिस्पोज करते हैं तो प्लास्टिक रेजर हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए बांस की लकड़ी का बना हुआ रेजर इको फ्रेंडली होता है। बांस का उस्तरा का हैंडल बांस का बना होता है, जिसके ऊपर ब्लेड स्टेनलेस स्टील का लगा होता है। ब्लेड को डिस्पोज कर के नया ब्लेड भी लगाया जा सकता है।

मुंबई के रहने वाले नीरज मौर्या बताते हैं कि,“मैं बांस का उस्तरा शेविंग के लिए इस्तेमाल करता हूं। क्योंकि ये एक इको फ्रेंडली रेजर है और कई मायनों में प्लास्टिक रेजर से बेहतर लगता है। ये पॉकेट फ्रेंडली होने के साथ-साथ लंबे समय तक चलने वाला होता है। नए डिजाइन के बैम्बू रेजर काफी फ्लैक्सिबल होते हैं और कई मायनों में आरामदायक भी होते हैं।”

यह भी पढ़ें : 8 शेविंग टिप्स, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते होंगे!

प्लास्टिक रेजर कैसे इको फ्रेंडली नहीं है?

प्लास्टिक रेजर की लाइफ बांस का उस्तरा की तुलना में बहुत कम होती है। सामान्य भाषा में समझा जाए तो प्लास्टिक रेजर डिस्पोजेबल रेजर होता है, जो लगभग 6 से 9 बार इस्तेमाल कर के फेंक दिए जाते हैं। इसका मतलब है कि आप दो से तीन हफ्ते बाद नया रेजर खरीद लाएंगे। अब जरा सोचिए कि अगर आप इतने रेजर फेंकेंगे तो धरती रेजर से ही भर जाएगी। एक आंकड़े की माने तो एक व्यक्ति अपने पूरे जीवन में इतने प्लास्टिक रेजर का इस्तेमाल कर के फेंकता है, जिसका वजन लगभग 800 टन हो सकता है। तो जरा सोचिए कि आपने धरती पर कितना प्लास्टिक फैलाया।

प्लास्टिक रेजर को डिस्पोज कैसे करें?

प्लास्टिक रेजर को डिस्पोज करने के लिए आपके पास एक बेहतरीन विकल्प है। आप चाहें तो कई सारे प्लास्टिक रेजर को रिसाइकल करने के लिए प्लास्टिक रिसाइकिलिंग कंपनियों को दे सकते हैं। जिससे आप प्लास्टिक रेजर को धरती पर फेंकने से बच सकेंगे और पर्यावरण का ख्याल भी रख पाएंगे।

यह भी पढ़ें : दाढ़ी आने की सही उम्र क्या है? जानिए किसी उम्र में आनी चाहिए बियर्ड

बैम्बू रेजर के फायदे क्या हैं?

बांस का उस्तरा इस्तेमाल करने के अपने भी कई फायदे हैं :

इको फ्रेंडली है बांस का उस्तरा

बांस धरती पर पाई जाने वाली सबसे बड़ी घास है, जिसका उपयोग कई तरह के सामान बनाने में किया जाता है। ये सूख कर ठोस लकड़ी में बदल जाती है। इसी लकड़ी से बने रेजर को बांस का उस्तरा कहते हैं। बांस एक बायोडिग्रेडेबल चीज है, इसलिए बांस का उस्तरा इको फ्रेंडली माना जाता है। हालांकि, इस पर लगा ब्लेड बायोडिग्रेडेबल नहीं होता है। इसे आपको रिसाइकल होने के लिए देना पड़ेगा। बाकी बैम्बू रेजर का हैंडल फेंक देने पर खुद बखुद डिग्रेड हो जाता है।

वजन में भी होता है हल्का

बांस का उस्तरा हल्का है, तो अभी आप सोचेंगे कि प्लास्टिक रेजर भी हल्का होता है, इसमें क्या अलग बात है। जैसा कि पहले ही बताया जा चुका है कि बैम्बू रेजर इको फ्रेंडली है तो अगर बांस के हैंडल को किसी और पेड़ की लकड़ी के साथ बदला जाए तो वह बैम्बू रेजर की तुलना में भारी हो सकता है।

