दिल ही नहीं पूरे शरीर को फिट बना सकती है कयाकिंग

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

कयाकिंग एक वॉटर एक्टिविटी है, जिसमें छोटी नाव जिसे ‘कयाक’ कहते हैं पर बैठकर पानी में तैरा जाता है। कयाकिंग एरोबिक फिटनेस, स्ट्रेंथ और लचीलेपन में सुधार करने वाली एक्सरसाइज की तरह हो सकती है। कयाकिंग को लोग शौक, खेल और छुट्टियों पर एंजॉय करने के रूप में करते हैं। इसे नदी, झीलों और समुद्र पर किया जा सकता है। इसे एक खेल की श्रेणी में भी रखा गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी कई स्पर्धाएं होती हैं।

कयाकिंग के फायदे?

कयाकिंग लो इंटेंसिटी वाली एक्टिविटी होती हैं। यह आपकी एरोबिक फिटनेस, स्ट्रेंथ और लचीलेपन में सुधार कर सकती हैं। इससे कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे हैं।

बेहतर हृदय स्वास्थ्य

माना जाता है कि कार्डियो एक्सरसाइज यानी दौड़ना, साइकिल चलाना आदि दिल के लिए अच्छे होते हैं। दिल की धड़कन तेज करने का काम कयाकिंग भी बहुत अच्छा करती है। इसलिए इसे एक अच्छी कार्डियो एक्सरसाइज कहना गलत नहीं होगा।

हाथ मजबूत होते हैं

कयाकिंग में लगातर आपको पैडलिंग करनी होती है। पानी के विपरीत पै​डलिंग करने से मसल्स टोन होते हैं। बाजू और हाथ कयाकिंग से मजबूत होते हैं।

कंधों पर पड़ता है अच्छा असर

  • पीठ, चेस्ट और कंधों के लिए भी कयाकिंग बहुत फायदेमंद मानी जाती है। पैडल उठाने से लेकर पैडल के माध्यम से कयाक को आगे बढ़ाने में जो कसरत हाती है उससे अपर बॉडी, पीठ और कंधों में मजबूती आती है।
  • कयाकिंग में पैर, हाथ और धड़ तीनों का ही प्रयोग होता है। इसलिए इसका असर भी इन तीनों पर पड़ता है यानी इन्हें मजबूती मिलती है।
  • पैडलिंग एक लो इंम्पैक्ट एक्टिविटी है इसलिए ज्वॉइंट और टिशू को नुकसान नहीं पहुंचता है।
  • यह एक तरह की एक्सरसाइज होने के साथ ही मेडिटेशन का भी अच्छा जरिया है।
  • वजन कम करने के लिए भी आप कयाकिंग कर सकते हैं।

कितने प्रकार की होती हैं पैडलिंग एक्टिविटीज?

फ्लैट वॉटर रिक्रिएशन

फ्लैट वॉटर रिक्रिएशन ही ज्यादातर लोगों की पहली इच्छा होती है जब वह कयाकिंग के बारे में सोचते हैं। इसमें एक शांत जगह और नेचर का साथ लोगों के मन को भाता है। इसके लिए आप किसी झील या समुद्र व नदी में कयाकिंग कर सकते हैं।

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सी कयाकिंग

सी कयाकिंग के नाम से ही जाहिर है कि यह सागर में कयाकिंग करना है। सागर कयाकिंग ऑस्ट्रेलिया में एक लोकप्रिय वॉटर एक्टिविटी बनती जा रही है।

सेलिंग

इसमें कयाक पर एक सेल यानी पाल लगा दिया जाता है।

स्प्रिंट रेसिंग

यह शांत पानी में एक स्प्रिंट दौड़ होती है।

महासागर रेसिंग

यह महासागर में कयाकिंग की दौड़ होती है। इसके लिए आपको प्रेक्टिस और फिटनेस दोनों चाहिए होते हैं।

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मैराथन दौड़

मैराथॉन के नाम से ही समझा जा सकता है कि यह एक लंबी दूरी तय करने वाली दौड़ है।

स्लालम

यह एडवेंचर पसंद करने वालों को ज्यादा पसंद आता है। इसमें बाधाओं के आसपास स्टीयरिंग की जा सकती है।

फ्रीस्टाइल

यह भी रोमांच से भरा हुआ होता है। इसमें एक्रोबेटिक ट्रिक को कौशल दिखाया जाता है।

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वाइल्ड वॉटर

कह सकते हैं कि यहां आपकी प्रतिस्पर्धा नदी से ही होती है। एथलीटों को 4.5 मीटर लंबी, 11 किलोग्राम, बहुत अस्थिर नदी में समतल पानी से ग्रेड 4 रैपिड्स तक का प्रबंधन करना होता है।

कयाकिंग फिजिकल और मेंटल दोनों हेल्थ के लिए अच्छी ए​क्टिविटी है। इसलिए जब भी मौका मिले आप अपने दिल की सुनकर दिल को ठीक करने के लिए कयाकिंग कर सकते हैं। भारत में कयांकिंग की बहुत सी जगहें हैं।

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