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सॉल्ट थेरिपी (हेलो थेरिपी) है बड़े काम की चीज, जानें इसके फायदे

सॉल्ट थेरिपी (हेलो थेरिपी) है बड़े काम की चीज, जानें इसके फायदे

सॉल्ट थेरिपी एक प्राकृतिक उपचार है। इसे सॉल्ट रूम थेरिपी (Salt Room Therapy) और हेलो थेरिपी (Halotherapy) भी कहा जाता है। यह रूम थेरिपी छोटे शिशुओं, बच्चों से लेकर वयस्क और उम्रदराज व्यक्तियों के लिए एक अच्छी चिकित्सा मानी जा सकती है।

सॉल्ट थेरिपी क्या है?

सॉल्ट थेरिपी के लिए एक कमरे को अंदर से पूरी तरह से नमक से बनाया जाता है। जिसकी वजह से ही इसे सॉल्ट रूम थेरिपी कहा जाता है। इसे आप नमक की गुफा भी कह सकते हैं। सॉल्ट थेरिपी पूरी तरह से ड्रग फ्री होती है। नमक से बने कमरे का तापमान और जलवायु नियंत्रित करके रखा जाता है, जहां पर लोगों को लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक रखा जाता है। इस कमरे में जाकर व्यक्ति को लेटकर या बैठकर सिर्फ आराम करना होता है। इस दौरान जब लोग सांस लेते हैं, तो उनकी सांस नली से भी नमक के कण फेफड़े तक पहुंचते हैं। जो फेफड़ों के इंफेक्शन को दूर करने में काफी मददगार साबित होते हैं।

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कैसे बनकर तैयार होती है सॉल्ट रूम थेरिपी के लिए नमक की गुफा?

  • हेलो थेरिपी देने कि लिए बनाए गए एक कमरे को लगभग 8 से 10 टन नमक से तैयार किया जाता है। जिसमें एक साथ 6 लोगों का उपचार किया जा सकता है।
  • हेलो थेरिपी में कमरे में नमी और तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रखा जाता है, जो एक समुद्री स्थान के बराबर का तापमान होता है।
  • हेलो जेनरेटर के जरिए कमरे में फार्माग्रेट सोडियम क्लोराइड युक्त हवा छोड़ी जाती है। जो कमरे में लगे नमक के कणों को बहुत छोटा-छोटा करके हवा में घुलने देती है और फिर यह सांस लेने की क्रिया के दौरान शरीर में प्रवेश करती हैं।
  • ब्रीज टॉनिक प्रो से नमक को पिघलने से रोका जाता है। सॉल्ट रूम थेरिपी का डिजाइजन विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है।
  • इसका डिजाइन इस तरह से किया जाता है कि एक घंटे के सेशन में लोग की सांस में सिर्फ 16 एमजी नमक के कण ही जाते हैं।
  • सॉल्ट थेरिपी ब्लड प्रेशर के पेशेंट के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। हेलो थेरिपी की यह तकनीक सबसे पहले साल 1843 में सामने आई थी। जब पॉलिश हेल्थ अधिकारियों ने देखा कि पॉलैंड में नमक की खदानों में काम करने वाले मजूदरों को किसी भी तरह की सांस की बीमारी नहीं थी, जबकि वहां की सामान्य जनता किसी न किसी तरह की सांस की बीमारी से पीड़ित थी।

सॉल्ट थेरिपी दो अलग-अलग तरीकों से दी जाती है, जिसमें सूखी सॉल्ट थेरिपी और गीली सॉल्ट थेरिपी शामिल हैं।

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जानिए सॉल्ट रूम थेरिपी के प्रकार

सूखी सॉल्ट थेरिपी

सूखी सॉल्ट रूम थेरिपी में लोगों को एक नमक के कमरे में रखा जाता है। जो एक्सपर्ट द्वारा बनाया गया होता है। इस कमरे के तापमान और जलवायु को पूरी तरह से नियंत्रित कर दिया जाता है। जहां पर हेलो जेनर नाम के उपकरण से नमक को पीसा जाता है और फिर नमक के सूक्ष्म कणों को कमरे में फैला दिया जाता है। जो कमरे के हवा में पूरी तरह से फैल जाता है और सांस लेने पर व्यक्ति के फेफड़ों में प्रवेश करता है।

सूखी सॉल्ट थेरिपी के फायदे

सूखी सॉल्ट रूम थेरिपी के फायदे निम्न हैं, जिनमें शामिल हैंः

  • फेफड़ों के इंफेक्शन और बैक्टीरिया खत्म करे
  • सासं नली और फेफड़ों के सूजन कम करे
  • सांस की नली और फेफड़ों की सफाई करे
  • बलगम को पतला करे और शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को अवशोषित करे
  • अनिद्रा की समस्या दूर करे

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गीली सॉल्ट थेरिपी

गीली सॉल्ट रूम थेरिपी में नमक और पानी दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। इस थेरिपी की प्रक्रिया दो तरीकों से की जा सकती है, पहली नमक और पानी से गरारा करना या खारे पानी से नहाना।

सॉल्ट थेरिपी कैसे दी जाती है?