स्मूदली शेविंग

इको फ्रेंडली होने के साथ-साथ आपके लिए बैम्बू रेजर भी प्लास्टिक रेजर की तरह स्मूद शेविंग करता है। इस पर लगा हुआ ब्लेड इतना लचीला होता है कि आप आसानी से शेविंग कर सकते हैं।

पॉकेट फ्रेंडली होता है बैम्बू रेजर

बैम्बू रेजर का ब्लेड आप बार-बार बदल सकते हैं, ऐसे में आप एक बार रेजर खरीद कर कई सालों तक ब्लेड बदल कर शेविंग कर सकते हैं। लेकिन प्लास्टिक रेजर जो महंगे मिलते हैं, उनमें ही ब्लेड बदलने का ऑप्शन होता है। इस तरह से आपके लिए बांस का उस्तरा पूरी तरह से पॉकेट फ्रेंडली है।

यह भी पढ़ें : दाढ़ी उगाने का तेल कैसे बनाता है आपकी बियर्ड को हेल्दी?

बैम्बू रेजर से शेविंग कैसे करें?

बांस का उस्तरा का इस्तेमाल कर के आप निम्न आसान टिप्स को अपना कर शेविंग कर सकते हैं :

  1. सबसे पहले अपने चेहरे को अच्छे तरह से पानी से साफ करें। इस प्रक्रिया को चेहरे को हाइड्रेट करना कहा जाता है। इसलिए हमेशा नहाने के बाद ही शेविंग करें। ऐसा करने से चेहरे से ऑयल, धूल और डेड स्कीन निकल जाती है, जिससे आप आसानी से शेव कर सकते हैं।
  2. ब्रश की मदद से शेविंग क्रीम को अपने चेहरे पर दाढ़ी वाले स्थानों पर लगाएं। बाजार में शेविंग क्रीम और शेविंग फोम कई तरह के प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। आपको जो ठीक लगें आप उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
  3. बैम्बू रेजर का ब्लेड चेक करें कि कहीं कोई ब्लेड टेढ़ा तो नहीं है। अगर ऐसा है तो ब्लेड को तुरंत बदलें। टेढ़े या डल ब्लेड से शेविंग करने पर रेजर बम्प्स हो सकते हैं।
  4. हल्के हाथों से बालों की बढ़ने की दिशा में बांस का उस्तरा घुमाएं और शेविंग शुरू करें।
  5. बीच-बीच में रेजर को धुलते रहें, इससे आप साफ तरीके से शेविंग आसानी से कर सकते हैं।
  6. बैम्बू रेजर को धीरे-धीरे नाक और मुंह के आसपास के हिस्सों के आसपास शेविंग करें। ध्यान रखें कि बालों के बढ़ने की दिशा में ही शेव करें, वरना रेजर बर्न भी हो सकता है।
  7. शेविंग के बाद चेहरे को मॉस्चराइज करना ना भूलें। अगर आप चेहरे को मॉस्चराइज नहीं करेंगे तो त्वचा की नमी खो सकती है। इसलिए हमेशा शेविंग के बाद आप मॉस्चराइजर या आफ्टर शेव का इस्तेमाल करें। इससे रेजर बंप और रेजर बर्न होने का रिस्क कम हो जाता है।

इन आसान टिप्स से आप अपने शेव और पर्यावरण दोनों को सुंदर बना सकते हैं। इसलिए आज ही इको फ्रेंडली बैम्बू रेजर का इस्तेमाल करना शुरू करें। उम्मीद है कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर और ब्यूटी एक्सपर्ट से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Biodegradable and compostable alternatives to conventional plastics https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2873018/ Accessed on 13/5/2020

Plant material features responsible for bamboo’s excellent mechanical performance: a comparison of tensile properties of bamboo and spruce at the tissue, fibre and cell wall levels https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4649688/ Accessed on 13/5/2020

Characterization and Research on Mechanical Properties of Bamboo Plastic Composites https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6403658/ Accessed on 13/5/2020

Thermal and Mechanical Properties of Bamboo Fiber Reinforced Epoxy Composites https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6404121/ Accessed on 13/5/2020

लेखक की तस्वीर badge
Shayali Rekha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 14/05/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
x