हेलो थेरिपी के दौरान व्यक्ति को लगभग 45 मिनट से लेकर एक घंटे तक नमक के कमरे में लेटना होता है। इस दौरान उन्हें आरामदायक कपड़े पहनने के लिए दिए जाते हैं और कमरे में कम रोशनी रखी जाती है। कुछ प्रकार के सॉल्ट थेरिपी में लोगों को बिना कपड़े के रहने के लिए भी कहा जाता है, ताकि नमक के कण उनके शरीर की त्वचा में आसानी से घुल सके। हालांकि, लोगों को ऐसे भी कपड़े पहनने के विकल्प दिए जाते है, जो बहुत ही पतले होते हैं और जिनसे नमक के कण आसानी से त्वचा में प्रवेश कर सकें।

हेलो थेरिपी के फायदे

सॉल्ट थेरिपी में इस्तेमाल होने वाले नमक में कैल्शियम, सोडियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है। यह हेलो थेरिपी व्यक्ति की उम्र और उसकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही उसके थैरेपी की समय तय किया जाता है। हालांकि, बहुत ही गंभीर बीमारी या स्थिति के लोगों को हेलो थेरिपी नहीं दी जाती है।

हेलो थेरिपी या सॉल्ट रूम थेरिपी के निम्नलिखित फायदे हैंः

अस्थमा का उपचार करे

अस्थमा के मरीजों की सांस की नलियों में ऐंठन आ जाती है। वहीं सॉल्ट रूम थेरेिपी में पूरी तरह से नमक का प्रयोग किया जाता है इसलिए नमक सांस की नलियों में आई सूजन और ऐंठन को कम करने में मददगार साबित होता है। इससे सांस की नलियां खुल जाती हैं और शरीर में ऑक्सीजन की प्रक्रिया बेहतर हो जाती है। अस्थमा के साथ ही, यह क्रोनिक ब्रोंकाइटिस जैसी सांसों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए भी लाभकारी होती है।

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इंफेक्शन से छुटकारा

हेलो थेरेिपी की प्रक्रिया के दौरान नमक के कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंचते हैं जो फेफड़ों के संक्रमण और बैक्टीरिया को खत्म करते हैं।

धूम्रपान से संबंधित लक्षणों को कम करे

सामान्य खांसी या स्मोकिंग के कारण आने वाली खांसी के लक्षणों और सांस लेने के दौरान होने वाली घरघराहट से आराम दिलाए। साथ ही, गले में ब्लॉकेज और बलगम बनने की समस्या को भी दूर करती है।

मांसपेशियों के दर्द दूर करे

जिन लोगों की मांसपेशियां कमजोर होती हैं उन्हें अक्सर हड्डियों में दर्द रहने की शिकायत रहती है। ऐसे लोगों के लिए गीली सॉल्ट थेरिपी काफी लाभदायक हो सकती है। नमक के पानी से नहाने में उनके हड्डियों के दर्द और जोड़ों के दर्द को दूर किया जाता है।

तनाव से राहत दिलाए

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हेलो थेरिपी चिंता, तनाव और डिप्रेशन जैसी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार में भी मददगार हो सकती है।

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स्किन प्रॉब्लम्स दूर करे

होले थेरिपी से पिंपल्स और एक्ने की समस्याओं से भी निजात पाया जा सकता है। सॉल्ट रूम थेरिपी से बॉडी और स्किन डिटॉक्स होती है और यह प्रक्रिया शरीर में ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ाता है।

सॉल्ट थेरिपी के अन्य फायदेः

क्या कहती है रिसर्च?

साल 2007 में किए गए अध्ययन के दौरान पाया गया कि, सॉल्ट रूम थेरिपी के दो से चार सेशन लेने के बाद क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) वाले लोगों के लक्षणों में काफी सुधार देखा गया। हालांकि, इसके बाद साल 2013 और 2014 में किए गए अध्ययनों में इसके रिजल्ट में काफी बदलाव देखा गया। जिसकी वजह से इस मामले पर अभी भी उचित अध्ययन करने की आवश्यकता है। ऐसे में अगर आप सांस से जुड़ी किसी गंभीर समस्या से पीड़ित हैं, तो सॉल्ट थेरिपी लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Does Halotherapy Really Work?. https://www.healthline.com/health/halotherapy. Accessed on 27 February, 2020.
Is the Salt Room Therapy Trend Really Worth the Hype?. https://www.shape.com/lifestyle/beauty-style/salt-room-therapy-trend-i-tried-it. Accessed on 27 February, 2020.
Benefits of Salt Therapy. https://www.salttherapyassociation.org/benefits-of-salt-therapy. Accessed on 27 February, 2020.
AAFA Explains: Is Salt Therapy Safe and Effective for Asthma?. https://community.aafa.org/blog/aafa-explains-is-therapy-safe-and-effective-for-asthma. Accessed on 27 February, 2020.
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A review of halotherapy for chronic obstructive pulmonary disease. https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3937102/. Accessed on 27 February, 2020.
Do pink Himalayan salt lamps provide any health benefits?. https://www.medicalnewstoday.com/articles/323527. Accessed on 27 February, 2020.

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Ankita mishra द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 12/03/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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